पंजाब रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अमृतसर बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन
अमृतसर / सत्ता संदेश
मांगें पूरी न होने पर 25 से 27 तारीख तक हड़ताल की चेतावनी
आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की उठी मांग
सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप, कर्मचारियों ने संघर्ष तेज करने का किया ऐलान
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा आज अमृतसर के केंद्रीय बस स्टैंड पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
यूनियन के प्रदेश नेता जोध सिंह ने बताया कि 18 तारीख को कर्मचारियों द्वारा एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई थी। इसके बाद पंजाब के वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक हुई, जिसमें मंत्री द्वारा कर्मचारियों की मांगें पूरी करने का भरोसा दिया गया था। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। चाहे पिछली सरकारें हों या मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार, कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यूनियन की मुख्य मांगों में आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करना, संघर्ष के दौरान दर्ज किए गए केस वापस लेना और कर्मचारियों को दोबारा बहाल करना शामिल है।
जोध सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों पर धारा 307 जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए थे, जिन्हें रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम वाली बसों को बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करती, तब तक बस स्टैंडों और बसों में सरकार के खिलाफ प्रचार अभियान जारी रहेगा।
वहीं यूनियन के प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि पहले 20 तारीख को संगरूर में बड़ा धरना-प्रदर्शन रखा गया था, जिसमें पूरे पंजाब से कर्मचारी पहुंचने वाले थे। लेकिन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक के बाद फिलहाल आंदोलन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। मंत्री द्वारा भरोसा दिया गया है कि कर्मचारियों पर दर्ज केस खत्म किए जाएंगे और जिन कर्मचारियों को पक्का किया जाना है, उन्हें जल्द रेगुलर किया जाएगा।
कर्मचारियों ने साफ किया कि अगर सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो 25, 26 और 27 तारीख को पूरे पंजाब में बड़ी हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों और विधानसभा में किए गए वादों को अब सरकार भूल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे और लोगों को सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करेंगे।
बाइट — जिला प्रधान जोध सिंह
बाइट — यूनियन जिला कैशियर बलजीत सिंह

