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पंजाब में SIR : 20.66 लाख मतदाता होंगे सूची से बाहर, 1.19 लाख डबल वोटर्स; मरने के बाद भी सूची में नाम

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में आगामी चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में 2.61 करोड़ इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए थे। इनमें से करीब 2.41 करोड़ फॉर्म यानी 90.37 प्रतिशत वापस प्राप्त हो चुके हैं। करीब 20.66 लाख फॉर्म वापस नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 4 लाख 12 हजार 715 मतदाताओं को ट्रेस नहीं किया जा सका जबकि 5.74 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 1 लाख 19 हजार 145 मतदाता डबल पाए गए हैं। 9 लाख 44 हजार 131 लोग पंजाब से परमानेंट शिफ्ट हो गए  हैं।

मित्रा ने बताया कि करीब 12 लाख मतदाताओं की वोट मैप नहीं हो पाई है। हालांकि, इन मतदाताओं के नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड वोटरों को घबराने की जरूरत नहीं है। वे उपलब्ध दस्तावेजों के साथ दावा पेश कर सकते हैं। जांच और सत्यापन के बाद उनके नाम वोटर लिस्ट में बरकरार रखे जाएंगे। मित्रा ने कहा कि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक यदि किसी मतदाता को लगता है कि वे इस प्रक्रिया में छूट गया है तो वे फाॅर्म 6 भरकर अपनी वोट का दावा कर सकता है। नए युवा भी अपनी वोट बनवा सकते हैं।

13 अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 13 अगस्त को जारी की जाएगी। ड्राफ्ट सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद करीब एक महीने तक मतदाता अपने नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) करेंगे।


उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के दस्तावेजों को लेकर कोई संदेह होगा, उन्हें ईआरओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित मतदाता को अपने दस्तावेजों के साथ ईआरओ के समक्ष पेश होकर सत्यापन कराना होगा।

16 अगस्त को बूथ स्तर पर लगेंगे कैंप

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि जो मतदाता संबंधित कार्यालयों में पहुंचने में असमर्थ हैं, उनकी सुविधा के लिए 16 अगस्त को बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से भी मतदाताओं को SIR और अनमैप्ड वोटरों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रक्रिया के दौरान न छूटे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 12 लाख अनमैप्ड मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं, लेकिन उनका वोट निर्धारित मैपिंग से लिंक नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वोट मैप न होने के कारण उनके मतदान के अधिकार पर कोई खतरा नहीं है। मित्रा के अनुसार, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं, उन्हें नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं जिन मतदाताओं के दस्तावेजों में किसी प्रकार का संदेह होगा, उनकी नियमानुसार जांच की जाएगी।

दस्तावेज नहीं होने पर भी सत्यापन का विकल्प

अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब भी उसका मामला खत्म नहीं होगा। ऐसे मामलों में ईआरओ की ओर से नोटिस देकर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि सत्यापन के दौरान मतदाता सही पाया जाता है तो दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बावजूद उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। नए मतदाता भी अब फॉर्म नंबर छह भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आंकड़ों पर एक नज
कुल वितरित इन्यूमरेशन फॉर्म : 2.61 करोड़
 वापस प्राप्त फॉर्म : करीब 2.41 करोड़ (90.37%)
 वापस नहीं आए फॉर्म : करीब 20 लाख
 ट्रेस नहीं हुए मतदाता : 4,12,715
 मृत पाए गए मतदाता : 5.74 लाख
  डबल मतदाता : 1,19,145
  अनमैप्ड मतदाता : करीब 12 लाख
   ड्राफ्ट वोटर लिस्ट : 13 अगस्त
   बूथ स्तर पर विशेष कैंप : 16 अगस्त
   फाइनल वोटर सूची  : 12 अक्तूबर को
   परमानेंट शिफ्ट हुए : 9 लाख 44 हजार 131 लोग

उत्तराखंड में 8.39 लाख वोट काटने की तैयारी, Pre SIR में पहले ही कट चुके 4.53 वोट

देहरादून / सत्ता संदेश

चुनाव आयोग की प्री एसआईआर में मृत, शिफ्ट या अनुपस्थित होने के चलते 4.53 लाख मतदाताओं के वोट कटने के बाद अब एसआईआर में 8.39 लाख वोट और काटने की तैयारी है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये भी ऐसे लोगों के वोट हैं, जो या तो मर चुके हैं या फिर कहीं शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे भी हैं जो कि दोहरे मतदाता थे या पते पर मौजूद नहीं मिले। 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची से इनको अलग कर दिया जाएगा।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि राज्य में एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर आठ जून से सात जुलाई तक प्रदेश में गणनापत्रों के वितरण और डिजिटाइज का कार्य पूरा होना है। 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं के सापेक्ष 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज कर दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी में शामिल हैं। जिसके तहत 1 लाख 23 हजार 836 मृत, 4 लाख 77 हजार 148 स्थायी रूप से शिफ्ट, 61,764 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 68 हजार 259 अनुपस्थित और 8479 मतदाता अन्य कारणों से शामिल हैं।

14 जुलाई को वोटर लिस्ट से अलग कर दिए जाएंगे

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। जो भी मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी के हैं, वे इस मतदाता सूची से अलग कर दिए जाएंगे। उनकी अलग से सूची राजनैतिक दलों व अन्य जगहों पर उपलब्ध कराई जाएगी। 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस की अवधि एवं दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स नियुक्त करने की अपील की। 11,733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष 23,102 बीएलए तैनात हैं।

4.53 लाख मतदाता प्री एसआईआर में कटे

उत्तराखंड में पिछले साल छह जनवरी को जारी मतदाता सूची में 84,29,459 मतदाता थे। इस साल जनवरी में नई सूची जारी नहीं हुई। इसके बजाए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक) सूची पर काम किया। नतीजतन प्री एसआईआर के बाद जो डाटा सामने आया, उसमें प्रदेश में 4,53,459 मतदाता हटा दिए गए थे। कुल संख्या करीब 79 लाख की बची थी। अब इसमें से करीब आठ लाख मतदाता और कटने के बाद संख्या 70 लाख तक बचेगी।