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पंजाब विधानसभा में ई-20 के खिलाफ प्रस्ताव पास: सीएम मान बोले-अमेरिका जो कहता है, वो ही करते हैं

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सीएम मान ने अपने भाषण में कहा कि पता नहीं ट्रंप के पास कौन सी फाइल है, वो जो कहते हैं वो करवा रहे हैं। तेल कहां से खरीदना है, यह भी बता रहा है। ट्रंप के आगे घुटने टेक दिए हैं। लोगों की गाड़ियां खराब हो रही है। 2030 से इसे लागू करना था लेकिन अब 2026 में ही लागू किया जा रहा है। सदन पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की अधिक मात्रा में मिश्रण की अनुमति करने की निंदा करता है। राज्य सरकारों और हितधारकों से इसकी अनुमति लेनी चाहिए थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और नीति आयोग के उप प्रधान को विचार के लिए प्रस्ताव की कॉपी भेजी जाएगी।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, कि आज अरविंद केजरीवाल देश भर के लाखों लोगों के हस्ताक्षर वाली अर्जियां लेकर प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं। मुझे लगता है कि ई-20 एक तरह से देश की संप्रभुता पर हमला है। ऐसा लगता है कि यह अमेरिका के कहने पर, डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर किया जा रहा है। पहले, जब कोई गांव में किसी से बदला लेना चाहता था, तो वे उसके पानी की टंकी में चीनी डाल देते थे। इथेनॉल भी गन्ने से ही बनता है। यह भारत के लोगों से बदला लेने जैसा काम है। 

पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट के खिलाफ विधानसभा में वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने कहा कि वाहनों की एवरेज कम हो रही है और वाहन खराब हो रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत ने कहा कि इथेनॉल की मिलावट के हिसाब से पेट्रोल को ई 20 या ई 10 कह सकते हैं। यह चेक करवाया जाना चाहिए कि इथेनॉल को पेट्रोल को मिलावट किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इथेनॉल और पेट्रोल का आपस में कोई संबंध में नहीं, इसलिए धक्केशाही से इसे मिलाया जा रहा है।

कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि सरकार को इसका विकल्प देना चाहिए। जिस गरीब व्यक्ति ने मोटरसाइकिल या कार ली है तो उसके लिए मुश्किल है। पंजाब सरकार को भी कोई विकल्प ढूंढना चाहिए कि पेट्रोल पंप पर उसे विकल्प मिले। उन्होंने कहा कि चर्चा होनी चाहिए कि इसमें से तो क्या पता कुछ अच्छा भी हो रहा हो। इस पर वैट कम कर देना चाहिए।

पंजाब में SIR : 20.66 लाख मतदाता होंगे सूची से बाहर, 1.19 लाख डबल वोटर्स; मरने के बाद भी सूची में नाम

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में आगामी चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में 2.61 करोड़ इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए थे। इनमें से करीब 2.41 करोड़ फॉर्म यानी 90.37 प्रतिशत वापस प्राप्त हो चुके हैं। करीब 20.66 लाख फॉर्म वापस नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 4 लाख 12 हजार 715 मतदाताओं को ट्रेस नहीं किया जा सका जबकि 5.74 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 1 लाख 19 हजार 145 मतदाता डबल पाए गए हैं। 9 लाख 44 हजार 131 लोग पंजाब से परमानेंट शिफ्ट हो गए  हैं।

मित्रा ने बताया कि करीब 12 लाख मतदाताओं की वोट मैप नहीं हो पाई है। हालांकि, इन मतदाताओं के नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड वोटरों को घबराने की जरूरत नहीं है। वे उपलब्ध दस्तावेजों के साथ दावा पेश कर सकते हैं। जांच और सत्यापन के बाद उनके नाम वोटर लिस्ट में बरकरार रखे जाएंगे। मित्रा ने कहा कि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक यदि किसी मतदाता को लगता है कि वे इस प्रक्रिया में छूट गया है तो वे फाॅर्म 6 भरकर अपनी वोट का दावा कर सकता है। नए युवा भी अपनी वोट बनवा सकते हैं।

13 अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 13 अगस्त को जारी की जाएगी। ड्राफ्ट सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद करीब एक महीने तक मतदाता अपने नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) करेंगे।


उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के दस्तावेजों को लेकर कोई संदेह होगा, उन्हें ईआरओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित मतदाता को अपने दस्तावेजों के साथ ईआरओ के समक्ष पेश होकर सत्यापन कराना होगा।

16 अगस्त को बूथ स्तर पर लगेंगे कैंप

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि जो मतदाता संबंधित कार्यालयों में पहुंचने में असमर्थ हैं, उनकी सुविधा के लिए 16 अगस्त को बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से भी मतदाताओं को SIR और अनमैप्ड वोटरों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रक्रिया के दौरान न छूटे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 12 लाख अनमैप्ड मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं, लेकिन उनका वोट निर्धारित मैपिंग से लिंक नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वोट मैप न होने के कारण उनके मतदान के अधिकार पर कोई खतरा नहीं है। मित्रा के अनुसार, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं, उन्हें नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं जिन मतदाताओं के दस्तावेजों में किसी प्रकार का संदेह होगा, उनकी नियमानुसार जांच की जाएगी।

दस्तावेज नहीं होने पर भी सत्यापन का विकल्प

अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब भी उसका मामला खत्म नहीं होगा। ऐसे मामलों में ईआरओ की ओर से नोटिस देकर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि सत्यापन के दौरान मतदाता सही पाया जाता है तो दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बावजूद उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। नए मतदाता भी अब फॉर्म नंबर छह भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आंकड़ों पर एक नज
कुल वितरित इन्यूमरेशन फॉर्म : 2.61 करोड़
 वापस प्राप्त फॉर्म : करीब 2.41 करोड़ (90.37%)
 वापस नहीं आए फॉर्म : करीब 20 लाख
 ट्रेस नहीं हुए मतदाता : 4,12,715
 मृत पाए गए मतदाता : 5.74 लाख
  डबल मतदाता : 1,19,145
  अनमैप्ड मतदाता : करीब 12 लाख
   ड्राफ्ट वोटर लिस्ट : 13 अगस्त
   बूथ स्तर पर विशेष कैंप : 16 अगस्त
   फाइनल वोटर सूची  : 12 अक्तूबर को
   परमानेंट शिफ्ट हुए : 9 लाख 44 हजार 131 लोग

2019 से 2026 तक 36 देशों से 274 भगोड़े भारत लाए गए: केंद्र सरकार का दावा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्र सरकार ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में वर्ष 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। सरकार के अनुसार, इस अवधि में भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाते हुए कानूनी, कूटनीतिक और तकनीकी स्तर पर व्यापक सुधार किए गए।

सरकार के मुताबिक, पहले की तुलना में अब भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई अधिक प्रभावी हुई है। इसके लिए वैश्विक अभियान, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति पर विशेष जोर दिया गया है। गृह मंत्रालय का कहना है कि भगोड़े अपराधियों का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

नए कानूनों और तकनीक पर जोर

सरकार ने बताया कि वर्ष 2019 में NIA संशोधन अधिनियम और UAPA संशोधन अधिनियम लागू किए गए। इसके बाद वर्ष 2024 में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 355 और 356 में पहली बार ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ (Trial in Absentia) का प्रावधान जोड़ा गया, जिससे भगोड़े अपराधियों की अनुपस्थिति में भी मुकदमा चलाया जा सके।

BHARATPOL और INTERPOL से बढ़ा समन्वय

सरकार के अनुसार, जनवरी 2025 में BHARATPOL पोर्टल लॉन्च किया गया, जिसके माध्यम से 1,400 से अधिक केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों को इंटरपोल नेटवर्क से जोड़ा गया। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने का समय घटकर कई मामलों में 3 से 10 दिन रह गया।

सरकार ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ INTERPOL रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए। वर्ष 2026 में अब तक 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने का दावा किया गया है।

संपत्ति जब्ती और आर्थिक अपराध

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, PMLA के सख्त क्रियान्वयन के तहत वर्ष 2019 से 2026 के बीच भगोड़े आर्थिक अपराधियों की 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। वहीं 18,762 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक वापस (Restitution) दिलाई गई, जिसमें देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधियों से संबंधित धन भी शामिल है।

ऑपरेशन त्रिशूल का भी उल्लेख

सरकार ने बताया कि ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत विदेशों में नाम और पहचान बदलकर छिपे भगोड़ों का पता लगाने के लिए सैटेलाइट तकनीक, डिजिटल फुटप्रिंट, सर्विलांस और प्रोफाइल मैपिंग का उपयोग किया गया। इसके अलावा प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि इन कदमों के कारण पिछले सात वर्षों में भारत भगोड़े अपराधियों की वापसी और आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई के मामले में अधिक प्रभावी हुआ है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • 2019-2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े भारत लाए जाने का दावा
  • पिछले 3 वर्षों में 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी
  • 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
  • 18,762 करोड़ रुपये की राशि वापस (Restitution)
  • BHARATPOL से 1,400+ एजेंसियां इंटरपोल नेटवर्क से जुड़ीं
  • BNSS में पहली बार Trial in Absentia का प्रावधान
  • ऑपरेशन त्रिशूल के जरिए तकनीक आधारित ट्रैकिंग
हरियाणा में BIS का जागरूकता अभियान, महिलाओं को सिखाया असली ISI और हॉलमार्क की पहचान

हरियाणा / सत्ता संदेश

महिलाओं को जागरूक एवं सशक्त उपभोक्ता बनाने के उद्देश्य से भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हरियाणा शाखा कार्यालय ने आज तहसील कार्यालय, रायपुर रानी में शाइन (Standards Help Inform & Nurture Empowered Women) कार्यक्रम का आयोजन किया। रायपुर रानी महिला ब्लॉक संगठन (क्लस्टर स्तरीय संघ) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं क्लस्टर स्तरीय संघ की 27 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को बीआईएस मानकों, गुणवत्ता प्रमाणन, हॉलमार्किंग तथा उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें सुरक्षित एवं सूचित खरीदारी के लिए सक्षम बनाना था।

बीआईएस मानकों एवं बीआईएस केयर ऐप की दी जानकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री आरती चौधरीमानक संवर्धन अधिकारीबीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय ने भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका एवं कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आईएसआई मार्क, हॉलमार्किंग, अनिवार्य पंजीकरण योजना (सीआरएस) तथा घरेलू उत्पादों, पोषण, स्वच्छता एवं महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।प्रतिभागियों को खरीदारी से पूर्व आईएसआई चिन्ह वाले उत्पादों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बीआईएस केयर ऐप का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं को बीआईएस प्रमाणित उत्पादों तथा स्वर्ण आभूषणों की हॉलमार्किंग की ऑनलाइन जांच करने की प्रक्रिया समझाई गई।

हॉलमार्किंग शुल्क एवं उपभोक्ता अधिकारों पर जागरूकता

संवादात्मक सत्र के दौरान कई प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित हॉलमार्किंग शुल्क की जानकारी नहीं थी तथा वे यह मानती थीं कि ज्वैलर्स अपनी इच्छानुसार कोई भी शुल्क वसूल सकते हैं। इस पर उन्हें बताया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित हॉलमार्किंग शुल्क स्वर्ण आभूषण पर ₹45 प्रति आभूषण (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) तथा रजत (चांदीआभूषण पर ₹35 प्रति आभूषण (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) है, जो आभूषण के वजन पर निर्भर नहीं करता।प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी गई कि वे अपने पहले से हॉलमार्क किए गए आभूषणों की शुद्धता की जांच किसी भी बीआईएस मान्यता प्राप्त असेइंग एवं हॉलमार्किंग केंद्र में फायर असे विधि से ₹200 प्रति आभूषण के निर्धारित शुल्क पर करवा सकते हैं। इस सत्र ने हॉलमार्किंग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए महिलाओं को उपभोक्ता अधिकारों एवं अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

हरियाणा में 41 शाइन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 1,080 महिलाओं तक पहुंच

बीआईएस का शाइन कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक उपभोक्ता एवं सामुदायिक नेतृत्वकर्ता के रूप में सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा राज्यभर में 41 शाइन कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1,080 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बीआईएस मानकों, गुणवत्ता प्रमाणन, हॉलमार्किंग एवं उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाएं न केवल स्वयं सूचित खरीदारी के निर्णय लेने में सक्षम बन रही हैं, बल्कि अपने समुदाय में भी गुणवत्ता एवं मानकों के प्रति जागरूकता का प्रसार कर रही हैं।

15 लाख की चोरी का खुलासा: घर का ही सदस्य निकला आरोपी, महंगे शौकों के लिए की वारदात

माछीवाड़ा साहिब में 15 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में घर का ही सदस्य आरोपी निकला। पुलिस के अनुसार महंगे शौक पूरे करने के लिए अपने ही घर में चोरी की गई थी।

माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश

पंजाब के माछीवाड़ा साहिब में दो दिन पहले सामने आए करीब 15 लाख रुपये की नकदी और सोने के आभूषणों की चोरी के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार का ही सदस्य निकला।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की थी जांच

पुलिस के अनुसार, माछीवाड़ा निवासी अवे कुमार जैन ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके घर से लगभग 15 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं। शिकायत में उन्होंने शहर के एक रसूखदार व्यक्ति पर भी संदेह जताया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की।

जांच में सामने आया बड़ा खुलासा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीएसपी प्रीतपाल सिंह सिद्धू ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि चोरी का आरोपी योगेश कुमार जैन, पुत्र अवे जैन, ही है।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह सामने आया कि योगेश कुमार जैन ने हाल ही में बुलेट मोटरसाइकिल, महंगे मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान खरीदे थे। उसकी आर्थिक स्थिति और खर्चों को देखते हुए पुलिस को उस पर संदेह हुआ। पूछताछ और जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उसने अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए अपने ही घर में चोरी की थी।

रसूखदार व्यक्ति को मिली क्लीन चिट

पुलिस ने बताया कि शिकायत में जिस रसूखदार व्यक्ति पर संदेह जताया गया था, जांच में उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। इसलिए उसे क्लीन चिट दे दी गई है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार पाया गया।

मामला दर्ज, गिरफ्तारी की तैयारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में योगेश जैन और उसके बेटे अवे जैन के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।

3 दिन से लापता नाबालिग का खेतों में मिला सड़ा-गला शव, हत्या या नशे से मौत? पुलिस जांच जारी

पंजाब के माछीवाड़ा में तीन दिन से लापता नाबालिग का खेतों में सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा।

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

पंजाब के माछीवाड़ा क्षेत्र में सोमवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां तीन दिन से लापता एक नाबालिग लड़के का सड़ा-गला शव खेतों से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान राजेश कुमार के रूप में हुई है, जो पिछले तीन दिनों से अपने घर से लापता था।

जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे माछीवाड़ा की बली बेग बस्ती के पास खेतों में एक शव पड़े होने की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस और परिजनों को दी। जब परिवार मौके पर पहुंचा तो शव की पहचान राजेश कुमार के रूप में हुई। बेटे का शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी चरणजीत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी चरणजीत सिंह ने बताया कि शव काफी हद तक सड़-गल चुका था, जिसके कारण प्रथम दृष्टया मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

हत्या या नशे से मौत? इलाके में कई तरह की चर्चाएं

घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे हत्या का मामला मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि नशे के कारण भी युवक की मौत हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में नशे का कारोबार लंबे समय से जारी है और कई युवा नशे की बिक्री और सेवन में शामिल हैं। लोगों का कहना है कि यदि नशे की वजह से यह घटना हुई है तो इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

हालांकि, फिलहाल पुलिस ने किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।

गरीब परिवार से था मृतक

बताया जा रहा है कि मृतक राजेश कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का सहयोग करता था। उसके पिता आइसक्रीम की रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, जिससे इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नाबालिग की मौत हत्या के कारण हुई या किसी अन्य वजह से। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

चंडीगढ़ में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित, 200 युवाओं ने लिया भाग

माय भारत चंडीगढ़ द्वारा देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। करीब 200 युवाओं ने हिस्सा लिया। विजेता अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माय भारत चंडीगढ़ द्वारा देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन, सेक्टर-45, चंडीगढ़ में “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” जिला स्तरीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 200 युवाओं ने आठ विभिन्न प्रतियोगी श्रेणियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में चंडीगढ़ प्रशासन के खेल निदेशक श्री सौरभ कुमार अरोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त भारत अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में देश के युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।

देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) नीरू मलिक ने इस आयोजन की मेजबानी का अवसर मिलने पर माय भारत चंडीगढ़ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने वाली इस पहल को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी प्रतियोगिता

कार्यक्रम के दौरान आठ अलग-अलग श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिला स्तर पर विजेता प्रतिभागी अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद चयनित प्रतिभागियों को नई दिल्ली में प्रस्तावित राष्ट्रीय “नशा मुक्त युवा कॉन्क्लेव” में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर माय भारत चंडीगढ़ के यूटी निदेशक श्री शिवधन शर्मा, माय भारत पंजाब की राज्य निदेशक रश्मीत कौर तथा सहायक निदेशक श्री विक्रम सिंह ने विजेताओं को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र और सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

चंडीगढ़ ने नशा मुक्ति शपथ अभियान में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

जिला युवा अधिकारी श्री विनय कुमार ने बताया कि माय भारत पोर्टल पर चलाए गए नशा मुक्ति शपथ अभियान में चंडीगढ़ ने 380 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन के प्रबंधन, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों का कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही सभी नागरिकों से माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण कर नशा मुक्ति शपथ लेने और नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

PGIMER ने तीसरी बार राष्ट्रीय रोट्टो पुरस्कार प्राप्त किया, कुल चौथी बार राष्ट्रीय सम्मान

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

मृतक अंगदान के क्षेत्र में देश की अग्रणी संस्था के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए, रोट्टो नॉर्थ, पीजीआईएमईआर चंडीगढ* ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (रोट्टो) पुरस्कार लगातार तीसरे वर्ष जीतकर इतिहास रच दिया। इस उल्लेखनीय हैट्रिक के साथ, संस्था ने वर्ष 2019 में इस पुरस्कार की शुरुआत के बाद से कुल चौथी बार यह राष्ट्रीय सम्मान हासिल किया है।

यह प्रतिष्ठित सम्मान 16वें भारतीय अंगदान दिवस* समारोह के दौरान नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित डॉ. बी.आर. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

यह पुरस्कार अनुप्रिया पटेल, माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त संस्थानों को भारत में अंगदान आंदोलन को सुदृढ़ बनाने तथा पूरे देश में नैतिक, पारदर्शी और समानतापूर्ण अंग प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों में *सुश्री पुण्य सलिला श्रीवास्तव, सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार; श्री विजय नेहरा, अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार; डॉ. लोवनीश जी. कृष्णा, डीजीएचएस, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार; तथा डॉ. अनिल कुमार, निदेशक, नोट्टो* शामिल थे।

पीजीआईएमईआर की ओर से यह पुरस्कार *प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़* ने वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ प्राप्त किया, जिसमें *प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक; प्रो. धीरज खुराना, न्यूरोलॉजी विभाग; प्रो. हेमंत भगत, एनेस्थीसिया एवं गहन चिकित्सा विभाग; डॉ. विजय ताडिया, नोडल अधिकारी, रोट्टो नॉर्थ; तथा सुश्री सारयू डी. मद्रा, सलाहकार (आईईसी/मीडिया), रोट्टो नॉर्थ, पीजीआईएमईआर* शामिल थे।

इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए *प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर* ने कहा, “लगातार तीसरे वर्ष यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना पूरे पीजीआईएमईआर परिवार के लिए गर्व का क्षण है। यह रोगी देखभाल, नवाचार और टीमवर्क में उत्कृष्टता के माध्यम से अंगदान और प्रत्यारोपण को आगे बढ़ाने की हमारी सतत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह सम्मान हमारे उन समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों का है जो पर्दे के पीछे अथक परिश्रम करते हैं। सबसे बढ़कर, यह उन अंगदाता परिवारों के अद्भुत साहस और उदारता को समर्पित है, जिन्होंने अपने दुःख को आशा में बदलकर असंख्य लोगों का जीवन बचाया है।”

प्रो. लाल ने आगे कहा, “क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (रोट्टो नॉर्थ) के रूप में नामित पीजीआईएमईआर, मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण, पेशेवर प्रशिक्षण, संस्थागत सहयोग तथा नैतिक सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देकर पूरे उत्तरी भारत में अंगदान व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य केवल समन्वय तक सीमित नहीं है—हम प्रत्येक राज्य और प्रत्यारोपण केंद्र को सशक्त बनाकर टिकाऊ और प्रभावी प्रत्यारोपण कार्यक्रम विकसित करने का प्रयास करते हैं। यह सम्मान हमें उत्कृष्टता, सहयोग और करुणा के साथ नेतृत्व जारी रखने की हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाता है, ताकि जीवन के उपहार की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों को लाभ मिल सके।”

इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों, प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुखों, प्रत्यारोपण विशेषज्ञों, अंगदाता एवं अंग प्राप्तकर्ता परिवारों, प्रत्यारोपण समन्वयकों, गैर-सरकारी संगठनों तथा पूरे भारत में अंगदान को बढ़ावा देने वाली नागरिक समाज संस्थाओं ने भाग लिया।

समारोह में कई भावुक क्षण देखने को मिले, जिन्होंने अंगदान की वास्तविक भावना को उजागर किया। सम्मानित किए गए लोगों में मेजर सिंह का परिवार भी शामिल था, जिनके निस्वार्थ निर्णय से उनके निधन के बाद अंगदान कर अनेक लोगों को नया जीवन मिला। इसी प्रकार, एक युवा अग्निदग्ध (बर्न) रोगी के परिवार को भी सम्मानित किया गया, जिसे जीवन बदल देने वाला त्वचा दान प्राप्त हुआ। इसने गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार और पुनर्वास में ऊतक दान के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित किया। ये प्रेरक कहानियाँ इस बात का सशक्त संदेश थीं कि हर अंगदान शोक से आगे बढ़कर नई शुरुआत का माध्यम बनता है।

इस नवीनतम सम्मान के साथ, रोट्टो नॉर्थ, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ अब तक चार बार राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ रोट्टो पुरस्कार जीत चुका है, जिसमें वर्ष 2023, 2024 और 2025 के लिए लगातार तीन वर्षों की अभूतपूर्व हैट्रिक तथा इससे पहले वर्ष 2019 का पुरस्कार शामिल है। इससे संस्था ने अंगदान समन्वय और प्रोत्साहन के क्षेत्र में स्वयं को राष्ट्रीय अग्रणी के रूप में स्थापित किया है। संस्थान को मृतक अंगदान में उत्कृष्टता के लिए पहले भी अनेक राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जो प्रत्यारोपण सेवाओं को आगे बढ़ाने और देश में अंगदान व्यवस्था को मजबूत करने की इसकी सतत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

वर्ष 2015 में क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (रोट्टो नॉर्थ) के रूप में नामित पीजीआईएमईआर को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा केंद्र शासित प्रदेशों—चंडीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख—में अंगदान के समन्वय और प्रोत्साहन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्षमता निर्माण, नीतिगत सहयोग, जनजागरूकता, पेशेवर प्रशिक्षण तथा निर्बाध अंतर-राज्यीय समन्वय के माध्यम से रोट्टो नॉर्थ मृतक अंगदान के क्षेत्र में लगातार राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है और हजारों लोगों को जीवनदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित कर रहा है।

रोट्टो नॉर्थ नेटवर्क के अंतर्गत अन्य सम्मानों में *सोट्टो राजस्थान* को सर्वश्रेष्ठ आईईसी एवं जनजागरूकता गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार तथा *डीएमसी लुधियाना, पंजाब* को प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। यह पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के रोट्टो नॉर्थ के मार्गदर्शन और समन्वय में उत्तरी भारत में अंगदान पहलों की बढ़ती गति को दर्शाता है।

नाईपर मोहाली में नए छात्रों का स्वागत, मास्टर्स, MBA और PhD विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

नाईपर (NIPER) एस.ए.एस. नगर में मास्टर्स, MBA और PhD के नए विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने दो नए कोर्स शुरू होने और शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड की जानकारी दी।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर), एस.ए.एस. नगर में सोमवार को मास्टर्स, MBA और PhD के नए प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, छात्रावास, स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की शुरुआत नाईपर के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को देश के सबसे पुराने नाईपर में प्रवेश मिलने पर बधाई देते हुए संस्थान को अपना “ड्रीम होम” मानकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि नाईपर, एस.ए.एस. नगर का प्लेसमेंट रिकॉर्ड लगातार उत्कृष्ट रहा है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि इस शैक्षणिक सत्र से संस्थान में मास्टर्स इन बायोफार्मास्यूटिकल्स और मास्टर्स इन फार्मास्यूटिकल रेगुलेटरी साइंसेज़ नामक दो नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।

नाईपर के डीन प्रो. के.बी. टिक्कू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम के बाद उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश मिला है। उन्होंने छात्रों को फार्मेसी की विभिन्न विधाओं में व्यापक ज्ञान प्राप्त करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में बहु-विषयक सीखने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के सभी एसोसिएट डीन का परिचय भी कराया।

एसोसिएट डीन (अकादमिक) प्रो. इप्सिता रॉय ने विद्यार्थियों का संकाय सदस्यों और प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों से परिचय कराया।

इसके बाद प्रो. अनुपमा मित्तल, प्रभारी अकादमिक एवं परीक्षा अनुभाग, ने परीक्षा प्रणाली, नीतियों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में कुल 295 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिनमें 191 मास्टर्स, 62 MBA और 42 PhD के विद्यार्थी शामिल हैं।

मुख्य वार्डन प्रो. प्रवीण के. शेंडे ने छात्रावास की व्यवस्था से विद्यार्थियों को अवगत कराया और सभी वार्डनों व सहायक कर्मचारियों का परिचय कराया।

लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) गुरजीत सिद्धू, कंसल्टेंट मेडिकल ऑफिसर, ने संस्थान में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य, तनाव या मानसिक चिंता होने पर बेझिझक संपर्क करने की अपील की। उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु तुली का परिचय भी कराया और उनके संस्थान में उपलब्ध रहने का समय बताया।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. जी.बी. जेना ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके बाद विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विभागों में विभागीय ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए गए, ताकि वे अपने-अपने विषयों और शोध कार्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें।

NSO ने अगस्त 2026 सर्वेक्षण अभियान शुरू किया, नागरिकों और उद्यमों से मांगा सहयोग

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के क्षेत्र संकार्य प्रभाग (Field Operations Division – FOD) ने अगस्त 2026 के लिए अपना सर्वेक्षण अभियान शुरू कर दिया है। सरकार ने नागरिकों, परिवारों, उद्यमों और सहकारी समितियों से सर्वेक्षण में सक्रिय सहयोग करने तथा सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।

एनएसओ वर्ष 1950 से देशभर में परिवारों और विभिन्न प्रतिष्ठानों से आंकड़े एकत्र कर रहा है। इन आंकड़ों का उपयोग राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नीतियां बनाने, योजनाओं के निर्माण और विकास कार्यक्रमों के मूल्यांकन के लिए किया जाता है।

डिजिटल माध्यम से होगा डेटा संग्रह

एनएसओ के प्रशिक्षित अधिकारी e-Sigma सॉफ्टवेयर से लैस टैबलेट और उद्यम सर्वेक्षणों के लिए सुरक्षित वेब पोर्टलों के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। किसी भी रिपोर्ट या प्रकाशित आंकड़ों में परिवारों अथवा संस्थानों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी।

अगस्त में कई सर्वेक्षण होंगे आयोजित

अगस्त 2026 के दौरान विभिन्न जिलों में एनएसओ (एफओडी) द्वारा कई सांख्यिकीय सर्वेक्षण किए जाएंगे। इसके अलावा निम्नलिखित कार्यों के लिए चयनित इकाइयों से भी संपर्क किया जाएगा—

  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI)
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)
  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP)
  • कॉर्पोरेट सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण
  • कार्यशील सहकारी समितियों का त्वरित सर्वेक्षण (अप्रैल–सितंबर 2026)

इन सर्वेक्षणों के लिए चयनित संस्थानों और उद्यमों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा एनएसओ अधिकारी समय-समय पर उनसे संपर्क करेंगे।

जनता से सहयोग की अपील

सरकार ने सभी चयनित नागरिकों, परिवारों, उद्यमों और सहकारी समितियों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण अधिकारियों को पूरा सहयोग दें और सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। सरकार का कहना है कि विश्वसनीय आंकड़े ही प्रभावी नीतियों, बेहतर योजनाओं और समग्र राष्ट्रीय विकास की आधारशिला होते हैं।