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शुक्राना यात्रा का तीसरा दिन: सीएम मान ने बंठिडा में बीजेपी पर साधा निशाना

बठिंडा / सत्ता संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आज तीसरा दिन है। जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट अमेंडमेंट 2026 के लागू होने के बाद सीएम पूरे पंजाब में यात्रा कर रहे हैं।

यात्रा के दाैरान बठिंडा में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने बठिंडा में अमरीक सिंह रोड पर लोगों को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां के हालात बुरे हो चुके है।

सीएम मान ने कहा कि पंजाब में कुछ पार्टियां आपसी भाईचारक सांझ को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब के लोग बहुत समझदार हैं। फिर भी राज्य के लोग ऐसी पार्टियों से सचेत रहें। मान ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें हिम्मत दी, जिस कारण वे बेअदबी का इंसाफ देने के लिए कानून बनाने में कामयाब हुए। 

CM मान ने श्री दरबार साहिब में माथा टेका; बेअदबी कानून में बदलाव को गुरु का आशीर्वाद बताया

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘शुकराना यात्रा’ के तहत सचखंड श्री दरबार साहिब में माथा टेका। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब में गुरु के चरणों में अरदास की और राज्य की तरक्की और खुशहाली के लिए शुक्रिया अदा किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के मामलों में सख्त सजा वाले कानून में बदलाव का हक उनसे गुरु महाराज ने लिया है। उन्होंने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि विधानसभा में पास हुए इस बिल को गवर्नर ने भी मंजूरी दे दी है और लोगों ने इसका दिल से स्वागत किया है। उन्होंने दुआ की कि वह इसी तरह लोगों और गुरु घर की सेवा करते रहेंगे।


ED की हालिया कार्रवाई के बारे में बोलते हुए, CM मान ने साफ किया कि इन छापों से उनका या उनकी सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह रेड एक प्राइवेट कंपनी पर है और इसमें हमारा कोई भी आदमी शामिल नहीं है।


SGPC चुनाव में देरी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि SGPC के ‘मालिकों’ का इरादा चुनाव न कराने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे खुद बेअदबी के मामलों में शामिल हैं, जिसकी वजह से वे कानून को मानने से इनकार कर रहे हैं। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्पीकर कल श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होंगे और अपना केस पेश करेंगे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बेअदबी के खिलाफ कानून पूरी विधानसभा ने एकमत से पास किया था, न कि अकेले स्पीकर ने।