ईरान की इजरायल को परमाणु हमले की धमकी: ‘सत्ता बदली तो डिमोना न्यूक्लियर प्लांट को बना देंगे निशाना’
इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके देश में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) की कोई भी कोशिश की गई, तो वह इजरायल के सबसे गुप्त और महत्वपूर्ण डिमोना परमाणु संयंत्र (Dimona Nuclear Site) को अपना निशाना बनाएगा। यह चेतावनी ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ISNA ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से जारी की है।यह गंभीर धमकी उस समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार ईरान में शासन बदलने के संकेत दे रहे हैं।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप इस लक्ष्य को लेकर पूरी तरह अडिग हैं और उन्होंने पहले ही जरूरी टारगेट मार्क कर लिए हैं।
क्या है डिमोना न्यूक्लियर साइट और क्यों है यह खास?
गुप्त इतिहास: आधिकारिक तौर पर इसे ‘शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर’ कहा जाता है, जो नेगेव रेगिस्तान में स्थित है। इसका निर्माण 1950 के दशक में फ्रांस की गुप्त तकनीक से शुरू हुआ था।
झूठ की दीवार: शुरुआत में इजरायल ने दुनिया को यह बताया था कि यह केवल एक ‘कपड़ा फैक्ट्री’ है।
परमाणु हथियारों का केंद्र: हालांकि इजरायल इसे एक रिसर्च सेंटर बताता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह इजरायल के परमाणु हथियार कार्यक्रम का मुख्य केंद्र है, जहाँ परमाणु बम बनाने के लिए प्लूटोनियम तैयार किया जाता है।
अभेद्य सुरक्षा: इस क्षेत्र की सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इसके ऊपर से विमान उड़ाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है।अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का मानना है कि लगातार हमलों और वरिष्ठ नेतृत्व को हुए नुकसान के कारण वर्तमान ईरानी सरकार भारी दबाव में है।

