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श्री सौरभ विजय ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चार्ज संभाला

नई दिल्ली /सत्ता संदेश

नई दिल्ली, 18 मई 2026: श्री सौरभ विजय ने सोमवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चार्ज संभाला। वे महाराष्ट्र कैडर के 1998 बैच के IAS अधिकारी हैं।

IIT-दिल्ली से सिविल इंजीनियर होने के नाते, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार में कई पदों पर कार्य किया है।

UIDAI में शामिल होने से पहले वे महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग में प्रधान सचिव (व्यय) थे। कैडर में उनके पूर्व असाइनमेंट में महाराष्ट्र के प्रधान सचिव योजना और विकास आयुक्त, प्रधान सचिव पर्यटन, सचिव चिकित्सा शिक्षा, सचिव उच्च व तकनीकी शिक्षा, इत्यादि शामिल हैं।

उन्होंने केंद्रीय डेप्युटेशन में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण भूमिकाओं में सेवा दी है, जिनमें नई दिल्ली में राष्ट्रपति सचिवालय में निदेशक तथा वाशिंगटन डी.सी. में विश्व बैंक में बांग्लादेश, भूटान, भारत व श्रीलंका के लिए कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में कार्य शामिल है।

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

दिल्ली \ सत्ता संदेश

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों (2022 और 2023 बैच) और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों (2021, 2022, 2023 और 2024 बैच) ने आज (20 अप्रैल, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने इन अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश के विकास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सार्वजनिक सेवा में शामिल हुए हैं। राष्ट्र एक विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारतीय रेलवे और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के युवा अधिकारी होने के नाते, वे ऐसी भूमिकाओं में कदम रख रहे हैं जो लाखों नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके निर्णय और कार्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता पर सीधा और दीर्घकालिक प्रभाव डालेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि बुनियादी ढांचा ही आधुनिक राष्ट्रों की नींव है। रेल और राजमार्ग केवल परिवहन के साधन नहीं हैं; वे आर्थिक विस्तार, सामाजिक समावेशन और राष्ट्रीय एकता के उपकरण हैं। जब कोई रेल किसी दूरदराज के गांव तक पहुंचती है या कोई राजमार्ग किसी दूरस्थ क्षेत्र से जुड़ता है, तो इससे उन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के अपार अवसर खुल जाते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा लॉजिस्टिक्स लागत को कम करता है, व्यापार को बढ़ावा देता है, निवेश आकर्षित करता है और उत्पादकता बढ़ाता है। यह क्षेत्रों और लोगों को करीब लाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि केवल आंकड़े ही सफलता का पैमाना नहीं होते। उनके काम की असली कसौटी यह है कि इससे लोगों के जीवन में कितना सुधार होता है।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों से सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता जैसे लोक सेवा के मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां और कठिन निर्णय लेने के क्षण अवश्य आएंगे। ऐसे क्षणों में, उनके मूल्य ही उनका मार्गदर्शन करेंगे। राष्ट्रपति ने उन्हें हमेशा जिज्ञासु बने रहने, सीखते रहने और नवाचार को बढ़ावा देने की सलाह दी। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि उनके लिए गए निर्णय, उनके निर्धारित मानक और उनका समर्पण अमिट छाप छोड़ेगा। वे केवल प्रशासक ही नहीं, बल्कि प्रगति के सूत्रधार और आम लोगों के भरोसे के संरक्षक भी हैं।

श्रावस्‍ती में 20 हजार रुपये रिश्‍वत मांगने के आरोप में सीडीपीओ निलंबित

श्रावस्ती (उप्र), 17 मार्च (भाषा) उत्‍तर प्रदेश के श्रावस्‍ती जिले में कथित तौर पर आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले 20 हजार रूपये रिश्‍वत मांगने के आरोप में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को निलंबित कर दिया गया है।

एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

श्रावस्ती के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाहिद अहमद ने सोमवार को एक बयान में कहा कि सिरसिया क्षेत्र के सीडीपीओ मुकेश कुमार द्वारा सहायिका की नियुक्ति में रिश्‍वत लिए जाने की शिकायत प्रथम दृष्टता सही पाई गई जिसके आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

अहमद ने बताया कि उत्तर प्रदेश बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की सिफारिश भी की गई है।

सीडीओ ने संवाददाताओं को बताया कि प्रियंका आर्य ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति में सिरसिया क्षेत्र के सीडीपीओ 20 हजार रुपये मांग रहे हैं।

इस संबंध में फोन पर दोनों के बीच हुई बातचीत की आडियो क्लिप भी पेश की गई।

सीडीओ ने बताया कि उप जिलाधिकारी प्रवीण कुमार यादव और उप जिलाधिकारी रवेन्द्र कुमार की संयुक्त टीम ने प्रकरण की गहनता से जांच की जिसमें शिकायत की पुष्टि हुई और आडियो क्लिप में मुकेश कुमार की आवाज होने की पुष्टि हुई, इसके बाद कार्रवाई की गई।