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सांख्यिकी दिवस 2026: “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” के विषय पर मोहाली में सेमिनार का आयोजन


चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्रीय संचालन प्रभाग), क्षेत्रीय कार्यालय, मोहाली द्वारा सांख्यिकी दिवस 2026 के अवसर पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस वर्ष सांख्यिकी दिवस का विषय “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” (Unlocking the Potential of Administrative Data)” था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम कृष्ण, सेवानिवृत्त उप महानिदेशक (DDG) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में विनय कुमार, सेवानिवृत्त निदेशक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिम्मत सिंह राघव, उप महानिदेशक (DDG) द्वारा की गई। इस अवसर पर स्नेह कीर्ति, उप निदेशक सहित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, मोहाली के लगभग 65 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने प्रशासनिक आंकड़ों के महत्व तथा साक्ष्य आधारित नीति निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने प्रशासनिक आंकड़ों की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं उपयोगिता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

अध्यक्षीय संबोधन में श्री हिम्मत सिंह राघव ने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों का प्रभावी उपयोग आधिकारिक सांख्यिकी को अधिक सशक्त, विश्वसनीय एवं उपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों ने विषय से संबंधित अपने विचार एवं सुझाव भी साझा किए।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

NSO चंडीगढ़ ने 20वां सांख्यिकी दिवस मनाया, प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता पर डाला प्रकाश

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

भारत में अर्थशास्त्र, योजना तथा सांख्यिकी के विकास के क्षेत्र में प्रो. पी.सी. महालनोबिस द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदानों के सम्मान में, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा 29 जून को केंद्रीय सदन, सेक्टर-9, चंडीगढ़ के सम्मेलन कक्ष में “20वाँ सांख्यिकी दिवस” मनाया गया। यह आयोजन सांख्यिकी के जनक स्वर्गीय प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। 20वें सांख्यिकी दिवस का विषय था – “प्रशासनिक आँकड़ों की क्षमता का उपयोग” (Unlocking the Potential of Administrative Data)।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में हरबिंदर सिंह, एडीजी (सेवानिवृत्त), आईएसएस अधिकारी, एनएसओ, डॉ. नरेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, सांख्यिकी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, तथा शीनम जैन, सहायक निदेशक, पीआईबी चंडीगढ़ उपस्थित रहे।

अपने स्वागत भाषण में श्री दीपक मेहरा, उप महानिदेशक, एनएसओ (एफओडी), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने सभी अतिथि वक्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पंजाब विश्वविद्यालय से आए प्रशिक्षुओं का स्वागत किया तथा प्रो. पी.सी. महालनोबिस के जीवन परिचय एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके योगदानों पर प्रकाश डाला।

हरबिंदर सिंह, एडीजी (सेवानिवृत्त), आईएसएस अधिकारी, एनएसओ ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली में प्रो. पी.सी. महालनोबिस के योगदानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने देश की सांख्यिकीय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने कहा कि 20वें सांख्यिकी दिवस का विषय “प्रशासनिक आँकड़ों की क्षमता का उपयोग” लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच जन-जागरूकता उत्पन्न करना तथा उन्हें स्वर्गीय प्रो. पी.सी. महालनोबिस से प्रेरणा लेते हुए सामाजिक-आर्थिक योजना एवं नीति निर्माण में सांख्यिकी की भूमिका को समझने के लिए प्रोत्साहित करना था।

इस कार्यक्रम में सांख्यिकी के क्षेत्र से जुड़े लगभग 80 अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।  कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं तथा सर्वेक्षण प्रगणकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथि वक्ताओं, क्षेत्रीय प्रमुख, एनएसओ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जून 2026 में प्रमुख सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करेगा, नागरिकों से सहयोग की अपील की

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के तहत कार्यरत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का क्षेत्र संचालन प्रभाग, अपने चल रहे राष्ट्रव्यापी सांख्यिकीय डेटा संग्रह कार्यक्रम के हिस्से के रूप में चंडीगढ़ और पंचकुला के चयनित क्षेत्रों में जून 2026 के दौरान महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षणों की एक श्रृंखला आयोजित करेगा।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय 1950 से परिवारों और प्रतिष्ठानों से जानकारी एकत्र कर रहा है और इसने विभिन्न सामाजिक-आर्थिक संकेतकों पर एक मजबूत डेटाबेस विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए सर्वेक्षणों के माध्यम से उत्पन्न जानकारी राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर योजना, नीति निर्माण और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट के रूप में कार्य करती है।

डेटा संग्रह प्रशिक्षित एनएसओ अधिकारियों द्वारा ई-सिग्मा सॉफ्टवेयर और सुरक्षित वेब-आधारित प्लेटफॉर्म से लैस हैंड-हेल्ड डिजिटल उपकरणों (टैबलेट) का उपयोग करके किया जाता है। अधिकारी स्थापित वैज्ञानिक नमूनाकरण पद्धतियों के आधार पर चयनित परिवारों, उद्यमों, गांवों और शहरी ब्लॉकों का दौरा करते हैं। पारिवारिक सर्वेक्षणों में परिवार के मुखिया या किसी भी जानकार सदस्य से जानकारी एकत्र की जाती है, जबकि उद्यम सर्वेक्षणों में अधिकृत प्रतिनिधि या मालिक जानकारी प्रदान करते हैं।

एनएसओ ने दोहराया है कि सर्वेक्षण के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है। भाग लेने वाले परिवारों और उद्यमों की पहचान किसी भी रिपोर्ट या प्रकाशन में कभी भी उजागर नहीं की जाती है, और जानकारी का उपयोग विशेष रूप से सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

जून 2026 के दौरान, एनएसओ (FOD) चंडीगढ़ और पंचकुला के चयनित स्थानों में निम्नलिखित सर्वेक्षण आयोजित करेगा:

  1. राष्ट्रीय पारिवारिक आय सर्वेक्षण (National Household Income Survey)
  2. आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS)
  3. गैर-निगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE)
  4. राष्ट्रीय पारिवारिक यात्रा सर्वेक्षण (National Household Travel Survey)
  5. घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण (Domestic Tourism Expenditure Survey)
  6. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सर्वेक्षण

चयनित सर्वेक्षण स्थानों में चंडीगढ़ में मनीमाजरा, मौली जागरा, दरिया, बुड़ैल, राजीव कॉलोनी, डड्डूमाजरा कॉलोनी, सेक्टर 8/9, 15/16, 20, 22/23, 29, 35/36, 42, 45, 46/47, 50 और 52 जैसे क्षेत्र शामिल हैं, साथ ही पंचकुला में कालका, चंडी मंदिर, सेक्टर-5, सेक्टर-25, सेक्टर-27, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जैथल, बरवाला और मौली शामिल हैं।

इसके अलावा, थोक मूल्य सूचकांक, क्रेता मूल्य सूचकांक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, निगमित सेवा क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण, और कार्यात्मक सहकारी समितियों के त्वरित सर्वेक्षण (अप्रैल-सितंबर 2026) से संबंधित डेटा संग्रह के लिए समय-समय पर चयनित इकाइयों से संपर्क किया जा रहा है।

भारत सरकार सभी चयनित परिवारों, उद्यमों, प्रतिष्ठानों और सहकारी संस्थानों से अपील करती है कि वे एनएसओ सर्वेक्षण अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें और सटीक एवं पूर्ण जानकारी दें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सूचित नीति निर्माण, प्रभावी शासन और राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।