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अमृतसर पुलिस ने हथियार और हेरोइन तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

पंजाब को सुरक्षित और नशा मुक्त बनाने की मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सीमा पार से हथियार और नशे की तस्करी करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2.225 किलो हेरोइन, 6 आधुनिक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।


डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के गांव चीचा निवासी सुखदेव सिंह उर्फ सुख और गांव लोधी गुजर निवासी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले भी अपहरण तथा अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार बैठे तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हेरोइन तथा हथियारों की खेप प्राप्त कर पंजाब में अपराधी तत्वों तक पहुंचाते थे। बरामद हथियारों में चीन, ऑस्ट्रिया, अमेरिका और तुर्की निर्मित आधुनिक पिस्तौल शामिल हैं।


पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पहले आरोपी सुखदेव सिंह को 2.225 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दूसरे आरोपी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर को चार पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया गया। आरोपी हरजिंदर की निशानदेही पर पुलिस ने दो और पिस्तौल बरामद किए। पुलिस के अनुसार सुखदेव पहले से ही थाना छेहरटा में दर्ज एक मामले में वांछित था, जिसमें उसके चार साथियों को सात पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया था।


पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। मामले के आगे और पीछे के सभी लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि सीमा पार से हथियार और नशा तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

दिल्ली में शराब की दुकान पर गोलीबारी और लूट के प्रयास की जांच में अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज क्षेत्र में स्थित एक सरकारी शराब की दुकान पर हुई गोलीबारी और लूट के प्रयास के मामले की जांच के दौरान अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 24 मई को हुई उस सनसनीखेज घटना की जांच के दौरान की गई, जिसमें बदमाशों ने मध्य दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक सरकारी शराब की दुकान को निशाना बनाया था। घटना के दौरान लूटपाट का विरोध करने पर अपराधियों ने दुकान के सेल्समैन पर हमला किया, उसे चाकू मारकर घायल कर दिया और गोलीबारी भी की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। इसी कड़ी में पुलिस को अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक संगठित नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद विशेष अभियान चलाकर एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियार कहां से लाए गए, किन लोगों तक उनकी आपूर्ति की जाती थी और क्या इस नेटवर्क का संबंध अन्य आपराधिक घटनाओं से भी है।

अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में अवैध हथियारों की तस्करी और आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इस मामले में सामने आया नेटवर्क केवल एक स्थानीय गिरोह तक सीमित है या इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध हथियारों की उपलब्धता लूट, डकैती, हत्या और संगठित अपराध जैसी घटनाओं को बढ़ावा देती है। ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

पुलिस ने बताया कि पहाड़गंज गोलीबारी मामले के मुख्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी अभियान जारी है। गिरफ्तार व्यक्ति से मिली जानकारी के आधार पर आगे की छापेमारी और जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और उससे जुड़े अन्य अपराधियों के बारे में भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

नशा और गैर-कानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का अमृतसर में पर्दाफाश; 2.1 किलो हेरोइन और सात पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने विदेशी हैंडलर के संपर्क में था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव

बरामद पिस्तौल अपराधियों को आगे सप्लाई की जानी थीं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल में सक्रिय एक व्यक्ति को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान खुश कुमार उर्फ भोलू (26) निवासी गुरवाली गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा स्नैचिंग के मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामद पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लैडिएटर (तुर्की निर्मित), एक 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, एक .30 बोर बेरेटा (इटली निर्मित), एक .30 बोर जिगाना (चीन निर्मित), एक .30 बोर (ऑस्ट्रिया निर्मित), एक .30 बोर (चीन निर्मित) और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी तस्करों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि हेरोइन और हथियारों की अवैध खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही थी, जिन्हें आरोपी आगे अपराधियों तक पहुंचाता था।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी खुश उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सात पिस्तौल भी बरामद किए गए।

सीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पिस्तौल अपराधियों को आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई की जानी थीं। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप आगे पहुंचने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 60 दिनांक 12-05-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस स्टेशन सी-डिवीजन, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।

अमृतसर में बड़ी ड्रग्स और हथियार बरामदगी: AAP नेताओं के साथ फोटो वाले ‘सरपंच’ समेत 3 गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक कथित नेता लवप्रीत सिंह और उसके दो साथियों, सिमरप्रीत सिंह और बलवंत सिंह को भारी मात्रा में हेरोइन और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक VIP नंबर वाली स्कॉर्पियो (PB02-BD-9300) में सवार होकर नशा बेचने जा रहे थे।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई मेहता थाने के एएसआई पलविंदर सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी लवप्रीत और उसके साथी नशा बेचने का धंधा करते हैं और उनके पास नाजायज हथियार भी हैं। पुलिस ने ओएटी (OAT) सेंटर के पास नाकाबंदी कर उनकी स्कॉर्पियो को रोका और तलाशी ली।

तलाशी के दौरान गाड़ी से 4 किलो 300 ग्राम हेरोइन, 30 बोर का पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।सियासी गलियारों में हड़कंप गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी लवप्रीत सिंह की आम आदमी पार्टी (AAP) के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि वह पार्टी के एक हलका इंचार्ज का करीबी है और हाल ही में अकाली दल छोड़कर आप में शामिल हुआ था।

हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।सरपंच होने का दावा निकला फर्जी मुख्य आरोपी खुद को गांव का सरपंच बताता था, लेकिन पुलिस की जांच में यह दावा गलत निकला है। डीएसपी रविंदर पाल सिंह संधू ने स्पष्ट किया कि लवप्रीत खुद सरपंच नहीं है, बल्कि उसके परिवार की एक महिला गांव की सरपंच है। पुलिस ने हेरोइन, हथियार और लग्जरी गाड़ी को जब्त कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।