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Tamilnadu : 100 करोड़ के पलानी मंदिर जमीन घोटाले में CBCID का एक्शन, 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

तमिलनाडु / सत्ता संदेश

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच जारी है, इस बीच देश के कई अन्य मंदिरों से ऐसे ही घोटालों और चोरी के मामले सामने आए है। इस पर कार्रवाई भी की जा रही है. लेकिन अब मंदिर की जमीन से जुड़ा धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया जिसमें तमिलनाडु के एक प्रतिष्ठित मंदिर से संबंधित मठ की कीमती जमीन का धोखाधड़ी के साथ रजिस्ट्रेशन ही करवा लिया गया है। आम जनता की नाराजगी देखते हुए सरकार में जांच के आदेश दिए और 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि CB-CID ने तमिलनाडु के डिंडीगुल शहर के मशहूर पलानी मुरुगन मंदिर से जुड़े एक मठ की कीमती जमीन के कथित धोखाधड़ी के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां मंदिर के पास तलहटी में स्थित 1.4 एकड़ के प्लॉट से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल केस में एक बड़ी कामयाबी हैं।

100 करोड़ कीमत, 2 करोड़ में रजिस्ट्री

यह प्रॉपर्टी, जिसका इस्तेमाल अभी श्रद्धालुओं के लिए फ्री पार्किंग के तौर पर किया जा रहा है और इसकी बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई, उसे इस महीने की शुरुआत में महज 2 करोड़ रुपये में निजी शख्स के नाम धोखाधड़ी से रजिस्टर करा दिया गया था।

धोखाधड़ी के साथ यह लेन-देन 6 जुलाई को किया गया था, जबकि 1888 का एक स्थायी बंदोबस्ती विलेख (Permanent Endowment Deed) मौजूद है। जिसमें इस जमीन को सिर्फ धार्मिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए समर्पित किया गया था और इस पर किसी भी तरह की व्यवसायिक बिक्री या ट्रांसफर करने पर रोक लगी थी। रजिस्ट्रेशन के दौरान हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (Hindu Religious and Charitable Endowments, HR&CE) विभाग की स्पष्ट, लिखित आपत्तियों पर भी ध्यान नहीं दिया गया।

रजिस्ट्री कराने वाले अफसरों पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने पहले ही अवैध रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पलानी के ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन और जिला रजिस्ट्रार शशिकला को सस्पेंड कर दिया है। मणिकंदन, जो अभी मद्रास हाई कोर्ट से मिली अंतरिम अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। उनसे हाल ही में CB-CID की टीम ने 7 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी।

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच पहले ही इस केस में दखल दे चुकी है और विवादित बिक्री विलेख (Sale Deed) को अमान्य घोषित कर चुकी है।

गलत तरीके से जमीन का रजिस्ट्रेशन कराए जाने को लेकर जनता और राजनीतिक हलकों में खासा आक्रोश दिखा. लोगों की नाराजगी को देखते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक ने पिछले दिनों 15 जुलाई को मामले की जांच क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) को सौंप दी थी।

चल रही जांच के तहत, जांचकर्ताओं ने घोटाले में शामिल बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए मंदिर के पूर्व अधिकारियों, रिटायर राजस्व अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन विभाग के कर्मचारियों सहित 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।

लुधियाना फोकल प्वाइंट फेज-5 से अज्ञात युवक का शव बरामद, पहचान बताने की अपील

लुधियाना / सत्ता संदेश

25-30 वर्ष की युवक का शव मिला, पुलिस ने आम लोगों से पहचान कराने में सहयोग की अपील की

लुधियाना के फोकल प्वाइंट फेज-5 क्षेत्र से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं और आम जनता से सहयोग की अपील की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष बताई जा रही है। उसका रंग गेहुँआ है और वह आधुनिक पहनावे में थी। उसने गुलाबी रंग की टी-शर्ट, नीली-सफेद धारीदार जींस और कॉफी रंग के शॉर्ट्स पहन रखे थे। मृतका के पैरों में कोई जूते-चप्पल नहीं थे।

फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को युवती के बारे में कोई जानकारी हो या वह उसकी पहचान कर सकता हो, तो तुरंत संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें।

पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मौत के कारणों की जांच भी की जाएगी।

अपील: यदि आप इस युवकको पहचानते हैं या उसके परिवार के बारे में कोई जानकारी रखते हैं, तो कृपया इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें और संबंधित पुलिस अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें, ताकि मृतका की पहचान कर उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।

पहचान मिलने पर अधिकारियों के नंबर पर संपर्क करें।

एसएचओ फोकल प्वाइंच : 78370-18612

आई/ सी इंडस एरिया : 78370-18817

एसीआई निर्मल सिंह : 94176-41293

कपूरथला ट्रिपल डेथ केस: मां और दूसरी बेटी की भी मौत, गांव में छाया मातम

कपूरथला / सत्ता संदेश

काला संघिया क्षेत्र के गांव मल्लू कादराबाद में जहरीला पदार्थ पीने का मामला अब ट्रिपल डेथ में बदल गया है। सिविल अस्पताल कपूरथला में 6 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद अमृतसर मेडिकल कॉलेज रेफर की गई 28 वर्षीय संतोष कुमारी और उसकी 8 वर्षीय बेटी अमृता ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना में अब मृतकों की संख्या तीन हो गई है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात संतोष कुमारी और उसकी दोनों बेटियों की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें कपूरथला सिविल अस्पताल लाया गया था। यहां उपचार के दौरान 6 वर्षीय खुशी की मौत हो गई थी, जबकि मां और बड़ी बेटी को गंभीर हालत में अमृतसर रेफर किया गया था, जहां दोनों ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मामले में घटना के कारण को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मृतका के पति का आरोप है कि घरेलू विवाद के चलते महिला ने कथित तौर पर खुद और अपनी दोनों बेटियों को कीटनाशक मिला पानी पिला दिया। वहीं, महिला के मायके पक्ष का कहना है कि खेत में काम करते समय कीटनाशक की खाली बोतल में रखा पानी गलती से पी लेने से यह हादसा हुआ।

परिवार का दो वर्षीय बेटा उस समय घर पर मौजूद होने के कारण सुरक्षित बच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस चौकी काला संघिया के प्रभारी एएसआई अमरजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल मृतका के मायके पक्ष के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने खेत में काम करते समय कीटनाशक की खाली बोतल में रखा पानी स्वयं भी पी लिया और अपनी दोनों बेटियों को भी पिला दिया, जिसके कुछ समय बाद तीनों की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।

महादेव बेटिंग ऐप मामले में ED ने विकास गर्ग की ₹940.77 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

ईडी ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में 941 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्की की पुष्टि के लिए न्यायाधिकरण के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज इस शिकायत में दिल्ली के व्यापारी विकास गर्ग, उसके परिवार के सदस्यों और कंपनियों को प्रतिवादी बनाया गया है।

ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग से संबंधित संपत्तियां अपराध की कमाई हैं या ऐसी आय से अर्जित की गई हैं। ईडी का कहना है कि मामले में लगभग 941 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। इनमें 893.03 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 47.73 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। सबसे बड़ी कुर्की एबिक्स इंक के 12.84 लाख शेयर की है। इनका मूल्य लगभग 766 करोड़ रुपये है और ये शेयर कंपनी में 64.20 प्रतिशत हिस्सेदारी दिखाते हैं।

ईडी ने एबिक्स इंक में 10.66 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी का भी जिक्र किया है, जिसकी कीमत ₹127.26 करोड़ रुपये है। ईडी का आरोप है कि अपराध से अर्जित इस रकम का इस्तेमाल पहले ही किया जा चुका है, इसलिए इसे जब्त नहीं किया जा सकता।

ईडी द्वारा जब्त अचल संपत्तियों में दिल्ली के ‘द अमैरिलिस’ में लग्जरी अपार्टमेंट, सफदरजंग विकास योजना में व्यावसायिक संपत्ति, बाबर रोड पर आवासीय संपत्ति, शिवाजी मार्ग पर एक अपार्टमेंट और शिकायत में नामजद कंपनियों की गोवा, उत्तराखंड, राजस्थान और देहरादून में मौजूद संपत्तियां शामिल हैं।

शिकायत में कहा गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस, आंध्र प्रदेश पुलिस, रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा और कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज शुरुआती मामलों पर आधारित है।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, एनएच-37 पर 24 घंटे के बंद का ऐलान

मणिपुर/ सत्ता संदेश

मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय तनाव के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग कुकी गांव पर हुए कथित सशस्त्र हमले में एक महिला और एक बच्चा घायल हो गए। घटना के बाद कुकी संगठनों ने सोमवार से राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर 24 घंटे के बंद का एलान कर दिया है। साथ ही स्वतंत्र न्यायिक जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। हालांकि, सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

चर्च में प्रार्थना के दौरान हुआ गांव पर हमला
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम गांव के लोग चर्च में प्रार्थना कर रहे थे, तभी हथियारबंद हमलावरों ने गांव पर गोलीबारी की और विस्फोटक फेंके। हमले के दौरान कई घरों में आग लगाए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि

इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना में घायल महिला के पैर में गोली लगने की बात कही जा रही है, जबकि एक बच्चा भी घायल हुआ। दोनों को पहले असम राइफल्स के न्यू कैथेलमणबी शिविर में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में इम्फाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआईएमएस) भेजा गया।विज्ञापन

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे एनएससीएन (आईएम) और जेडयूएफ-के के उग्रवादी शामिल थे, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन ‘कुकी इनपी मणिपुर’ (केआईएम) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आम नागरिकों पर सुनियोजित हमला बताया। संगठन का आरोप है कि भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने गांव में घुसकर गोलीबारी की, घरों में आग लगाई और महिलाओं व बच्चों को निशाना बनाया, जबकि निकट ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का शिविर मौजूद था। संगठन ने सवाल उठाया कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद हमलावर कैसे गांव में प्रवेश कर हिंसा फैलाकर आसानी से निकल गए। 

केआईएम ने इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र न्यायिक जांच, सुरक्षा चूक की जवाबदेही तय करने और समयबद्ध जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आसपास के कुकी-जो समुदाय के ग्रामीण जब पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे तो उन्हें सीआरपीएफ कर्मियों ने गांव में प्रवेश करने से रोक दिया, जिससे कुछ देर तनाव की स्थिति बन गई। इस संबंध में भी सुरक्षा बलों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

एनएच-37 पर 24 घंटे का बंद
घटना के विरोध में कुकी सीएसओ वर्किंग कमेटी (केसीडब्ल्यूसी), साउथ वेस्ट सदर हिल्स ने तत्काल प्रभाव से एनएच-37 पर 24 घंटे के पूर्ण बंद की घोषणा की है। संगठन ने कहा कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, प्रभावित परिवारों को राहत, घायलों का समुचित इलाज औरसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए।

संगठन ने सुरक्षा व्यवस्था में कथित विफलता का आरोप लगाते हुए 86वीं बटालियन सीआरपीएफ के साथ असहयोग की भी घोषणा की है। हालांकि इन आरोपों पर सीआरपीएफ या राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

होशियारपुर जेल में बड़ा खुलासा! गैंगस्टरों तक पहुंच रहे थे मोबाइल और ड्रग्स, असिस्टेंट जेलर गिरफ्तार

होशियारपुर / सत्ता संदेश

पंजाब के होशियारपुर स्थित केंद्रीय जेल में नशा और मोबाइल फोन तस्करी का एक चर्चित मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट हरभजन सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जेल में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में हरभजन सिंह की गिरफ्तारी से पहले ही 12 अन्य लोगों को पकड़ा जा चुका है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। यह पूरा प्रकरण तब सुर्खियों में आया जब जेल से रिहा हुए मनप्रीत सिंह मन्ना का एक वीडियो वायरल हुआ। मनप्रीत सिंह मन्ना ने अपने वीडियो में गंभीर आरोप लगाए थे। उसने बताया कि जेल के भीतर डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट उस पर नशा पहुंचाने के लिए दबाव बनाते थे। मनप्रीत ने यह भी आरोप लगाया कि उसे इस काम के लिए प्रताड़ित भी किया जाता था। इन आरोपों के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई थी।

विशेष जांच दल की कार्रवाई

मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी ने करीब तीन सप्ताह तक इस मामले की विस्तृत तफ्तीश की। इस जांच के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। एसआईटी को लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं। ये प्रमाण जेल के भीतर चल रहे अवैध कारोबार की पुष्टि करते हैं।

जेल में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा

हरभजन सिंह की गिरफ्तारी को जेल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। यह घटना जेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। इस कार्रवाई से जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हुई है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया है।

केंद्र का बड़ा एक्शन: 23 और व्यक्तियों को घोषित किया गया ‘आतंकवादी’

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 और व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया है. यह कार्रवाई केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में की गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारत और देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है और किसी भी आतंकी गतिविधि या उसके समर्थकों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.

मंत्रालय ने बताया कि ये व्यक्ति भारत-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों की साजिश और उन्हें अंजाम देने, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ कराने, प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सहायता करने, आतंकवाद के लिए धन जुटाने तथा आतंकवादियों की भर्ती जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त रहे हैं.

गृह मंत्रालय का मानना है कि इन व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किए जाने से उनके वित्तीय नेटवर्क, आवाजाही, भर्ती क्षमता और अन्य आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी. साथ ही, ये कदम आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को कमजोर करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा.

गृहमंत्रालय ने जिन 23 आतंकियों प्रतिबंधित किया है उनका विस्तृत डिटेल :

  • मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ मुफ्ती मसूद इलियास उर्फ मसूद इलियास उर्फ अबु मोहम्मद उर्फ एम. मसूद इलियास की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है और वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह मौलाना मसूद अज़हर का विश्वासपात्र और कश्मीर में घुसपैठ का मुख्य समन्वयक है. वह सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को आतंकी गुटों में भर्ती करने और टेरर फंडिंग जुटाने में सक्रिय है. उसने अप्रैल 2022 में जम्मू के संजवान में PDP कार्यालय के पास नाका पार्टी पर हुए हमले को अंजाम दिया था.
  • मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर उर्फ अब्दुल मनन उर्फ सज्जाद उर्फ हमज़ा उर्फ वाहिद ख़ान की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह लसिंयाकोट सेक्टर का लॉन्चिंग कमांडर है जो सीमा पर सुरंगों के माध्यम से घुसपैठ कराता है. वह ड्रोन के जरिए हथियारों और गोला-बारूद की खेप भारत भेजने में शामिल रहा है. इसके अलावा, वह अयोध्या के आर.जे.बी. परिसर, नागपुर के आरएसएस मुख्यालय और पानीपत की आई.ओ.सी.एल. रिफाइनरी जैसे रणनीतिक स्थानों की टोह लेने में संलिप्त था.
  • मुफ्ती मोहम्मद असग़र खान उर्फ अबू साद उर्फ साद जिमी की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह PoK में JeM का अमीर और सैन्य विंग का प्रमुख है. वह जम्मू के नगरोटा में भारतीय सेना के कैंप पर हुए आतंकवादी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है. वह मुज़फ्फराबाद में आतंकियों को जेहादी और सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए कैंप चलाता है.
  • हाफ़िज़ अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) / हरकत-उल-मुजाहिद्दीन (HuM) से संबंध रखता है. उसने नगरोटा सेना शिविर पर हमले के लिए सांबा-कठुआ सेक्टर से तीन पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ कराई थी. उसने 1995/96 के दौरान अफगान युद्ध में भाग लिया था और वह आईएसआई (ISI) की मदद से आतंकी गतिविधियों का समन्वय करता है. वह JeM की शासी परिषद (शूरा) का सदस्य है.
  • अब्दुल्ला जिहादी उर्फ शाहनवाज़ उर्फ अल हिजामा की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह मुफ्ती असगर खान का सह-षड्यंत्रकारी है और उत्तरी कश्मीर क्षेत्र में आतंकियों की घुसपैठ की सुविधा प्रदान करता है. उसने भारत सरकार के खिलाफ घृणा और असंतोष फैलाने के प्रयास किए हैं. वह कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में स्थित कई लॉन्चिंग कैंपों का प्रबंधन संभालता था.
  • फ़िरदौस अहमद भट की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – पाकिस्तान) है तथा लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है. वह लश्कर-ए-तैयबा का लॉन्चिंग कमांडर है जो वर्ष 2018 में वैध दस्तावेजों के सहारे वाघा सीमा से पाकिस्तान चला गया था. वह नियंत्रण रेखा (LoC) के पार विदेशी आतंकवादियों के लिए सुरक्षित मार्ग का प्रबंधन करता है. इसके साथ ही, वह ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हथियार मुहैया कराने और दक्षिण कश्मीर के युवाओं को भड़काकर आतंक में भर्ती करने का काम करता है.
  • गुलाम फरीद उर्फ गुलशन कुमार उर्फ फरीद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखता है. उसने वर्ष 2001 से 2005 तक पाकिस्तानी सेना में सेवा की थी. इसके बाद वह सितंबर 2008 में बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ. दिसंबर 2008 में उसे जम्मू से गिरफ्तार किया गया था और बाद में जुलाई 2019 में उसे पाकिस्तान वापस निर्वासित कर दिया गया.
  • हारून रशीद गनई उर्फ शुनू की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – पाकिस्तान) है तथा लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखता है. वह मार्च 2018 में वैध दस्तावेजों के साथ पाकिस्तान गया और वहां लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया. वह कश्मीर घाटी के युवाओं को आतंकी रैंकों में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर्स को हथियार तथा गोला-बारूद की आपूर्ति करता है.
  • बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – मुज़फ्फराबाद, PoK) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से संबंध रखता है. वह सीमा पार (पाकिस्तान/PoK) से बैठकर स्थानीय कश्मीरी युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने और भड़काने की साजिश रचता है. इसके अलावा, वह कश्मीर घाटी में हथियारों, गोला-बारूद और रसद की अवैध आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन में सीधे तौर पर शामिल है.
  • आबिद कयूम लोन की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – PoK) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह फरवरी 2020 में अटारी चेक पोस्ट के माध्यम से पाकिस्तान गया और वापस नहीं लौटा. वह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमलों की योजना बनाने और लश्कर के लिए धन जुटाने का काम करता है. वह नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से पाकिस्तान से भारत में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) की तस्करी करता है, जिससे प्राप्त धन का उपयोग आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जाता है.
  • नज़ीर अहमद गुज्जर उर्फ अबू मनाज़िल की राष्ट्रीयता भारत (वर्तमान पता – इस्लामाबाद, पाकिस्तान) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह वर्ष 2006 में नियंत्रण रेखा पार कर PoK चला गया था. उसने डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय युवाओं को भर्ती किया. वह ड्रोन का उपयोग करके सांबा और आर.एस. पुरा सेक्टर से भारतीय क्षेत्र में हथियारों और गोला-बारूद की खेप भेजने का मुख्य ऑपरेटर रहा है.
  • अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रौफ उर्फ हाफिज अब्दुर रौफ की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) / फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FIF) से संबंध रखता है. वह 1999 से लश्कर का एक वरिष्ठ नेता है और आतंकी हाफिज सईद की सीधी कमान के अधीन काम करता है. वह ‘फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन’ (FIF) और अल-मदीना वेलफेयर ट्रस्ट जैसे धर्मार्थ संगठनों की आड़ में लश्कर के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन और जनसमर्थन जुटाने का काम करता है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने उसे ‘विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी’ (SDGT) घोषित किया है.
  • अशफाक अहमद उर्फ इशफाक अहमद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह वर्ष 2000 में जैश में शामिल हुआ और बहावलपुर में ‘शुआबा हदीस’ और अल-रहमत ट्रस्ट (जैश का चैरिटी विंग) का प्रभारी है. उसे पाक-अधिकृत कश्मीर में जेहादी प्रशिक्षण मिला था. वह जनवरी 2016 के पठानकोट वायुसेना स्टेशन हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों के ग्राहकों में से एक पाया गया था.
  • हाफिज खालिद वालीद उर्फ हाफिज खालिद नाइक उर्फ खालिद वालिद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. वह लश्कर प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद का दामाद है और वर्ष 2003 से लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य रहा है. वह जून 2016 में हुए पम्पोर हमले का मुख्य मास्टरमाइंड था, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के आठ जवान शहीद हुए थे. अगस्त 2012 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा उसे वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था.
  • मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की उर्फ मौलाना इमदाद उर्फ इमदाद भाई उर्फ मौलाना इमददुल्लाह की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. वह जैश के कैदियों के विंग (शोबा-ए-असीरन) का अमीर और संगठन के कानूनी मामलों का प्रमुख है. वह मौलाना मसूद अज़हर और उसके डिप्टी मुफ्ती अब्दुल रऊफ असघर का बेहद करीबी सहयोगी है. वह जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकवादियों के साथ वास्तविक समय में समन्वय स्थापित करने में शामिल था.
  • मौलाना सैफुल्लाह खालिद उर्फ वलियुल उर्फ मोहम्मद सलीम उर्फ वाजिद की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) से संबंध रखता है. वह पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग का महासचिव है और पहले मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) का अध्यक्ष रह चुका है. उसने लश्कर और जमात-उद-दावा के कई विंग्स (जैसे प्रचार विभाग, नियंत्रण और सुधार विंग) के प्रमुख के रूप में कार्य किया है. अप्रैल 2018 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी (SDGT) सूची में शामिल किया था.
  • मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा उर्फ समामा इल्यास उर्फ वारिस अली की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह वर्तमान में इस्लामाबाद (चट्टा बख्तावर) से लश्कर के ऑपरेशन कमांडर के रूप में काम कर रहा है. वह भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कश्मीर घाटी में सक्रिय अन्य लश्कर कैडरों के साथ वित्तीय और साजो-सामान (लॉजिस्टिक्स) सहायता का समन्वय करता है. इसके खिलाफ श्रीनगर के CI कश्मीर पुलिस स्टेशन में विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA) के अधीन मामला दर्ज है.
  • मौलाना यूसुफ ताईबी उर्फ मोहम्मद यूसुफ की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. यह LeT/JuD का एक केंद्रीय नेता है जो वर्तमान में संगठन के नियंत्रण और सुधार (दावत-ओ-इस्लाह) विंग से जुड़ा हुआ है. वह पूर्व में कराची स्थित LeT/JuD से संबद्ध संस्था ‘जामिया अल-दीरासत अल-इस्लामिया ट्रस्ट’ (JADIAT) का प्रभारी रह चुका है. वर्तमान में वह लाहौर के ‘अल-क़दसिया इस्लामिक सेंटर’ से जुड़ा है और पंजाब के सरगोधा मरकज़ में शुक्रवार को धार्मिक उपदेश (खुतबा) देने का काम करता है.
  • ओवैस फारूज़ उर्फ ओवैस अहमद मीर उर्फ ओवैस फारूज़ मीर की राष्ट्रीयता भारत है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध रखता है. वह अप्रैल 2018 में वैध भारतीय पासपोर्ट पर वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान गया और LeT के आतंकवादी रैंक में शामिल हो. जनवरी 2023 में उसके भाई फरज़ान फिरोज़ को श्रीनगर पुलिस ने 450 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 9.95 लाख रुपये) और LeT के लेटर पैड के साथ गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ NIA कोर्ट, पुलवामा ने धारा 82 CrPC के अधीन उद्घोषणा आदेश जारी किया है.
  • क़ारी याक़ूब शेख उर्फ क़ारी मोहम्मद याक़ूब शेख उर्फ याक़ूब शेख उर्फ क़ारी शेख मुहम्मद याकूब उर्फ मोहम्मद याकूब की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा पाकिस्तान मरकाजी मुस्लिम लीग (PMML) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. वह JuD का एक केंद्रीय नेता और उसकी केंद्रीय ‘दवाती टीम’ का सदस्य है. उसने 2018 के पाकिस्तानी आम चुनाव में मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. वह सऊदी अरब में लश्कर और JuD के लिए फंड इकट्ठा करने के मिशनों में प्रमुखता से शामिल रहा है. अगस्त 2012 में अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया था.
  • राणा इफ्तिखार उर्फ राणा वलीद आतिफ उर्फ राणा इफ्तिखार हैदर उर्फ राणा इफ्तिखार अहमद उर्फ हैदर खान की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / जमात-उद-दावा (JuD) से संबंध रखता है. वह LeT प्रमुख हाफिज़ सईद का अत्यंत करीबी और उसके कश्मीर ऑपरेशन्स के वित्त (Finance) का मुख्य प्रबंधक है. वह मारे गए और भारतीय जेलों में बंद आतंकियों के परिवारों के कल्याण के लिए काम करने वाले विंग ‘शोबा-ए-असीरन’ का प्रभारी है. वर्ष 1993 में जम्मू-कश्मीर के मेंढर सेक्टर में एक मुठभेड़ के दौरान घायल होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था और यह 2004 तक भारतीय जेल में बंद रहा.
  • वसीम नूर जाट उर्फ क़ारी वसीम की राष्ट्रीयता पाकिस्तान है तथा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संबंध रखता है. यह जैश का एक लॉन्चिंग कमांडर है जो कोटली व्यवस्था संभालता है. वह वर्ष 2021-22 के दौरान ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में हथियार और गोला-बारूद गिराने की गतिविधियों में शामिल रहा है. उसे पहले अक्टूबर 2008 में सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था और वह 2012 से 2015 तक कोट भलवाल सेंट्रल जेल, जम्मू में बंद था, जहाँ से रिहा होने के बाद उसे पाकिस्तान निर्वासित कर दिया गया था.
  • मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ मुहांदीस उर्फ ज़ाकिर की राष्ट्रीयता पाकिस्तान (मूल रूप से भारतीय, वर्तमान में रावलपिंडी में सक्रिय) है तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) / अल-कायदा / ISIS से संबंध रखता है. वह वर्ष 2012 के बेंगलुरु LeT साजिश मामले और 2013 के नांदेड़ LeT मामले का मुख्य मास्टरमाइंड और हैंडलर है, जिसमें दक्षिणपंथी राजनेताओं और पत्रकारों की लक्षित हत्याओं (Target Killings) की साजिश रची गई थी. वह वर्ष 2013 में आतंकी फरहतुल्लाह गोरी की मदद से पाकिस्तान भाग गया. जांच के अनुसार, वह रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले (2024), मंगलुरु कुकर विस्फोट और अल-हिंद ISIS मॉड्यूल मामले में एक ऑनलाइन हैंडलर के रूप में शामिल रहा है. वह सोशल मीडिया और यूट्यूब /टेलीग्राम चैनलों (जैसे ‘सवत अल हक’) पर राष्ट्र-विरोधी और जिहादी वीडियो के जरिए युवाओं को भर्ती करने का काम करता है.
होटल में प्रेमी जोड़े के शव मिलने से सनसनी, हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब के खन्ना शहर में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब जीटी रोड स्थित ग्रीनलैंड होटल के एक कमरे में एक प्रेमी जोड़ा मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक ने पहले युवती को गोली मारकर उसकी हत्या की और उसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने घटनास्थल से 9 एमएम का एक हथियार और उसकी दो मैगजीन बरामद की हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों और घटनाक्रम की पुष्टि हो सकेगी। जानकारी के अनुसार, दोनों बुधवार तड़के करीब ढाई से 3 बजे के बीच होटल पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उनके साथ खन्ना का एक युवक भी था, जिसने होटल प्रबंधन से सिफारिश कर उन्हें कमरा दिलवाया।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि होटल प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए न तो दोनों के नाम होटल रजिस्टर में दर्ज किए और न ही उनसे कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड लिया। पुलिस होटल प्रबंधन की इस लापरवाही की भी गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।

डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। खन्‍ना से परमिंदर वर्मा की रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट के विरोध में निहंग संगठनों ने CP कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

लुधियाना / सत्ता संदेश

सोशल मीडिया पर कथित अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जाने के विरोध में विभिन्न निहंग संगठनों के प्रतिनिधि बुधवार को लुधियाना पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ऐसे कंटेंट प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

निहंग संगठनों का कहना है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कुछ विवादित वीडियो और संवाद, जिनमें ‘चुम्मे वाली बाबी’ से जुड़ा चर्चित डायलॉग भी शामिल है, समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस तरह की सामग्री से पंजाब का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और इसका युवाओं तथा बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है।

प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील, अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड एवं प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाए।
निहंग संगठनों ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर समाज की मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री की निगरानी बढ़ाने की भी मांग की।

वहीं, पुलिस अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिकायत की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अमृतसर पुलिस को बड़ी सफलता, एक्सटॉर्शन गैंग के तीन शूटर गिरफ्तार

विदेश में बैठे हैंडलरों के इशारे पर पंजाब में देते थे फायरिंग और फिरौती की वारदातों को अंजाम

अमृतसर/ सत्ता संदेश

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सटॉर्शन और फायरिंग की घटनाओं में शामिल एक गैंग के तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के निर्देश पर पंजाब के विभिन्न जिलों में फायरिंग, फिरौती और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरदेव सिंह, जशनप्रीत सिंह और हरप्रसदीप सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी गैंगस्टर घनशामपुरिया के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और विदेश में बैठे दो हैंडलरों के निर्देशों पर काम कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यापारियों और अन्य लोगों को फोन कर फिरौती की मांग करते थे। यदि कोई व्यक्ति पैसे देने से इनकार करता था, तो आरोपी उसके घर या कारोबारी प्रतिष्ठान के बाहर फायरिंग कर डर का माहौल बनाते थे। इसके बाद दोबारा संपर्क कर फिरौती वसूलने का प्रयास किया जाता था।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अमृतसर, अमृतसर देहात, तरनतारन और फिरोजपुर सहित पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में करीब छह आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया है। इनमें लोहारका रोड स्थित पेट्रोल पंप पर हुई लूट की घटना भी शामिल है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक पिस्टल बरामद की है। बरामद हथियार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को आशंका है कि इसी हथियार का इस्तेमाल कई अन्य वारदातों में भी किया गया हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और जांच के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। साथ ही गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पंजाब के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।