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पूर्वोत्तर में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: 14 करोड़ रुपये की 71 लाख विदेशी सिगरेट स्टिक जब्त, चार गिरफ्तार

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

विदेशी सिगरेट की तस्करी के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई में, राजस्व खुफिया निदेशालय- डीआरआई ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई समन्वित अभियान चलाए हैं।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में मई 2026 से, डीआरआई के अभियानों में तस्करी से लाए गए विदेशी मूल की 71 लाख सिगरेट स्टिक जब्त की गई है, जिनका कुल मूल्य लगभग 14 करोड़ रुपये है। इस सिलसिले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई ने प्रमुख अभियानों में 11 जून 2026 को मिजोरम में मोंड, एक्ससो, ओआरआईएस और पैट्रॉन जैसे ब्रांडों की 45 लाख से अधिक विदेशी सिगरेट जब्त किए। यह अभियान असम राइफल्स की 34वीं बटालियन की सहायता से चलाया गया। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला कि सिगरेट की तस्करी भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित जोखावथर सेक्टर के रास्ते म्यांमार से की गई थी।

पिछले कुछ सप्ताह में चलाए गए विभिन्न अभियानों में विदेशी ब्रांड के और 26 लाख सिगरेट जब्त किए गए हैं और 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कोर्ट ने कैदी सुखविंदर सिंह का पोस्टमॉर्टम 72 घंटे के लिए टालने का आदेश जारी किया

लुधियाना / सत्ता संदेश

कोर्ट करणबीर सिंह बत्रा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, लुधियाना ने कैदी सुखविंदर सिंह पुत्र अवतार सिंह, निवासी गांव किला लाल सिंह, बटाला, जिला गुरदासपुर का पोस्टमॉर्टम उसकी मौत के 72 घंटे बाद तक टालने के आदेश जारी किए हैं।

असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट सेंट्रल जेल, लुधियाना ने बताया कि उक्त कैदी, जिस पर केस नंबर 127 1 मई 2025 के तहत सेक्शन 333/191(3)/190/351(2)/324(4)/62 BNS, पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 5, लुधियाना में मामला दर्ज था, 3 मई 2025 को इस जेल में दाखिल हुआ था। उन्होंने आगे बताया कि कैदी सुखविंदर सिंह पुत्र अवतार सिंह की मौत 9 जून 2026 को सुबह 06:35 बजे सेंट्रल जेल, लुधियाना में हुई थी, लेकिन उक्त कैदी का कोई वारिस न होने के कारण माननीय कोर्ट करणबीर सिंह बत्रा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, लुधियाना द्वारा उक्त कैदी का पोस्टमॉर्टम 72 घंटे के लिए टाल दिया गया है और उक्त कैदी के वारिसों को ढूंढने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

सेंट्रल जेल, लुधियाना के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास कैदी सुखविंदर सिंह, पुत्र अवतार सिंह के वारिसों के बारे में कोई जानकारी है, तो वे सेंट्रल जेल के कंट्रोल नंबर 0161-2660106 पर संपर्क कर सकते हैं।

बाऊपुर युवक मर्डर केस का खुलासा: 3 आरोपी गिरफ्तार, एक महिला भी नामजद

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर केस को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कबीरपुर पुलिस ने बाऊपुर जदीद के 26 वर्षीय युवक राहुल सिंह की हत्या के मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच के दौरान एक महिला को भी केस में नामजद किया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों, वाहन और अन्य अहम सबूत भी बरामद कर लिए हैं।

पुलिस को दी शिकायत में गांव बाऊपुर जदीद निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि उनका बेटा राहुल सिंह, जो एयरटेल कंपनी में कार्यरत था, 5 जून को ड्यूटी पर गया था लेकिन रात तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद उसका मोबाइल फोन बंद मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कबीरपुर के चीफ ऑफिसर एसआई मलकीत सिंह की अगुवाई में विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध कार राहुल सिंह का पीछा करती हुई दिखाई दी। जांच के दौरान राहुल की मोटरसाइकिल बाऊपुर पुल के नीचे लावारिस हालत में मिली, जबकि घटनास्थल से खून के निशान भी बरामद हुए।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश मुख्य कारण थी। मामले की आगे की जांच के दौरान आरोपी मलकीत सिंह की पत्नी काजल की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी केस में नामजद किया गया। उसके खिलाफ धारा 140(1) और 61(2) बीएनएस भी जोड़ी गई हैं।

पुलिस ने राहुल सिंह का शव भी बरामद कर लिया है और पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक कार, मृतक की मोटरसाइकिल, दो दरांतियां (एक बड़ी और एक छोटी), एक लोहे की रॉड तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल हत्या की गुत्थी सुलझी है बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

अमृतसर पुलिस ने हथियार और हेरोइन तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

पंजाब को सुरक्षित और नशा मुक्त बनाने की मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सीमा पार से हथियार और नशे की तस्करी करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2.225 किलो हेरोइन, 6 आधुनिक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।


डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के गांव चीचा निवासी सुखदेव सिंह उर्फ सुख और गांव लोधी गुजर निवासी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले भी अपहरण तथा अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार बैठे तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हेरोइन तथा हथियारों की खेप प्राप्त कर पंजाब में अपराधी तत्वों तक पहुंचाते थे। बरामद हथियारों में चीन, ऑस्ट्रिया, अमेरिका और तुर्की निर्मित आधुनिक पिस्तौल शामिल हैं।


पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पहले आरोपी सुखदेव सिंह को 2.225 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दूसरे आरोपी हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर को चार पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया गया। आरोपी हरजिंदर की निशानदेही पर पुलिस ने दो और पिस्तौल बरामद किए। पुलिस के अनुसार सुखदेव पहले से ही थाना छेहरटा में दर्ज एक मामले में वांछित था, जिसमें उसके चार साथियों को सात पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया था।


पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। मामले के आगे और पीछे के सभी लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि सीमा पार से हथियार और नशा तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

आत्महत्या से पहले वीडियो बनाकर युवक ने लगाए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

बटाला के रहने वाले एक युवक द्वारा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब वायरल हो रही है। वीडियो में युवक ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने और संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं।


जानकारी के अनुसार बटाला के रहने वाले जोबनप्रीत ने बीते दिन एक नहर में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आत्महत्या से पहले बनाई गई वीडियो में उसने दावा किया कि उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे लगातार परेशान कर रहे थे और उसकी संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे। वीडियो में युवक ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।


घटना के बाद बटाला पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।


मृतक के पिता ने भी आरोप लगाया कि उनके बेटे को ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि इसी प्रताड़ना से दुखी होकर जोबनप्रीत ने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान में बड़ी कार्रवाई, खन्ना में ड्रग तस्कर गुरदीप रानो के अवैध घर पर चला बुलडोजर

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने के अपने वादे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में चलाया जा रहा ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन लगातार अच्छे नतीजे दे रहा है। इसी कैंपेन के तहत आज खन्ना पुलिस डिस्ट्रिक्ट में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जब बहुचर्चित और करोड़ों के ड्रग स्मगलिंग केस के किंगपिन पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह रानो के गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन पर बुलडोजर चलाया गया।

इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) GLADA प्रदीप कुमार ने बताया कि एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर GLADA श्री विकास हीरा के निर्देश और सरकार की हिदायतों के मुताबिक GLADA लुधियाना की टीम जिसमें लॉ ऑफिसर दिग्विजय सिंह, SDE गुरप्रीत सिंह, SDE करण अग्रवाल, SDE सुमेश कौशल, JE वरिंदर सिंह, JE अमनदीप सिंह, JE रोहित गोयल, JE अक्षय विशिष्ट, JE वीरपाल सिंह, JE (PH) अमनदीप सिंह शामिल थे, ने पुलिस डिस्ट्रिक्ट खन्ना की पुलिस फोर्स के साथ गुरदीप सिंह रानो, गांव रानो, तहसील पायल, डिस्ट्रिक्ट लुधियाना के एरिया में आते गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को नियमों के मुताबिक गिरा दिया।

यह कार्रवाई ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) ने SSP पुलिस डिस्ट्रिक्ट खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के सपोर्ट से की। पायल के गांव रानो में मौजूद करीब 11 कनाल 11 मरला एरिया में फैले आलीशान घर के एक बड़े हिस्से को GLADA ने गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन घोषित कर दिया। इसके बाद नियमों के मुताबिक घर गिराने की कार्रवाई की गई।

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि खन्ना पुलिस ने SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया की देखरेख में बहुत ही साफ-सुथरे और प्रोफेशनल तरीके से कानून-व्यवस्था बनाए रखी। सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों पर पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ सुरक्षा के इंतजाम किए थे। घर के हर कोने पर पुलिस तैनात की गई थी ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

DSP पायल हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि गुरदीप सिंह रानो के खिलाफ ड्रग तस्करी और दूसरी गंभीर धाराओं के तहत 10 केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की पॉलिसी साफ है कि ड्रग तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों को जहां कानून के दायरे में लाया जा रहा है, वहीं ड्रग्स की कमाई से बनाई गई गैर-कानूनी प्रॉपर्टी पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

खन्ना पुलिस की परफॉर्मेंस इस बात से भी साफ है कि पिछले कुछ महीनों में जिले में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी फ्रीज की गई हैं और कई गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को गिराने के लिए पुलिस फोर्स भी दी गई है। SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया की लीडरशिप में पुलिस ने न सिर्फ ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी पक्की की है, बल्कि उनके आर्थिक ढांचे को तोड़ने की स्ट्रैटेजी पर भी काम किया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साल 2020 में STF ने गुरदीप सिंह राणो को बड़ी मात्रा (करीब पांच kg) हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान कथित तौर पर एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिसके लिंक बॉर्डर पार तक फैले होने की बात कही गई है। इस केस की जांच के बाद कई अहम खुलासे भी हुए।

आज की कार्रवाई सिर्फ एक बिल्डिंग गिराने की घटना नहीं है, बल्कि इसे ड्रग माफिया के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। मैसेज साफ है कि अगर कोई व्यक्ति गैर-कानूनी ड्रग के धंधे से प्रॉपर्टी जमा करता है, तो उसे कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।

SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और DGP गौरव यादव के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस ड्रग्स को खत्म करने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करों को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी गैर-कानूनी प्रॉपर्टी के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस न सिर्फ ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, बल्कि नशे के आदी लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजने और इलाज देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक खास अभियान भी चला रही है।

खन्ना पुलिस जिले में यह बड़ा ऑपरेशन पंजाब सरकार के ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान की मजबूती और खन्ना पुलिस की मजबूत इच्छाशक्ति का साफ सबूत है। इससे न सिर्फ ड्रग तस्करों में डर का माहौल बना है, बल्कि आम लोगों में भी यह भरोसा मजबूत हुआ है कि सरकार और पुलिस नशा मुक्त पंजाब के सपने को साकार करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।

मेंटल स्ट्रेस से टूटी छात्रा की जिंदगी? जांच के घेरे में स्कूल प्रबंधन

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में 17 साल की लड़की की मौत का मामला गंभीर मोड़ लेता जा रहा है। मृतका की पहचान अमजोत कौर औलाख के तौर पर हुई है, जो DDIS स्कूल में पढ़ती थी। परिवार वालों का आरोप है कि फीस न देने की वजह से स्कूल स्टाफ उनकी बेटी को लगातार परेशान करता था, जिसकी वजह से वह मेंटली स्ट्रेस में आ गई और कथित तौर पर उसने कोई ज़हरीली चीज़ निगल ली।

जानकारी के मुताबिक, स्टूडेंट की हालत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल, बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मीडिया से बात करते हुए मृतका के परिवार ने स्कूल मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टूडेंट के पिता ने कहा कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत टैलेंटेड थी और हर क्लास में अच्छे नंबर लाती थी। उनका कहना है कि अमजोत कौर ने कई बार परिवार को स्कूल में आ रही मुश्किलों और प्रेशर के बारे में बताया था।

परिवार के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल, क्लास टीचर और दूसरे स्टाफ मेंबर स्टूडेंट पर एक्स्ट्रा प्रेशर डालते थे। उनका आरोप है कि अमजोत कौर को अक्सर दूसरे स्टूडेंट्स के सामने बेइज्जत किया जाता था और फीस के मामलों को लेकर उस पर लगातार प्रेशर डाला जाता था।

परिवार ने यह भी दावा किया कि स्टूडेंट से पढ़ाई के अलावा दूसरी जिम्मेदारियां भी निभाई जाती थीं, जिससे वह लगातार स्ट्रेस में रहती थी। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए ताकि भविष्य में किसी और स्टूडेंट को ऐसे हालात का सामना न करना पड़े।

इस बीच, विजय नगर पुलिस पोस्ट के इंचार्ज ASI हरजिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस को एक 17 साल की लड़की के ज़हरीला पदार्थ खाने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की और मृतक के परिवार वालों के बयान दर्ज किए। उन्होंने कहा कि परिवार के बयानों के आधार पर स्कूल स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगी। फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ठाणे में मामूली सड़क हादसा बना जानलेवा, टेम्पो चालक की पीट-पीटकर हत्या; दो भाई समेत तीन गिरफ्तार

ठाणे / सत्ता संदेश

Thane जिले में मामूली सड़क दुर्घटना को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें 38 वर्षीय टेम्पो चालक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में दो भाइयों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और सड़क विवादों के बढ़ते हिंसक स्वरूप को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना 22 मई को शिल-दाइघर पुलिस थाना क्षेत्र के धवले गांव में एक स्थानीय स्कूल के पास हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टेम्पो और दूसरे वाहन के बीच मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने टेम्पो चालक पर कथित रूप से लाठी-डंडों और घूंसों से हमला किया। गंभीर चोट लगने के कारण चालक की हालत बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद बेहद मामूली था, लेकिन गुस्से और आक्रामक व्यवहार ने एक व्यक्ति की जान ले ली। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और लोगों ने सड़क विवादों में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर होने वाले छोटे विवाद अब तेजी से हिंसक घटनाओं में बदलते जा रहे हैं। गुस्से पर नियंत्रण की कमी, आक्रामक व्यवहार और कानून का भय कम होने जैसी वजहें ऐसे मामलों को बढ़ावा दे रही हैं। सामाजिक संगठनों ने लोगों से संयम बरतने और विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने की अपील की है।

ठाणे की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मामूली कहासुनी और सड़क विवाद किस तरह कुछ ही मिनटों में घातक हिंसा में बदल सकते हैं।

मेरठ में रिश्तों का खौफनाक अंत, जमीन विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर शव खेत में दफनाया

मेरठ / सत्ता संदेश

Meerut के बहसूमा थाना क्षेत्र स्थित महमूदपुर सिखेड़ा गांव में जमीन विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया। आरोप है कि बड़े भाई ने संपत्ति विवाद के चलते अपने छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी और सबूत छिपाने के लिए शव को खेत में दफना दिया। घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक की मौसी ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि मामले की जांच तेज कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और बड़े भाई ने कथित तौर पर अपने छोटे भाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को गांव के पास खेत में दफनाकर मामले को छिपाने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि मृतक कई दिनों से लापता था, जिससे परिवार और रिश्तेदारों को शक हुआ। मृतक की मौसी ने जब पुलिस को शिकायत दी और हत्या की आशंका जताई, तब पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को खेत में दफनाए गए शव की जानकारी मिली।

पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत की खुदाई कराई, जहां से शव बरामद किया गया। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया गया कि हत्या कुछ दिन पहले की गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से तनाव था। गांव के लोगों के मुताबिक दोनों भाइयों के बीच कई बार विवाद और कहासुनी भी हुई थी। हालांकि किसी ने नहीं सोचा था कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा।

घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और इलाके में भय तथा तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद अब पारिवारिक रिश्तों को भी निगलता जा रहा है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि हत्या और शव छिपाने के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में हाल के समय में जमीन विवाद से जुड़ी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक संपत्ति को लेकर बढ़ते विवाद कई बार हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे सामाजिक रिश्तों पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। मेरठ की यह घटना भी रिश्तों के टूटते विश्वास और लालच के खतरनाक परिणाम की एक दर्दनाक मिसाल बनकर सामने आई है।

तेलंगाना में दिल दहला देने वाली घटना, पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद व्यक्ति ने की आत्महत्या

हैदराबाद / सत्ता संदेश

तेलंगाना में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी उस समय मिली जब पड़ोसियों ने घर से काफी देर तक कोई हलचल न होने पर संदेह जताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के भीतर चार लोगों के शव बरामद किए, जिनमें पति, पत्नी और दो बच्चे शामिल थे। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति ने पहले परिवार के सदस्यों की हत्या की और बाद में खुद अपनी जान दे दी।

अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे मामला पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानियों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जा रही है।

घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार सामान्य रूप से रह रहा था और किसी बड़े विवाद की जानकारी आसपास के लोगों को नहीं थी। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार पिछले कई वर्षों से इलाके में रह रहा था और बच्चों की पढ़ाई भी स्थानीय स्कूल में चल रही थी।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

पुलिस मोबाइल फोन रिकॉर्ड, परिवार के परिचितों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। यदि कोई सुसाइड नोट मिलता है, तो उससे घटना के पीछे की वजहों को समझने में मदद मिल सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव और सामाजिक चुनौतियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मानसिक तनाव या पारिवारिक संकट की स्थिति में समय रहते परामर्श और सहयोग मिलना बेहद जरूरी होता है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा किया जाएगा।