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डेरा बाबा नानक में पुलिस और संदिग्धों के बीच फायरिंग, दो गिरफ्तार, एक फरार

डेरा बाबा नानक की अनाज मंडी में पुलिस और संदिग्धों के बीच फायरिंग हुई। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया, जबकि एक फरार है। डीएसपी जोगा सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

पंजाब के डेरा बाबा नानक की अनाज मंडी में पुलिस और संदिग्ध युवकों के बीच गोलीबारी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि तीनों युवक इलाके में किस वारदात को अंजाम देने के इरादे से पहुंचे थे।

जानकारी के अनुसार, डेरा बाबा नानक पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में तीन संदिग्ध युवक घूम रहे हैं। सूचना मिलने के बाद डेरा बाबा नानक के थाना प्रभारी (SHO) और पुलिस टीम ने संदिग्धों का पीछा करना शुरू किया। बताया जा रहा है कि तीनों युवक अनाज मंडी की तरफ भागे और इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा युवक फरार होने में कामयाब रहा।

डीएसपी जोगा सिंह ने दो युवकों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को इलाके में तीन संदिग्धों के घूमने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। फिलहाल गिरफ्तार युवकों से पूछताछ की जा रही है और फरार संदिग्ध की तलाश जारी है।

बताया जा रहा है कि तीनों युवक अनाज मंडी में एक व्यापारी को निशाना बनाने के इरादे से आए थे। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच जारी है और वारदात की मंशा को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

पंजाब दौरे पर अमित शाह ने AAP सरकार को घेरा, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की मौत पर उठाए सवाल

लुधियाना / मानसा / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पंजाब दौरे के दौरान राज्य में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। मंगलवार को गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे से जुड़े मामलों से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशीले पदार्थों का कारोबार गंभीर चुनौती बना हुआ है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अमित शाह ने गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में जमीनी हालात चिंताजनक हैं और नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने का उनका उद्देश्य उनके दुख में शामिल होना और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाना था।

‘गांव-गांव में बिक रहा नशा’, AAP सरकार से पूछे सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया था, लेकिन उनके अनुसार राज्य में नशीले पदार्थों का कारोबार अब भी चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बरामदगी का उल्लेख करते हुए नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई।

शाह ने पंजाब सरकार से PIT-NDPS कानून के तहत की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनके दावे के अनुसार, पिछले एक साल में इस कानून के तहत 929 मामले दर्ज किए गए, लेकिन नशे के कारोबार से प्रभावित क्षेत्रों में गिरफ्तारियों को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर मामलों की समीक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल बयान देने के बजाय ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

‘गालियां देने से फायदा नहीं, नशे का कारोबार बंद करें’

अमित शाह ने कहा कि पंजाब दौरे पर आने का उनका उद्देश्य नशे से प्रभावित परिवारों को सांत्वना देना था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी या उनके प्रति नाराजगी जताने से नशे की समस्या का समाधान नहीं होगा।

शाह ने राज्य सरकार से अपील की कि नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार नशे के खिलाफ अभियान में पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है।

BJP सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त पंजाब का वादा

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों और उन्हें संरक्षण देने वालों की पहचान कर कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पंजाब की जनता से वादा दोहराया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा जाएगा।

शाह ने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को न्याय मिलना चाहिए और इस तरह की घटनाओं में शामिल आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।

‘पाताल से भी ढूंढ निकाले जाएंगे आरोपी’, CBI जांच पर शाह का बयान

परविंदर सिंह झोटा के मामले का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि आरोपी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के फैसले का स्वागत किया और दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की घोषणा की थी। इसके बाद CBI की टीम मानसा पहुंची और मामले की जांच अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू की। शाह ने गुरदासपुर और संगरूर से जुड़े अन्य मामलों की जांच भी CBI को सौंपने की मांग उठाई।

झोटा परिवार से मुलाकात, इंसाफ की मांग पर कायम परिजन

मानसा में अमित शाह ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। परिवार ने उनसे मामले में इंसाफ दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। परिजनों के अनुसार, शाह ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया और जांच में कार्रवाई को लेकर इंतजार करने के लिए कहा।

झोटा परिवार और समर्थक मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। CBI जांच शुरू होने के बाद अब इस मामले में जांच की प्रगति और सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।

अमित शाह का यह दौरा पंजाब में नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक टकराव को भी सामने लाता है। जहां भाजपा ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं झोटा मामले को CBI को सौंपने का फैसला पंजाब सरकार की ओर से परिवार की मांग स्वीकार किए जाने के रूप में सामने आया है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमृतसर से मुंबई तक हथियार पहुंचाने का नेटवर्क, दो महिलाओं की भूमिका भी जांच के घेरे में

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में अमृतसर से हथियार मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच में कथित डेड लेटर बॉक्स तरीके और हथियार सप्लाई नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल हो रही है।

मुंबई / अमृतसर / सत्ता संदेश

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान हथियारों की सप्लाई से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हासिल की थी। हथियारों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सामान को किसी निश्चित स्थान पर रख दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे उठा लेता है।

सूत्रों के अनुसार, कुणाल और सुमित नाम के दो आरोपी करीब दो सप्ताह पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। बताया जा रहा है कि अनिल पंडित ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल को हथियार रखे होने की जगह की जानकारी दी थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, हथियार रखने वाले व्यक्ति और उन्हें उठाने वाले आरोपियों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ी।

हथियारों की सप्लाई के लिए दिए गए 70 से 80 हजार रुपये

सूत्रों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस काम के लिए आरोपियों को 70 से 80 हजार रुपये दिए थे। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपये बबीता और राधा नाम की दो महिलाओं को दिए जाने की बात सामने आई है। इन महिलाओं पर हथियारों को मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने का आरोप है। इस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद एक दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब दो सप्ताह पहले कुणाल को अमृतसर से हथियार लेकर मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा गया था। जांचकर्ताओं को शक है कि इस काम में कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली। बताया जा रहा है कि राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी से होना बाकी है।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी। उस समय अभिनेता फुटबॉल क्लब से निकलकर अपने घर की ओर जा रहे थे। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आई थीं।

मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। खबरों के मुताबिक, बुधवार को गिरफ्तार किए गए तीन मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय ले जाया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस मामले में अमृतसर से हथियारों की कथित सप्लाई, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने पर जांच एजेंसियों का ध्यान है। जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

मानसा में परविंदर झोटा मामले पर अहम बैठक, बंद के दौरान हिंसा को लेकर 2 केस दर्ज

मानसा परविंदर झोटा मामले में इंसाफ कमेटी और पुलिस प्रशासन की बैठक हुई। बंद के दौरान मारपीट और आगजनी पर दो केस दर्ज, आरोपियों की पहचान की गई।

मानसा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: बिट्टू बुढलाडा, मानसा

मानसा में परविंदर झोटा इंसाफ कमेटी और पुलिस प्रशासन के बीच अहम बैठक हुई। इस दौरान डीआईजी हरजीत सिंह ने शहर में बंद के दौरान हुई मारपीट और आगजनी की घटनाओं पर पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं को लेकर दो मामले दर्ज किए गए हैं और आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा कि बंद के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने एक दुकानदार के साथ मारपीट की और उसके सामान को आग लगा दी थी। पुलिस इन घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार जबरदस्ती करवाया जाए। उन्होंने सभी पक्षों से शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

बैठक में मौजूद शहरवासियों और एक्शन कमेटी के सदस्यों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे शहर में शांति बनाए रखने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि शहर का माहौल खराब करने या हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करे। वे किसी भी शरारती तत्व का समर्थन नहीं करेंगे।

बैठक के दौरान शहर की ट्रैफिक समस्या और अन्य मांगों पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने भरोसा दिया कि संबंधित मांगों पर उचित कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में शांति बनाए रखना, कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना और प्रशासन तथा शहरवासियों के बीच सहयोग मजबूत करना रहा।

FSSAI Action: प्रियागोल्ड बिस्कुट, डोडला डेयरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू

FSSAI ने प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप में तीन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स शामिल हैं। नियामक के अनुसार, निरीक्षण और प्रयोगशाला जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

FSSAI के मुताबिक, एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद सूर्या फूड एंड एग्रो के प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बिस्कुट बनाने में पशुओं के चारे के लिए निर्धारित ब्रान के इस्तेमाल की बात सामने आई। निरीक्षण में प्लांट की साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण और कर्मचारियों की स्वच्छता से जुड़ी कमियां भी पाई गईं। इन उल्लंघनों के मद्देनजर कंपनी का लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका था और अब कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

वहीं, डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध के नमूने की जांच में दूध की वसा निर्धारित मानकों से कम पाई गई। कंपनी की अपील के बाद नमूने को रेफरल फूड लेबोरेटरी भेजा गया। FSSAI के अनुसार, प्रयोगशाला ने नमूने में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा की मौजूदगी की पुष्टि की और दूध को असुरक्षित घोषित किया। इसके बाद कंपनी और संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दी गई।

तीसरी कंपनी UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के मामले में पीली किशमिश के नमूने में कीटनाशकों के अवशेष पाए गए। FSSAI ने इन मामलों को खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

इन मामलों के सामने आने के बाद खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, कंपनियों की अंतिम कानूनी जिम्मेदारी और संबंधित मामलों का निष्कर्ष सक्षम प्राधिकारियों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

मेरठ अमित कश्यप हत्याकांड: पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा, सांप के काटने का रचा था नाटक

मेरठ के अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। जानें हत्या की साजिश, जांच और परिवार की प्रतिक्रिया।

मेरठ / सत्ता संदेश

उत्तर प्रदेश के मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को उनकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की साजिश रची और वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की थी। ADJ कोर्ट-12 के न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को मृत्युदंड दिया।

आरोपों के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप के सो जाने के बाद अमरदीप उनके घर पहुंचा। रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए, जबकि अमरदीप ने उनका गला दबा दिया। दम घुटने से अमित की मौत हो गई। इसके बाद हत्या को सर्पदंश का मामला दिखाने के लिए कथित तौर पर एक सपेरे से 1,000 रुपये में सांप खरीदा गया और शव के पास छोड़ दिया गया।

बिस्तर पर मिला था अमित का शव

13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित का शव बिस्तर पर मिला था। उनके शरीर पर सांप के काटने जैसे निशान थे और पास में एक जीवित सांप भी मिला था। शुरुआत में मौत की वजह सांप का काटना समझी गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आने के बाद पुलिस जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।

अमित की मां ने फैसले पर जताई खुशी

अमित की मां मुनेश देवी ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या जिस बेरहमी से की गई, उसके लिए आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी। परिवार के मुताबिक, अमित की मौत के बाद तीनों बच्चों की परवरिश और परिवार को संभालना बेहद मुश्किल हो गया। बच्चे आज भी अपने पिता को याद करते हैं और उनके बारे में पूछते हैं।

12 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, 16 तारीखों पर चली सुनवाई के बाद अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराया। परिवार ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।

अमित के भाई ने कहा—साथ नहीं रहना था तो छोड़ देती

अमित के भाई संदीप ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि यदि रविता अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती थी, तो वह उन्हें छोड़ सकती थी। हत्या करने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे परिवार को बिखेर दिया। अमित के तीनों बच्चे अब अपनी दादी मुनेश देवी के पास रह रहे हैं।

बुढलाडा में महिला पार्षद के घर लाखों के गहने चोरी, नगर कौंसिल की बैठक में गया था परिवार

बुढलाडा में पार्षद संदीप कौर के घर से लाखों रुपये के सोने और अन्य गहने चोरी। परिवार नगर कौंसिल की बैठक में गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

बुढलाडा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बिट्टू बुढलाडा

पंजाब के बुढलाडा शहर में चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर वार्ड नंबर 9 की पार्षद संदीप कौर के घर से सोने समेत लाखों रुपये के कीमती गहने चोरी कर फरार हो गए। घटना के समय पार्षद अपने पति के साथ नगर कौंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए कार्यालय गई हुई थीं। वारदात की सूचना मिलने के बाद थाना सिटी बुढलाडा की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नगर कौंसिल की बैठक में गया था परिवार

जानकारी के अनुसार, पार्षद संदीप कौर का घर बुढलाडा के वार्ड नंबर 11 में स्थित है। उनके पति अवतार सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ नगर कौंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए कौंसिल कार्यालय गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति घर में दाखिल हुए और अलमारियों में रखे सोने तथा अन्य कीमती गहनों पर हाथ साफ कर दिया।

परिवार के घर लौटने पर चोरी की घटना का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। घटना के बाद इलाके में चोरी की वारदात को लेकर चर्चा है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी

थाना सिटी बुढलाडा पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच कर रही है।

फिलहाल चोरी हुए गहनों की कुल कीमत और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

Mansa Firing: परमिंदर सिंह झोटा की मौत, नशे के खिलाफ उठाते थे आवाज, साथी भी हुआ घायल

मानसा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बिट्टू बुढलाडा

Mansa Firing : पंजाब के मानसा में मंगलवार, 13 अक्टूबर को दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की मौत हो गई। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में मानसा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना में उनका एक साथी भी घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Mansa Firing : मेडिकल स्टोर पर हुई गोलीबारी, मालिक पर आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोलीबारी की घटना एक मेडिकल स्टोर पर हुई। बताया जा रहा है कि परमिंदर सिंह झोटा अपने साथी के साथ दवा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार पर दोनों पर गोली चलाने का आरोप लगा है। आरोप है कि झोटा पर लगातार तीन फायर किए गए। हालांकि, गोलीबारी के कारणों और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

Mansa Firing : नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे झोटा

बताया जा रहा है कि घटना के समय परमिंदर सिंह झोटा फेसबुक पर लाइव थे। वह पिछले कुछ वर्षों से पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका अभियान खास तौर पर उन दुकानों के खिलाफ रहता था, जहां कथित तौर पर नशीली गोलियां और अन्य प्रतिबंधित दवाएं बेचे जाने की शिकायतें सामने आती थीं।

Mansa Firing : राजा वड़िंग और बिक्रम सिंह मजीठिया ने उठाए सवाल

परमिंदर सिंह झोटा की मौत पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दुख जताया और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति की दिनदहाड़े हत्या राज्य सरकार की नाकामी को दर्शाती है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

वहीं, शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब में नशे की समस्या और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Mansa Firing : पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगे घटना के कारण

इस घटना के बाद मानसा में चिंता का माहौल है। गोलीबारी के पीछे की वजह, आरोपों की सच्चाई और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

पंजाब में ASI इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार हमलावर फरार

फिरोजपुर काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात ASI इकबाल सिंह की नौशेरा-लोहका रोड पर गोली मारकर हत्या। अज्ञात बाइक सवार हमलावर फरार, पुलिस जांच में जुटी।

फिरोजपुर / पट्टी / सत्ता संदेश

पंजाब में अपराध की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। फिरोजपुर के काउंटर इंटेलिजेंस विभाग में तैनात ASI इकबाल सिंह (55) की रविवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात नौशेरा से लोहका रोड पर पटवारखाना के पास हुई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ASI इकबाल सिंह फिरोजपुर में अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान जब वह नौशेरा से लोहका रोड पर पटवारखाना के पास पहुंचे, तो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर गोलियां चला दीं। गोली लगने से उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। DSP पट्टी रवि शेर सिंह ने शुरुआती जानकारी में ASI इकबाल सिंह की हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि अज्ञात हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

हत्या के कारणों का पता नहीं, हमलावरों की तलाश जारी

फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। हमलावरों की पहचान और वारदात के मकसद का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

काउंटर इंटेलिजेंस विभाग में तैनात पुलिसकर्मी की इस तरह हत्या किए जाने से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर ASI इकबाल सिंह की हत्या किसने और क्यों की।

लुधियाना में नशा मुक्ति मोर्चा और पुलिस की बैठक, नशे के खिलाफ बनेगी रणनीति

लुधियाना में नशा मुक्ति मोर्चा के ईस्ट विंग और पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। नशे की रोकथाम, युवाओं को जागरूक करने और पुलिस-समाज के बीच समन्वय मजबूत करने पर चर्चा की गई।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में नशे की समस्या पर रोक लगाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी पंजाब द्वारा गठित नशा मुक्ति मोर्चा के लुधियाना ईस्ट विंग ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में क्षेत्र में नशे की रोकथाम, युवाओं को जागरूक करने और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन और नशा मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों के बीच आपसी तालमेल मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य पंजाब में नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए प्रयास करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशे जैसी सामाजिक समस्या से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। लोगों को जागरूक करने, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई गई।

बैठक में डीसीपी रूरल लुधियाना गुरसेवक सिंह PPS, डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रुपिंदर कौर भट्टी PPS, एसीपी ईस्ट राज कुमार PPS, एसीपी ट्रैफिक गुरबिंदर सिंह PPS तथा पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 7 के एसएचओ गगनदीप सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

वहीं, नशा मुक्ति मोर्चा की ओर से हलका ईस्ट के को-ऑर्डिनेटर पंकज मेहता, ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर अभिषेक जलोटा, मोहित मित्तल और योगेश जिंदल, फील्ड ऑफिसर अमन सिंह तथा वालंटियर मोहित बागला सहित अन्य पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों में पुलिस और सामाजिक स्तर पर सक्रिय लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाना रहा।