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Moga Farmers Protest: बिजली कटौती से भड़के किसान, लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे 4 घंटे जाम

मोगा में बिजली कटौती से परेशान 10 गांवों के किसानों ने अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे जाम कर 4 घंटे धरना दिया। किसानों ने पर्याप्त बिजली नहीं मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

मोगा / सत्ता संदेश

पंजाब के मोगा जिले में बिजली कटौती से परेशान किसानों का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा। धान की फसल को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से नाराज करीब 10 गांवों के किसानों ने अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने करीब चार घंटे तक धरना देकर पंजाब सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

किसानों का कहना है कि धान की फसल को इस समय पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन गांवों में लगातार बिजली कटौती के कारण खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बारिश भी कम होने के चलते किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

पिछले 20 दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित

किसान नेताओं जगजीत सिंह और संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किसानों को आठ घंटे बिजली उपलब्ध करवाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। गांवों में चार-चार घंटे की बिजली कटौती हो रही है।

किसानों ने दावा किया कि पिछले करीब 20 दिनों से बिजली आपूर्ति को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि धान के खेतों में सिंचाई के लिए बिजली बेहद जरूरी है। वहीं, कई गांवों में नहरी पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान बिजली पर ही निर्भर हैं।

किसानों ने सरकार पर लगाए आरोप

प्रदर्शनकारी किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने कहा कि जब सरकार आठ घंटे बिजली देने का दावा कर रही है तो गांवों में निर्धारित आपूर्ति क्यों नहीं मिल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि मजबूरी में किसानों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा है।

किसानों ने कहा कि यदि बिजली की समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

अधिकारी के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना

किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद बिजली बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को आठ घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। साथ ही एक-दो दिन के भीतर बिजली आपूर्ति की समस्या को ठीक करने की बात कही गई।

अधिकारी के आश्वासन के बाद किसानों ने करीब चार घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया और लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे पर यातायात बहाल हो गया।

हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अगले एक-दो दिनों में बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिली तो वे बड़े संघर्ष का ऐलान करेंगे।

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने केंद्र सरकार का पुतला जलाकर विरोध किया

होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: जसप्रीत सिंह सैनी

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के आह्वान पर सोमवार को महंगाई को लेकर टांडा के सिविल अस्पताल में मोदी सरकार का पुतला जलाया गया, जिसके बाद गैस, तेल और पेट्रोल की कीमतों की कड़ी निंदा की गई

सोमवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह भुला के नेतृत्व में टांडा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि देश में लगातार महंगाई बढ़ने, खासकर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र की मोदी सरकार एक हफ्ते से लगातार पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है।

महंगाई के कारण देश को बर्बाद करने की नीति अपनाई जा रही है, जो लोगों के खिलाफ है। पेट्रोल, डीज़ल और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर आज इस मौके पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए किसानों और मज़दूरों ने कहा कि वे केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ़ विरोध जारी रखेंगे

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया और मांग की कि केंद्र सरकार तेल और गैस की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस ले, ताकि आम लोगों और किसानों को कुछ राहत मिल सके। इस मौके पर ज़िला अध्यक्ष परमजीत सिंह भूलन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने महंगाई पर कंट्रोल नहीं किया तो आने वाले समय में संघर्ष और तेज़ किया जाएगा।

महंगाई, जमीन अधिग्रहण और FTA के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, पुतला फूंक जताएंगे विरोध

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने पंजाब के अमृतसर जिले में चल रहे संगठन चुनावों के मद्देनजर जोन रामतीर्थ में गांव लेवल की चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के बाद गांव ख्याला में राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर, जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेर बाला और जिला नेता सचिव सिंह कोटला के नेतृत्व में जोन डेलीगेट मीटिंग बुलाकर जोन कोर कमेटी को फिर से बनाया गया।

इस मौके पर नेताओं ने कहा कि जोन पहुंचे डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से जोन कोर कमेटी का चुनाव किया। आज के चुनाव में प्रेसिडेंट नरिंदर सिंह भिट्टेविड, सेक्रेटरी कुलजीत सिंह काले घनुपुर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलविंदर सिंह ख्याला, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलवंत सिंह कोटला, ट्रेजरर अमरपाल सिंह रोमी, असिस्टेंट ट्रेजरर सेक्रेटरी सिंह कोटला, प्रेस सेक्रेटरी अवतार बावा, असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी गुरचंत सिंह भिट्टेविड, वाइस प्रेसिडेंट गुरवेल सिंह ढोल, वाइस प्रेसिडेंट सुखदेव सिंह सैदूपुर, मेंबर गुरदीप सिंह काले घनुपुर, मेंबर सुखदेव सिंह छिदन, मेंबर कजर सिंह छिदन समेत 13 मेंबर वाली कमेटी बनाई गई।

इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार किसान और मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारत की अंदरूनी इकॉनमी को खत्म करने पर तुला हुआ है। उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम से मजदूरों को जो रोजगार मिलता था, वह भी खत्म कर दिया गया है और राज्यों के सिर पर एक्स्ट्रा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और बिज़ बिल जैसी पॉलिसी से जहां भारतीय खेती बर्बाद हो जाएगी, वहीं खेत मजदूर और खेती से जुड़ा हर वर्ग आर्थिक मंदी का शिकार होगा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, बिज़ बिल, MNREGA खत्म करवाने और बी ग्राम जी एक्ट, 4 लेबर कोड को भी रद्द करवाने के लिए बड़े संघर्ष की तैयारी करें।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पंजाब में अचानक बाढ़ आई जिससे पंजाब के आम लोगों और किसानों-मजदूरों को भारी नुकसान हुआ, सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए और 50% पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, जबकि बारिश का मौसम फिर से शुरू होने वाला है लेकिन सरकार किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि शंभू खनौरी बॉर्डर पर चल रहे संघर्ष में किसानों की ट्रॉलियों और दूसरे सामान की चोरी से हुए 3 करोड़ 77 लाख के नुकसान का मुआवजा सरकार तुरंत जारी करे।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में डीज़ल और पेट्रोल की कीमतों में हुई ज़बरदस्त बढ़ोतरी, भारत और US के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, भारतीय लेवल पर ज़बरदस्ती ज़मीन अधिग्रहण और खाद की कमी के खिलाफ़ 8 जून को अलग-अलग राज्यों में पुतला जलाकर प्रदर्शन किए जाएंगे। नेताओं ने कहा कि नाकाम विदेश नीति और गलत आर्थिक नीतियों की वजह से कॉर्पोरेट घरानों को फ़ायदा हो रहा है और आम लोगों का शोषण हो रहा है, इसलिए सरकार को बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस लेनी चाहिए।