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टांडा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बंद, किसान संगठनों ने CM और DGP के पुतले फूंके

होशियारपुर के टांडा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में किसान संगठनों ने रोष मार्च निकाला। मुख्य बाजार बंद रहा और CM-DGP के पुतले फूंके गए।

टांडा उड़मुड़ / होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: जसप्रीत सिंह सैनी

दिनांक : 15 अक्टूबर 2026

पंजाब में नशे के कारोबार और परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में टांडा उड़मुड़ में किसान संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के आह्वान पर टांडा का मुख्य बाजार बंद रहा। प्रदर्शनकारियों ने हॉस्पिटल चौक से थाना चौक तक रोष मार्च निकाला और टांडा पुलिस स्टेशन के सामने पंजाब के मुख्यमंत्री तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) के पुतले फूंककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी समेत कई संगठनों के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत करने की मांग उठाई।

किसान नेताओं ने सरकार को घेरा

इस मौके पर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह भुला ने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों, नशा तस्करों और पुलिस के बीच कथित सांठगांठ के कारण पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या पर काबू पाने के लिए सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

परमजीत सिंह भुला ने मांग की कि नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पीड़ित पक्ष को इंसाफ दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की।

मुख्य बाजार रहा बंद, विभिन्न संगठनों ने लिया हिस्सा

प्रदर्शन के दौरान टांडा उड़मुड़ का मुख्य बाजार बंद रहा। रोष मार्च में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार से नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

इस अवसर पर लोक इंकलाब मंच के संरक्षक हरदीप खुड्डा सहित विभिन्न संगठनों के नेता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में न्याय और राज्य में नशे की समस्या पर प्रभावी रोक लगाने की मांग को लेकर उनकी आवाज जारी रहेगी।

Punjab Band News: पंजाब बंद का व्यापक असर, सरवन सिंह पंधेर ने CM भगवंत मान और DGP से मांगा इस्तीफा

पंजाब बंद के दौरान अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने नशा माफिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। झोटा हत्याकांड में इंसाफ और CM-DGP के इस्तीफे की मांग उठाई।

अमृतसर / सत्ता संदेश

दिनांक : 15 नवंबर 2026

पंजाब में नशे के कारोबार के विरोध और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी समेत विभिन्न किसान संगठनों की ओर से पंजाब बंद का आह्वान किया गया। अमृतसर के गोल्डन गेट पर प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। किसान संगठनों ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग भी उठाई।

झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में जांच के दौरान सभी पहलुओं को सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों और साजिश में कथित तौर पर शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन को जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। किसान संगठनों ने नशा तस्करी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से बचाने की मांग की।

पंजाब बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट

किसान संगठनों ने बंद के दौरान आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाओं के लिए छूट देने की बात कही। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, मरीजों और अस्पताल जाने वाले लोगों, शादी-विवाह में शामिल होने वाले परिवारों तथा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को आने-जाने की अनुमति दी गई।

सरवन सिंह पंधेर ने प्रदर्शनकारियों और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ शरारती तत्व आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में उन्होंने सभी से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने को कहा।

जिला स्तर पर रोष मार्च और पुतला दहन

किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में अमृतसर के गोल्डन गेट सहित पंजाब के विभिन्न जिलों और प्रदर्शन केंद्रों पर रोष मार्च तथा पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए। बंद के निर्धारित समय सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों पर असर पड़ने का दावा किया गया।

किसान संगठनों ने लोगों से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग देने और पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की। नेताओं ने बंद के समर्थन के लिए पंजाब की जनता का आभार भी जताया।

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने दोहराया कि नशा तस्करी पर रोक लगाने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।

Ludhiana News: पंजाब बंद का लाडोवाल टोल प्लाजा पर असर, टोल फ्री रखने की दी चेतावनी

पंजाब बंद के दौरान लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर टोल फ्री किया गया। यूनियन अध्यक्ष दर्शन सिंह लाडी ने झोटा हत्याकांड में इंसाफ और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक : 15 नवंबर 2026

पंजाब बंद के आह्वान का असर लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर भी देखने को मिला। बंद के समर्थन में टोल प्लाजा कर्मचारियों ने वाहनों को बिना टोल शुल्क के गुजरने दिया। इस दौरान किसान संगठनों के नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने मानसा में हुई घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित संबंधित अधिकारियों से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। टोल प्लाजा यूनियन की ओर से टोल को अनिश्चितकाल तक फ्री रखने की चेतावनी भी दी गई।

दर्शन सिंह लाडी ने हत्याकांड को लेकर उठाए सवाल

टोल प्लाजा यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह लाडी ने कहा कि मानसा में परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठाते थे। उन्होंने मामले में आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और कड़ी सजा दिलाने की मांग की।

दर्शन सिंह लाडी ने बताया कि पंजाब बंद के समर्थन में लाडोवाल टोल प्लाजा पर रोष प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर लोगों में रोष है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

यूनियन अध्यक्ष दर्शन सिंह लाडी ने कहा कि यदि सरकार और संबंधित अधिकारी प्रदर्शनकारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं करते हैं तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर पंजाब के टोल प्लाजा अनिश्चितकाल तक फ्री रखने का कदम उठाया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यूनियन किसान संगठनों के साथ खड़ी है और किसान नेताओं ने प्रदर्शन को समर्थन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने नशे के कारोबार पर रोक लगाने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।

मानसा: किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी, बड़ी संख्या में महिला किसानों ने लिया हिस्सा

मानसा / सत्ता संदेश

मानसा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना लगातार जारी है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान और महिला किसान भी शामिल हुईं। किसान नेताओं ने पंजाब सरकार पर किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की मांगों की अनदेखी करने के आरोप लगाए।

किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारी संगठनों के साथ सरकार की ओर से कथित तौर पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज को भी दबाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। किसान नेताओं के अनुसार, उनकी ओर से सरकार के सामने 13 मांगें रखी गई हैं, लेकिन अब तक इनमें से किसी भी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते यूनियन की ओर से संघर्ष को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल महिला किसान नेताओं ने भी पंजाब सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता देने में सक्षम नहीं है तो युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाए।

महिला किसान नेताओं ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को रोजगार और नशे से मुक्ति सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं तो वे सरकार की ओर से मिलने वाली अन्य सुविधाओं को छोड़ने के लिए भी तैयार हैं।

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। अब किसानों के लगातार चल रहे इस प्रदर्शन के बीच पंजाब सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

धान खरीद को लेकर SKM का ऐलान, 19 सितंबर को पूरे पंजाब में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

पंजाब / सत्ता संदेश

धान खरीद और MSP को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। SKM ने कहा कि किसानों के सामने अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि दूसरे राज्यों में किसानों को धान का MSP नहीं मिल रहा है और वहां भी किसानों के साथ लूट हो रही है। वहीं पंजाब के किसान भी धान की खरीद और MSP को लेकर परेशान हैं। किसान नेताओं ने मांग की कि धान की खरीद MSP पर सुनिश्चित की जाए।

SKM ने कहा कि किसानों के खिलाफ रेलवे द्वारा दर्ज किए गए मामलों का मुद्दा भी सरकार के सामने उठाया गया है। किसान नेताओं के मुताबिक, इस संबंध में उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान किसानों को आश्वासन दिया गया था कि जो कुछ भी लंबित है, उसे पूरा करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। SKM ने सरकार से इस आश्वासन को लागू करने की मांग की है।

किसान नेताओं ने ऐलान किया कि 19 सितंबर को पूरे पंजाब में जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। SKM ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसानों की मांगों और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

SKM नेताओं ने यह भी कहा कि वे उन लोगों को बेनकाब करेंगे, जिन्हें वे “पुलिस स्टेट” बनाने की कोशिश करने वाला मानते हैं। किसान नेताओं ने सरकार से किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों और उनकी अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

इसके अलावा 27 सितंबर को चंडीगढ़ में बैठक आयोजित करने का भी ऐलान किया गया है। बैठक में आगे की रणनीति और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

SKM ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और सरकार पर उनकी मांगों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

किसान मजदूर मोर्चा ने कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर पक्के मोर्चे लगाने की तैयारी

किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने पंजाब सरकार के खिलाफ 8 कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर पक्के विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। MSP, कर्ज माफी, लैंड पूलिंग और नशे समेत कई मांगें उठाईं।

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मोर्चे की ओर से पंजाब के करीब 8 कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर पक्के विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इनमें माझा क्षेत्र के दो, दोआबा के दो और मालवा क्षेत्र के चार कैबिनेट मंत्री शामिल हैं।

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वह फिलहाल न्यू अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के घर के बाहर मौजूद हैं, जहां विरोध प्रदर्शन के लिए जगह की सफाई और अन्य तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन मोर्चों के लिए गांवों से राशन, दूध और अन्य जरूरी सामान जुटाने की भी तैयारी की जा रही है।

किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगों में पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की खरीद की कानूनी गारंटी शामिल है। पंधेर ने कहा कि गेहूं और धान की सरकारी खरीद की व्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत है, लेकिन अन्य फसलों के मामले में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने फसलों के दाम C2+50 प्रतिशत फॉर्मूले के आधार पर तय करने और पंजाब सरकार से खरीद की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की।

पंधेर ने किसानों और खेत मजदूरों की कर्ज समस्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों और खेत मजदूरों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इसके साथ ही किसानों के जमीन और संपत्ति से जुड़े अधिकारों को मजबूत करने की भी मांग रखी।

किसान नेता ने पंजाब की लैंड पूलिंग पॉलिसी को वापस लेने की मांग करते हुए शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग की। उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने तथा घायलों को उचित मुआवजा और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने पंजाब और दिल्ली में किसान आंदोलनों के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज पुलिस, रेलवे और पराली जलाने से संबंधित मामलों को वापस लेने की मांग भी की। इसके अलावा पंजाब के नदी जल विवाद को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार हल करने और बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग उठाई।

पंधेर ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी सरकार से युवाओं के पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को पुनर्वास के जरिए समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

किसान मजदूर मोर्चा ने भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट एक्ट, सीड एक्ट और सहकारी संस्थाओं के केंद्रीयकरण जैसे मुद्दों पर भी पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर इनके विरोध की मांग की है।

सरवन सिंह पंधेर ने लोगों से किसान मजदूर मोर्चा के आंदोलन को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने अमृतसर के लोगों को पहले दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।

Moga Farmers Protest: बिजली कटौती से भड़के किसान, लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे 4 घंटे जाम

मोगा में बिजली कटौती से परेशान 10 गांवों के किसानों ने अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे जाम कर 4 घंटे धरना दिया। किसानों ने पर्याप्त बिजली नहीं मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

मोगा / सत्ता संदेश

पंजाब के मोगा जिले में बिजली कटौती से परेशान किसानों का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा। धान की फसल को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से नाराज करीब 10 गांवों के किसानों ने अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने करीब चार घंटे तक धरना देकर पंजाब सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

किसानों का कहना है कि धान की फसल को इस समय पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन गांवों में लगातार बिजली कटौती के कारण खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बारिश भी कम होने के चलते किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

पिछले 20 दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित

किसान नेताओं जगजीत सिंह और संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किसानों को आठ घंटे बिजली उपलब्ध करवाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। गांवों में चार-चार घंटे की बिजली कटौती हो रही है।

किसानों ने दावा किया कि पिछले करीब 20 दिनों से बिजली आपूर्ति को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि धान के खेतों में सिंचाई के लिए बिजली बेहद जरूरी है। वहीं, कई गांवों में नहरी पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान बिजली पर ही निर्भर हैं।

किसानों ने सरकार पर लगाए आरोप

प्रदर्शनकारी किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने कहा कि जब सरकार आठ घंटे बिजली देने का दावा कर रही है तो गांवों में निर्धारित आपूर्ति क्यों नहीं मिल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि मजबूरी में किसानों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा है।

किसानों ने कहा कि यदि बिजली की समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

अधिकारी के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना

किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद बिजली बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को आठ घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। साथ ही एक-दो दिन के भीतर बिजली आपूर्ति की समस्या को ठीक करने की बात कही गई।

अधिकारी के आश्वासन के बाद किसानों ने करीब चार घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया और लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे पर यातायात बहाल हो गया।

हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अगले एक-दो दिनों में बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिली तो वे बड़े संघर्ष का ऐलान करेंगे।

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने केंद्र सरकार का पुतला जलाकर विरोध किया

होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: जसप्रीत सिंह सैनी

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के आह्वान पर सोमवार को महंगाई को लेकर टांडा के सिविल अस्पताल में मोदी सरकार का पुतला जलाया गया, जिसके बाद गैस, तेल और पेट्रोल की कीमतों की कड़ी निंदा की गई

सोमवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह भुला के नेतृत्व में टांडा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि देश में लगातार महंगाई बढ़ने, खासकर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र की मोदी सरकार एक हफ्ते से लगातार पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है।

महंगाई के कारण देश को बर्बाद करने की नीति अपनाई जा रही है, जो लोगों के खिलाफ है। पेट्रोल, डीज़ल और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर आज इस मौके पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए किसानों और मज़दूरों ने कहा कि वे केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ़ विरोध जारी रखेंगे

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया और मांग की कि केंद्र सरकार तेल और गैस की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस ले, ताकि आम लोगों और किसानों को कुछ राहत मिल सके। इस मौके पर ज़िला अध्यक्ष परमजीत सिंह भूलन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने महंगाई पर कंट्रोल नहीं किया तो आने वाले समय में संघर्ष और तेज़ किया जाएगा।

महंगाई, जमीन अधिग्रहण और FTA के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, पुतला फूंक जताएंगे विरोध

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने पंजाब के अमृतसर जिले में चल रहे संगठन चुनावों के मद्देनजर जोन रामतीर्थ में गांव लेवल की चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के बाद गांव ख्याला में राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर, जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेर बाला और जिला नेता सचिव सिंह कोटला के नेतृत्व में जोन डेलीगेट मीटिंग बुलाकर जोन कोर कमेटी को फिर से बनाया गया।

इस मौके पर नेताओं ने कहा कि जोन पहुंचे डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से जोन कोर कमेटी का चुनाव किया। आज के चुनाव में प्रेसिडेंट नरिंदर सिंह भिट्टेविड, सेक्रेटरी कुलजीत सिंह काले घनुपुर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलविंदर सिंह ख्याला, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलवंत सिंह कोटला, ट्रेजरर अमरपाल सिंह रोमी, असिस्टेंट ट्रेजरर सेक्रेटरी सिंह कोटला, प्रेस सेक्रेटरी अवतार बावा, असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी गुरचंत सिंह भिट्टेविड, वाइस प्रेसिडेंट गुरवेल सिंह ढोल, वाइस प्रेसिडेंट सुखदेव सिंह सैदूपुर, मेंबर गुरदीप सिंह काले घनुपुर, मेंबर सुखदेव सिंह छिदन, मेंबर कजर सिंह छिदन समेत 13 मेंबर वाली कमेटी बनाई गई।

इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार किसान और मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारत की अंदरूनी इकॉनमी को खत्म करने पर तुला हुआ है। उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम से मजदूरों को जो रोजगार मिलता था, वह भी खत्म कर दिया गया है और राज्यों के सिर पर एक्स्ट्रा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और बिज़ बिल जैसी पॉलिसी से जहां भारतीय खेती बर्बाद हो जाएगी, वहीं खेत मजदूर और खेती से जुड़ा हर वर्ग आर्थिक मंदी का शिकार होगा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, बिज़ बिल, MNREGA खत्म करवाने और बी ग्राम जी एक्ट, 4 लेबर कोड को भी रद्द करवाने के लिए बड़े संघर्ष की तैयारी करें।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पंजाब में अचानक बाढ़ आई जिससे पंजाब के आम लोगों और किसानों-मजदूरों को भारी नुकसान हुआ, सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए और 50% पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, जबकि बारिश का मौसम फिर से शुरू होने वाला है लेकिन सरकार किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि शंभू खनौरी बॉर्डर पर चल रहे संघर्ष में किसानों की ट्रॉलियों और दूसरे सामान की चोरी से हुए 3 करोड़ 77 लाख के नुकसान का मुआवजा सरकार तुरंत जारी करे।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में डीज़ल और पेट्रोल की कीमतों में हुई ज़बरदस्त बढ़ोतरी, भारत और US के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, भारतीय लेवल पर ज़बरदस्ती ज़मीन अधिग्रहण और खाद की कमी के खिलाफ़ 8 जून को अलग-अलग राज्यों में पुतला जलाकर प्रदर्शन किए जाएंगे। नेताओं ने कहा कि नाकाम विदेश नीति और गलत आर्थिक नीतियों की वजह से कॉर्पोरेट घरानों को फ़ायदा हो रहा है और आम लोगों का शोषण हो रहा है, इसलिए सरकार को बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस लेनी चाहिए।