अमृतसर / सत्ता संदेश
रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने पंजाब के अमृतसर जिले में चल रहे संगठन चुनावों के मद्देनजर जोन रामतीर्थ में गांव लेवल की चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के बाद गांव ख्याला में राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर, जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेर बाला और जिला नेता सचिव सिंह कोटला के नेतृत्व में जोन डेलीगेट मीटिंग बुलाकर जोन कोर कमेटी को फिर से बनाया गया।
इस मौके पर नेताओं ने कहा कि जोन पहुंचे डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से जोन कोर कमेटी का चुनाव किया। आज के चुनाव में प्रेसिडेंट नरिंदर सिंह भिट्टेविड, सेक्रेटरी कुलजीत सिंह काले घनुपुर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलविंदर सिंह ख्याला, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलवंत सिंह कोटला, ट्रेजरर अमरपाल सिंह रोमी, असिस्टेंट ट्रेजरर सेक्रेटरी सिंह कोटला, प्रेस सेक्रेटरी अवतार बावा, असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी गुरचंत सिंह भिट्टेविड, वाइस प्रेसिडेंट गुरवेल सिंह ढोल, वाइस प्रेसिडेंट सुखदेव सिंह सैदूपुर, मेंबर गुरदीप सिंह काले घनुपुर, मेंबर सुखदेव सिंह छिदन, मेंबर कजर सिंह छिदन समेत 13 मेंबर वाली कमेटी बनाई गई।
इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार किसान और मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारत की अंदरूनी इकॉनमी को खत्म करने पर तुला हुआ है। उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम से मजदूरों को जो रोजगार मिलता था, वह भी खत्म कर दिया गया है और राज्यों के सिर पर एक्स्ट्रा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और बिज़ बिल जैसी पॉलिसी से जहां भारतीय खेती बर्बाद हो जाएगी, वहीं खेत मजदूर और खेती से जुड़ा हर वर्ग आर्थिक मंदी का शिकार होगा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, बिज़ बिल, MNREGA खत्म करवाने और बी ग्राम जी एक्ट, 4 लेबर कोड को भी रद्द करवाने के लिए बड़े संघर्ष की तैयारी करें।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पंजाब में अचानक बाढ़ आई जिससे पंजाब के आम लोगों और किसानों-मजदूरों को भारी नुकसान हुआ, सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए और 50% पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, जबकि बारिश का मौसम फिर से शुरू होने वाला है लेकिन सरकार किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि शंभू खनौरी बॉर्डर पर चल रहे संघर्ष में किसानों की ट्रॉलियों और दूसरे सामान की चोरी से हुए 3 करोड़ 77 लाख के नुकसान का मुआवजा सरकार तुरंत जारी करे।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में डीज़ल और पेट्रोल की कीमतों में हुई ज़बरदस्त बढ़ोतरी, भारत और US के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, भारतीय लेवल पर ज़बरदस्ती ज़मीन अधिग्रहण और खाद की कमी के खिलाफ़ 8 जून को अलग-अलग राज्यों में पुतला जलाकर प्रदर्शन किए जाएंगे। नेताओं ने कहा कि नाकाम विदेश नीति और गलत आर्थिक नीतियों की वजह से कॉर्पोरेट घरानों को फ़ायदा हो रहा है और आम लोगों का शोषण हो रहा है, इसलिए सरकार को बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस लेनी चाहिए।