ब्रेकिंग न्यूज़
चंडीगढ़ ने आयकर अधिनियम, 2025 पर जागरूकता के लिए मेगा कार्यक्रम आयोजित किया  

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

आयकर विभाग, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ ने प्रारंभ 2026 — Policy Reform and Responsible Action for Mission Viksit Bharat — के तहत आयकर भवन, सेक्टर 17-ई, चंडीगढ़ में आयकर अधिनियम, 2025 पर जागरूकता के लिए एक मेगा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन, टैक्स बार और बीओपर मंडल, चंडीगढ़ के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।  

इस अवसर पर मयंक प्रियदर्शी, आईआरएस, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ ने कहा कि हितधारकों की भागीदारी नए कानून को अधिक सरल और प्रभावी बनाने में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यह सत्र मितव्ययिता के कारण सीमित स्वरूप में आयोजित किया गया, लेकिन यह जागरूकता और outreach के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कार्यक्रम रहा। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में 16 जून 2026 को विभिन्न मुख्यालयों के अंतर्गत 22 स्थानों पर क्षेत्रीय outreach कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि नए कानून में किए गए परिवर्तनों को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए।  

अभिषेक पाल गर्ग, सीआईटी (प्रशासन), प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ ने कहा कि नया अधिनियम सरल भाषा में तैयार किया गया है, ताकि सभी हितधारक इसे आसानी से समझ सकें और लागू कर सकें। उन्होंने बताया कि PRARAMBH 2026 एक व्यापक outreach पहल है, जिसका उद्देश्य शैक्षिक सामग्री, डिजिटल सहायता और भौतिक संपर्क के माध्यम से आयकर अधिनियम, 2025 की ओर सुगम परिवर्तन सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग अनुपालन को अधिक नागरिक-अनुकूल बना रहा है, ताकि सामान्य करदाता स्वयं अपना रिटर्न दाखिल कर सकें और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन सहायता प्राप्त कर सकें।  

इस अवसर पर अशोक कुमार झा, आईआरएस (सेवानिवृत्त), पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त ने आयकर अधिनियम, 1961 के सरलीकरण और कर प्रशासन के विकास पर विशेष सत्र दिया। कार्यक्रम में हितधारकों के समक्ष एआई चैटबॉट का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। सत्र पूरी तरह संवादात्मक रहा और प्रतिभागियों से फीडबैक लेकर PRARAMBH 2026 के अंतर्गत सामग्री और outreach modules को और बेहतर बनाने पर विचार किया गया। इस पहल के प्रमुख स्तंभों के रूप में शैक्षिक सामग्री, डिजिटल सहायता और भौतिक outreach को रेखांकित किया गया।

यह मेगा कार्यक्रम आयकर अधिनियम, 2025 के प्रति जागरूकता बढ़ाने, अनुपालन को सरल बनाने और सुचारु संक्रमण सुनिश्चित करने की दिशा में विभाग के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *