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दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग 17 लोगों की मौत 38 घायल

दिल्ली / सत्ता संदेश

बुधवार की सुबह दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर दमकल विभाग की गाडियां मौजूद हैं। इस आग की वजह से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 घायल हैं। 

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली फायर सर्विस टीम को मालवीय नगर में लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। जिसके तुरंत बाद दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट के बेसमेंट से ये आग लगनी शुरू हुई। रेस्टोरेंट के बेसमेंट से गंभीर हालत में लोगों को रेस्क्यू किया गया। इस आग की वजह से अब तक 17 लोगों की मौत हो गई है और 38 लोग घायल हैं। घायलों को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

AAP विधायक सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र हौज रानी में एक बहुमंजिला इमारत में सुबह करीब 8:30 बजे भीषण आग लगी। उन्होंने हताहतों की आशंका जताते हुए कहा कि इसमें मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीकी नागरिक फंसे हो सकते हैं।

बताया जा रहा है कि इस समय भी कुछ लोग रेस्टोरेंट के अंदर फंसे हुए हैं जिन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। राजधानी दिल्ली में इस तरह का अग्निकांड कोई पहली बार देखने को नहीं मिला है। इससे पहले भी दिल्ली के कई अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की भीषण आग लग चुकी है।

बता दें कि यह घटना दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में मंगलवार की सुबह एक इमारत ढहने के एक दिन बाद हुई है, जिसमें संदिग्ध एलपीजी सिलिंडर विस्फोट के कारण दस लोग घायल हो गए थे। 

बोरवेल में गिरे बच्चे को लगभग नौ घंटे बाद बचाया गया

होशियारपुर/सत्ता संदेश

डिप्टी कमिश्नर ने बच्चे को बचाने के लिए NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस, सिविल अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के अथक प्रयासों के लिए उनका धन्यवाद किया

बचाव अभियान के दौरान पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल अंत तक मौजूद रहे

होशियारपुर, 15 मई: शुक्रवार शाम 4 बजे पास के गांव चक समाना में एक बोरवेल में गिरे चार साल के बच्चे को NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय निवासियों की मदद से लगभग नौ घंटे बाद सुरक्षित निकाल लिया गया।

बच्चे गुरकरन सिंह (हरिंदर और आशा का बेटा, जो मज़दूर हैं) को रात करीब 12:40 बजे बोरवेल से बाहर निकाला गया और तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन और SSP संदीप कुमार मलिक ने शुरू से ही इस अभियान का नेतृत्व किया और इसे सफल बनाने के लिए टीमों के दृढ़ संकल्प की खूब सराहना की।

बचाव अभियान के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि बच्चे को बचाने के बाद, उसे आगे की जांच के लिए एक मेडिकल टीम के साथ एम्बुलेंस में अस्पताल भेजा गया। उन्होंने बताया कि यह घटना शाम करीब 4 बजे हुई थी और सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि गुरकरन अपने घर के पास ही एक खुले बोरवेल में गिर गया था, जिसे कल ही खोदा गया था। उन्होंने बताया कि बोरवेल के ठीक बगल में 30 फीट से ज़्यादा गहरा गड्ढा खोदने के बाद, बचाव टीमें बोरवेल के साथ बनाए गए एक संकरे रास्ते से शाफ़्ट तक पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि बोरवेल में गिरने के बाद बच्चा करीब 30 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था और बचाव अभियान में तेज़ी लाने के लिए मौके पर ज़रूरी मशीनरी मंगवाई गई थी। उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन ने शाफ़्ट में एक कैमरा और ऑक्सीजन पाइप भी नीचे उतारा था, जिसकी मदद से फुटेज में बच्चे की हलचल देखी जा रही थी।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि NDRF की टीम, जिसमें 40 से ज़्यादा सदस्य शामिल थे, ने इस मुश्किल समय में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए इस अभियान को सुरक्षित रूप से सफल बनाया। इस बीच, पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और होशियारपुर से लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, जो इस पूरे ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद थे, ने गुरकरन को बचाने के लिए सभी टीमों द्वारा किए गए अथक प्रयासों की सराहना की। डॉ. रवजोत ने कहा कि जिला प्रशासन ने NDRF, अन्य टीमों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की थी, जिन्होंने गुरकरन की जान बचाई। सांसद डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि यह एक बहुत ही नाजुक ऑपरेशन था और टीमों के लगातार प्रयासों के कारण, लगभग सात घंटे की मशक्कत के बाद इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

SSP संदीप कुमार मलिक ने भी बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव टीमों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि टीमों का जज्बा बहुत ही सराहनीय था, जिसके कारण गुरकरन की जान बच सकी। यह भी उल्लेखनीय है कि बचाव कार्यों के दौरान, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी टीमों का हौसला बढ़ाया और विभिन्न तरीकों से उनकी मदद की

बांग्लादेश में बस के नदी में गिरने से 24 लोगों की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी

ढाका, 26 मार्च (भाषा) बांग्लादेश में एक बस के परिवहन नौका पर चढ़ने की कोशिश के दौरान नदी में गिर जाने से कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बस दक्षिण-पश्चिमी राजबारी जिले में दौलाडिया टर्मिनल पर बुधवार शाम करीब सवा पांच बजे पद्मा नदी में गिर गई।

अधिकारियों का अनुमान है कि ढाका जा रही इस बस में बच्चों समेत करीब 40 यात्री सवार थे और उनमें से अधिकतर ईद की छुट्टियां मनाकर राजधानी लौट रहे थे।

स्थानीय अग्निशमन सेवा के अधिकारियों के अनुसार, 24 शव बरामद किए गए हैं।

बस के अंदर से 11 महिलाओं, छह पुरुषों और पांच बच्चों समेत 22 लोगों के शव मिले।

दमकल सेवा के अधिकारी सोहेल राणा ने घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमजा (बचाव पोत) ने क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला।’’

उन्होंने बताया कि गोताखोरों ने इससे पहले दो महिलाओं के शव बरामद किए थे और शेष 22 शव खराब मौसम के बीच छह घंटे के प्रयास के बाद बस को नदी से बाहर निकाले जाने पर बुधवार मध्यरात्रि के करीब मिले।

राणा ने बताया कि दमकल सेवा और तटरक्षक बल के गोताखोर सेना और पुलिस की मदद से लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।

राजबारी जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बचाव अभियान की अद्यतन जानकारी लेने के लिए उनसे फोन पर बात की और हादसे की जांच के आदेश दिए।

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने पहले बताया था कि करीब 11 यात्री तैरकर किनारे पहुंचने में सफल रहे या उन्हें बचा लिया गया।

टर्मिनल के पर्यवेक्षक मोनिर हुसैन ने कहा, ‘‘जब बस पंटून (जलाशय में तैरता पुल) से नौका की ओर बढ़ रही थी तभी एक छोटी सहायक नौका पंटून से टकरा गई और बस चालक के स्टेयरिंग पर से नियंत्रण खो देने के कारण बस नदी में जा गिरी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बस हमारी आंखों के सामने नदी में गिर गई और हम कुछ नहीं कर सके।’’

दौलाडिया स्वास्थ्य संस्थान के चिकित्सकों ने कहा कि दो महिलाओं के शव लाए गए जबकि एक अन्य महिला का उपचार किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों में से कई एक ही परिवार के सदस्य थे और उनमें से कई लोग बाहर खड़े होने के कारण बच गए लेकिन उनके रिश्तेदार बस के भीतर थे जिस कारण वे डूब गए।

“अमेरिका: मैसाचुसेट्स के पास सात लोगों को ले जा रही नौका लापता”

अमेरिका लापता नौका

बोस्टन (अमेरिका), 31 जनवरी (एपी) अमेरिका में मैसाचुसेट्स के तट के पास लापता हुई मछली पकड़ने वाली नौका में सात लोग सवार थे। यह बात शुक्रवार को मैसाचुसेट्स के एक सीनेटर ने बताई।

तटरक्षक बल ने शुक्रवार तड़के केप एन से लगभग 25 मील दूर स्थित 72 फुट लंबी लिली जीन नामक नौका के खतरे में होने की सूचना मिलने के बाद खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। बल ने बताया कि जिस स्थान से सूचना मिली थी, उसके पास मलबा और पानी में एक शव बरामद किया गया।

तटरक्षक बल ने बताया कि शुक्रवार शाम तक खोज एवं बचाव अभियान जारी रहा।

रिपब्लिकन पार्टी के नेता एवं राज्य के सीनेटर ब्रूस टार ने शुक्रवार देर रात पत्रकारों को बताया कि नौका में सात लोग सवार थे।