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विकसित भारत अभियान के तहत 17 से 26 जून तक मनाया जाएगा ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत 17 से 26 जून तक देशभर में “नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान” विषय के तहत ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ का आयोजन करेगा। यह अभियान 26 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए केंद्र सरकार का नोडल विभाग है। विभाग द्वारा प्रतिवर्ष राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिलों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न ऑनलाइन और जमीनी स्तर की गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।

‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ का वर्चुअल उद्घाटन 17 जून को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे। इस अवसर पर NMM के लिए पर्सनल डैशबोर्ड तथा नशा मुक्त भारत अभियान पर आधारित एक लघु फिल्म का भी शुभारंभ किया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करना, स्वयंसेवकों की सक्रियता बढ़ाना तथा नशे के खिलाफ जन-जागरूकता को और व्यापक बनाना है।

17 से 26 जून के दौरान देशभर में जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सामूहिक शपथ अभियान, जागरूकता रैलियां, साइकिल रैलियां, युवाओं द्वारा संचालित अभियान, पोस्टर एवं नारा लेखन प्रतियोगिताएं, निबंध प्रतियोगिताएं, वेबिनार, विशेषज्ञ संवाद, नुक्कड़ नाटक, लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा सोशल मीडिया जागरूकता अभियान शामिल हैं।

मंत्रालय ने बताया कि नशे की रोकथाम में स्वस्थ जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर “योग फॉर वेलनेस, से नो टू ड्रग्स” संदेश के साथ योग एवं ध्यान सत्र, स्वास्थ्य कार्यक्रम और समुदाय आधारित जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

जालंधर: नशा तस्करों की सूचना देने वाले सरपंच की इलाज के दौरान मौत; 3 गिरफ्तार, शहीद के दर्जे की मांग

पंजाब डेस्क: जालंधर के गांव बूटा छन्ना के सरपंच और जमहूरी किसान सभा के नेता महिंदर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उन पर 28 फरवरी को उस समय हमला किया गया था जब वे अपनी पत्नी के साथ सुबह साढ़े 6 बजे खेत जा रहे थे। 2 बाइकों पर सवार होकर आए 5 हमलावरों ने उन पर घात लगाकर हमला किया था।

नशा तस्करों के खिलाफ मुहिम का बने शिकार: ग्रामीणों और किसान संगठनों का आरोप है कि सरपंच महिंदर सिंह पंजाब सरकार की ‘नशे के विरुद्ध युद्ध’ मुहिम के तहत पुलिस को चिट्टा (नशा) बेचने वालों की जानकारी दे रहे थे। लोगों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि पुलिस ने तस्करों पर कार्रवाई करने के बजाय सरपंच की मुखबिरी की सूचना ही तस्करों को दे दी, जिसके बाद यह हमला हुआ।

पुलिस कार्रवाई और मांगें सरपंच का इलाज: अरमान अस्पताल में चल रहा था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों की पहचान की है, जिनमें से 3 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 2 अब भी फरार हैं। सरपंच की मौत के बाद अब परिवार और प्रदर्शनकारी उन्हें ‘शहीद’ का दर्जा देने और गांव के स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने की मांग कर रहे हैं।