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Punjab SIR-2026: लुधियाना में 12 सितंबर तक वोटर लिस्ट पर दावे-आपत्तियां, 6 सितंबर को होगी बैठक

लुधियाना / सत्ता संदेश

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR-2026) का कार्य जारी है। इसके तहत फोटो वोटर लिस्ट का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अगस्त 2026 को किया जा चुका है। अब मतदाता 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।

मतदाता ऑनलाइन माध्यम से वोटर्स.eci.gov.in और वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा ऑफलाइन माध्यम से संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से भी आवश्यक फॉर्म जमा किए जा सकते हैं।

फॉर्म नंबर 6, 6-A, 7 और 8 से कर सकते हैं आवेदन

SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से जुड़े अलग-अलग दावों और आपत्तियों के लिए फॉर्म नंबर 6, 6-A, 7 और 8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपने वोटर रिकॉर्ड की जांच कर लें और किसी तरह की गलती या आपत्ति होने पर समय रहते आवेदन करें।

लुधियाना की विधानसभा सीटों के लिए नियुक्त किए गए वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पंजाब सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के IAS अधिकारी अर्शदीप सिंह थिंड को लुधियाना जिले की सात विधानसभा सीटों के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इनमें विधानसभा क्षेत्र 63-लुधियाना सेंट्रल, 64-लुधियाना पश्चिम, 65-लुधियाना उत्तर, 66-गिल, 68-दाखा, 69-रायकोट और 70-जगराओं शामिल हैं।

इन विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित मतदाता सुझाव या शिकायत के लिए अर्शदीप सिंह थिंड से 97800-08595 पर संपर्क कर सकते हैं।

इसी तरह पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के वरुण रुजम को लुधियाना जिले के अन्य सात विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इनमें 57-खन्ना, 58-समराला, 59-साहनेवाल, 60-लुधियाना पूर्व, 61-लुधियाना दक्षिण, 62-आतम नगर और 67-पायल विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।

इन क्षेत्रों से संबंधित मतदाता 94179-44155 पर वरुण रुजम से संपर्क कर सकते हैं।

6 सितंबर को होगी अहम बैठक

आम लोगों की जानकारी के लिए बताया गया है कि मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की ओर से 6 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे मीटिंग हॉल, बचत भवन, मिनी सचिवालय, लुधियाना में बैठक आयोजित की जाएगी।

इस बैठक में जिला लुधियाना के मौजूदा सांसदों और विधायकों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के साथ SIR-2026 से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी फोटो वोटर लिस्ट में नाम और अन्य विवरण की जांच करें तथा किसी भी प्रकार की गलती, दावा या आपत्ति होने पर 12 सितंबर 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जरूर करें।

Punjab: 75 विधानसभा सीटों पर बदला सियासी समीकरण, 20 लाख से ज्यादा वोटरों के कटे नाम

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट सूची के काफी रोचक आंकड़े सामने आए हैं. पंजाब में SIR की ड्राफ्ट सूची जारी होते ही राजनीतिक तौर पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इसका ज्यादा असर राज्य की 117 में से 75 विधानसभा सीटों के नतीजों पर पड़ सकता है.

SIR के दौरान जिन 6 बड़े जिलों में सबसे ज्यादा वोट काटे गए हैं, वहां कुल 52 विधानसभा सीटें हैं. जिनमें सबसे ज्यादा 39 AAP, कांग्रेस 11 व अकाली दल के पास 2 सीटें हैं. बीजेपी को यहां 2022 विधानसभा चुनाव में कोई सीट नहीं मिली थी.

चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम

इन 52 सीटों पर औसतन हर सीट पर लगभग 20000 से 35000 वोटों का फेरबदल हुआ है. पंजाब में पिछले चुनावों के दौरान कई सीटों पर हार-जीत का अंतर 2 हजार से 8 हजार वोटों के बीच रहा था. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में वोटों की छंटनी से आगामी चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम और मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा.

इनमें 11 सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत का अंतर 10 हजार से कम रहा था. वहीं पंजाब में 35 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले चुनाव में हार-जीत का अंतर 10 हजार वोट से कम रहा था. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की हर विधानसभा सीट पर औसत निकाला जाए तो औसतन हर विधानसभा सीट पर करीब 17,500 वोट काटे गए हैं.

दूसरी जगह शिफ्ट हो गए 10 लाख वोट

ये संख्या कई सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा है. ऐसे में इन वोटों के सूची से बाहर होने से विधानसभा सीटों का चुनावी समीकरण बदल सकता है. SIR में काटे गए 20.66 लाख वोटों में करीब 10 लाख वोट ऐसे हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं. इनमें बड़ी संख्या उन वोटर्स की है, जो दूसरे राज्यों से पंजाब आए थे. उनके राज्यों में SIR होने के बाद उन्होंने वहां अपना वोट रजिस्टर्ड करा लिया.

शहरी सीटों का बदल जाएगा चुनावी गणित

लुधियाना, जालंधर और मोहाली जैसे औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और किराए पर रहने वाले लोग बसते हैं. पते में बदलाव, कम टाइम के लिए रहना और जरूरी कागजात ना होने के कारण इनके नाम मतदाता सूची से बड़ी संख्या में हटे हैं. इससे उन शहरी सीटों का पूरा चुनावी गणित बदल जाएगा, जहां ये प्रवासी वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता रहा है.

बड़ी संख्या में विदेश पलायन कर चुके युवा

अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में युवा विदेश पलायन कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम कागजों में दर्ज थे. अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी के तहत ऐसे फर्जी और डुप्लीकेट वोटों के हटने से अब वास्तविक वोटरों की संख्या ही उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेगी. जिन राजनीतिक दलों का वोट बैंक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, अस्थायी प्रवासी मजदूरों, निवासियों या युवाओं पर टिका था, उन्हें अब नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी होगी.

पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय

विधानसभा चुनाव 2022 में पूरे राज्य में 35 सीटें ऐसी थी, जहां पर हार जीत का अंतर 500 से लेकर 9,900 वोटों के बीच था. SIR के तहत इन सीटों पर औसतन 15 हजार से 30 हजार तक वोट कटे या पेंडिंग हैं. कटने वाले वोटों की संख्या जीत के अंतर से दोगुनी या तीन गुनी हो जाती है, तो पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय है. इनमें से ज्यादातर सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की थी.

इन 35 में से कई सीटें शहरी या सेमी-अर्बन इलाकों में आती हैं, जहां दूसरे राज्यों से आए मजदूर वर्ग के लोग हैं. उनमें से ज्यादातर लोगों के वोट अपने गृह राज्य में बने हैं. इसलिए उन्होंने यहां अपने वोट कटवा दिए. इसके अलावा उनके दस्तावेज पूरे न होने या पते में बदलाव के कारण इस वर्ग के सबसे ज्यादा वोट कटे हैं. जो दल या प्रत्याशी इस अस्थायी वर्ग पर निर्भर थे, उनके सभी समीकरण बिगड़ सकतें हैं.

कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम कटे

चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में जारी की गई पंजाब की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार, राज्य में कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं (जो कुल वोटर्स का लगभग 9.63% है).

  • इस छंटनी के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या 2.14 करोड़ से घटकर 1.93 करोड़ रह गई है.
  • स्थायी रूप से शिफ्ट हुए: 9,44,131 मतदाता (4.40%) दूसरे स्थानों या राज्यों में चले गए.
  • मृतक: 5,74,568 मतदाता (2.68%) मृत पाए गए.
  • लापता/पता नहीं चला: 4,12,715 मतदाता (1.92%) घर पर नहीं मिले.
  • फर्जी/एक से अधिक जगह नाम: 1,19,145 मतदाता (0.56%) डबल एंट्री वाले थे.
  • लुधियाना, जालंधर और मोहाली (साहिबजादा अजीत सिंह नगर) में प्रवासी मजदूरों और किराएदारों की संख्या अधिक होने के कारण, दस्तावेजों की कमी या पते बदलने से सबसे ज्यादा वोट कटे हैं.
  • अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर – इन जिलों से भारी संख्या में युवाओं का विदेश में पलायन हो चुका है, जिससे अनुपस्थित पाए जाने पर हजारों नाम सूची से हटाए गए हैं.
  • अकेले बठिंडा जिले में कुल 10,53,091 वोटर्स में से 65,072 मतदाताओं को ASDD कैटेगरी में डालकर सूची से बाहर किया गया है.
  • बड़ी बात ये है कि जिन सीटों पर ज्यादा वोट कटे हैं वो शहरी सीटें हैं और यहां पर प्रवासी वोट बैंक बड़ी संख्या में हैं और उनके ही ज्यादातर वोट कटने की बात सामने आ रही है.
लुधियाना जिले के सभी पोलिंग स्टेशनों पर SIR-2026 के तहत स्पेशल कैंप लगाए गए

लुधियाना / सत्ता संदेश

12 जुलाई को भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे, DC हिमांशु जैन ने योग्य वोटरों से हिस्सा लेने की अपील की

SIR-2026: लुधियाना जिले में वोटर लिस्ट में बदलाव का अभियान तेज़ हुआ

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया और चीफ़ इलेक्टोरल ऑफ़िसर पंजाब की गाइडलाइंस के मुताबिक, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के तहत शनिवार को लुधियाना जिले के सभी पोलिंग स्टेशनों पर स्पेशल कैंप सफलतापूर्वक लगाए गए। इन कैंपों के दौरान, बूथ लेवल ऑफ़िसरों (BLOs) ने वोटर गिनती फ़ॉर्म लेने, उनकी जाँच करने और डिजिटाइज़ेशन का काम आसानी से किया, जिससे वोटर लिस्ट को और ज़्यादा सही, ट्रांसपेरेंट और अपडेटेड बनाने का काम तेज़ हो गया।

ज़िला इलेक्शन ऑफ़िसर-कम-डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन ने कहा कि स्पेशल कैंपों का मुख्य मकसद हर योग्य वोटर का गिनती फ़ॉर्म समय पर दिलवाकर वोटर लिस्ट को सही और बिना गलती के बनाना है। उन्होंने कहा कि जिन पोलिंग बूथों पर गिनती के फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है, वहां रिकॉर्ड में गलतियों को दूर करने का काम किया जा रहा है, जबकि दूसरे बूथों पर फॉर्म मिलने और डिजिटाइजेशन का प्रोसेस साथ-साथ चल रहा है।

उन्होंने कहा कि स्पेशल कैंप के सफल ऑपरेशन के लिए अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी लगाया गया है, ताकि पूरा प्रोसेस तय समय में अच्छे से योग्य वोटर को इस प्रोसेस से वंचित नहीं रहने देना है।

श्री हिमांशु जैन ने जिले के सभी योग्य वोटरों से अपील की है, जिन्होंने अभी तक अपने गिनती के फॉर्म जमा नहीं किए हैं, वे 12 जुलाई (रविवार) को अपने नजदीकी पोलिंग स्टेशन पर लगने वाले स्पेशल कैंप में पहुंचकर अपने फॉर्म जमा करें। उन्होंने सभी पॉलिटिकल पार्टियों, सोशल ऑर्गनाइजेशन, पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता से भी अपील की कि वे इस कैंपेन में बढ़-चढ़कर सहयोग करें और ज़्यादा से ज़्यादा अवेयरनेस फैलाएं, ताकि वोटर लिस्ट में बदलाव का प्रोसेस सफल हो सके।