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चंडीगढ़ में पंजाब टेलीकॉम सर्किल द्वारा अमृतसर में त्रैमासिक पेंशन अदालत, पेंशनर कल्याण शिविर एवं जीवन प्रमाण-पत्र संग्रहण शिविर का आयोजन

अमृतसर / सत्ता संदेश

संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग के अधीन नियंत्रक संचार लेखा (सीसीए), पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ के कार्यालय द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2026 को जीएमटीडी, बीएसएनएल कार्यालय, अमृतसर के सम्मेलन कक्ष में दूरसंचार विभाग एवं बीएसएनएल के पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए द्वितीय त्रैमासिक पेंशन अदालत, पेंशनर कल्याण शिविर एवं जीवन प्रमाण-पत्र (Life Certificate) संग्रहण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम श्री विजेन्द्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब टेलीकॉम सर्किल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पेंशन संबंधी सेवाओं को पेंशनभोगियों के निकट उपलब्ध कराना तथा उनके कल्याण हेतु विभिन्न जनहितकारी एवं जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब ने की। कार्यक्रम में पेंशन स्वीकृति एवं पेंशन वितरण से संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने पेंशनभोगियों की शिकायतों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

पेंशन अदालत के दौरान सुश्री महक मक्कड़, सहायक लेखा अधिकारी ने अध्यक्ष महोदय श्री अक्षय गुप्ता को अवगत कराया कि कार्यालय को कुल दो पेंशन संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं तथा दोनों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। शिविर के दौरान भी पेंशनभोगियों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान किया गया तथा आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

अपने मुख्य संबोधन में श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब ने कहा कि उनका कार्यालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी पेंशन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय द्वारा पेंशनभोगियों की सुविधा एवं कल्याण के लिए समय-समय पर विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

शिविर के दौरान विशेष सहायता काउंटर स्थापित किए गए, जहां पेंशनभोगी अपने जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते थे, पेंशनर पहचान-पत्र हेतु आवेदन कर सकते थे तथा अपने मोबाइल नंबर, पते एवं अन्य विवरणों के अद्यतन के लिए अनुरोध प्रस्तुत कर सकते थे। साथ ही पेंशनभोगियों को पेंशन सेवाओं में और अधिक सुधार हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव एवं फीडबैक देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के हित में निम्नलिखित गतिविधियों का आयोजन किया गया—

1. भारत सरकार के डिजिलॉकर पर जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन।

2. उमंग (UMANG) एप पर जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन।

3. साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव पर व्याख्यान।

4. वित्तीय योजना एवं आयकर संबंधी मार्गदर्शन।

5. पेंशनभोगियों हेतु निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर।

6. पेंशनभोगियों हेतु निःशुल्क नेत्र जांच शिविर।

7. चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी व्याख्यान।

8. जीवन प्रमाण-पत्रों का संग्रहण।

9. Know Your Pensioner (KYP) प्रपत्र एवं पेंशनर पहचान-पत्र हेतु आवेदनों का संग्रहण।

10. “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधों का वितरण।

11. पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के साथ संवादात्मक सत्र।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण संवादात्मक सत्र रहा, जिसमें पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों को सीसीए कार्यालय के अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों पर चर्चा करने का अवसर प्राप्त हुआ।

त्रैमासिक पेंशन अदालत एवं पेंशनर कल्याण शिविर को पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उपलब्ध कराई गई सुविधाओं, जनकल्याणकारी पहलों, जानकारीपूर्ण सत्रों तथा त्वरित सहायता की प्रशंसा की। प्रतिभागियों ने श्री अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब के नेतृत्व की सराहना करते हुए सीसीए, पंजाब टेलीकॉम सर्किल द्वारा पेंशन संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा पेंशनभोगियों को सुलभ, प्रभावी एवं हितैषी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की भी प्रशंसा की।

नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आने वाले नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में “विधिक ढांचा एवं न्यायालयीन मामलों का प्रभावी प्रबंधन” विषय पर एक विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विधिक मामलों के प्रभावी निस्तारण, न्यायालयीन प्रक्रियाओं की समझ, समयबद्ध अनुपालन तथा सरकारी कार्यालयों में कानूनी विषयों के बेहतर प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकारी कार्यालयों में विधिक मामलों के समयबद्ध एवं प्रभावी प्रबंधन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं तथा विधिक अनुपालन के संबंध में उचित समझ, समन्वय एवं जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला में अधिवक्ता केके ठाकुर, भारत सरकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), चंडीगढ़ तथा माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मामलों के संचालन के अपने व्यापक अनुभव साझा किए तथा विभिन्न विधिक विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने न्यायालयीन मामलों के प्रभावी प्रबंधन, समयबद्ध उत्तर दाखिल करने, अवमानना याचिकाओं एवं रिट याचिकाओं के संचालन, अभिलेखों के उचित रख-रखाव, विभागीय समन्वय तथा विधिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावी विधिक प्रबंधन से अनावश्यक वाद-विवाद एवं प्रशासनिक जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में राजीव रंजन, वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में निरंतर सहयोग एवं दूरदर्शी नेतृत्व हेतु विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अधिवक्ता केके. ठाकुर एवं सभी प्रतिभागियों का भी धन्यवाद किया तथा कहा कि यह कार्यशाला सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।