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PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…13-05-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ के लिए आज का दिन काफी हलचल भरा रहा। जहाँ एक ओर शिक्षा बोर्ड के नतीजों ने हजारों छात्रों के चेहरे पर खुशी लाई, वहीं मुख्यमंत्री को मिली जान से मारने की धमकी और अपराध की कुछ सनसनीखेज वारदातों ने प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। पेश हैं आज की 10 प्रमुख खबरें:

PSEB 12वीं का रिजल्ट घोषित: पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने 12वीं का परिणाम जारी कर दिया है, जिसमें 91.46% छात्र सफल हुए हैं। टॉपर्स में लड़कियों का दबदबा रहा और मानसा की सुपनीत कौर ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया है।

CBSE 12वीं के नतीजे जारी: सीबीएसई ने भी 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। देश के 22 रीजनों में लुधियाना रीजन 9वें स्थान पर रहा है। बोर्ड ने इस बार भी किसी टॉपर या मेरिट लिस्ट की घोषणा नहीं की है।

सीएम मान का दिल्ली दौरा: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। गडकरी ने पंजाब के प्रोजेक्ट्स के लिए 400 करोड़ रुपये देने का वादा किया, वहीं कृषि मंत्री ने खाद की सुचारू सप्लाई का भरोसा दिया।

सीएम और बीजेपी अध्यक्ष को धमकी: मुख्यमंत्री भगवंत मान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। ईमेल में उन्हें पूर्व सीएम बेअंत सिंह की तरह खत्म करने और कार्यालयों में धमाके करने की चेतावनी दी गई है।

विजिलेंस मुख्यालय में सीबीआई की दबिश: 20 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले में सीबीआई ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय में छापेमारी की। इस मामले में विजिलेंस चीफ के रीडर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किए गए हैं।

गुरदासपुर में डबल मर्डर: जमीन विवाद को लेकर एक व्यक्ति ने अपने ही भाई और भाभी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है; विवाद पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर था।

हिमाचल में पंजाब के पर्यटकों का हंगामा: कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) में पंजाब के पर्यटकों ने स्थानीय लोगों पर तलवारों से हमला किया, जिसमें कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है।

सिंगर दिलजीत के मैनेजर के यहाँ फायरिंग: हरियाणा के करनाल में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के फार्म हाउस पर फायरिंग का मामला सामने आया है। लॉरेंस गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

चंडीगढ़ में दिनदहाड़े हत्या: चंडीगढ़ के दड़वा इलाके में 20 वर्षीय युवक सूरज की 5 हमलावरों ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाते दिखे।

पिटाई के बाद थाने के बाहर शादी: जालंधर में एक अनोखा मामला सामने आया जहाँ अपनी प्रेमिका को भगा ले जाने वाले युवक को पहले लड़की के परिवार ने खंभे से बांधकर पीटा, लेकिन बाद में पुलिस थाने के बाहर मंदिर में दोनों की शादी करवा दी गई।

CBSE 12वीं का रिजल्ट घोषित: 87.92% छात्र हुए सफल, लुधियाना रीजन देश में 9वें स्थान पर

पंजाब डेस्क: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 12वीं कक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस साल देश भर में कुल 87.92% छात्र पास हुए हैं, हालांकि पिछले साल की तुलना में इस बार के रिजल्ट में 3% की गिरावट दर्ज की गई है।

लुधियाना रीजन का प्रदर्शन: देश के कुल 22 रीजनों में लुधियाना रीजन ने 9वां स्थान हासिल किया है। यहाँ कुल 1,23,836 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 1,08,874 विद्यार्थी सफल रहे हैं।

लड़कियों ने मारी बाजी: लुधियाना रीजन में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में करीब 5% बेहतर रहा है। यहाँ 90.24% लड़कियां पास हुईं, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 85.76% रहा।

नहीं जारी हुई मेरिट लिस्ट: बोर्ड ने इस बार भी कोई मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है और न ही किसी टॉपर की घोषणा की है। स्कूलों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने स्तर पर टॉपर घोषित न करें।

कन्हैया मित्तल की बेटी के 98% अंक: प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने साझा किया कि उनकी बेटी गौरी मित्तल ने 98% अंक हासिल किए हैं।

रिजल्ट चेक करने के तरीके: छात्र अपना स्कोर कार्ड आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या results.nic.in पर देख सकते हैं। इसके अलावा, ‘डिजिलॉकर’ और ‘उमंग’ ऐप के माध्यम से भी रिजल्ट डाउनलोड किया जा सकता है। यदि इंटरनेट की सुविधा न हो, तो छात्र 7738299899 पर अपना रोल नंबर SMS करके भी अपने अंक जान सकते हैं।

अगला कदम: जो छात्र एक विषय में पास नहीं हो पाए हैं, उन्हें अपना साल बचाने के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है।

पंजाब में दूध हुआ महंगा: वेरका, अमूल और मदर डेयरी ने बढ़ाए ₹2 प्रति लीटर दाम, कल से लागू होंगी नई दरें

पंजाब डेस्क: पंजाब के उपभोक्ताओं को अब दूध के लिए अपनी जेब और ढीली करनी होगी। राज्य के प्रमुख दूध ब्रांड वेरका (Verka) के साथ-साथ अमूल (Amul) और मदर डेयरी (Mother Dairy) ने भी दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।कब से लागू होंगी दरें: मिल्कफेड (वेरका) द्वारा जारी सूचना के अनुसार, बढ़ी हुई कीमतें 14 मई (गुरुवार) की सुबह से पूरे पंजाब में प्रभावी हो जाएंगी।

किन वेरिएंट्स पर बढ़ा दाम: यह वृद्धि दूध के सभी प्रमुख वेरिएंट्स पर लागू होगी, जिसमें फुल क्रीम, स्टैंडर्ड, टोंड और काऊ मिल्क (गाय का दूध) शामिल हैं।

क्यों बढ़ी कीमतें: कंपनियों का कहना है कि ऑपरेशनल कॉस्ट और उत्पादन खर्च बढ़ने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। चारे के दामों में हुई वृद्धि और उत्पादन लागत का बढ़ना इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।

किसानों को राहत: इससे पहले पंजाब सरकार ने 1 मई को डेयरी किसानों को राहत देते हुए दूध की खरीद कीमतों में ₹20 प्रति किलो फैट की बढ़ोतरी की थी, ताकि किसानों की बढ़ती लागत की भरपाई की जा सके।

पंजाब में वेरका की इस घोषणा से पहले अमूल ने भी अपने सभी प्रमुख वेरिएंट्स और पैक्ड दूध की कीमतों में ₹2 का इजाफा किया था।

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान का तांडव: 15 लोगों की मौत, फतेहपुर और भदोही में भारी तबाही

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बुधवार रात आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश ने भारी कहर बरपाया है,। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 15 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है और कई इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है।

प्रमुख नुकसान और हताहत:फतेहपुर में तबाही: फतेहपुर जिले में तेज आंधी-तूफान के कारण कई इमारतों की दीवारें गिर गईं, जिससे दबकर 9 लोगों की मौत हो गई है।भदोही में जनहानि: भदोही जिले में भारी बारिश और शक्तिशाली तूफान के कारण 6 लोगों की मौत की खबर है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद हताहतों की संख्या बढ़ भी सकती है।

बुनियादी ढांचे पर प्रहार: तूफान की वजह से कई जिलों में पेड़ जड़ से उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए हैं,। मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण बचाव और राहत कार्यों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

राहत और बचाव कार्य: प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस और राहत टीमें प्रभावित तहसीलों में निरीक्षण और सहायता कार्यों में जुटी हुई हैं। भारी नुकसान को देखते हुए अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

यूनियन के आह्वान पर टांडा के सफाई कर्मचारियों ने मान सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

होशियारपुर / सत्ता संदेश

जिला होशियारपुर के शहर टांडा उड़मुड़ में म्यूनिसिपल मुलाजिम एक्शन कमेटी पंजाब के आह्वान पर सफाई सेवक टांडा की प्रधान माया, चेयरमैन जसपाल और वाइस प्रधान जतिंदर हंस की देखरेख में तथा उड़मुड़ टांडा कर्मचारी यूनियन के प्रधान तरसेम लाल की अगुवाई में सफाई सेवकों और कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधान तरसेम लाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले उनकी यूनियन को भरोसा दिया था कि सरकार बनने पर उनकी सभी जायज मांगें मान ली जाएंगी, लेकिन सत्ता में आने के बाद मान सरकार ने यूनियन की एक भी मांग स्वीकार नहीं की।

उन्होंने कहा कि मान सरकार बनने के बाद से ही यूनियन की जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और अपने चहेतों को ठेके देकर कर्मचारियों के साथ धक्केशाही की जा रही है, जिसे यूनियन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि नगर काउंसिल कर्मचारी यूनियन और सफाई सेवकों की लंबे समय से लंबित मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेकेदारी सिस्टम खत्म करना, पुरानी पेंशन बहाल करना, डीए की बकाया किश्तें जारी करना और पे-कमिशन का बकाया जल्द देना शामिल है। इसके अलावा यूनियन की अन्य मांगों को भी जल्द पूरा किया जाए ताकि कर्मचारियों में बढ़ता रोष समाप्त हो सके।

तरसेम लाल ने मान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूनियन की मांगें जल्द स्वीकार नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले ही सफाई कार्य बंद कर नगर काउंसिल को ताला लगाया जा चुका है और आने वाले समय में पानी की सप्लाई भी ठप कर सरकार के खिलाफ पुतला फूंक प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।

नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आने वाले नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में “विधिक ढांचा एवं न्यायालयीन मामलों का प्रभावी प्रबंधन” विषय पर एक विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विधिक मामलों के प्रभावी निस्तारण, न्यायालयीन प्रक्रियाओं की समझ, समयबद्ध अनुपालन तथा सरकारी कार्यालयों में कानूनी विषयों के बेहतर प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकारी कार्यालयों में विधिक मामलों के समयबद्ध एवं प्रभावी प्रबंधन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं तथा विधिक अनुपालन के संबंध में उचित समझ, समन्वय एवं जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला में अधिवक्ता श्री के. के. ठाकुर, भारत सरकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), चंडीगढ़ तथा माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मामलों के संचालन के अपने व्यापक अनुभव साझा किए तथा विभिन्न विधिक विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने न्यायालयीन मामलों के प्रभावी प्रबंधन, समयबद्ध उत्तर दाखिल करने, अवमानना याचिकाओं एवं रिट याचिकाओं के संचालन, अभिलेखों के उचित रख-रखाव, विभागीय समन्वय तथा विधिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावी विधिक प्रबंधन से अनावश्यक वाद-विवाद एवं प्रशासनिक जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में श्री राजीव रंजन, वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में निरंतर सहयोग एवं दूरदर्शी नेतृत्व हेतु श्री विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अधिवक्ता श्री के. के. ठाकुर एवं सभी प्रतिभागियों का भी धन्यवाद किया तथा कहा कि यह कार्यशाला सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।

पंजाब स्टेट कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से की मुलाकात
  • क्लर्कों की मूल वेतन संबंधी मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंजाब स्टेट जिला (डी.सी. ऑफिस) कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई, लुधियाना के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मुलाकात कर 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों को पहले से कार्यरत कर्मचारियों की तर्ज पर मूल वेतन देने की मांग रखी।

डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, लुधियाना में फरवरी और मार्च 2023 के दौरान लगभग 70 क्लर्कों की नियुक्ति हुई थी। पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या 7/42/2020-5FP1/741-746 दिनांक 17.07.2020 के अनुसार केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के आधार पर पंजाब राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत क्लर्कों का मूल वेतन 19,900 रुपये निर्धारित किया गया था। इसके तहत 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को 19,900 रुपये की निश्चित मूल वेतन मिलने लगी।

गौरतलब है कि 17.07.2020 से पहले भर्ती कर्मचारियों को 33,300 रुपये मूल वेतन मिल रहा है। यह मामला पहले ही CWP नंबर 15896 ऑफ 2023 (सौरभ शर्मा व अन्य बनाम पंजाब राज्य) में उठाया गया था, जिसका फैसला 13.09.2024 को आया था। इसके अलावा LPA नंबर 2977 ऑफ 2024, पंजाब सरकार व अन्य बनाम डॉ. सौरभ शर्मा व अन्य, का फैसला 10.12.2024 को सुनाया गया।

इन फैसलों में माना गया कि किसी भी कार्यकारी निर्णय (Executive Decision) के जरिए वैधानिक नियमों (Statutory Rules) के तहत मिलने वाले वेतनमान को कम नहीं किया जा सकता।

कर्मचारी यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में यह भी लाया कि माननीय अदालत के फैसले के बाद विभिन्न विभागों ने नए भर्ती क्लर्कों की बेसिक सैलरी 19,900 रुपये से बढ़ाकर 31,100 रुपये तय कर दी है।

यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मांग की कि 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों, जिनकी बेसिक पे 19,900 रुपये है, की बेसिक पे बढ़ाकर 31,100 रुपये निर्धारित की जाए।

नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आने वाले नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल, चंडीगढ़ में “विधिक ढांचा एवं न्यायालयीन मामलों का प्रभावी प्रबंधन” विषय पर एक विधिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विधिक मामलों के प्रभावी निस्तारण, न्यायालयीन प्रक्रियाओं की समझ, समयबद्ध अनुपालन तथा सरकारी कार्यालयों में कानूनी विषयों के बेहतर प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकारी कार्यालयों में विधिक मामलों के समयबद्ध एवं प्रभावी प्रबंधन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं तथा विधिक अनुपालन के संबंध में उचित समझ, समन्वय एवं जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला में अधिवक्ता केके ठाकुर, भारत सरकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), चंडीगढ़ तथा माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मामलों के संचालन के अपने व्यापक अनुभव साझा किए तथा विभिन्न विधिक विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने न्यायालयीन मामलों के प्रभावी प्रबंधन, समयबद्ध उत्तर दाखिल करने, अवमानना याचिकाओं एवं रिट याचिकाओं के संचालन, अभिलेखों के उचित रख-रखाव, विभागीय समन्वय तथा विधिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावी विधिक प्रबंधन से अनावश्यक वाद-विवाद एवं प्रशासनिक जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में राजीव रंजन, वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में निरंतर सहयोग एवं दूरदर्शी नेतृत्व हेतु विजेंद्र एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अधिवक्ता केके. ठाकुर एवं सभी प्रतिभागियों का भी धन्यवाद किया तथा कहा कि यह कार्यशाला सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के लिए राष्ट्रीय क्‍विज का शुभारंभ

नई दिल्ली/सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) 2026 के लिए मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्‍यम से राष्ट्रीय क्विज का शुभारंभ किया है। यह प्रश्नोत्तरी जून 2026 में आयोजित होने वाले सीमावर्ती गांवों के लिए सहभागिता कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी के लिए चयन का पहला चरण है।

युवाओं के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय पहल विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 का उद्देश्य लेह-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीमावर्ती गांवों के विकास के प्रति जागरुकता बढाना और जमीनी स्तर की भागीदारी, सामुदायिक जुड़ाव तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है।

10 से 20 मई 2026 तक आयोजित इस ऑनलाइन क्विज में देशभर के युवा भाग ले सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दृष्टिकोण और उद्देश्यों के बारे में जागरुक करना है, साथ ही राष्ट्र निर्माण और सीमावर्ती समुदायों के विकास में युवाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

यह क्विज प्रतिभागियों के लिए सीमावर्ती गांवों के परिवर्तन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण के प्रति जागरुकता, शासन संबंधी पहलों, सामुदायिक भागीदारी और सीमावर्ती क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों के बारे में जानने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी।

क्विज़ में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों की पात्रता और फिटनेस का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 500 मेरा युवा भारत स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा, जो जून 2026 में आयोजित होने वाले साप्‍‍ताहिक विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में भाग लेंगे।

चयनित स्वयंसेवक सीमावर्ती गांवों में जमीनी स्तर के कार्यों और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान, युवा संवाद कार्यक्रम, पर्यावरण संबंधी पहल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियां, जागरुकता अभियान, करियर परामर्श सत्र और जमीनी स्तर के विकास और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर शामिल होंगे।

यह पहल युवाओं को विकसित भारत @2047 में सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में सशक्त बनाने और जीवंत सीमावर्ती समुदायों के महत्व के बारे में जागरुकता बढाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इच्छुक युवा मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्यम से इस क्विज में भाग ले सकते हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण- एनएचएआई ने पानीपत-जालंधर राजमार्ग परियोजना विवाद में मध्यस्थता दावों का सफलतापूर्वक बचाव किया

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

रियायतधारकों के 8,375 करोड़ रुपये से अधिक के दावों और एनएचएआई द्वारा 2,888.64 करोड़ रुपये के प्रतिदावों से जुड़े दो प्रमुख मध्यस्थता मामलों का निपटारा एनएचएआई के पक्ष में 819.96 करोड़ रुपये की राशि के साथ हुआ

चंडीगढ़, 12 मई 2026: राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में सार्वजनिक धन बचाते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पानीपत-जालंधर खंड से संबंधित दो प्रमुख मध्यस्थता मामलों में अपने पक्ष का सफलतापूर्वक बचाव किया है। इन विवादों में रियायतधारकों के राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के निष्पादन और संचालन से संबंधित एनएचएआई के विरुद्ध उच्च मूल्य दावे शामिल थे। दोनों मध्यस्थता मामलों में कथित सेवा समाप्ति भुगतान, टोल राजस्व हानि मुआवजा, परियोजना विस्तार लागत, मूल्य वृद्धि, रियायत अवधि विस्तार, परियोजना में देरी से हुई हानि और अन्य वित्तीय दावों सहित 8,375 करोड़ रुपये से अधिक के दावे किए गए थे।

व्यापक सुनवाई और संविदा प्रावधानों, तकनीकी रिकॉर्ड, साक्ष्यों और विशेषज्ञों की राय पर विस्तृत रुप से गौर करने के बाद, माननीय मध्यस्थ न्यायाधिकरण ने एनएचएआई की कई महत्वपूर्ण दलीलों को सही ठहराते हुए उसके पक्ष में अंतिम निर्णय दिया।

पहली मध्यस्थता कार्यवाही में, रियायत समझौते के तहत टोल वसूली में कथित नुकसान, अवसर हानि, सेवा समाप्ति भुगतान और कार्यक्षेत्र में बदलाव संबंधी विवादों में 5,443 करोड़ रुपये से अधिक के क्षतिपूर्ति दावे किए गए थे। एनएचएआई ने इन दावों का जोरदार खंडन करते हुए कहा कि संविदात्मक की समाप्ति वैध थी और यह रियायतधारक की चूक और कमियों के कारण हुई।

विस्तृत अधिनिर्णय के बाद, माननीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने एनएचएआई के विरुद्ध मौद्रिक दावे खारिज कर दिए। न्यायाधिकरण ने अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन, परियोजना दायित्वों और व्यय देनदारियों से संबंधित एनएचएआई के कई प्रतिदावों और बचाव को भी स्वीकार किया। दावों और प्रतिदावों पर सुनवाई के बाद, न्यायाधिकरण ने अपने अंतिम निर्णय में एनएचएआई के पक्ष में ब्याज सहित लगभग 115.73 करोड़ रुपये का फैसला सुनाया।

दूसरे मध्यस्थता मामले में 2,931.79 करोड़ रुपये से अधिक के दावे में दावेदार ने परियोजना निष्पादन के दौरान कथित देरी से हुए नुकसान, लागत में बढ़ोतरी, परियोजना लंबा खींचने से संबंधित खर्च, निष्क्रियता लागत और अन्य वित्तीय प्रभावों के लिए मुआवजे की मांग की। एनएचएआई ने संविदात्मक अधिकार न होने, सहायक साक्ष्य अपर्याप्त होने, वजह बताने में विफल रहने और संविदात्मक प्रक्रियाओं तथा दस्तावेजी आवश्यकताओं के अनुपालन न करने का तर्क देते  हुए इन दावों का पूरी तरह विरोध किया।

मामले पर विचार के बाद, माननीय न्यायाधिकरण ने एनएचएआई के विरुद्ध दावों को काफी हद तक खारिज कर दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रमुख प्रतिदावों को बरकरार रखा। राशि समायोजन और भरपाई के बाद, न्यायाधिकरण ने एनएचएआई के पक्ष में लगभग 704.23 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने का निर्णय दिया।

इससे पहले, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने गुजरात में एनएच-48 के कामरेज-चलथान खंड के छह लेन के निर्माण से संबंधित एक अन्य मध्यस्थता मामले का सफलतापूर्वक बचाव किया था, जिससे सार्वजनिक धन की काफी बचत हुई थी। ठेकेदार के लगभग 174.49 करोड़ रुपये के दावों पर मध्यस्थ न्यायाधिकरण ने मामले के निपटान के लिए केवल 54 लाख रुपये का मुआवजा दिया था।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना निष्पादन संबंधी मध्यस्थता मामलों में मिली सफलताओं से सार्वजनिक धन की सुरक्षा, संविदा दायित्वों का सख्त अनुपालन और एनएचएआई का सुसंगत दृष्टिकोण सुदृढ़ होता है।