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श्रेयस अय्यर का तूफानी शतक: पंजाब किंग्स ने लखनऊ को रौंदा, प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार

स्पोर्ट्स डेस्क : आईपीएल 2026 के 68वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ 7 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पंजाब ने जीत के लिए मिले 197 रनों के लक्ष्य को मात्र 18 ओवरों में ही हासिल कर लिया।

अय्यर और प्रभसिमरन की धमाकेदार बल्लेबाजी: पंजाब की जीत के हीरो कप्तान श्रेयस अय्यर रहे, जिन्होंने मात्र 51 गेंदों पर नाबाद 100 रनों की शतकीय पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 11 चौके और 5 छक्के लगाए। शुरुआती झटकों के बाद अय्यर ने प्रभसिमरन सिंह (69 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 140 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की।

लखनऊ की पारी का लेखा-जोखा : इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स ने जोश इंग्लिस के 72 रन और आयुष बदोनी की 43 रनों की तेजतर्रार पारियों की मदद से 6 विकेट पर 196 रन बनाए थे। अंत में अब्दुल समद ने भी 20 गेंदों पर नाबाद 37 रनों का योगदान दिया। पंजाब की ओर से युजवेंद्र चहल और मार्को जानसेन ने किफायती गेंदबाजी की।

प्लेऑफ का समीकरण: इस जीत के साथ पंजाब किंग्स के 14 मैचों में 15 अंक हो गए हैं और वह अब भी प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है। यदि राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स अपने अगले मैच हार जाते हैं, तो पंजाब की राह आसान हो सकती है। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स 14 मैचों में केवल 8 अंकों के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…23-05-2026

पंजाब डेस्क : पंजाब और चंडीगढ़ के लिए आज का दिन काफी हलचल भरा रहा। राजनीतिक गलियारों में जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की जेल में मुलाकात चर्चा का विषय रही, वहीं आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिले—एक तरफ भीषण गर्मी और दूसरी तरफ आंधी-बारिश का अलर्ट। इसके साथ ही, अपराध और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली कई खबरें भी सामने आईं।

1. जेल में मंत्री संजीव अरोड़ा से मिले केजरीवाल और सीएम मान : आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुग्राम की भौंडसी जेल में बंद मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात की। मनी लॉन्ड्रिंग केस में बंद अरोड़ा से यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली। हाल ही में अरोड़ा का अपनी बेटी से मिलकर फूट-फूटकर रोने का वीडियो वायरल हुआ था। उन पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी खरीद का आरोप है।

2. मौसम का दोहरा मिजाज: 9 जिलों में बारिश का अलर्ट, बाकी जगह लू : पंजाब के 9 जिलों (लुधियाना, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब आदि) में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, चंडीगढ़ और बठिंडा जैसे इलाकों में 28 मई तक भीषण ‘हीटवेव’ का अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी के चलते स्कूलों और सरकारी दफ्तरों का समय बदल दिया गया है और चंडीगढ़ में 30 जून तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

3. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर लगी आग : पंजाब और चंडीगढ़ में ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल के दाम 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। महज 9 दिनों में यह तीसरी बार है जब कीमतें बढ़ी हैं। मोहाली में पेट्रोल की कीमत 103.39 रुपये तक पहुंच गई है।

4. हनीट्रैप का शिकार हुए चेयरपर्सन के पति, जहर खाकर दी जान की कोशिश: संगरूर में पंचायत समिति की चेयरपर्सन के पति ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर जहर खा लिया। आरोप है कि एक महिला ने उन्हें ‘हनीट्रैप’ में फंसाया और जबरन फोटो खींचकर 5 लाख रुपये की मांग कर रही थी। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

5. फेसबुक लाइव आकर फौजी ने की खुदकुशी : गुरदासपुर के 30 वर्षीय फौजी कंवलजीत सिंह ने फेसबुक पर लाइव आने के बाद जहर खा लिया। सेना के जवान ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मृतक की मां का आरोप है कि उसकी पत्नी शादी के दो महीने बाद ही किसी अन्य व्यक्ति के साथ फरार हो गई थी, जिससे वह परेशान था।

6. जालंधर में बड़ा बिल्डर अजय सहगल गिरफ्तार: ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने मनी लॉन्ड्रिंग और जालसाजी के मामले में बिल्डर अजय सहगल को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि उसने किसानों की 30.5 एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर और नकली हस्ताक्षर कर CLU (Change of Land Use) हासिल किया था। इस जमीन पर ‘सनटेक सिटी’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स विकसित किए जा रहे थे।

7. पटियाला में ममता शर्मसार: बच्ची के रोने से परेशान मां ने की हत्या ; एक दिल दहला देने वाली घटना में, पटियाला की एक मां ने अपनी 21 महीने की मासूम बेटी की चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी महिला लवप्रीत कौर कथित तौर पर डिप्रेशन का शिकार थी। पहले परिवार ने इसे हादसा बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद पिता ने सच्चाई उगल दी।

8. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर साइबर ठगी का अलर्ट : पंजाब पुलिस ने युवाओं के बीच चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर चेतावनी जारी की है। ठग इस पार्टी के नाम पर वॉट्सऐप पर फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता है और बैंक खाता खाली हो सकता है।

9. आवारा कुत्तों को मारने के खिलाफ उतरे सोनू सूद : मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा खूंखार आवारा कुत्तों पर कार्रवाई के आदेश के बाद अभिनेता सोनू सूद उनके बचाव में आए हैं। उन्होंने प्रशासन से कुत्तों को मारने के बजाय उन्हें गोद लेने और उनके लिए शेल्टर होम बनवाने की अपील की है।

10. लुधियाना में रील बनाने के लिए सड़क पर हुड़दंग: लुधियाना में एक युवक ने सोशल मीडिया रील बनाने के चक्कर में बीच सड़क पर बीयर पीकर हंगामा किया। युवक ने अपनी गाड़ी के काले शीशे चढ़ा रखे थे और तेज आवाज में ‘मैं शराबी’ गाना बजाकर शराब सड़क पर उड़ेलते हुए रील बनाई।

लुधियाना में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: लक्खा गैंग के 2 और गुर्गे गिरफ्तार, बड़े नेताओं की ‘टारगेट किलिंग’ का था प्लान

लुधियाना: पंजाब में लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने लक्खा गैंग से जुड़े दो और गुर्गों को मिलिट्री-ग्रेड के हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया है, जो राज्य में बड़े नेताओं की टारगेट किलिंग की फिराक में थे।

विदेशी हैंडलर्स के इशारे पर रची गई साजिश: पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क विदेशों में बैठे आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान करनदीप सिंह उर्फ करण (तरनतारन) और बलजीत सिंह उर्फ संजू (अमृतसर) के रूप में हुई है। इन्हें मलेशिया में बैठे हैंडलर आकाशदीप उर्फ गोल्डन ने इस मॉड्यूल से जोड़ा था। इसके अलावा जर्मनी में बैठे लक्खा और जोरावर सिंह, और दुबई में बैठे साहिल सोंधी भी इस साजिश के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे हैं।

विस्फोटक और हथियारों की बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से मिलिट्री-ग्रेड के दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। इससे पहले 17 मई को इसी मॉड्यूल के दो शूटरों को 3 पिस्तौल और 11 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी के साथ ही विदेशी सिंडिकेट के शूटिंग मॉड्यूल और हथियारों की सप्लाई लाइन (एक्सप्लोसिव विंग) को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज: हैंड ग्रेनेड की बरामदगी के बाद पुलिस ने दर्ज एफआईआर (FIR No. 91) में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) की धारा 3, 4, 5 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) जोड़ दी है। पुलिस अब इस नेटवर्क के स्थानीय मददगारों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल कनाडा जाने वाले व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे


व्यापार, निवेश और सीईपीए वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए ओटावा और
टोरंटो में द्विपक्षीय बैठकें

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल कनाडा जाने वाले भारतीय व्यापारिक प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह प्रतिनिधिमंडल 25 मई को ओटावा में और 26 से 27 मई तक टोरंटो में दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेगा। यह यात्रा मार्च 2026 में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों द्वारा दिए गए जनादेश को आगे बढ़ाती है और व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और जन-जन संबंधों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति प्रदान करने का प्रयास है।

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की वार्ता को आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री कार्नी की मार्च 2026 में भारत यात्रा के दौरान इसकी शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए थे। वार्ता का पहला दौर मार्च में वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुआ और दूसरा दौर 8 मई, 2026 को संपन्न हुआ। इस यात्रा के दौरान, वार्ता का एक और दौर 25 से 29 मई तक ओटावा में होगा। दोनों पक्ष 2026 के अंत तक एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी सीईपीए को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसका साझा लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 बिलियन कनाडाई डॉलर (लगभग 4.65 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ाना है। वित्त वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 8.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। इसमें सभी क्षेत्रों में विस्तार की अपार संभावनाएं हैं।

प्रतिनिधिमंडल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता; स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज; फार्मास्यूटिकल्स और जैव प्रौद्योगिकी; एयरोस्पेस और रक्षा; और खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-तकनीक क्षेत्रों सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कनाडाई समकक्षों के साथ विचार-विमर्श करेगा इन क्षेत्रों में भारत और कनाडा के पास अत्यधिक समान क्षमताएं हैं और इनमें संयुक्त निवेश, अनुसंधान एवं विकास और आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी के अवसर सबसे महत्वपूर्ण हैं।

डीपीआईआईटी ने भव्य योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश दिए


भव्य योजना के अन्तर्गत एकीकृत औद्योगिक अवसंरचना के माध्यम से भारत के विनिर्माण इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा

भव्य योजना के अंतर्गत 33,660 करोड़ रुपये के परिव्यय से 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंग

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने भव्य योजना के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। भव्य योजना एक ऐतिहासिक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका उद्देश्य देश भर में निवेश के लिए तैयार, विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करना है।

भव्य परियोजना को मेक इन इंडिया, पीएम गति शक्ति और भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने के सरकार के व्यापक दृष्टिकोण के उद्देश्यों के अनुरूप एकीकृत औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से भारत के विनिर्माण इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस योजना के तहत 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों की अवधि में 100 औद्योगिक पार्कों के विकास की प्रतिस्पर्धी योजना है, जिसके लिए कुल लगभग 33,660 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय किया गया है। पहले चरण में, प्रतियोगिता-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से अधिकतम 50 औद्योगिक पार्कों का चयन किया जाएगा।

इन दिशा-निर्देशों में योजना के अंतर्गत औद्योगिक पार्कों के लिए पात्रता मानदंड, परियोजना चयन पद्धति, वित्तपोषण संरचना, शासन संरचना, निगरानी प्रणाली और कार्यान्वयन तौर-तरीकों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा निर्धारित किया गया है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचे, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, विश्वसनीय उपयोगिता प्रणालियों, श्रमिक-सहायक बुनियादी ढांचे, डिजिटल शासन प्रणालियों और सतत विकास सुविधाओं से युक्त “निवेश के लिए तैयार” औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण करना है।

दिशानिर्देशों में ग्रीनफील्ड और पात्र ब्राउनफील्ड औद्योगिक पार्कों के विकास का प्रावधान है। गैर-पहाड़ी राज्यों के लिए न्यूनतम भूमि की आवश्यकता 100 एकड़ और पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों के लिए 25 एकड़ निर्धारित की गई है। योजना में 1000 एकड़ तक के बड़े पार्कों पर भी विचार करने की अनुमति है।

चुनौती-आधारित चयन ढांचे के अन्तर्गत, प्रस्तावों का मूल्यांकन बहुआयामी कनेक्टिविटी, स्थल की उपयुक्तता, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, औद्योगिक इकोसिस्टम की मजबूती, नीतिगत सुविधा, डिजिटल शासन की तैयारी और दीर्घकालिक स्थिरता सहित वस्तुनिष्ठ मापदंडों पर किया जाएगा।

इन दिशानिर्देशों में भूमिगत उपयोगिता प्रणालियों, जल और अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना, सामान्य अपशिष्ट उपचार प्रणालियों, नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना, श्रमिक आवास, परीक्षण प्रयोगशालाओं, डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम, कौशल विकास सुविधाओं और एकीकृत सामान्य अवसंरचना जैसे घटकों के लिए अवसंरचना की गुणवत्ता के मूल्यांकन का प्रावधान है।

भव्य योजना के अंतर्गत परियोजनाओं का कार्यान्वयन कंपनी अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत निगमित विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा। एसपीवी परियोजना नियोजन, विकास, संचालन, प्रबंधन, निवेशक सुविधा प्रदान करने और योजना के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।

इस योजना के अन्तर्गत एसपीवी को हस्तांतरित भूमि के मूल्य और निर्धारित परियोजना लक्ष्यों की प्राप्ति से जुड़ी इक्विटी अंशदान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) को योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) के रूप में नामित किया गया है।

दिशानिर्देशों में परियोजना-विशिष्ट एसपीवी के माध्यम से औद्योगिक पार्क विकास में निजी डेवलपर्स की भागीदारी के लिए संरचित प्रावधान भी दिए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से परिभाषित शासन ढांचे, पारदर्शिता सुरक्षा उपाय और जवाबदेही तंत्र शामिल हैं।

प्रभावी कार्यान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, दिशानिर्देशों में जीआईएस-आधारित निगरानी प्रणाली, आवधिक प्रगति रिपोर्टिंग, लेखापरीक्षा तंत्र और डीपीआईआईटी के सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति द्वारा निरीक्षण को शामिल किया गया है।

योजना के दिशानिर्देशों में रसद, कौशल विकास, स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा, उपयोगिता अवसंरचना और औद्योगिक विकास के लिए संबंधित केंद्रीय और राज्य सरकार की पहलों के साथ समन्वय स्थापित करने का प्रावधान भी है।

दिशानिर्देशों का प्रकाशन भव्य योजना के संचालन और वैश्विक स्तर पर मानकीकृत औद्योगिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो बड़े पैमाने पर विनिर्माण निवेश को आकर्षित करने, घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, रोजगार सृजित करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ भारत के एकीकरण को बढ़ाने में सक्षम है।

ऊर्जा बचत पर दिल्ली सरकार सख्त, PWD अधिकारियों की विदेश यात्राएं रद्द, कारपूलिंग अनिवार्य

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Public Works Department ने ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अधिकारियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ‘कारपूलिंग’ अपनाने या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री Parvesh Sahib Singh ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ऊर्जा सुरक्षा और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग पर दिए गए जोर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

आदेश के अनुसार, विभागीय अधिकारियों की सभी विदेश यात्राएं—चाहे वे व्यक्तिगत हों या व्यावसायिक—अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी खर्च में कमी आएगी और ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा विभाग ने अधिकारियों को गैर-जरूरी वाहन उपयोग से बचने और सरकारी संसाधनों के अधिकतम दक्ष उपयोग के निर्देश दिए हैं। परियोजना निरीक्षण के दौरान एक ही स्थान पर जाने वाले अधिकारियों को एक वाहन में यात्रा करने के लिए कहा गया है ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।

सरकार के इस फैसले को ऊर्जा संरक्षण और प्रशासनिक खर्चों में कटौती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी इसी तरह के दिशा-निर्देश लागू किए जा सकते हैं।

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विराट की आक्रामकता ही उनकी पहचान, ऑस्ट्रेलियाई अंदाज़ में खेलना पसंद करते हैं कोहली: इरफान पठान

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत के पूर्व ऑलराउंडर Irfan Pathan ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान Virat Kohli और Travis Head के बीच मैदान पर हुई तीखी बहस को सामान्य प्रतिस्पर्धात्मक माहौल का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि शीर्ष स्तर की क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच इस तरह की आक्रामकता और भावनात्मक टकराव आम बात है।

सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मुकाबले के दौरान कोहली और हेड के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मैच के दौरान कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रैविस हेड पर तंज कसते हुए संकेत दिया कि उन्हें लगातार इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट बनने के बजाय मैदान पर गेंदबाजी में भी योगदान देना चाहिए। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों की बहस चर्चा का विषय बन गई।

इरफान पठान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विराट कोहली हमेशा से जुनून और आक्रामकता के साथ क्रिकेट खेलते आए हैं। उन्होंने कहा कि कोहली को मैदान पर उसी तरह की प्रतिस्पर्धी मानसिकता पसंद है जैसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी दिखाते हैं। पठान के अनुसार, जब खिलाड़ी जीत के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं तो भावनाएं भी खुलकर सामने आती हैं और इसे गलत नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि विराट की ऊर्जा और मैदान पर उनका एटीट्यूड ही उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। क्रिकेट प्रशंसक भी ऐसे मुकाबलों का आनंद लेते हैं क्योंकि इससे मैच का रोमांच और बढ़ जाता है। हालांकि, पठान ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिस्पर्धा के बावजूद खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखनी चाहिए।

आईपीएल के मौजूदा सीजन में विराट कोहली शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं और उनकी बल्लेबाजी आरसीबी के लिए लगातार मजबूत आधार साबित हो रही है। वहीं ट्रैविस हेड भी सनराइजर्स हैदराबाद के लिए विस्फोटक पारियां खेल चुके हैं, जिसके कारण दोनों टीमों के बीच मुकाबले और भी दिलचस्प बन रहे हैं।

एशियाई उत्पादकता संगठन के शासी निकाय की बैठक के 68वें सत्र का नई दिल्ली में समापन


नई दिल्ली / सत्ता संदेश

एशियाई उत्पादकता संगठन के शासी निकाय ने विजन 2030 की रूपरेखा और संस्थागत निष्पादन उपायों की समीक्षा की

एशियाई उत्पादकता संगठन के शासी निकाय की बैठक का 68वां सत्र 20-22 मई 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित तीन दिनों के विचार-विमर्श, रणनीतिक चर्चाओं और उच्च स्तरीय बैठकों के बाद नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) ने उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में इस बैठक का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय उत्पादकता संगठनों (एनपीओ) के प्रमुखों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नीति निर्माताओं, उत्पादकता विशेषज्ञों और एपीओ सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 20 मई 2026 को तैयारी और बंद कमरे में हुई बैठकों के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के बीच क्षेत्रीय सहयोग और समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से नेटवर्किंग और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

21 और 22 मई 2026 को आयोजित पूर्ण सत्रों में एपीओ की भविष्य की दिशा, शासन और रणनीतिक प्राथमिकताओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण एजेंडा मदों पर विचार-विमर्श किया गया। इन सत्रों में महासचिव की वार्षिक रिपोर्ट, वर्ष 2025 की वित्तीय रिपोर्ट, 2026 के लिए लेखा परीक्षकों की नियुक्ति, एपीओ विजन 2030 संचालन समिति की सिफारिशें, 2027-28 की द्विवर्षीय अवधि के लिए एपीओ का प्रारंभिक बजट और शासन सुधार, क्षेत्रीय उत्पादकता पहलों पर प्रगति रिपोर्ट को स्वीकार किया गया और संस्थागत निष्पादन और अनुपालन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 21 मई 2026 को आयोजित उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया और उद्घाटन भाषण दिया। श्री गोयल ने भारत की उत्पादकता-आधारित विकास, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, विनिर्माण और रसद सुधार, एमएसएमई के सशक्तिकरण, स्थिरता पहलों और क्षेत्रीय सहयोग के बारे में बताया।

शासी निकाय की बैठक में नेतृत्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन भी हुए, जिसमें इंडोनेशिया के एपीओ निदेशक, प्रोफेसर अनवर सानुसी ने 2026-27 के लिए एपीओ अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने भारत के एपीओ निदेशक और वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया का स्थान लिया। ईरान और जापान के कार्यवाहक एपीओ निदेशकों ने क्रमशः प्रथम और द्वितीय उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।

इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण उत्पादकता संवर्धन और संगठनात्मक उत्कृष्टता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उत्पादकता समर्थकों, तकनीकी विशेषज्ञों और एनपीसी विशेष मान्यता पुरस्कारों के लिए एपीओ पुरस्कार थे।

एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) ने एपीओ सदस्य देशों में उत्पादकता विशेषज्ञों के प्रमाणन निकायों का मूल्यांकन करने और मान्यता प्रदान करने के लिए एपीओ प्रत्यायन निकाय (एपीओ-एबी) की स्थापना की। अब तक, भारत सहित 13 एपीओ सदस्य देशों को प्रमाणन प्राप्त हो चुका है। इस कार्यक्रम के दौरान, कंबोडिया के राष्ट्रीय उत्पादकता संगठन प्रमाणन निकाय को एपीओ-एबी प्रत्यायन प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

सदस्य अर्थव्यवस्थाओं ने शासी निकाय की बैठक के दौरान एपीओ विजन 2030 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और डिजिटल परिवर्तन, सतत विकास, नवाचार, क्षमता विकास और उत्पादकता-आधारित विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।

22 मई 2026 को आयोजित समापन सत्र का शुभारंभ एपीओ अध्यक्ष के संबोधन से हुआ, जिसके बाद भारत की वैकल्पिक निदेशक श्रीमती नीरजा शेखर ने अपने विचार रखे। इसके बाद यह घोषणा की गई 2027 में कि 69वीं जीबीएम की मेजबानी लाओ पीडीआर करेगा और एपीओ अर्थव्यवस्थाओं के प्रमुखों की 67वीं कार्यशाला शिखर बैठक (एसएम) 2027 में श्रीलंका में आयोजित की जाएगी।

एपीओ ने “अन्य व्यवसाय” के अंतर्गत, सदस्य देशों को विजन 2030 के तहत जीएआईए (जेनुइन एआई एक्शन) पहल के बारे में जानकारी दी जिसमें एआई-संचालित उत्पादकता विकास और प्रशिक्षण प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया। इसके बाद, द्वितीय उपाध्यक्ष, जापान द्वारा प्रस्तुत कार्यवाही का सारांश (दिन 1 और 2) अपनाया गया और एपीओ अध्यक्ष के समापन भाषण के साथ सत्र समाप्त हुआ।

बाद में, प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के प्रमुख धरोहर स्थलों- राष्ट्रीय संग्रहालय, हुमायूं का मकबरा, इंडिया गेट-सेंट्रल विस्टा सेरिमोनियल ऐवन्यू और ‘द लाइट एंड द लोटस्: रेलिक्स ऑफ अवेकन्ड वन का सांस्कृतिक भ्रमण किया। इस प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के साथ-साथ मूर्तियां, पांडुलिपियां और कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं, जो भारत की बौद्ध विरासत को दर्शाती हैं। इस प्रदर्शनी में नई दिल्ली के राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित भारत की आध्यात्मिक और सभ्यतागत विरासत को दर्शाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने के इस अवसर की सराहना की।

एशियाई उत्पादकता संगठन के शासी निकाय की 68वीं बैठक की सफल मेजबानी ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उत्पादकता को बढ़ाने, क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर, वायुसेना स्टेशन, चांदीनगर में मैरून बेरेट की औपचारिक परेड

दिल्ली / सत्ता संदेश

वायु सेना के ‘गरुड़’ बल के विशेष बलों के जवानों के प्रशिक्षण के सफल समापन के उपलक्ष्य में, 23 मई 2026 को गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर (जीआरटीसी), वायु सेना स्टेशन चांदीनगर में मैरून बेरेट औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में एवीएम राहुल गुप्ता, एसीएएस ऑपरेशन (अंतरिक्ष) ने परेड का निरीक्षण किया।

गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने गरुड़ कमांडो को उनकी सफल पासिंग आउट पर बधाई दी। उन्होंने युवा कमांडो को संबोधित करते हुए तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप कठोर प्रशिक्षण और विशेष बलों के कौशल को निखारने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सफल गरुड़ प्रशिक्षुओं को मैरून बेरेट, गरुड़ प्रवीणता बैज और विशेष बल टैब प्रदान किए और पुरस्कार विजेताओं को ट्राफियां वितरित की।

पासिंग आउट समारोह के दौरान, ‘गरुड़ों’ ने युद्धक फायरिंग, बंधक बचाव, फायरिंग ड्रिल, विस्फोटक सामग्री का उपयोग, बाधा पार करना, दीवार पर चढ़ना, रेंगना, रस्सियों से उतरना और सैन्य मार्शल आर्ट जैसे विभिन्न कौशल का प्रदर्शन किया।

मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड ‘गरुड़ों’ के लिए गौरव और उपलब्धि का क्षण होता है। यह एक अत्यंत कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयुक्त परिणति और विशिष्ट ‘गरुड़’ बल में शामिल ‘युवा विशेष बल संचालकों’ के रूप में उनके परिवर्तन का प्रतीक है।

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की भूमिका को देखते हुए, हाल ही में पास आउट विशेष बल संचालक नए विशेष अभियानों को अंजाम देने के लिए भारतीय वायु सेना की क्षमता को और मजबूत करेंगे।

सिलीगुड़ी में आयोजित 19वें रोजगार मेले में 82 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र


सिलीगुड़ी / सत्ता संदेश

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया

प्रधानमंत्री के “नागरिक देवो भवः” मंत्र के साथ राष्ट्र सेवा का आह्वान

देशभर के 47 स्थानों पर 51 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार अवसर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले के अंतर्गत सिलीगुड़ी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री कमलेश पासवान ने नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

सिलीगुड़ी में आयोजित इस रोजगार मेले में कुल 82 अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें भारत सरकार के भारतीय रेल, डाक विभाग, रक्षा विभाग, वित्तीय सेवा विभाग तथा भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पद शामिल हैं। देशभर में आयोजित इस रोजगार मेले के माध्यम से 51 हजार से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की सेवाओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर श्री कमलेश पासवान ने कहा कि रोजगार मेला केवल नियुक्ति वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों, प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को पारदर्शी, तेज एवं मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से निरंतर अवसर प्रदान कर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री जी के मंत्र “नागरिक देवो भवः” का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों की सेवा ही सरकार और सरकारी कर्मचारियों का सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करें तथा “राष्ट्र प्रथम” की भावना को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

श्री पासवान ने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे युवा आबादी वाला देश है और यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। केंद्र सरकार कौशल विकास, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, मेक-इन-इंडिया आदि पहलों के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रही है।

कार्यक्रम में डॉ. जयंती रॉय, माननीय सांसद; डॉ. शंकर घोष, माननीय विधायक, सिलीगुड़ी; श्रीमती शिखा चटर्जी, माननीय विधायक, फुलबाड़ी; श्री आनंदमय बर्मन, माननीय विधायक, माटीगाड़ा–नक्सलबाड़ी; श्री सोनम लामा, माननीय विधायक, कालिम्पोंग; श्री दुर्गा मुर्मू, माननीय विधायक, फांसीदेवा; श्री अनंता देव अधिकारी, माननीय विधायक, जलपाईगुड़ी; एवं श्री धीरराम जी, माननीय विधायक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अंत में श्री कमलेश पासवान ने सभी नव-नियुक्त युवाओं एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएँ देते हुए आवाहन किया कि वे ईमानदारी, निष्ठा और सेवा-भावना को अपने कार्य के केंद्र में रखकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत के निर्माण की सबसे बड़ी आधारशिला है।