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दलेर मेहंदी के समर्थन में आए मीका सिंह और बॉलीवुड सितारे, विवाद पर CM धामी ने कही ये बात

उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस पर विवाद के बीच CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब मामले को विराम देना चाहिए। मीका सिंह ने भी किया समर्थन।

देहरादून / सत्ता संदेश

उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार चर्चा में है। इस मामले में गायक मीका सिंह समेत बॉलीवुड की कई हस्तियों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया है। वहीं, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इस मामले पर अपना पक्ष रखा है। इस बीच मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि अब इस विवाद को समाप्त कर देना चाहिए।

CM धामी बोले- अब मामले को विराम देना चाहिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह प्रतिक्रिया दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस विपक्ष के ‘वोट चोरी’ अभियान को लेकर आयोजित की गई थी। इसी दौरान दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद पर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय जनता का दबाव रहा होगा।

धामी ने कहा कि संबंधित मंत्री ने भी इस मामले पर बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें दलेर मेहंदी की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी नहीं थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस विषय को यहीं समाप्त कर देना चाहिए।

दलेर मेहंदी के समर्थन में आए मीका सिंह और बॉलीवुड सितारे

कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर विवाद सामने आने के बाद मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। पंजाबी गायक मीका सिंह भी दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं। इसके अलावा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है।

इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने के बीच मुख्यमंत्री धामी के बयान को विवाद समाप्त करने की अपील के रूप में देखा जा रहा है। अब इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

Uttarakhand : पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट-2026’ शुरू, 90 जवान ले रहे हिस्सा

उत्तराखंड / सत्ता संदेश

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारत और मंगोलिया की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट-2026’ सोमवार, 21 सितंबर से शुरू हो गया। दोनों देशों के बीच होने वाले इस वार्षिक प्लाटून स्तर के सैन्य अभ्यास का यह 18वां संस्करण है, जो 3 अक्टूबर तक चलेगा। अभ्यास में भारतीय सेना और मंगोलियाई सेना के 45-45 जवान, यानी कुल 90 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।

इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी और अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए दोनों देशों की सेनाओं की संयुक्त संचालन क्षमता को मजबूत करना है। सैनिक संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत संयुक्त सैन्य अभियान चलाने की विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण भी करेंगे।

अभ्यास के दौरान घेराबंदी और तलाशी अभियान, इमारतों में प्रवेश कर कार्रवाई, विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन सहित कई सैन्य गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सैनिकों को ड्रोन के इस्तेमाल, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक अपने अनुभव, सैन्य रणनीतियां और संचालन संबंधी प्रक्रियाएं साझा करेंगे। इसका उद्देश्य संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल विकसित करना और एक-दूसरे की सैन्य कार्यप्रणाली को समझना है।

‘नोमैडिक एलीफेंट’ भारत और मंगोलिया के बीच होने वाला वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जिसका आयोजन बारी-बारी से दोनों देशों में किया जाता है। इसका पिछला संस्करण मई-जून 2025 में मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित किया गया था।

पिथौरागढ़ में आयोजित इस संस्करण के जरिए दोनों देशों के सैनिकों को वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप संयुक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। अभ्यास से भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग, आपसी विश्वास और सैन्य तालमेल को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।

हेमकुंड साहिब यात्रा विवाद: निहंग सिंहों का जत्था उत्तराखंड बॉर्डर पहुंचा, गिरफ्तार श्रद्धालुओं की रिहाई की मांग

करणप्रयाग में श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के विरोध में पंजाब से पहुंचे सैकड़ों निहंग सिंह

पांवटा साहिब/उत्तराखंड बॉर्डर

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान उत्तराखंड के करणप्रयाग में पंजाब से गए निहंग सिंह श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में वीरवार शाम पंजाब से सैकड़ों निहंग सिंह पांवटा साहिब होते हुए उत्तराखंड सीमा पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस को दिन में ही निहंग सिंहों के जत्थे के उत्तराखंड पहुंचने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कुलहाल बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान करणप्रयाग में पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों और निहंग सिंह श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई। श्रद्धालुओं का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

इसी घटना के विरोध में पंजाब से निहंग सिंहों का जत्था उत्तराखंड सीमा तक पहुंचा। प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों की प्रमुख मांग है कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिंहों को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही, जिन स्थानीय लोगों पर मारपीट के आरोप हैं तथा जिन पुलिस कर्मियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है।