ब्रेकिंग न्यूज़
सेंटर फॉर AI, MBCIE – सैटेलाइट सेंटर IIT रोपड़ ने “एआई फॉर एजुकेटर्स” कार्यक्रम के 75 प्रतिभागियों के सफल स्नातक होने का उत्सव मनाया

लुधियाना / सत्ता संदेश

सेंटर फॉर एआई, एमबीसीआईई – सैटेलाइट सेंटर आईआईटी रोपड़ द्वारा एमबीसीआईई परिसर, बीसीएम स्कूल, लुधियाना स्थित माता ठाकुर देवी ऑडिटोरियम में “एआई फॉर एजुकेटर्स ग्रेजुएशन सेरेमनी 2026” (बैच-02) का आयोजन किया गया। यह समारोह उन शिक्षकों की उपलब्धियों का उत्सव था जिन्होंने नवाचार को अपनाते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के माध्यम से शिक्षा के भविष्य का नेतृत्व करने की दिशा में सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूरा किया।

समारोह का शुभारंभ शैक्षणिक जुलूस (Academic Procession) एवं वंदे मातरम् से हुआ, जिसके बाद एमबीसीआईई के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रेम कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए समारोह के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की।

सेंटर फॉर एआई रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने केंद्र की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों तथा शिक्षकों एवं पेशेवरों को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने में उसकी बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने एआई के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग के महत्व को रेखांकित किया तथा एमबीसीआईई के चेयरमैन डॉ. सुनील कांत मुंजाल के दूरदर्शी नेतृत्व और हीरो साइकिल्स के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. राय के सतत मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

समारोह में मुख्य अतिथि श्री आदित्य मदान, विशिष्ट अतिथि श्री पंकज जोशी तथा अध्यक्षता अधिकारी श्री देवाकर जैन उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में श्री पंकज जोशी ने रोजगार के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिवर्तनकारी प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों को केवल वर्तमान करियर ही नहीं, बल्कि एआई द्वारा सृजित होने वाले भविष्य के अवसरों के लिए भी तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता तथा भविष्य-केंद्रित कौशलों के महत्व पर बल दिया।

श्री आदित्य मदान ने अपने संबोधन में शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एमबीसीआईई द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा आईआईटी इकोसिस्टम के साथ व्यापक एकीकरण के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अधिक अवसर सृजित करने की बात कही। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा विकसित कैपस्टोन परियोजनाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता की प्रशंसा करते हुए उत्कृष्ट विचारों को आगे बढ़ाने में सहयोग का आश्वासन दिया।

अध्यक्षता अधिकारी श्री देवाकर जैन ने स्नातक शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बावजूद पुनः विद्यार्थी बनना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षा के स्वरूप को बदल सकती है, लेकिन मूल्यों का निर्माण, जिज्ञासा का विकास और विद्यार्थियों को प्रेरित करने में शिक्षक की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण और अपरिहार्य रहेगी। उन्होंने प्रतिभागियों को विवेक और जिम्मेदारी के साथ नवाचार अपनाने तथा शिक्षा में परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।

समारोह के दौरान कार्यक्रम के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को उनकी असाधारण प्रतिबद्धता, नवाचारी सोच और प्रभावशाली परियोजनाओं के लिए पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एआई फॉर एजुकेटर्स प्रोग्रामबैच 02 के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करना रहा। सभी स्नातक शिक्षकों को आजीवन सीखने की भावना तथा शिक्षा में एआई के सार्थक और जिम्मेदार उपयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सराहा गया।

समारोह का समापन गणमान्य अतिथियों के सम्मान, श्री नवदीप सिंह (हेडएकेडमिक्स) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन, औपचारिक समापन घोषणा, राष्ट्रगान, समूह छायाचित्र तथा लंच एवं नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ।यह समारोह शिक्षकों की समर्पण भावना, जिज्ञासा और निरंतर सीखने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। सेंटर फॉर एआई, एमबीसीआईई – सैटेलाइट सेंटर आईआईटी रोपड़ ने भविष्य के लिए तैयार ऐसे शिक्षकों के समुदाय के निर्माण के अपने संकल्प को पुनः दोहराया, जो उभरती तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ उद्देश्यपूर्ण, जिम्मेदार और प्रेरणादायक नेतृत्व प्रदान करें।

मुंजाल बीसीयूसेंटर ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप

प्रेस नोट

एमबीसीआईई में संत बाबा भग सिंह यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का शैक्षणिक दौरा

लुधियाना /सत्ता संदेश , मई 2026:
मुंजाल-बीसीयू सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एमबीसीआईई), लुधियाना ने संत बाबा भग सिंह यूनिवर्सिटी, जालंधर के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के एक शैक्षणिक दौरे की सफलतापूर्वक मेजबानी की।

अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत बी.कॉम और बीबीए कार्यक्रमों के 52 छात्र, 5 संकाय सदस्यों के साथ, बुधवार 6 मई 2026 को एमबीसीआईई पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य विद्यार्थियों को इनक्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उद्यमिता विकास पहलों के कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

“नौकरियों के जाल में न फंसें – अपने उद्यम बनाएं!” विषय पर आयोजित सत्र का संचालन श्री शिवेन दास, सीईओ, लुधियाना एंजल नेटवर्क एवं निदेशक, एमबीसीआईई द्वारा किया गया। उन्होंने प्रेरणादायक स्टार्टअप कहानियां साझा कीं और प्रतिभागियों के साथ एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता को एक व्यवहारिक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इसमें नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाला बनने के लाभों पर प्रकाश डाला गया तथा गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए भी उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी गई। उद्यमिता के “क्या करें और क्या न करें” जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

डेढ़ घंटे के इस इंटरएक्टिव सत्र में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जो स्टार्टअप इकोसिस्टम में वास्तविक चुनौतियों और अवसरों को समझने के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि को दर्शाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत डॉ. प्रेम, कार्यकारी निदेशक, एमबीसीआईई द्वारा किया गया। उनके साथ श्री नवदीप सिंह, प्रमुख – अकादमिक एवं कॉर्पोरेट संबंध, एमबीसीआईई भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सत्र के लिए डॉ. अवतार के साथ चर्चा की पहल की।

एमबीसीआईई ने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई।

जारीकर्ता: