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वृंदावन नाव हादसा: जगराओं के पीड़ित परिवारों से मिले सुखबीर बादल

पंजाब डेस्क : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद लुधियाना जिले के जगराओं शहर में मातम का माहौल है। इस हादसे में जगराओं के एक ही परिवार के 4 सदस्यों सहित कुल 6 लोगों की जान चली गई थी। इसी दुख की घड़ी में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पीड़ित परिवारों से मिलने जगराओं पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी।

यूपी सरकार और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल : सुखबीर बादल ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि नदियों और तेज बहाव वाले जलाशयों में चलने वाली नावों में सेफ्टी जैकेट अनिवार्य होनी चाहिए। बादल ने आरोप लगाया कि इस तरह के हादसों में सामने आने वाली लापरवाहियां सरकार की बड़ी नाकामी को दर्शाती हैं और कानून को सख्ती से लागू करने की जरूरत है।

मुआवजे की मांग: ₹2 लाख को बताया कम केंद्र सरकार द्वारा मृतक परिवारों के लिए घोषित 2 लाख रुपये के मुआवजे पर प्रतिक्रिया देते हुए बादल ने इसे “बेहद कम” बताया। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार अपनी चुप्पी तोड़े और पीड़ित परिवारों को कम से कम 50 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की आर्थिक सहायता प्रदान करे।

अकाली दल के नेता रहे मौजूद: इस मुलाकात के दौरान सुखबीर बादल के साथ हल्का इंचार्ज कलेर, पूर्व चेयरमैन कमलजीत सिंह मल्ला और कई अन्य वरिष्ठ अकाली नेता व पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जगराओं पहुंचकर मथुरा पीड़ित परिवारों से मिले, संकट की घड़ी में हर संभव सहायता का भरोसा

जगराओं/ सत्ता संदेश

मथुरा नाव हादसे में जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख, इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

वृंदावन के दर्शन के लिए जाते समय नाव पलटने से हुआ हादसा, 11 शव बरामद, चार लापता व्यक्तियों की तलाश जारी – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब ने बचाव कार्यों के लिए गोताखोरों की टीम भेजी, पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, बचाव कार्यों और भविष्य की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से की बात – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जगराओं का दौरा कर मथुरा के पास नाव पलटने की दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की और संकट की इस घड़ी में हर संभव सहायता का भरोसा दिया। इस घटना में हुए जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वृंदावन की यात्रा के दौरान यमुना नदी में पीड़ितों की नाव पलट गई, जिसमें अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं और चार लापता व्यक्तियों की तलाश जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार उत्तर प्रदेश सरकार के संपर्क में है और बचाव कार्यों में सहायता के लिए पंजाब की ओर से गोताखोरों की टीमें पहले ही भेजी जा चुकी हैं। जवाबदेही और रोकथाम पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने और ऐसे हादसों को रोकने के लिए उन्होंने यह मुद्दा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया है।

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मथुरा के पास हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कीमती जिंदगियों के नुकसान पर बेहद दुख हुआ है। मेरी गहरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। पीड़ित वृंदावन में माथा टेकने जा रहे थे, तभी उन्हें ले जा रही नाव यमुना नदी में पलट गई।”
मुख्यमंत्री ने बताया, “अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार लापता व्यक्तियों की तलाश अभी जारी है।

 मुख्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से बचाव कार्यों में उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की मदद के लिए घटनास्थल पर गोताखोरों की टीमें भेजी गई हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस हादसे में बचे लोगों को आवश्यक चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मैं उत्तर प्रदेश में अपने समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हूं और चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों की निकटता से निगरानी कर रहा हूं।”

रोकथाम उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की है कि भविष्य में ऐसे पवित्र स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यह जरूरी है कि संबंधित राज्य सरकारें जन महत्व के स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।”

संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं जान गंवाने वालों के परिवारों, रिश्तेदारों और मित्रों के प्रति दिल से सहानुभूति प्रकट करता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें और परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पंजाब सरकार इस संकट की घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।”

लुधियाना: एक ही परिवार के 7 सदस्यों में रेबीज के लक्षण, PGI चंडीगढ़ रेफर

पंजाब डेस्क: लुधियाना के जगरांव से एक बहुत ही हैरान करने वाला और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के सात सदस्यों में रेबीज के लक्षण देखे गए हैं। इन सभी सदस्यों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जगरांव के सिविल हॉस्पिटल से PGI, चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है।

एक साल पुरानी लापरवाही पड़ी भारी: जानकारी के मुताबिक, करीब एक साल पहले परिवार के एक सदस्य को कुत्ते ने काट लिया था। उस समय परिवार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और रेबीज से बचाव के लिए कोई वैक्सीन नहीं लगवाई। पिछले कुछ दिनों से परिवार के सदस्यों में अचानक रेबीज के लक्षण दिखने लगे।

गंभीर हालत और मेडिकल जांच: जगरांव SMO डॉ. गुरविंदर कौर ने बताया कि जब ये लोग हॉस्पिटल आए थे, तो उनकी हालत बहुत नाजुक थी। उनके मुंह से सामान्य से ज़्यादा लार टपक रही थी और वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। डॉक्टर के अनुसार, हालांकि रेबीज़ की पुष्टि टेस्ट के बाद होगी, लेकिन शुरुआती लक्षण रेबीज़ के ही हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: परिवार जगराओं में शेरपुरा चौक के पास रहता है। प्रभावित सदस्यों में परिवार का मुखिया (जो एक फैक्ट्री में काम करता है), उसकी पत्नी, उनके तीन बच्चे और मुखिया की भाभी के दो बच्चे शामिल हैं जो उनके साथ रहती थीं।

लुधियाना: बजरी से लदा ट्रक झुग्गी पर पलटने से दो मासूम बच्चों की मौत, आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: लुधियाना में जगराओं पुलिस ने सिधवां बेट रोड पर हुए दर्दनाक हादसे में आरोपी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें दो मासूम भाई-बहनों की जान चली गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बरनाला के गुरु तेग बहादुर नगर के रहने वाले पवनदीप सिंह के रूप में हुई है।

कैसे हुआ हादसा? सूत्रों के मुताबिक, तड़के सतलुज नदी से बजरी भरकर आ रहा एक ओवरलोडेड ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे बनी झुग्गी पर पलट गया। उस समय झुग्गी में चार बच्चे सो रहे थे। ट्रक से सारी बजरी बच्चों पर गिर गई, जिससे गोपाल और पिंकी नाम के दो बच्चे बजरी के नीचे दब गए।

सिस्टम की बेपरवाही और परिवार का दर्द

यह हादसा इतना भयानक था कि बच्चे करीब दो घंटे तक बजरी के नीचे तड़पते रहे। परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद न तो कोई एंबुलेंस आई और न ही प्रशासन ने मदद की। आखिर में, सड़क किनारे काम करने वाले और कोल्ड स्टोर के कर्मचारियों ने मिलकर बजरी हटाई, लेकिन तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।परिवार के लिए यह नुकसान इसलिए और भी बड़ा है क्योंकि पिता सदासुख ने अपनी भतीजी पिंकी को अपनी बेटी की तरह अपनाया था।

हादसे के समय ड्राइवर ने इंसानियत दिखाने के बजाय ट्रक की खिड़की तोड़ दी और मौके से भाग गया।पुलिस कार्रवाई जगराओं पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसे आगे की पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।