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दिल्लीः राजनाथ की अगुवाई में IGoM की बैठक

दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली में रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अगुवाई में पश्चिम एशिया संकट को लेकर Informal Empowered Group of Ministers (IGoM) की उच्चस्तरीय बैठक हुई। खाड़ी क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है।

बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, भारत की सुरक्षा तैयारियों, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने रणनीतिक और आर्थिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को हुई इस अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों से हालात पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा और देश के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए हर संभावित कदम पर काम कर रही है।

भारत ने एमआईआरवी सिस्टम से उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत ने 8 मई को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) सिस्टम से उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल का परीक्षण कई विस्फोटकों के साथ किया गया, जिनका लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फैले विभिन्न लक्ष्य थे।

कई जमीनी और जहाज-आधारित स्टेशनों ने टेलीमेट्री और ट्रैकिंग का कार्य किया। इन प्रणालियों ने मिसाइल के प्रक्षेपण से लेकर सभी विस्फोटकों के प्रभाव तक की पूरी यात्रा का पता लगाया। उड़ान डेटा से पता चला कि परीक्षण के दौरान मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हुए।  

भारत ने इस सफल परीक्षण से एक बार फिर एक ही मिसाइल प्रणाली का उपयोग करके कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता का प्रदर्शन किया। इस मिसाइल को डीआरडीओ की प्रयोगशालाओं ने देश भर के उद्योगों के सहयोग से विकसित किया है। इस परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक और भारतीय सेना के जवान उपस्थित थे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय सेना और उद्योग जगत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए देश की रक्षा तैयारियों को और मजबूती मिलेगी।

DRDO और IAF ने TRA हथियार का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय वायु सेना ने गुरुवार को ओडिशा के तट पर सामरिक उन्नत रेंज संवर्धन हथियार का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। टीएआरए एक मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट है, जो भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है। टीएआरए अनिर्देशित वारहेड को सटीक निर्देशित हथियारों में बदल देती है।

टीएआरए को हैदराबाद स्थित इमारात अनुसंधान केंद्र (RCI) ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से डिज़ाइन और विकसित किया है। इसका उद्देश्य ज़मीनी लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए कम लागत वाले हथियार की मारक क्षमता और सटीकता को बढ़ाना है। यह अत्याधुनिक कम लागत वाली प्रणालियों का उपयोग करने वाला पहला ग्लाइड हथियार है। इस किट का निर्माण विकास सह उत्पादन साझेदारों (DCPP) और अन्य भारतीय उद्योगों के सहयोग से किया गया है। इसका उत्पादन कार्य शुरू कर दिया गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रथम उड़ान परीक्षण के लिए DRDO, IAF, DCPP और उद्योग जगत को बधाई दी है और इसे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस सफल उड़ान परीक्षण से जुड़ी टीमों को बधाई दी।

तकनीक आधारित युग में भविष्य के लिए अनुसंधान और नवाचार जरुरी : राजनाथ सिंह

दिल्ली/सत्ता संदेश

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तीव्र तकनीकी क्रांति के वर्तमान युग में भविष्य के लिए तैयार रहने हेतु अनुसंधान पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने और अप्रत्याशित नवाचार की रणनीति अपनाने के महत्व पर बल दिया। रक्षामंत्री ने 4 मई को प्रयागराज में भारतीय सेना की उत्तरी एवं मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नॉर्थ टेक संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में रक्षा कर्मियों, उद्योगपतियों, नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए यह विचार व्‍यक्‍त किए।

उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में, युद्ध का स्वरूप महज तीन-चार सालों में टैंकों और मिसाइलों से बदलकर ड्रोन और सेंसर जैसे क्रांतिकारी उपकरणों में परिवर्तित हो गया। इसके अलावा, दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी वस्‍तुएं भी घातक हथियार बनती जा रही हैं।

रक्षामंत्री ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप्स को आवंटित किया गया है और अब तक इन संस्थाओं ने बजट का 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का उपयोग कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की एक नई नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत विकास-सह-उत्पादन साझेदारों, विकास साझेदारों और उत्पादन एजेंसियों के लिए पहले लगने वाला 20 प्रतिशत शुल्क पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, डीआरडीओ ने अब तक विभिन्न उद्योगों को 2,200 से अधिक प्रौद्योगिकियां हस्तांतरित की हैं।

रक्षा मंत्री ने रक्षा त्रिवेणी संगम- जहां प्रौद्योगिकीउद्योग और सैन्य शक्ति का संगम होता है विषय पर आधारित नॉर्थ टेक संगोष्ठी को नवाचार को बढ़ावा देने और भारत की तकनीकी एवं रक्षा तैयारियों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी हितधारकों को अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने में सक्षम बनाने के लिए ठोस सुझावों की आशा व्‍यक्‍त की। उन्होंने हितधारकों को विशेषज्ञता साझा करने और उभरते एवं अनछुए क्षेत्रों में सामूहिक रूप से क्षमताओं को बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए एक ज्ञान गलियारे के निर्माण का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह हमारा सामूहिक प्रयास है कि हम आने वाले समय में विश्व की सबसे शक्तिशाली सैन्य शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करें।

संगोष्ठी के भाग के रूप में, एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें लघु एवं मध्यम उद्यमों, निजी रक्षा प्रौद्योगिकी फर्मों, स्टार्टअप्स और वर्दीधारी नवोन्मेषकों सहित विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत स्वदेशी समाधानों को प्रदर्शित किया गया। 284 कंपनियों ने अपने नवीनतम नवाचारों और प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल लगाए।