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यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 में तीन नए जोड़े गए केंद्रों को 23,000 से अधिक उम्मीदवारों ने चुना; इससे विद्यमान केंद्रों पर दबाव कम हुआ

दिल्ली / सत्ता संदेश

सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के परीक्षा केंद्रों पर भीड़ कम करने के प्रयास में, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में तीन नए परीक्षा केंद्र आरंभ किए हैं। इन केंद्रों के जुड़ने से प्रारंभिक परीक्षा के लिए केंद्रों की कुल संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। लगभग 23,000 उम्मीदवारों ने इन नए केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर भीड़ कम हो गई है।

संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने इस पहल पर विचार व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को उम्मीदवारों के लिए अधिक सुगम, सुलभ और प्रभावी बनाना है। तीन नए केंद्रों को जोड़ने का उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और उम्मीदवारों को अधिक सुविधा प्रदान करना है। इसके अलावा, दिव्यांग उम्मीदवारों को उनके पसंदीदा परीक्षा केंद्र आवंटित करके, आयोग भौगोलिक और भौतिक बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है ताकि यूपीएससी की यात्रा सभी के लिए वास्तव में सुलभ और समावेशी हो सके।”

भुवनेश्वर में नए केंद्र की स्थापना से कटक पर दबाव अत्यधिक कम हो गया है। सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा – 2026 के लिए भुवनेश्वर केंद्र को 10,656 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार, कानपुर केंद्र के जुड़ने से लखनऊ पर दबाव कम हुआ है। कानपुर में नए केंद्र के लिए 6,938 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, मेरठ केंद्र की स्थापना से आसपास के क्षेत्रों के उम्मीदवारों को लाभ हुआ है और गाजियाबाद पर निर्भरता कम हुई है। मेरठ में नए केंद्र के लिए 5,902 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

संघ लोक सेवा आयोग ने विशिष्ट दिव्यांगता वाले व्यक्तियों (पीडब्ल्यूबीडी) के लिए समावेशिता और सुलभता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। संशोधित व्यवस्था के तहत, यह सुनिश्चित किया गया है कि दिव्यांग उम्मीदवार को विद्यमान केंद्रों की क्षमता से अधिक होने पर भी  और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त क्षमता सृजित करके भी उनकी पसंद का केंद्र मिले। परिणामस्वरूप, अकेले दिल्ली क्षेत्र में लगभग 805 दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी पसंद का केंद्र मिला।

इस वर्ष सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए यूपीएससी को कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। परीक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग ने सीएसपी-2026 आवेदन पत्र में एक ड्रॉपडाउन विकल्प जोड़ा है, जिससे उम्मीदवार अपने पसंदीदा निकटवर्ती शहरों का चयन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से प्राप्त डेटा उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं के सर्वेक्षण के रूप में कार्य करेगा और भविष्य में अतिरिक्त परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने में सहायक होगा।

ये पहलें समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं, साथ ही निष्पक्षता, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखती हैं।

यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के बाद तुरंत जारी करेगा


यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने अनंतिम उत्तर कुंजी शीघ्र जारी करने की पहल को अधिक पारदर्शिता की दिशा में एक ‘नई शुरुआत’ बताया

संघ लोक सेवा आयोग पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा संचालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पहली बार सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी करेगा।

इसे “एक नई शुरुआत” बताते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा, “ पहली बार, संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा के अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करेगा। यह पहल उम्मीदवारों के साथ अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर संवाद स्थापित करने के आयोग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।” उन्होंने आगे कहा, “इस नीति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता, अखंडता और योग्यता-आधारित ढांचे को बनाए रखते हुए इसे उम्मीद्वारों के लिए अधिक सहभागी बनाना है।”

अनंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के बाद  सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवार, यदि कोई अपत्ति हो, तो 31 मई, 2026 शाम 6 बजे तक अपने अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल “ऑनलाइन पश्न पत्र अभ्यावेदन पोर्टल (क्यूपीआरईपी)” उपलब्ध कराया गया है,  जो https://upsconline.nic.in/login पर उपलब्ध है। उम्मीदवार अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर कुंजी का संकेत देते हुए एक संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से प्राप्त सहायक दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इससे न केवल उम्मीदवार परीक्षा में अपने प्रदर्शन का जल्दी और सटीक मूल्यांकन कर सकेंगे, बल्कि उन्हें अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर भी मिलेगा।

उम्मीदवारों से प्राप्त सभी अभ्यावेदनों को विषय-विशेषज्ञों की टीमों के समक्ष विस्तृत एवं सावधानीपूर्वक समीक्षा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यह विशेषज्ञ संबंधित विषयों का गहन ज्ञान और विशेषज्ञता रखते हैं। वे प्रत्येक अभ्यावेदन की बारीकी से जांच करेंगे, प्रसतुत दस्तावेजों का मूल्यांकन करेंगे और संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की शुद्धता पर अपना विचार दर्ज करेंगे। इसके बाद प्राप्त सभी अभ्यावेदनों पर समुचित विचार करने के उपरांत ही अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाएगी।

यह नया सुधार उम्मीद्वारों की उस लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लाागू किया गया है, जिसमें अनांतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने की मांग की जा रही है। यह कदम आयोग की पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में उम्मीदवारों के विश्वास को और सुदृढ करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।