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महारानी परनीत कौर की बेटी बीबा जय इंद्र कौर और प्रधान राजेश बब्बू बंसल ने मुख्य दफ्तर पहुंचकर किया उद्घाटन

नाभा/ सत्ता संदेश

‘सुनील कुमार तेरी बल्ले-बल्ले’ के नारों से गूंजा वार्ड नंबर 18, भाजपा उम्मीदवार का जोरदार स्वागत!

नाभा : वार्ड नंबर 18 में उस समय चुनावी माहौल पूरी तरह भगवामय हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुनील कुमार (भलवान) चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे। वार्डवासियों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी और भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा इलाका “सुनील कुमार तेरी बल्ले-बल्ले” के जोशीले नारों से गूंज उठा।

इस मौके पर इलाके के निवासियों ने भाजपा उम्मीदवार सुनील कुमार को नोटों और फूलों की मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के फूल वाले पटके पहनकर उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं और उनकी जीत का दावा कर रहे हैं। इस दौरान समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह गांधीनगर में मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन करेंगे

गुजरात / सत्ता संदेश

सहकारी डेयरी अवसंरचना को बड़ा बढ़ावा : पूर्णतः स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र मूल्य संवर्धन और किसानों की समृद्धि को सशक्त करेगा

“सहकार से समृद्धि” के विज़न के अंतर्गत गुजरात में आधुनिक डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार को बल मिलेगा

जमीनी स्तर पर सहकारी सशक्तिकरण को प्रदर्शित करते हुए उद्घाटन समारोह में महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया जायेगा

उन्नत प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुविधाएँ भारत की सहकारी डेयरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेंगी

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” के मंत्र के माध्यम से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के विज़न तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रणालियों और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से देशभर में सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी 17 मई, 2026 को गुजरात के गांधीनगर स्थित दशेला में मधुर डेयरी यूनिट-2 स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल, गुजरात के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

नई डेयरी यूनिट के उद्घाटन से क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की अपेक्षा है। साथ ही इससे सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा सहकारी क्षेत्र से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। यह पहल उन्नत प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों तथा कुशल प्रसंस्करण अवसंरचना के माध्यम से डेयरी सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मधुर डेयरी यूनिट-2 की शिलापट्टिका का अनावरण करेंगे तथा दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र एवं व्यूइंग गैलरी का अवलोकन करेंगे। माननीय मंत्री नियंत्रण कक्ष से परिचालन प्रणालियों का शुभारंभ कर संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन भी करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान डेयरी सहकारी संस्थाओं से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादक माननीय मंत्री का मधुर डेयरी उत्पाद किट भेंट कर सम्मान करेंगी। यह भारत के सहकारी डेयरी आंदोलन को सशक्त बनाने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करेगा।

कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा दुग्ध उत्पादक मंडलियों के प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे। यह जमीनी स्तर की डेयरी सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने तथा संस्थागत सहयोग एवं आधुनिक अवसंरचना के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को सक्षम बनाने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को पुनः रेखांकित करेगा।

मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को और गति देने, डेयरी किसानों के लिए बेहतर आजीविका अवसर सृजित करने तथा आधुनिक एवं सतत सहकारी मॉडलों के माध्यम से भारत की डेयरी मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव विश्व होम्योपैथी दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दो-दिवसीय संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे

आयुष मंत्रालय 10 अप्रैल, 2026 को विज्ञान भवन में विश्व होम्योपैथी दिवस-2026 मनाएगा।  इस अवसर पर दो-दिवसीय संवादात्मक संगोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा। इस संगोष्ठी में प्रमुख नीति निर्माता, शोधकर्ता, चिकित्सक और प्रतिनिधि एक साथ आकर सतत स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण में होम्योपैथी की उभरती भूमिका पर विचार-विमर्श करेंगे।

इस संगोष्ठी का विषय सतत स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी” है। इस वर्ष का आयोजन इस बात पर प्रकाश डालेगा कि होम्योपैथी किस प्रकार स्वास्थ्य सेवा के लिए एक समग्र, लागत प्रभावी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण प्रदान करती है – जो सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों, विशेष रूप से अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण पर सतत विकास लक्ष्य 3 (एसडीजी 3) जैसी वैश्विक प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

इस कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव और आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा के साथ-साथ देश भर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और प्रख्यात विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे।

केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में होम्योपैथी के क्षेत्र में प्रमुख अनुसंधान उन्नयन, जन स्वास्थ्य पहल और नीतिगत विकास को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें वैज्ञानिक मान्यता, नैतिक मानकों को मजबूत करने और होम्योपैथी को स्वास्थ्य प्रणालियों के मुख्यधारा में एकीकृत करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती लागत, पुरानी बीमारियों के बढ़ते बोझ और रोगाणुरोधी प्रतिरोध जैसी बढ़ती चिंताओं के संदर्भ में, यह आयोजन एक स्थायी चिकित्सा प्रणाली के रूप में होम्योपैथी की क्षमता को रेखांकित करेगा – जो न्यूनतम पारिस्थितिक पदचिह्न, संसाधनों के तर्कसंगत उपयोग और शरीर के जन्मजात उपचार तंत्र को उत्तेजित करने पर केंद्रित है।

विशेष सत्रों में निवारक और संवर्धक स्वास्थ्य देखभाल, जीवनशैली संबंधी और पुराने रोगों के प्रबंधन में होम्योपैथी की भूमिका और पारंपरिक औषध चिकित्सा पर निर्भरता कम करने में इसके योगदान पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, पर्यावरण के अनुकूल औषधीय पद्धतियों, जैव विविधता संरक्षण और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ पारंपरिक ज्ञान को एकीकृत करने के महत्व पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

पिछले कुछ वर्षों में, देश में और वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी पहलों में, होम्योपैथी की स्वीकार्यता में वृद्धि देखी गई है। आयुष मंत्रालय साक्ष्य-आधारित पद्धतियों, बेहतर पहुंच और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में एकीकरण के माध्यम से इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

विश्व होम्योपैथी दिवस-2026 से पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने में भारत के नेतृत्व को और मजबूत करने तथा एक लचीला, समावेशी और सतत स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों को नई गति प्रदान करने की उम्मीद है।

यह आयोजन हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में भी काम करेगा जिससे एक ऐसे भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा जहां स्वास्थ्य सेवा न केवल प्रभावी हो बल्कि न्यायसंगत, पर्यावरण के प्रति जागरूक और टिकाऊ भी हो।