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MLA पप्पी पराशर ने गणेश नगर में राशन किट और स्मार्ट राशन कार्ड बांटे

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना हल्का सेंट्रल के गणेश नगर इलाके में आज विधायक अशोक पराशर पप्पी द्वारा “मेरी रसोई स्कीम” के तहत आम लोगों की सुविधा के लिए विशेष राशन किटों का वितरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में खास उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्रयास का स्वागत किया।

विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि समाज के हर वर्ग तक राहत पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के सेवा कार्य लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि “मेरी रसोई स्कीम” का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना है ताकि कोई भी परिवार जरूरी राशन से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही उनकी राजनीति का असली उद्देश्य है और हलके के हर इलाके में जनहित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल के लिए विधायक अशोक पराशर पप्पी का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं से आम परिवारों को बड़ी राहत मिलती है। कार्यक्रम के दौरान आप पार्षद, समर्थक और वॉलंटियर साथी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

समराला वार्ड-2 चुनाव पर हाईकोर्ट सख्तअयोग्य उम्मीदवार की नामांकन मंजूरी पर SDM तलब

समराला नगर काउंसिल के वार्ड नंबर 2 की चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सतवीर सिंह सेखों की नामांकन प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए इलाके के एसडीएम, जो कि रिटर्निंग ऑफिसर भी हैं, को अगले सोमवार व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में याचिकाकर्ता के वकील गुरबीर सिंह ढिल्लों द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज परमजीत सिंह ढिल्लों भी मौजूद रहे। याचिकाकर्ता अमनदीप सिंह और उनके वकील गुरबीर सिंह ढिल्लों ने अदालत में दलील दी कि ‘आप’ उम्मीदवार सतवीर सिंह सेखों एक आपराधिक मामले में तीन साल की सजा काट चुके हैं और हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने 15 मई को उनकी यह मांग खारिज कर दी थी।
वकीलों के अनुसार, 18 मई को एसडीएम कार्यालय को लिखित रूप में सूचित कर दिया गया था कि उक्त उम्मीदवार कानूनी तौर पर चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं। इसके बावजूद 19 मई को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उनका नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया गया। इसे चुनाव नियमों का उल्लंघन बताते हुए विपक्षी पक्ष दोबारा हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि संभव है एसडीएम को चुनाव नियमों की पूरी जानकारी न हो। हालांकि अदालत ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए 26 मई को होने वाले चुनावों पर तत्काल रोक लगा दी। अब चुनाव आयोग की सहमति के बाद वार्ड नंबर 2 के चुनाव जून के पहले सप्ताह तक टलने की संभावना जताई जा रही है। अदालत सोमवार को एसडीएम से यह स्पष्टीकरण मांगेगी कि आखिर किस आधार पर कथित रूप से अयोग्य उम्मीदवार को चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई। समराला से परमिंदर वर्मा की रिपोर्ट

महारानी परनीत कौर की बेटी बीबा जय इंद्र कौर और प्रधान राजेश बब्बू बंसल ने मुख्य दफ्तर पहुंचकर किया उद्घाटन

नाभा/ सत्ता संदेश

‘सुनील कुमार तेरी बल्ले-बल्ले’ के नारों से गूंजा वार्ड नंबर 18, भाजपा उम्मीदवार का जोरदार स्वागत!

नाभा : वार्ड नंबर 18 में उस समय चुनावी माहौल पूरी तरह भगवामय हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुनील कुमार (भलवान) चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे। वार्डवासियों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी और भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा इलाका “सुनील कुमार तेरी बल्ले-बल्ले” के जोशीले नारों से गूंज उठा।

इस मौके पर इलाके के निवासियों ने भाजपा उम्मीदवार सुनील कुमार को नोटों और फूलों की मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के फूल वाले पटके पहनकर उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं और उनकी जीत का दावा कर रहे हैं। इस दौरान समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला।

AAP विधायक का बड़ा ऐलान, कैमरे के सामने उतारे जूते10 करोड़ की सरकारी जमीन छुड़ाने तक नंगे पैर प्रचार का प्रण

लुधियाना / सत्ता संदेश

समराला नगर काउंसिल चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के विधायक जगतार सिंह दियालपुरा ने एक ऐसा ऐलान कर दिया, जिसने पूरे पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। विधायक ने मीडिया के सामने अपने जूते उतार दिए और बड़ा राजनीतिक प्रण लेते हुए कहा कि जब तक वह विरोधियों के कब्जे से 10 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को मुक्त नहीं करवा लेते, तब तक नंगे पैर ही रहेंगे और चुनाव प्रचार भी इसी तरह करेंगे। विधायक दियालपुरा ने कहा, “मैं आज ऐलान करता हूं कि जब तक विरोधियों के कब्जे से वह 10 करोड़ की सरकारी प्रॉपर्टी जनता को वापस नहीं दिलवा देता, तब तक मैं खुद नंगे पैर रहूंगा। इस भीषण गर्मी में भी चुनाव प्रचार नंगे पैर ही करूंगा और जूते उसी दिन पहनूंगा, जिस दिन वह जमीन छुड़वाकर जनता को सौंप दूंगा।” दरअसल, यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज परमजीत सिंह ढिल्लों ने भी चुनाव प्रचार नंगे पैर करने का ऐलान किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी आप सरकार द्वारा उनके साथ राजनीतिक धक्का किया गया है,
जिसके विरोध में और जनता से न्याय मांगने के लिए वह नंगे पैर वोट मांगेंगे। इसी बयान पर पलटवार करते हुए विधायक दियालपुरा ने कहा कि विरोधी दल मगरमच्छ के आंसू बहाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों ने मेन बाईपास पर शहर की करीब 10 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ है। विधायक ने कहा कि त्याग अगर करना है तो जनता के हित के लिए होना चाहिए, न कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए। विधायक द्वारा लाइव कैमरे के सामने जूते उतारने के बाद समराला क्षेत्र में राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। नगर काउंसिल चुनाव अब पूरी तरह “नंगे पैर चुनाव प्रचार” की राजनीति के इर्द-गिर्द घूमते नजर आ रहे हैं। बाजारों, चौकों और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग अब यह देखने को उत्सुक हैं कि आखिर 10 करोड़ की सरकारी जमीन का मामला किस करवट बैठता है। समराला से परमिंदर वर्मा की रिपोर्ट

CM मान को ISI एजेंट कहना पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: हरपाल चीमा

पंजाब सरकार से बातचीत के बाद सफाई कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल : हरपाल चीमा

भगवंत मान सरकार सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को एक महीने के अंदर हल करने के लिए बनाएगी कमेटी: हरपाल चीमा

मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहना 3 करोड़ पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: चीमा

अरूसा आलम को लेकर बार-बार लगे आरोपों के बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के दौरान भाजपा नेता चुप रहे: हरपाल सिंह चीमा

भाजपा सरकार देश में असहमति की आवाजों को दबाने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिश कर रही है: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब भर की विभिन्न शहरी स्थानीय इकाइयों, नगर परिषदों, नगर समितियों और नगर पंचायतों के सफाई कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद अपनी चल रही हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है।

गुरुवार को सफाई कर्मचारियों की यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ चंडीगढ़ में बैठक के बाद लुधियाना में मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कर्मचारियों की 35 सदस्यीय कमेटी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मेरे साथ कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने साझा किया कि बातचीत के दौरान कई मांगों का समाधान कर लिया गया, जबकि कानूनी और चुनाव आचार संहिता से संबंधित कुछ मुद्दों पर आगे प्रक्रियागत विचार-विमर्श की जरूरत है। सरकार और यूनियन के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से एक कमेटी बनाने का फैसला किया है जो सभी लंबित मांगों की जांच करेगी और एक स्थायी तथा व्यावहारिक समाधान के लिए काम करेगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने बाकी बचे मुद्दों पर सहानुभूति से विचार करने और उन्हें हल करने के लिए एक महीने की समय-सीमा तय की है। पिछले दो-तीन दिनों के दौरान हुई विस्तृत चर्चा के बाद, सभी यूनियनें सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीर और योजनाबद्ध तरीके से हल करने के लिए समय देने पर सहमत हो गई हैं।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहने के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने इस बयान की सख्त निंदा की और इसे पंजाब के लोगों और उनके जनादेश का अपमान करार दिया।

उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मुख्यमंत्री का बल्कि समूचे 3 करोड़ पंजाबियों का अपमान है। भाजपा ने हमेशा ही पंजाब विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान जब तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अरूसा आलम की मौजूदगी को लेकर बार-बार आरोप लग रहे थे, तब भाजपा नेता चुप क्यों रहे?

हरपाल सिंह चीमा ने पूछा कि यदि रवनीत सिंह बिट्टू और सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की सचमुच चिंता थी तो उन्होंने उस समय सवाल क्यों नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अब राजनीतिक फायदे के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बारे में मीडिया के एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान हर नागरिक को राजनीतिक पार्टी बनाने और अपने विचार खुलकर व्यक्त करने का अधिकार देता है। यदि युवा, विद्यार्थी या सामाजिक समूह समाज से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, तो उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए या उनका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने और लोकतांत्रिक राजनीति में हिस्सा लेने का संवैधानिक अधिकार है। आवाजों को दबाना और लोगों पर गलत तरीके से लेबल लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार के राज में देश में असहमति की आवाजों को खामोश करने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिशें की जा रही हैं।

पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता से विपक्ष बौखलाया – विधायक सरबजीत कौर माणूंके
  • छवि खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं झूठी अफवाहें

जगराओं / सत्ता संदेश

विधानसभा हलका जगराओं से विधायक सरबजीत कौर माणूंके द्वारा पिछले दिनों उनके पति के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई।

विधायक माणूंके ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता के बाद बौखला गई हैं, जिसके चलते अब वे ओछी हरकतों पर उतर आई हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा प्रचार किया गया कि “मेरे पति द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में नामांकन पत्र दाखिल किया गया, जिसे चुनाव अधिकारियों ने रद्द कर दिया”, जबकि यह सच्चाई से कोसों दूर है।

विधायक माणूंके ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किया गया एक-एक वादा पूरा किया है। इनमें नहरी पानी को टेलों तक पहुंचाना, 90 प्रतिशत लोगों को मुफ्त बिजली की सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, 45,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण, 100 साल पुराने अखाड़े वाले पुल का निर्माण जो लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, तथा अन्य अनेक विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विपक्ष के पास अब मेरी आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है और आगामी चुनावों में भी जनता इन्हें करारा जवाब देगी।

अमृतसर सिविल अस्पताल में कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई, तस्वीरें आईं सामने

अमृतसर / सत्ता संदेश

अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे के साथ मारपीट, अस्पताल के अंदर फिर भिड़े दोनों गुट

हमें निशाना बनाया जा रहा है — अकाली काउंसलर पंडोरी के गंभीर आरोप

पहले शहीदा साहिब के बाहर झगड़ा, फिर सिविल अस्पताल में दोबारा भिड़े दोनों पक्ष, पुलिस जांच में जुटी

अमृतसर के थाना बी डिवीजन क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर अकाली दल के काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे और अन्य युवकों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे। घटना के बाद घायल युवकों को इलाज के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां दोनों गुट फिर आमने-सामने हो गए और अस्पताल के अंदर ही हाथापाई तथा गाली-गलौज होने की बात सामने आई है।

सिविल अस्पताल के अंदर कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की और बहस की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर माहौल शांत करवाना पड़ा।

इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और अकाली दल के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक रंजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा और अन्य युवक माथा टेकने गए हुए थे, जहां उन पर हमला किया गया।

पंडोरी ने दावा किया कि अस्पताल में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके साथ दोबारा हाथापाई की गई।

उधर थाना ए डिवीजन के एसएचओ जगजीत सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले झगड़ा हुआ था और घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवा दिया है और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी।

इसी दौरान थाना बी डिवीजन के एसएचओ बलजिंदर सिंह ने बताया कि शहीदा साहिब के बाहर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी और झगड़ा हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्ष इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां फिर दोनों गुट आमने-सामने आ गए, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

बाइट: इंदरजीत सिंह पंडोरी, अकाली काउंसलर

बाइट: जगजीत सिंह, एसएचओ थाना ए डिवीजन

बाइट: बलजिंदर सिंह, एसएचओ थाना बी डिवीजन

मजीठा नगर कौंसिल चुनावों में धक्केशाही के आरोप, कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेसी उम्मीदवारों के नामांकन जबरन वापस करवाने के आरोप

कांग्रेस नेता भगवंत सिंह सचर ने अदालत जाने की चेतावनी दी

मजीठा चुनावों में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है : भगवंत सिंह सचर

अमृतसर के हल्का मजीठा में हो रहे नगर कौंसिल चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार के दबाव में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन रद्द और वापस करवाए जा रहे हैं ताकि एकतरफा चुनाव करवाए जा सकें।

इस संबंध में देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अमृतसर देहाती प्रधान और हल्का मजीठा के इंचार्ज भगवंत सिंह सचर ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 13 से कांग्रेसी उम्मीदवार अमरजीत कौर और वार्ड नंबर 6 से उम्मीदवार अमनदीप सिंह समेत अन्य उम्मीदवारों पर पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा दबाव बनाया गया।

उन्होंने कहा कि सुबह स्थानीय पुलिस कर्मचारी उम्मीदवारों के घर पहुंचे और उन्हें धमकाया गया कि यदि नामांकन वापस नहीं लिया गया तो उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कर दिए जाएंगे। सचर ने बताया कि एक उम्मीदवार का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।

भगवंत सिंह सचर ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों ने न तो कोई नामांकन वापस लिया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, इसके बावजूद उनके नाम वापस लिए गए उम्मीदवारों की सूची में दिखा दिए गए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के पास अब भी वे पर्चियां मौजूद हैं जो नामांकन वापसी के समय तहसीलदार कार्यालय में जमा करवाई जाती हैं, जिससे साबित होता है कि नामांकन कानूनी तरीके से वापस नहीं लिए गए।

कांग्रेसी नेता ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब इस मामले में एसडीएम और तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अन्य हलकों में भी बड़ी संख्या में नामांकन रद्द हुए हैं, जबकि मजीठा में केवल कुछ ही मामले हैं। सचर ने कहा कि यह तर्क गलत है और लोकतंत्र की हत्या के बराबर है।

उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और चुनाव आयोग के पास भी शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में विपक्षी पार्टियों को दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर उन उम्मीदवारों ने भी अपना पक्ष रखा जिनके नामांकन रद्द किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी दिए उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई और न ही उन्होंने किसी प्रकार के दस्तखत किए हैं। उम्मीदवारों ने इंसाफ की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

बाइट : भगवंत सिंह सचर, पूर्व प्रधान PPCC अमृतसर देहाती / इंचार्ज हल्का मजीठा

बाइट : अमनदीप सिंह, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 6

बाइट : अमरजीत कौर का बेटा, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 13

नगर कौंसिल चुनाव लड़ रहे कांग्रेसी उम्मीदवार को विदेशी नंबर से मिली धमकी, कांग्रेसियों ने शिकायत दर्ज करवाई

लुधियान / सत्ता संदेश

नगर कौंसिल चुनावों के लिए वार्ड नंबर 12 से चुनाव लड़ रहे कांग्रेसी उम्मीदवार कृष्ण कुमार बिट्टू को बीती देर रात एक विदेशी फोन नंबर से उसके मोबाइल पर गैंगस्टर द्वारा धमकी भरी कॉल आई। इसको लेकर कांग्रेसी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं ने बिट्टू के साथ मिलकर जिला प्रधान एडवोकेट दलजीत सिंह गिलजियां की अगुवाई में एसएचओ टांडा को शिकायत दर्ज करवाई।

इस मौके बिट्टू ने थाना प्रभारी को बताया कि रात 12:29 बजे आई कॉल के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे गालियां देते हुए धमकी दी कि अगर वह वोट मांगने बाहर निकला तो उसे गोलियां मार दी जाएंगी और उसके पीछे लोगों को लगाया गया है।

बिट्टू ने सुरक्षा की मांग करते हुए कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनका या उनके परिवार का कोई जान-माल का नुकसान होता है तो इसके लिए प्रशासन और आप सरकार जिम्मेदार होगी।

इस मौके थाना प्रभारी ने कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि चुनावों के दौरान सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाया जाएगा।

इस दौरान बाबू रूप लाल, गुरसेवक मार्शल, जसविंदर काका, रवि डोगरा, रविंदरपाल सिंह गोरा, विनोद खोसला सुंदरी, आशू वैद, राजेश लाडी, डॉ. बलदेव राज, विपन मरवाहा, दविंदर बिल्लू, रणजीत कुमार आदि मौजूद थे।

समराला में CM भगवंत मान का BJP, कांग्रेस और अकाली दल पर बड़ा हमला

समराला/सत्ता संदेश

  • BJP से सावधान रहें, अगर सत्ता में आए तो वे पंजाब में काले कृषि कानून फिर से लागू करेंगे: CM भगवंत सिंह मान
  • आर्मी स्कूलों में संस्कृत को ज़रूरी और पंजाबी को ऑप्शनल बनाकर, BJP ने अपनी पंजाब विरोधी सोच को सामने ला दिया है: CM भगवंत सिंह मान
  • जहां भी उन्हें चुनाव लड़ना होता है, वे पहले दंगे करवाते हैं और फिर लोगों में डर फैलाकर वोट मांगते हैं: CM भगवंत सिंह मान
  • उन्होंने हमारे 750 किसानों को बॉर्डर पर मरवा दिया, फिर भी उनमें पंजाब में वोट मांगने की हिम्मत है: CM भगवंत सिंह मान
  • अकाली और कांग्रेस के नेता फिर से लूटने की अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन 2027 में लोग उन्हें एक बार फिर नकार देंगे और बेइज्जत करेंगे: CM भगवंत सिंह मान
  • हम कभी नहीं कहते कि खजाना खाली है, हमारी पॉलिसी लोगों का पैसा लोगों को वापस लौटाना है: CM भगवंत सिंह मान
  • मैं पहला मुख्यमंत्री हूं जो सीधे लोगों के बीच जा रहा हूं, विपक्षी नेता आम लोगों को कभी अपने पास भी नहीं आने देंगे: CM भगवंत सिंह मान
  • जब तक पंजाब में AAP सरकार है, हमारी कोई भी भलाई की योजना नहीं रुकेगी: CM भगवंत सिंह मान
  • CM भगवंत सिंह मान ने समराला के गांव मानकी में लोक मिलनी के दौरान लोगों से बातचीत की और विकास के कामों के लिए ₹50 लाख भी दिए

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को BJP, अकाली दल और कांग्रेस के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने कहा कि इन पुरानी राजनीतिक पार्टियों ने बांटने वाली राजनीति, पंजाब विरोधी फैसलों और भ्रष्टाचार के ज़रिए दशकों तक पंजाब को धोखा दिया है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर BJP राज्य में सत्ता में आई तो वह एक बार फिर काले कृषि कानून लागू करेगी। समराला के गांव मानकी में लोक मिलनी के दौरान, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि BJP ने आर्मी स्कूलों में संस्कृत को ज़रूरी और पंजाबी को ऑप्शनल बनाकर अपनी पंजाब विरोधी सोच को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनावों से पहले वोटरों का ध्रुवीकरण करने के लिए सांप्रदायिक तनाव पैदा करने में माहिर है। लोगों को कृषि कानूनों के आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों की मौत की याद दिलाते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने सवाल किया कि BJP “बॉर्डर पर किसानों की कुर्बानी” देने के बाद भी पंजाब में वोट कैसे मांग सकती है, साथ ही उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के उलट, AAP सरकार वेलफेयर स्कीम, नौकरी, शिक्षा, हेल्थकेयर और डेवलपमेंट के कामों के ज़रिए जनता का पैसा लोगों को वापस लौटा रही है। उन्होंने गांव में डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए ₹50 लाख भी दिए।

समराला में लोक मिलनी के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को बांटने वाली और पंजाब विरोधी ताकतों से सावधान रहना चाहिए जो लगातार राज्य को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, “BJP की पंजाब विरोधी सोच है और पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाना और संस्कृत को ज़रूरी बनाना इसी सोच को दिखाता है। BJP ने हमेशा पंजाब के साथ गलत किया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “चाहे पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, BBMB, SYL नहर, हरिके नहर, रिपब्लिक डे की झांकी, RDF फंड या बॉर्डर एरिया फंड का मामला हो, पंजाब को BJP की तरफ से लगातार नाइंसाफी का सामना करना पड़ा है।”

उन्होंने कहा कि BJP ने हमेशा दंगों और बांटने की पॉलिटिक्स की है और लोगों से आने वाले चुनावों से पहले पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने की अपील की। ​​“पंजाब में कुछ पॉलिटिकल पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं। BJP की पॉलिटिक्स कम्युनिटी के बीच बंटवारा करने और फिर वोट के लिए दोनों तरफ के लोगों को डराने के इर्द-गिर्द घूमती है। पंजाब ने पहले भी ऐसे बुरे दिन देखे हैं, जिससे राज्य का डेवलपमेंट पटरी से उतर गया, और इसलिए लोगों को ऐसी ताकतों को पूरी तरह से नकार देना चाहिए,” उन्होंने आगे कहा।

लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के हर तरफ के डेवलपमेंट के लिए बहुत मेहनत की है और पिछले शासकों के उलट, उन्होंने कभी भी अपने आराम के लिए पब्लिक के पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने लिए सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं लिया है। टैक्सपेयर्स के पैसे का हर रुपया लोगों की भलाई के लिए सही तरीके से खर्च किया जा रहा है। आपका बेटा और भाई होने के नाते, मैंने हमेशा पिछले शासकों की तरह ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीने के बजाय आपके दर्द और मुश्किलों को बांटने पर ध्यान दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें अपने आलीशान घरों की दीवारों के पीछे ही सीमित रहती थीं और लोगों की समस्याओं के बारे में उनसे सीधे बात करने की कभी ज़हमत नहीं उठाई। उन्होंने कहा, “पिछला कोई भी शासक इस तरह लोगों के बीच उनकी शिकायतें सुनने और उन्हें पक्के इरादे से हल करने नहीं आया। वे घमंडी नेता जनता से कटे रहे और आज वे पंजाब सरकार की हर जनहित की पहल से हैरान हैं।”

CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नागरिक-केंद्रित और विकास पर आधारित नीतियां बनाते समय लगातार लोगों से फीडबैक लेती है। “विपक्ष नकली और अपमानजनक बातें फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाबी इतने समझदार हैं कि इन नेताओं के संदिग्ध और धोखेबाज़ चरित्र को समझ सकें। ये सस्ती नौटंकी मुझे पंजाब की सेवा करने से नहीं रोक सकती।