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अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ द्वारा DC कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन; CM का पुतला फूंका

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ने विवादित वायरल वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए, राज्यभर में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला के तहत आज लुधियाना में जिला माल अधिकारी को पंजाब के राज्यपाल के नाम एक मांग-पत्र सौंपा। डिप्टी कमिश्नर की अनुपस्थिति में यह मांग-पत्र जिला माल अधिकारी को दिया गया। इससे पहले अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकने से पहले उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं राजीव कुमार लवली, जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा और संदीप सिंह रुपालों ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जो सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं, पंजाब के लोगों के विश्वास और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित एक विवादित वायरल वीडियो सामने आया था, जिसमें उन पर सिख धर्म के गुरु साहिबानों तथा 20वीं सदी के प्रमुख सिख नेता संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरांवाले के धार्मिक प्रतीकों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे थे।

उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस समय मुख्यमंत्री ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई के माध्यम से तैयार किया गया बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर करवाई गई विभिन्न फोरेंसिक जांचों की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्टों में वीडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग, टैंपरिंग, डीपफेक तकनीक या एआई के जरिए छेड़छाड़ का कोई प्रमाण नहीं मिला और वीडियो को वास्तविक पाया गया। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने एक हुक्मनामा जारी करते हुए कहा कि कोई सिख भगवंत मान से मेलजोल न रखे और उन्हें धार्मिक रूप से बहिष्कृत माना जाए।

पार्टी नेताओं ने कहा कि अब यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब के लोगों और सिख समुदाय के सामने किए गए दावों की सत्यता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में गुरु साहिबानों, भक्तों, शहीदों और संत-महापुरुषों का सम्मान केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सिख जीवन का मूल सिद्धांत है। ऐसे मामलों में उठने वाले आरोप और संदेह पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को गहराई से प्रभावित करते हैं।

उन्होंने कहा कि कानून और न्याय के सिद्धांत यह मांग करते हैं कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न हो, जांच और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा पहले बनाए गए बेअदबी संबंधी कानूनों के तहत उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

जिला लुधियाना की पांच सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य कुलविंदर सिंह चंदी, अजीत सिंह बल्ल और हरभजन सिंह इयाली सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा महिला विंग की राष्ट्रीय महासचिव साजिया परवीन ने कहा कि यह स्थिति समूचे सिख समुदाय, नानक नाम लेवा संगतों और आम लोगों के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात पंजाब के लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और कमजोर कर सकता है।

उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए तथा इसकी जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से करवाई जाए। साथ ही जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा लेने की मांग भी की गई, ताकि जांच किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और पंजाब के लोगों को उनके सवालों के जवाब मिलने चाहिए।

यह विरोध प्रदर्शन जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा, राजीव कुमार लवली और संदीप सिंह रुपालों के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें एडवोकेट इंदरजीत सिंह, महिला विंग की संयुक्त सचिव बीबी हरप्रीत कौर अकालगढ़, कुलविंदर सिंह चंदी, हरभजन सिंह इयाली, मलकीत सिंह बल्ल, शमशेर सिंह लाडोवाल, भोला सिंह मंगली, बलविंदर सिंह भिंदा, तलविंदर सिंह माछिया, गोपी कनेजा, कुलदीप सिंह मंगली, कुलदीप सिंह तलवंडी, तेजिंदरपाल सिंह तेजी, जगतार सिंह हंबड़ा, परमजीत सिंह हंबड़ा, लखविंदर सिंह हंबड़ा, हरजीत सिंह बाबा रायकोट, महिबूब स्टूडियो वाले, जसपाल सिंह जस सिद्धवां, चौधरी अवतार सिंह लड्डू जगराओं, सुखविंदर सिंह खालसा राऊवाल, जसवीर सिंह जस्सी जगराओं, जसप्रीत सिंह जस्सी ढिल्लो, पूर्व सरपंच बलदेव सिंह सलेमपुरा टिब्बा, मनजीत सिंह मंड बंगसीपुरा, जरनैल सिंह कुरशैदपुरा, जगदीश सिंह गगड़ा, रणजीत सिंह सोनू, गुरदीप कौर, हरप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह काउंके, खालसा बोहड़ सिंह काउंके, शमशेर सिंह खालसा जगराओं, रणजोध सिंह खालसा, जसवीर सिंह खालसा, इंदरजीत सिंह खालसा सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

MLA पप्पी पराशर ने गणेश नगर में राशन किट और स्मार्ट राशन कार्ड बांटे

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना हल्का सेंट्रल के गणेश नगर इलाके में आज विधायक अशोक पराशर पप्पी द्वारा “मेरी रसोई स्कीम” के तहत आम लोगों की सुविधा के लिए विशेष राशन किटों का वितरण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में खास उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्रयास का स्वागत किया।

विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि समाज के हर वर्ग तक राहत पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के सेवा कार्य लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि “मेरी रसोई स्कीम” का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना है ताकि कोई भी परिवार जरूरी राशन से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही उनकी राजनीति का असली उद्देश्य है और हलके के हर इलाके में जनहित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल के लिए विधायक अशोक पराशर पप्पी का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं से आम परिवारों को बड़ी राहत मिलती है। कार्यक्रम के दौरान आप पार्षद, समर्थक और वॉलंटियर साथी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

समराला वार्ड-2 चुनाव पर हाईकोर्ट सख्तअयोग्य उम्मीदवार की नामांकन मंजूरी पर SDM तलब

समराला नगर काउंसिल के वार्ड नंबर 2 की चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सतवीर सिंह सेखों की नामांकन प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए इलाके के एसडीएम, जो कि रिटर्निंग ऑफिसर भी हैं, को अगले सोमवार व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में याचिकाकर्ता के वकील गुरबीर सिंह ढिल्लों द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज परमजीत सिंह ढिल्लों भी मौजूद रहे। याचिकाकर्ता अमनदीप सिंह और उनके वकील गुरबीर सिंह ढिल्लों ने अदालत में दलील दी कि ‘आप’ उम्मीदवार सतवीर सिंह सेखों एक आपराधिक मामले में तीन साल की सजा काट चुके हैं और हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने 15 मई को उनकी यह मांग खारिज कर दी थी।
वकीलों के अनुसार, 18 मई को एसडीएम कार्यालय को लिखित रूप में सूचित कर दिया गया था कि उक्त उम्मीदवार कानूनी तौर पर चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं। इसके बावजूद 19 मई को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उनका नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया गया। इसे चुनाव नियमों का उल्लंघन बताते हुए विपक्षी पक्ष दोबारा हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि संभव है एसडीएम को चुनाव नियमों की पूरी जानकारी न हो। हालांकि अदालत ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए 26 मई को होने वाले चुनावों पर तत्काल रोक लगा दी। अब चुनाव आयोग की सहमति के बाद वार्ड नंबर 2 के चुनाव जून के पहले सप्ताह तक टलने की संभावना जताई जा रही है। अदालत सोमवार को एसडीएम से यह स्पष्टीकरण मांगेगी कि आखिर किस आधार पर कथित रूप से अयोग्य उम्मीदवार को चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई। समराला से परमिंदर वर्मा की रिपोर्ट

महारानी परनीत कौर की बेटी बीबा जय इंद्र कौर और प्रधान राजेश बब्बू बंसल ने मुख्य दफ्तर पहुंचकर किया उद्घाटन

नाभा/ सत्ता संदेश

‘सुनील कुमार तेरी बल्ले-बल्ले’ के नारों से गूंजा वार्ड नंबर 18, भाजपा उम्मीदवार का जोरदार स्वागत!

नाभा : वार्ड नंबर 18 में उस समय चुनावी माहौल पूरी तरह भगवामय हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुनील कुमार (भलवान) चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे। वार्डवासियों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी और भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा इलाका “सुनील कुमार तेरी बल्ले-बल्ले” के जोशीले नारों से गूंज उठा।

इस मौके पर इलाके के निवासियों ने भाजपा उम्मीदवार सुनील कुमार को नोटों और फूलों की मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के फूल वाले पटके पहनकर उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं और उनकी जीत का दावा कर रहे हैं। इस दौरान समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला।

AAP विधायक का बड़ा ऐलान, कैमरे के सामने उतारे जूते10 करोड़ की सरकारी जमीन छुड़ाने तक नंगे पैर प्रचार का प्रण

लुधियाना / सत्ता संदेश

समराला नगर काउंसिल चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के विधायक जगतार सिंह दियालपुरा ने एक ऐसा ऐलान कर दिया, जिसने पूरे पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। विधायक ने मीडिया के सामने अपने जूते उतार दिए और बड़ा राजनीतिक प्रण लेते हुए कहा कि जब तक वह विरोधियों के कब्जे से 10 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को मुक्त नहीं करवा लेते, तब तक नंगे पैर ही रहेंगे और चुनाव प्रचार भी इसी तरह करेंगे। विधायक दियालपुरा ने कहा, “मैं आज ऐलान करता हूं कि जब तक विरोधियों के कब्जे से वह 10 करोड़ की सरकारी प्रॉपर्टी जनता को वापस नहीं दिलवा देता, तब तक मैं खुद नंगे पैर रहूंगा। इस भीषण गर्मी में भी चुनाव प्रचार नंगे पैर ही करूंगा और जूते उसी दिन पहनूंगा, जिस दिन वह जमीन छुड़वाकर जनता को सौंप दूंगा।” दरअसल, यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज परमजीत सिंह ढिल्लों ने भी चुनाव प्रचार नंगे पैर करने का ऐलान किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी आप सरकार द्वारा उनके साथ राजनीतिक धक्का किया गया है,
जिसके विरोध में और जनता से न्याय मांगने के लिए वह नंगे पैर वोट मांगेंगे। इसी बयान पर पलटवार करते हुए विधायक दियालपुरा ने कहा कि विरोधी दल मगरमच्छ के आंसू बहाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों ने मेन बाईपास पर शहर की करीब 10 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ है। विधायक ने कहा कि त्याग अगर करना है तो जनता के हित के लिए होना चाहिए, न कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए। विधायक द्वारा लाइव कैमरे के सामने जूते उतारने के बाद समराला क्षेत्र में राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। नगर काउंसिल चुनाव अब पूरी तरह “नंगे पैर चुनाव प्रचार” की राजनीति के इर्द-गिर्द घूमते नजर आ रहे हैं। बाजारों, चौकों और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग अब यह देखने को उत्सुक हैं कि आखिर 10 करोड़ की सरकारी जमीन का मामला किस करवट बैठता है। समराला से परमिंदर वर्मा की रिपोर्ट

CM मान को ISI एजेंट कहना पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: हरपाल चीमा

पंजाब सरकार से बातचीत के बाद सफाई कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल : हरपाल चीमा

भगवंत मान सरकार सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को एक महीने के अंदर हल करने के लिए बनाएगी कमेटी: हरपाल चीमा

मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहना 3 करोड़ पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: चीमा

अरूसा आलम को लेकर बार-बार लगे आरोपों के बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के दौरान भाजपा नेता चुप रहे: हरपाल सिंह चीमा

भाजपा सरकार देश में असहमति की आवाजों को दबाने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिश कर रही है: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब भर की विभिन्न शहरी स्थानीय इकाइयों, नगर परिषदों, नगर समितियों और नगर पंचायतों के सफाई कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद अपनी चल रही हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है।

गुरुवार को सफाई कर्मचारियों की यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ चंडीगढ़ में बैठक के बाद लुधियाना में मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कर्मचारियों की 35 सदस्यीय कमेटी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मेरे साथ कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने साझा किया कि बातचीत के दौरान कई मांगों का समाधान कर लिया गया, जबकि कानूनी और चुनाव आचार संहिता से संबंधित कुछ मुद्दों पर आगे प्रक्रियागत विचार-विमर्श की जरूरत है। सरकार और यूनियन के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से एक कमेटी बनाने का फैसला किया है जो सभी लंबित मांगों की जांच करेगी और एक स्थायी तथा व्यावहारिक समाधान के लिए काम करेगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने बाकी बचे मुद्दों पर सहानुभूति से विचार करने और उन्हें हल करने के लिए एक महीने की समय-सीमा तय की है। पिछले दो-तीन दिनों के दौरान हुई विस्तृत चर्चा के बाद, सभी यूनियनें सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीर और योजनाबद्ध तरीके से हल करने के लिए समय देने पर सहमत हो गई हैं।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहने के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने इस बयान की सख्त निंदा की और इसे पंजाब के लोगों और उनके जनादेश का अपमान करार दिया।

उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मुख्यमंत्री का बल्कि समूचे 3 करोड़ पंजाबियों का अपमान है। भाजपा ने हमेशा ही पंजाब विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान जब तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अरूसा आलम की मौजूदगी को लेकर बार-बार आरोप लग रहे थे, तब भाजपा नेता चुप क्यों रहे?

हरपाल सिंह चीमा ने पूछा कि यदि रवनीत सिंह बिट्टू और सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की सचमुच चिंता थी तो उन्होंने उस समय सवाल क्यों नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अब राजनीतिक फायदे के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बारे में मीडिया के एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान हर नागरिक को राजनीतिक पार्टी बनाने और अपने विचार खुलकर व्यक्त करने का अधिकार देता है। यदि युवा, विद्यार्थी या सामाजिक समूह समाज से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, तो उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए या उनका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने और लोकतांत्रिक राजनीति में हिस्सा लेने का संवैधानिक अधिकार है। आवाजों को दबाना और लोगों पर गलत तरीके से लेबल लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार के राज में देश में असहमति की आवाजों को खामोश करने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिशें की जा रही हैं।

पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता से विपक्ष बौखलाया – विधायक सरबजीत कौर माणूंके
  • छवि खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं झूठी अफवाहें

जगराओं / सत्ता संदेश

विधानसभा हलका जगराओं से विधायक सरबजीत कौर माणूंके द्वारा पिछले दिनों उनके पति के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई।

विधायक माणूंके ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता के बाद बौखला गई हैं, जिसके चलते अब वे ओछी हरकतों पर उतर आई हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा प्रचार किया गया कि “मेरे पति द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में नामांकन पत्र दाखिल किया गया, जिसे चुनाव अधिकारियों ने रद्द कर दिया”, जबकि यह सच्चाई से कोसों दूर है।

विधायक माणूंके ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किया गया एक-एक वादा पूरा किया है। इनमें नहरी पानी को टेलों तक पहुंचाना, 90 प्रतिशत लोगों को मुफ्त बिजली की सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, 45,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण, 100 साल पुराने अखाड़े वाले पुल का निर्माण जो लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, तथा अन्य अनेक विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विपक्ष के पास अब मेरी आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है और आगामी चुनावों में भी जनता इन्हें करारा जवाब देगी।

अमृतसर सिविल अस्पताल में कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई, तस्वीरें आईं सामने

अमृतसर / सत्ता संदेश

अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे के साथ मारपीट, अस्पताल के अंदर फिर भिड़े दोनों गुट

हमें निशाना बनाया जा रहा है — अकाली काउंसलर पंडोरी के गंभीर आरोप

पहले शहीदा साहिब के बाहर झगड़ा, फिर सिविल अस्पताल में दोबारा भिड़े दोनों पक्ष, पुलिस जांच में जुटी

अमृतसर के थाना बी डिवीजन क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर अकाली दल के काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे और अन्य युवकों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे। घटना के बाद घायल युवकों को इलाज के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां दोनों गुट फिर आमने-सामने हो गए और अस्पताल के अंदर ही हाथापाई तथा गाली-गलौज होने की बात सामने आई है।

सिविल अस्पताल के अंदर कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की और बहस की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर माहौल शांत करवाना पड़ा।

इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और अकाली दल के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक रंजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा और अन्य युवक माथा टेकने गए हुए थे, जहां उन पर हमला किया गया।

पंडोरी ने दावा किया कि अस्पताल में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके साथ दोबारा हाथापाई की गई।

उधर थाना ए डिवीजन के एसएचओ जगजीत सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले झगड़ा हुआ था और घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवा दिया है और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी।

इसी दौरान थाना बी डिवीजन के एसएचओ बलजिंदर सिंह ने बताया कि शहीदा साहिब के बाहर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी और झगड़ा हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्ष इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां फिर दोनों गुट आमने-सामने आ गए, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

बाइट: इंदरजीत सिंह पंडोरी, अकाली काउंसलर

बाइट: जगजीत सिंह, एसएचओ थाना ए डिवीजन

बाइट: बलजिंदर सिंह, एसएचओ थाना बी डिवीजन

मजीठा नगर कौंसिल चुनावों में धक्केशाही के आरोप, कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेसी उम्मीदवारों के नामांकन जबरन वापस करवाने के आरोप

कांग्रेस नेता भगवंत सिंह सचर ने अदालत जाने की चेतावनी दी

मजीठा चुनावों में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है : भगवंत सिंह सचर

अमृतसर के हल्का मजीठा में हो रहे नगर कौंसिल चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार के दबाव में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन रद्द और वापस करवाए जा रहे हैं ताकि एकतरफा चुनाव करवाए जा सकें।

इस संबंध में देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अमृतसर देहाती प्रधान और हल्का मजीठा के इंचार्ज भगवंत सिंह सचर ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 13 से कांग्रेसी उम्मीदवार अमरजीत कौर और वार्ड नंबर 6 से उम्मीदवार अमनदीप सिंह समेत अन्य उम्मीदवारों पर पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा दबाव बनाया गया।

उन्होंने कहा कि सुबह स्थानीय पुलिस कर्मचारी उम्मीदवारों के घर पहुंचे और उन्हें धमकाया गया कि यदि नामांकन वापस नहीं लिया गया तो उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कर दिए जाएंगे। सचर ने बताया कि एक उम्मीदवार का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।

भगवंत सिंह सचर ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों ने न तो कोई नामांकन वापस लिया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, इसके बावजूद उनके नाम वापस लिए गए उम्मीदवारों की सूची में दिखा दिए गए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के पास अब भी वे पर्चियां मौजूद हैं जो नामांकन वापसी के समय तहसीलदार कार्यालय में जमा करवाई जाती हैं, जिससे साबित होता है कि नामांकन कानूनी तरीके से वापस नहीं लिए गए।

कांग्रेसी नेता ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब इस मामले में एसडीएम और तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अन्य हलकों में भी बड़ी संख्या में नामांकन रद्द हुए हैं, जबकि मजीठा में केवल कुछ ही मामले हैं। सचर ने कहा कि यह तर्क गलत है और लोकतंत्र की हत्या के बराबर है।

उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और चुनाव आयोग के पास भी शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में विपक्षी पार्टियों को दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर उन उम्मीदवारों ने भी अपना पक्ष रखा जिनके नामांकन रद्द किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी दिए उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई और न ही उन्होंने किसी प्रकार के दस्तखत किए हैं। उम्मीदवारों ने इंसाफ की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

बाइट : भगवंत सिंह सचर, पूर्व प्रधान PPCC अमृतसर देहाती / इंचार्ज हल्का मजीठा

बाइट : अमनदीप सिंह, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 6

बाइट : अमरजीत कौर का बेटा, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 13

नगर कौंसिल चुनाव लड़ रहे कांग्रेसी उम्मीदवार को विदेशी नंबर से मिली धमकी, कांग्रेसियों ने शिकायत दर्ज करवाई

लुधियान / सत्ता संदेश

नगर कौंसिल चुनावों के लिए वार्ड नंबर 12 से चुनाव लड़ रहे कांग्रेसी उम्मीदवार कृष्ण कुमार बिट्टू को बीती देर रात एक विदेशी फोन नंबर से उसके मोबाइल पर गैंगस्टर द्वारा धमकी भरी कॉल आई। इसको लेकर कांग्रेसी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं ने बिट्टू के साथ मिलकर जिला प्रधान एडवोकेट दलजीत सिंह गिलजियां की अगुवाई में एसएचओ टांडा को शिकायत दर्ज करवाई।

इस मौके बिट्टू ने थाना प्रभारी को बताया कि रात 12:29 बजे आई कॉल के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे गालियां देते हुए धमकी दी कि अगर वह वोट मांगने बाहर निकला तो उसे गोलियां मार दी जाएंगी और उसके पीछे लोगों को लगाया गया है।

बिट्टू ने सुरक्षा की मांग करते हुए कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनका या उनके परिवार का कोई जान-माल का नुकसान होता है तो इसके लिए प्रशासन और आप सरकार जिम्मेदार होगी।

इस मौके थाना प्रभारी ने कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि चुनावों के दौरान सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाया जाएगा।

इस दौरान बाबू रूप लाल, गुरसेवक मार्शल, जसविंदर काका, रवि डोगरा, रविंदरपाल सिंह गोरा, विनोद खोसला सुंदरी, आशू वैद, राजेश लाडी, डॉ. बलदेव राज, विपन मरवाहा, दविंदर बिल्लू, रणजीत कुमार आदि मौजूद थे।