विजय की शपथ पर सस्पेंस: तमिलनाडु में सरकार गठन का खेल उलझा, VCK और IUML के समर्थन पर फंसा पेंच
नेशनल डेस्क : तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। TVK प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। पहले खबर थी कि विजय शनिवार सुबह 11 बजे नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, लेकिन राज्यपाल को अब तक कुछ प्रमुख पार्टियों के समर्थन पत्र नहीं मिले हैं, जिसके कारण शपथ ग्रहण का समय और तारीख अभी तय नहीं हो पाई है।
बहुमत का आंकड़ा और पार्टियों की मांग : तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 117 सीटों की आवश्यकता है। विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा है, जिसमें TVK के 107, कांग्रेस के 5 और CPI-CPM के 4 विधायक शामिल हैं। बहुमत के आंकड़े से मात्र एक कदम दूर विजय को अब चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि VCK और IUML के समर्थन पत्र अभी तक राजभवन नहीं पहुंचे हैं। खबरों के मुताबिक, VCK ने समर्थन देने के बदले डिप्टी सीएम पद की मांग की है, जबकि IUML ने स्पष्ट कर दिया है कि वे एमके स्टालिन (DMK) के साथ हैं।
विपक्ष की सक्रियता : इस बीच राज्य में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। AMMK के महासचिव टी. टी. वी. दिनाकरन ने राज्यपाल को पत्र सौंपकर AIADMK के एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा कर दी है। हालांकि, TVK के विधायक मैरी विल्सन का दावा है कि विजय न केवल 5 साल बल्कि लंबे समय तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने फिलहाल शपथ ग्रहण की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है और वे शेष हस्ताक्षरों का इंतजार कर रहे हैं।

