मणिपुर से हटा राष्ट्रपति शासन: युमनाम खेमचंद ने ली नए मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल अजय भल्ला ने दिलाई जिम्मेदारी
नैशनल डेस्क : मणिपुर में लगभग एक साल से चल रहा राष्ट्रपति शासन समाप्त हो गया है। बुधवार, 4 फरवरी 2026 को युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इंफाल के लोकभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल अजय भल्ला ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन खत्म करने का ऐलान किया था।
कौन हैं युमनाम खेमचंद? 62 वर्षीय युमनाम खेमचंद मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं। पेशे से इंजीनियर रहे खेमचंद पूर्ववर्ती बीरेन सरकार में नगर प्रशासन और आवास विभाग के मंत्री रह चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का करीबी माना जाता है।
राजनीतिक घटनाक्रम और चयन: खेमचंद को मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया था। इस चुनाव के लिए भाजपा आलाकमान ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया था। हालांकि मुख्यमंत्री की दौड़ में गोविंद दास और टी. विश्वजीत सिंह के नाम भी आगे थे, लेकिन अंततः खेमचंद के नाम पर मुहर लगी। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 विधायक हैं, जबकि एनडीए सहयोगियों (NPP और NPF) को मिलाकर यह संख्या और अधिक है।
राष्ट्रपति शासन की पृष्ठभूमि: मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे बाद में अगस्त 2025 में 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था। यह कदम मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद पैदा हुए हालातों और तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद उठाया गया था।
इस हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए हैं।नए मुख्यमंत्री के सामने अब राज्य में शांति बहाल करना और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास पैदा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

