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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह गांधीनगर में मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन करेंगे

गुजरात / सत्ता संदेश

सहकारी डेयरी अवसंरचना को बड़ा बढ़ावा : पूर्णतः स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र मूल्य संवर्धन और किसानों की समृद्धि को सशक्त करेगा

“सहकार से समृद्धि” के विज़न के अंतर्गत गुजरात में आधुनिक डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार को बल मिलेगा

जमीनी स्तर पर सहकारी सशक्तिकरण को प्रदर्शित करते हुए उद्घाटन समारोह में महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया जायेगा

उन्नत प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुविधाएँ भारत की सहकारी डेयरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेंगी

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” के मंत्र के माध्यम से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के विज़न तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रणालियों और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से देशभर में सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी 17 मई, 2026 को गुजरात के गांधीनगर स्थित दशेला में मधुर डेयरी यूनिट-2 स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल, गुजरात के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

नई डेयरी यूनिट के उद्घाटन से क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की अपेक्षा है। साथ ही इससे सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा सहकारी क्षेत्र से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। यह पहल उन्नत प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों तथा कुशल प्रसंस्करण अवसंरचना के माध्यम से डेयरी सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र के आधुनिकीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मधुर डेयरी यूनिट-2 की शिलापट्टिका का अनावरण करेंगे तथा दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र एवं व्यूइंग गैलरी का अवलोकन करेंगे। माननीय मंत्री नियंत्रण कक्ष से परिचालन प्रणालियों का शुभारंभ कर संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन भी करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान डेयरी सहकारी संस्थाओं से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादक माननीय मंत्री का मधुर डेयरी उत्पाद किट भेंट कर सम्मान करेंगी। यह भारत के सहकारी डेयरी आंदोलन को सशक्त बनाने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करेगा।

कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा दुग्ध उत्पादक मंडलियों के प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे। यह जमीनी स्तर की डेयरी सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने तथा संस्थागत सहयोग एवं आधुनिक अवसंरचना के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को सक्षम बनाने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को पुनः रेखांकित करेगा।

मधुर डेयरी यूनिट-2 का उद्घाटन सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को और गति देने, डेयरी किसानों के लिए बेहतर आजीविका अवसर सृजित करने तथा आधुनिक एवं सतत सहकारी मॉडलों के माध्यम से भारत की डेयरी मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष होने पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य को नमन किया

दिल्ली /सत्ता संदेश

‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत का एक ऐतिहासिक ऑपरेशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमेशा हमारे सशस्त्र बलों की अचूक मारक क्षमता की याद दिलाता रहेगा

सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता, एजेंसियों की खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति सीमा पार मौजूद आतंकवाद को नेस्तनाबूद करने के लिए एकसाथ उठ खड़े हुए

यह दिन हमारे दुश्मनों को यह याद दिलाता रहेगा कि वे कहीं भी छिप जाएं, बच नहीं सकते

वे हर पल हमारी नज़रों में और हमारी मारक क्षमता के प्रचंड कोप की जद में हैं

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य को नमन किया और कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत का एक ऐतिहासिक मिशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमेशा हमारे सशस्त्र बलों की अचूक प्रहार क्षमता की याद दिलाता रहेगा।

ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक युगांतरकारी मिशन है, जो हमारे दुश्मनों को हमारी सशस्त्र सेनाओं की अचूक प्रहार क्षमता की याद हमेशा दिलाता रहेगा। इतिहास इसे एक ऐसे दिन के तौर पर याद रखेगा जब हमारे सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता, हमारी एजेंसियों की पैनी खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति—ये तीनों एक होकर सीमा पार मौजूद आतंकवाद के हर उस ठिकाने को नेस्तनाबूद करने के लिए उठ खड़े हुए, जिसने पहलगाम में हमारे नागरिकों पर अपना बुरा साया डालने की हिमाकत की थी। यह दिन हमारे दुश्मनों के लिए यह खौफनाक संदेश लेकर आता रहेगा कि वे कहीं भी छिप जाएं, वे बच नहीं सकते। वे हर पल हमारी नज़रों में और हमारी मारक क्षमता के प्रचंड कोप की जद में हैं। इस अवसर पर, मैं हमारी सेनाओं के अद्वितीय शौर्य को नमन करता हूँ।”

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए

जिस समय विश्व के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे समय में समस्त विश्व के कल्याण के लिए नवकार मंत्र का सामूहिक जाप करना अत्यंत सार्थक और प्रासंगिक है

आज जब विश्व को शांति की आवश्यकता है, ऐसे में नवकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ मन के विकारों को शांत करने में भी सहायक होगा

नवकार मंत्र पूर्णतः निराकार, निरपेक्ष और सार्वभौमिक प्रार्थना है, जिसमें काल, जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है

जब लोग श्रद्धापूर्वक एक ही मंत्र का सामूहिक जाप करते हैं, तो उससे न केवल व्यक्ति, बल्कि समूचे देश और विश्व का भी कल्याण होता है

भारत विविध संप्रदायों और धर्मों का देश है, जहाँ प्रत्येक परंपरा में मंत्रों की विशेष महत्ता और आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन मिलता है

जब व्यक्ति नमन करता है, तभी से उसके अहंकार के पिघलने की शुरुआत हो जाती है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ पर नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि जब विश्व के विभिन्न हिस्सों में अपने विचारों को स्थापित करने के लिए संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे समय में यहां से समस्त विश्व के कल्याण हेतु नवकार मंत्र का सामूहिक जाप किया जाना अत्यंत सार्थक और प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि भारत विविध संप्रदायों और धर्मों का देश है, जहाँ प्रत्येक परंपरा में मंत्रों की विशेष महत्ता और आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन मिलता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मंत्र मानव जीवन को उच्च दिशा प्रदान करते हैं, हमारे चैतन्य को जागृत करते हैं और शुभ संकल्पों को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग श्रद्धापूर्वक एक ही मंत्र का सामूहिक जाप करते हैं, तो उससे न केवल व्यक्ति, बल्कि समूचे देश और विश्व का भी कल्याण होता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे सिद्धों ने पीढ़ियों तक अथक साधना कर समस्त मानवता के कल्याण के लिए इन मंत्रों की रचना की है। हमें श्रद्धापूर्वक स्वीकार इन्हें कर उनका अनुकरण भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवकार मंत्र पूर्णतः निराकार, निरपेक्ष और सार्वभौमिक प्रार्थना है, जिसमें काल, जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है। विश्व में इस प्रकार की समावेशी और सर्वमान्य प्रार्थना मिलना अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रार्थना उन महान आत्माओं के गुणों की वंदना है, जिन्होंने अपने कर्मों पर विजय प्राप्त कर आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। इस महामंत्र में ‘नमो’ शब्द का अर्थ पूर्ण समर्पण है, जो साधक को अपने भीतर के अहंकार का परित्याग कर आत्मशुद्धि की दिशा में अग्रसर करता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब व्यक्ति नमन करता है, तभी से उसके अहंकार के पिघलने की शुरुआत हो जाती है। उन्होंने कहा कि ‘अरिहंत’ वह होता है जो ‘अरि’ अर्थात् आंतरिक शत्रुओं का ‘हंत’ करता है। ये शत्रु शरीर, मन, भाव, स्वभाव और प्रकृति में निहित वे विकार हैं, जो मोक्ष की प्राप्ति में बाधक बनते हैं। जो साधक इन आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर लेता है, वही अरिहंत कहलाता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल ज्ञान की प्राप्ति, क्रोध, मान, माया और लोभ पर पूर्ण विजय और जैन शास्त्रों में वर्णित 12 दिव्य गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति को ‘अरिहंत’ माना गया है, और हम ऐसे अरिहंतों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां ‘सिद्धों’ को भी नमन किया गया है। जो आत्मा पूर्ण रूप से मुक्त अवस्था को प्राप्त कर लेती है, उसे सिद्ध कहा जाता है। जिन्होंने आठ कर्मों का क्षय कर जन्म-मृत्यु के चक्र से ऊपर उठकर आठ शुद्ध गुणों को प्राप्त किया है, वे सिद्ध कहलाते हैं। हम ऐसे असंख्य सिद्धों को नमन करते हुए उनसे आशीर्वाद की कामना करते हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि यहां आचार्यों को भी नमन किया जाता है, जो संघ के प्रमुख होते हैं। अनुशासन की स्थापना, महाव्रतों का पालन तथा समस्त साधकों को मार्गदर्शन प्रदान करना आचार्य की प्रमुख जिम्मेदारी होती है। जिनके आचरण का अनुसरण कर मुक्ति का मार्ग प्राप्त हो, वही आचार्य कहलाते हैं। जैन शास्त्रों के अनुसार 36 गुणों से युक्त व्यक्ति को आचार्य पद की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार उपाध्यायों, यानी शिक्षक संतों को भी नमन किया जाता है। उनका दायित्व शास्त्रों का गहन अध्ययन करना तथा उनके ज्ञान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना होता है। निर्धारित 25 गुणों की सिद्धि के पश्चात ही वे उपाध्याय पद को प्राप्त करते हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि साधु, तपस्वी और साधक वे होते हैं, जो संयम, त्याग, महाव्रत और तप का पालन करते हुए क्रमशः अपने भीतर 27 गुणों का विकास करते हैं; ऐसे गुणों से युक्त व्यक्ति को साधु कहा जाता है। उन्होंने कहा कि यह मंत्र पांच परमेष्ठियों को नमन करने का प्रतीक है। इसके मूल भाव के अनुसार इन पांच परमेष्ठियों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी ‘देव’ की है, जिसमें वे महापुरुष आते हैं जो सामान्य मानव से ऊपर उठकर अरिहंत और सिद्ध की अवस्था को प्राप्त कर चुके हैं। दूसरी श्रेणी ‘गुरु’ की है, जिसमें आचार्य, उपाध्याय और साधु सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों श्रेणियों के सभी पांचों प्रकार के महान व्यक्तित्वों को नमन कर उनके गुणों को आत्मसाध करने तथा उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना ही नवकार मंत्र का मूल सिद्धांत है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हम 108 गुणों को सामूहिक रूप से नमन करते हैं, जो अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु में निहित होते हैं। इन सभी के गुणों को एक साथ स्मरण और वंदन करने का प्रयास अत्यंत अल्प समय में किया जाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि भले ही इस मंत्र का गूढ़ अर्थ उन्हें तुरंत पूर्णतः समझ में न आए—जिसकी गहराई को किसी आचार्य, मुनि या विद्वान संत के मार्गदर्शन में ही भलीभांति समझा जा सकता है—फिर भी इसका अभ्यास कभी न छोड़ें।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नवकार मंत्र की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है, जिसमें 24 तीर्थंकरों और उनके अनुयायियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रारंभ में यह मंत्र मौखिक रूप से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता रहा,  उसके बाद शिलालेखों के माध्यम से और बाद में विभिन्न ग्रंथों में इसे स्थान प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इस मंत्र के संरक्षण और प्रसार के लिए समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के जीवन को दिव्यता और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व को शांति की आवश्यकता है, ऐसे में नवकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ मन के विकारों को शांत करने में भी सहायक होगा। इससे परस्पर समझ, सौहार्द और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता को भी बल मिलेगा।

14 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोगा में करेंगे बदलाव रैली को संबोधित

चंडीगढ़ (सत्ता संदेश)-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को पंजाब के मोगा में बदलाव रैली को संबोधित करेंगे। भाजपा की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने  यह जानकारी दी। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शर्मा ने कहा कि पंजाब में हर कोई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में एक विकल्प के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब की जनता की सेवा करने, राज्य को विकास के पथ पर ले जाने, इसे नशे की समस्या से मुक्त कराने, किसानों के जीवन में बदलाव लाने और भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। रैली को पंजाब में भाजपा के चुनावी अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर हमला करते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। पंजाब में हाल में हुई जबरन वसूली एवं गोलीबारी की हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में मादक पदार्थ, अवैध खनन और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। पठानकोट के विधायक ने दावा किया कि सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।