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पंजाब में महिलाओं को बड़ी सौगात, CM मान ने जारी की मावां धीयां सत्कार योजना की दूसरी किस्त

तरनतारन / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को तरन तारन के गोइंदवाल साहिब स्थित अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना की दूसरी किस्त जारी की। इसके तहत तीन महीने की एकमुश्त वित्तीय सहायता लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।

दूसरी किस्त के तहत 36,87,677 महिलाओं के खातों में कुल करीब 1,260 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं। सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को तीन महीने के लिए 3,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिलेंगे।

इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से पहुंचाई जाती है।

जुलाई में जारी हुई थी पहली किस्त

योजना की पहली किस्त जुलाई 2026 में जारी की गई थी। उस समय भी पात्र महिलाओं को तीन महीने की राशि एकमुश्त दी गई थी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिले थे।

सरकार के अनुसार, नई किस्त के बाद योजना के तहत अब तक कुल 73.99 लाख महिलाओं के खातों में करीब 2,562 करोड़ रुपये पहुंचाए जाने हैं।

शिक्षा और बिजली को लेकर CM मान के दावे

गोइंदवाल साहिब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने NEET में पंजाब के विद्यार्थियों के प्रदर्शन में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने 600 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और निजी थर्मल पावर प्लांट खरीदने समेत सरकार की अन्य पहलों का भी जिक्र किया।

कांग्रेस और विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर आपसी खींचतान में उलझे होने का आरोप लगाया।

मान ने पंजाब की पिछली सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहे राजनीतिक परिवारों का दौर खत्म हुआ है और उनकी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री के ये बयान उनके कार्यक्रम में दिए गए राजनीतिक संबोधन का हिस्सा रहे।

विदेश में फंसे पंजाब के दो और नौजवान लौटे वतन, संत सीचेवाल की पहल से हुई सुरक्षित वापसी

सुल्तानपुर लोधी / सत्ता संदेश

विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के प्रयासों के तहत संत बलबीर सिंह सीचेवाल की पहल से पंजाब के दो और नौजवान सुरक्षित भारत लौट आए हैं। तरनतारन जिले के राजिंदरपाल सिंह करीब तीन साल बाद 31 अगस्त 2026 को अपने घर पहुंचे, जबकि अमृतसर के जसबीर सिंह करीब आठ महीने विदेश में फंसे रहने के बाद 3 सितंबर 2026 को परिवार के पास लौटे।

तरनतारन के राजिंदरपाल सिंह के परिवार ने 8 दिसंबर को संत सीचेवाल से संपर्क कर अपने बेटे की भारत वापसी में मदद की अपील की थी। परिवार के मुताबिक, राजिंदरपाल अपनी सजा पूरी करने के बावजूद लंबे समय तक भारत नहीं लौट सका। परिवार का कहना है कि एक बार उसकी वापसी लगभग तय हो गई थी, लेकिन एयरपोर्ट पर दस्तावेजों को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया।

इसके बाद परिवार ने उसकी वापसी के लिए लगातार प्रयास किए। परिवार के अनुसार, इस दौरान उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच परिवार में एक बच्चे की मौत हो गई, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। परिवार के मुताबिक, राजिंदरपाल बुजुर्ग माता-पिता का आखिरी सहारा था।

भारत लौटने के बाद निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचे राजिंदरपाल सिंह ने विदेश में बिताए समय के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्हें एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उनके साथ जा रहे ट्रकों के सामान में कथित तौर पर कुछ बरामद हुआ था। राजिंदरपाल का दावा है कि वह बेगुनाह था, लेकिन उसे लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। उन्होंने बताया कि जेल से सजा पूरी करने के बाद भी दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियों के कारण उनकी भारत वापसी नहीं हो सकी।

राजिंदरपाल ने बताया कि जेल के हालात काफी मुश्किल थे। लंबे समय तक भारत नहीं लौट पाने के कारण उन्हें यह डर सताने लगा था कि शायद वह कभी अपने परिवार के पास वापस नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने भारत में अपने भाई की मौत की खबर को अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक पल बताया। राजिंदरपाल ने दावा किया कि उनकी तरह कई अन्य भारतीय भी विदेशों में फंसे हुए हैं और उन्हें अपनी वापसी के लिए मदद का इंतजार है।

राजिंदरपाल की भारत वापसी के लिए संत बलबीर सिंह सीचेवाल की ओर से भारतीय विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क और समन्वय किया गया। लंबे प्रयासों के बाद राजिंदरपाल की भारत वापसी संभव हो सकी।

राजिंदरपाल की मां ने नम आंखों से संत सीचेवाल का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की वापसी के लिए संत सीचेवाल ने लगातार प्रयास किए। परिवार ने कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो उनके बेटे की वापसी और भी मुश्किल हो सकती थी।

इसी तरह अमृतसर निवासी जसबीर सिंह भी करीब आठ महीने विदेश में फंसे रहने के बाद भारत लौट आए। जसबीर सिंह के परिवार ने 7 जनवरी को संत सीचेवाल से संपर्क कर उनकी वापसी में मदद की अपील की थी। परिवार के मुताबिक, लगातार प्रयासों के बाद जसबीर सिंह 3 सितंबर 2026 को अपने वतन लौट आया।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों से अपील की कि विदेश जाने से पहले एजेंट या बिचौलिए की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। उन्होंने कहा कि विदेश जाने की जल्दबाजी में ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहिए, जिससे युवाओं और उनके परिवारों को लंबे समय तक परेशानियों का सामना करना पड़े।

पंजाब में 90 करोड़ की हेरोइन बरामद ! सरपंच गिरफ्तार; ड्रग्स विरोधी कमेटी का अध्यक्ष ही निकला तस्कर

पंजाब डेस्क : पंजाब के तरनतारन जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ खुद सत्ताधारी पार्टी का एक सरपंच नशे की बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एक विशेष टीम ने मंगलवार तड़के खेमकरण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव कलसियां कलां में बड़ी कार्रवाई की है।

NCB की छापेमारी और बरामदगी: सूत्रों के अनुसार, एनसीबी की टीम ने मंगलवार सुबह तड़के सरपंच के घर पर दबिश दी और गहन तलाशी ली। इस दौरान टीम ने 18 किलो हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है। एनसीबी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के मौजूदा सरपंच परमजीत सिंह को हिरासत में ले लिया है और अमृतसर थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

विवाद और विडंबना: इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार सरपंच परमजीत सिंह उसी ‘विलेज डिफेंस कमेटी’ का अध्यक्ष बताया जा रहा है, जिसका गठन पंजाब सरकार द्वारा गाँवों को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से ‘नशे के विरुद्ध युद्ध’ अभियान के तहत किया गया था।

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस कार्रवाई का दावा किया है। एक तरफ जहाँ राज्य सरकार नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाने का दावा कर रही है, वहीं पार्टी से जुड़े जिम्मेदार व्यक्ति की इस संलिप्तता ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तरनतारन में दर्दनाक हादसा: कमरे में आग जलाने से मौत; पति-पत्नी और डेढ़ महीने के मासूम बच्चे की दम घुटने से मौत

तरनतारन: पंजाब के तरनतारन जिले के अलीपुर गांव में शनिवार रात एक बहुत ही दुखद घटना हुई। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई आग एक हंसते-खेलते परिवार के लिए आग बन गई, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्य हमेशा के लिए सो गए।

घटना की जानकारी: मरने वालों की पहचान अर्शदीप सिंह, उनकी पत्नी जशनदीप कौर और उनके डेढ़ महीने के बच्चे गुरबाज सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, रात में कमरे में आग जलाकर सोने की वजह से कमरे में गैस भर गई, जिससे तीनों की दम घुटने से मौत हो गई। कमरे में मौजूद अर्शदीप सिंह का साला किशन गंभीर हालत में मिला, जिसे तुरंत इलाज के लिए अमृतसर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस की कार्रवाई: हरिके थाने के हेड सब इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने बताया कि यह परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपना गुज़ारा करता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जिले में दूसरी बड़ी घटना: पिछले कुछ दिनों में तरनतारन जिले में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 8 जनवरी को तरनतारन शहर के जंडियाला रोड पर एक पति-पत्नी (गुरमीत सिंह और जसबीर कौर) की अपने कमरे में जलती हुई लकड़ी से दम घुटने से मौत हो गई थी।