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गुरदासपुर : निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र पर शराब लाने का आरोप, रेस्टिगेट करने के मामले में स्कूल प्रबंधन ने रखा पक्ष

गुरदासपुर के निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र पर स्कूल में शराब लाने का आरोप और रेस्टिगेशन का मामला सामने आया है। स्कूल प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा, जबकि मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

गुरदासपुर शहर के एक नामी निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र को स्कूल में शराब लाने के आरोप में रेस्टिगेट किए जाने का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। छात्र के अभिभावकों ने पहले स्कूल प्रबंधन पर उनके बच्चे पर पानी की बोतल में शराब लाने का झूठा आरोप लगाने का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर अभिभावकों ने शिक्षा अधिकारियों, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री तक शिकायत की थी, जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से मामले की जांच शुरू की गई।

अब मामले में एचआरए स्कूल प्रबंधन ने भी अपना पक्ष सामने रखा है। स्कूल की वाइस प्रिंसिपल नवदीप कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बच्चे ने खुद स्कूल में बीयर लेकर आने की बात स्वीकार की थी। उनके अनुसार, इसके बाद संबंधित शिक्षिका ने मामले की जांच की और स्कूल प्रबंधन के मुताबिक बच्चे के पास शराब होने की पुष्टि होने पर उसके अभिभावकों को स्कूल बुलाया गया।

स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि बच्चे की गलती स्वीकार कर उसे सुधारने के बजाय अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसके बाद बच्चे को अस्थायी तौर पर स्कूल आने से रोकने का निर्णय लिया गया।

वाइस प्रिंसिपल नवदीप कौर ने यह भी आरोप लगाया कि अभिभावकों की ओर से मामले को सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और स्कूल प्रबंधन पर गलत आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि एचआरए स्कूल लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए हुए है और स्कूल प्रबंधन मामले की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करेगा।

वहीं, अभिभावकों द्वारा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाने की मांग पर स्कूल प्रबंधन ने कहा कि फुटेज सार्वजनिक नहीं की जाएगी। हालांकि, स्कूल के मुताबिक जांच अधिकारी की आवश्यकता होने पर संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाई जाएगी।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चे को रेस्टिगेट करने से पहले निर्धारित नियमों का पालन किया गया था और इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को भी लिखित रूप से जानकारी दी गई थी। स्कूल ने किसी भी नियम के उल्लंघन से इनकार किया है।

फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तविक स्थिति क्या थी और स्कूल की कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी या नहीं।