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Ludhiana : हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की होगी सख्त मॉनिटरिंग, DC हिमांशु जैन ने SMOs को दिए निर्देश

Ludhiana : DC हिमांशु जैन ने मिशन जीवनी के तहत हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की मॉनिटरिंग, फॉलो-अप और काउंसलिंग मजबूत करने के निर्देश दिए।

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना जिले में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) के मामलों की पहचान, ट्रैकिंग और फॉलो-अप को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, IAS की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में मिशन जीवनी के स्पेशल इंटेंसिव कैंपेन के तहत दूसरी रिव्यू मीटिंग आयोजित की गई।

मीटिंग के दौरान 25 अगस्त 2026 को जारी निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई। डिप्टी कमिश्नर ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलो-अप, ट्रैकिंग और काउंसलिंग सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

हाई-रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बनेगा मंथली ड्यूटी रोस्टर

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने जिले के सभी सीनियर मेडिकल ऑफिसर्स (SMOs) को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की निगरानी के लिए मंथली ड्यूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ब्लॉक स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट (BSA) की मदद से रोटेशनल टेलीफोन फॉलो-अप सुनिश्चित करने को कहा गया।

पिछले सप्ताह किए गए फॉलो-अप की संख्या को हर मंगलवार एक्शन टेकन रिपोर्ट के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा, ताकि HRP मामलों की निगरानी में किसी तरह की कमी न रहे।

लो-रिस्क से हाई-रिस्क होने पर तुरंत अपडेट होगा रिकॉर्ड

DC ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी गर्भवती महिला की पहली ANC जांच के दौरान स्थिति लो-रिस्क पाई जाती है, लेकिन बाद में वह हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में आती है, तो उसके स्टेटस में हुए बदलाव को तुरंत फ्लैग किया जाए और HRP डेटा में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी ASHA वर्कर से ANM, फिर LHV और BSA तक समय पर पहुंचनी चाहिए, ताकि महिला को जरूरत के अनुसार आगे की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

HRP मामलों में काउंसलिंग पर भी जोर

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में काउंसलिंग को प्रभावी बनाने के लिए ANM को प्रत्येक मामले की रिपोर्ट संबंधित SMO को देने के निर्देश दिए गए। SMOs अपने-अपने क्षेत्रों में हर सप्ताह ASHA वर्कर्स और ANMs को संवेदनशील बनाएंगे तथा इसकी एक्शन रिपोर्ट भी जमा करेंगे।

प्रत्येक ब्लॉक से बेहतर प्रदर्शन करने वाली ASHA वर्कर का नाम भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पतालों और नर्सिंग होम का निरीक्षण होगा

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक HRP मरीज को इलाज करने वाले डॉक्टर की ओर से यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि आगे के बेहतर प्रबंधन और इलाज के लिए उसे किस स्वास्थ्य संस्थान में जाना है।

इसके अलावा SMOs को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्पतालों और नर्सिंग होम का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान कुम कलां और साहनेवाल ब्लॉक पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में स्पेशल ड्यूटी (अर्बन अफेयर्स) ऑफिसर डॉ. प्रगति वर्मा, IAS, सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर, डिस्ट्रिक्ट फैमिली प्लानिंग ऑफिसर डॉ. अमनप्रीत कौर, नोडल ऑफिसर जीवनदीप सिंह, CGO अंबर बंद्योपाध्याय सहित जिले के सभी SMOs मौजूद रहे।

सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट 8 सितंबर 2026 तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की समय पर पहचान कर गर्भवती महिलाओं को उचित निगरानी, काउंसलिंग और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।