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झारखंड के लोहरदगा में दर्दनाक हादसा, जंगली हाथी के हमले में महिला की मौत

झारखंड / सत्ता संदेश

झारखंड के Jharkhand स्थित Lohardaga जिले में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक घटना में जंगली हाथी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना भंडारा थाना क्षेत्र के बेदल तंगरा टोली गांव में हुई, जहां एक जंगली हाथी ने अचानक गांव में प्रवेश कर हमला कर दिया। इस हमले में 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे हाथी ने कुचल दिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथियों के बढ़ते हमलों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जंगलों से भटककर हाथी अक्सर गांवों में घुस आते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि हाथियों की निगरानी के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जा रही है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है और ग्रामीणों ने मृतका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

उत्तराखंड में हाथियों की गणना अभियान शुरू, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से हुई विशेष कवायद की शुरुआत


देहरादून / सत्ता संदेश

उत्तराखंड में जंगली हाथियों की संख्या का सटीक आकलन करने के लिए राज्य वन विभाग ने विशेष गणना अभियान शुरू कर दिया है। इस महत्वपूर्ण कवायद की शुरुआत मंगलवार को प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से की गई। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य राज्य में हाथियों की वास्तविक संख्या, उनके आवागमन के मार्ग और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति का अध्ययन करना है।

वन विभाग की टीमों के साथ वन्यजीव विशेषज्ञ, शोधकर्ता और प्रशिक्षित कर्मचारी इस अभियान में भाग ले रहे हैं। हाथियों की गिनती के लिए आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग, कैमरा ट्रैप और प्रत्यक्ष निगरानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह सर्वेक्षण कई चरणों में पूरा किया जाएगा और इसके आंकड़े भविष्य की वन्यजीव संरक्षण योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व और तराई क्षेत्र हाथियों के प्रमुख आवास माने जाते हैं। बीते कुछ वर्षों में जंगलों के सिकुड़ने और मानव गतिविधियों के बढ़ने से हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में यह गणना अभियान संरक्षण रणनीति तैयार करने में मदद करेगा।

वन विभाग ने बताया कि हाथियों की आवाजाही वाले संवेदनशील इलाकों की भी पहचान की जाएगी, ताकि गांवों और जंगलों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों की सही संख्या और उनके व्यवहार संबंधी आंकड़े मिलने से वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

तमिलनाडु: बिजली का झटका लगने से हाथी की मौत

ईरोड (तमिलनाडु), छह मार्च (भाषा) तमिलनाडु के ईरोड जिला स्थित सत्यमंगलम बाघ अभयारण्य (एसटीआर) में करंट लग जाने से एक नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जानकारी के अनुसार, वन कर्मियों की एक टीम ने बृहस्पतिवार को एसटीआर के कदंबूर वन रेंज के भीतर कडागनल्ली वन गांव में एक निजी क्षेत्र का दौरा किया और वहां एक नर हाथी को मृत पाया।

मौके पर बुलाई गई वन विभाग की पशु चिकित्सा टीम ने करंट लग जाने से हाथी की मौत होने की पुष्टि की।

घटना को देखते हुए और पशु चिकित्सक के बयान को दर्ज करते हुए वन कर्मियों तथा कदंबूर पुलिस ने जमीन के मालिक पुट्टुसामी के खिलाफ मामला दर्ज किया।

अधिकारियों ने बताया कि पुट्टुसामी ने अपनी ज़मीन पर मक्के की फसल उगाई थी और जानवरों को वहां घुसने से रोकने के लिए तार की बाड़ लगाई तथा अवैध रूप से उसमें बिजली का कनेक्शन भी लगवा दिया।

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को वहां पहुंचा हाथी बिजली के तार के संपर्क में आ गया, जिससे करंट लग जाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।