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ईरान में ‘सभ्यता खत्म’ होने की आहट? ट्रंप की भीषण धमकी के बाद भारतीय दूतावास का अलर्ट; नागरिकों को 48 घंटे घर में रहने की सलाह

इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई “सभ्यता के अंत” की चेतावनी के बाद, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक आपातकालीन सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

ट्रंप की विनाशकारी धमकी: डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए ईरान को मंगलवार की समय सीमा (डेडलाइन) दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो “आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा”, जिसे फिर कभी जीवित नहीं किया जा सकेगा। ट्रंप ने इसे इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण क्षण बताया है।

भारतीयों के लिए 48 घंटे का ‘कर्फ्यू‘: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अगले 48 घंटों तक घरों के अंदर रहने की सख्त अपील की है।इन जगहों से दूर रहने के निर्देश: एडवाइजरी में नागरिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे बिजली के प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें। साथ ही, राजमार्गों पर आवाजाही के लिए दूतावास से समन्वय करना अनिवार्य कर दिया गया है।

होटल छोड़ने पर पाबंदी: जो भारतीय व्यवस्थित आवासों या होटलों में ठहरे हैं, उन्हें अपने कमरे न छोड़ने और दूतावास की टीमों के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है।

आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर: दूतावास ने किसी भी सहायता के लिए 24 घंटे चालू रहने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

+989128109115

+989128109102

+989128109109

+989932179359

ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in

व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि वे परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर विचार नहीं कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप के कड़े रुख ने पूरे क्षेत्र में युद्ध का खौफ पैदा कर दिया है।

ईरान-इजरायल युद्ध का 13वां दिन: राष्ट्रपति पेजेशकियन ने शांति के लिए रखीं 3 बड़ी शर्तें, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

इंटरनेशनल डेस्क: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए दुनिया के सामने तीन अहम शर्तें रखी हैं। यह युद्ध अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों की ओर से भारी गोलाबारी जारी है।

शांति के लिए ईरान की 3 शर्तें: राष्ट्रपति पेजेशकियन ने रूस और पाकिस्तान के नेताओं के साथ चर्चा के बाद सोशल मीडिया (X) पर स्पष्ट किया कि युद्ध तभी रुकेगा जब:

-ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता दी जाए।-

हुए नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाए।

-भविष्य में किसी भी आक्रमण के खिलाफ दृढ़ अंतर्राष्ट्रीय गारंटी दी जाए।

डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल का रुख: दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सैन्य ठिकानों और एंटी-डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है और अब वहां “कुछ भी नहीं बचा है”।

वहीं, इजरायल ने लेबनान के बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसमें अब तक 600 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। इस तनाव का असर खेलों पर भी पड़ा है और विदेशी खिलाड़ियों के न आने की आशंका से IPL फ्रेंचाइजियों की चिंता बढ़ गई है।

ईरान का इजरायल पर ताबड़तोड़ हमला: मिडिल-ईस्ट में छठे दिन भी भीषण जंग जारी

इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं, जिससे मध्य पूर्व (मिडल-ईस्ट) में जारी युद्ध अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। इस हमले के जवाब में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों और उसके परमाणु कार्यक्रमों पर जबरदस्त प्रहार किए हैं।युद्ध की विभीषिका केवल जमीन तक सीमित नहीं है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबो दिया, जिसमें 87 शव बरामद किए गए हैं। इजरायली सेना ने लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों और बेरूत के दक्षिणी इलाकों को भी निशाना बनाया है।इस भीषण जंग का मानवीय और वैश्विक प्रभाव भी दिखने लगा है।

अब तक ईरान में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान और इजरायल में भी दर्जनों लोग मारे गए हैं। युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो गई है और लाखों यात्री विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की कार्रवाई की सराहना की है, जबकि इजरायल ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य ईरान के नेतृत्व को खत्म करना है।