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पीएम स्वनिधि योजना: स्ट्रीट वेंडर्स के एम्पावरमेंट और फाइनेंशियल इनक्लूजन के लिए एक ट्रांसफॉर्मेटिव टूलम

मनोहर लाल / विद्युत मंत्री

भारत में शहरीकरण तेज़ी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2050 तक देश की लगभग 50% आबादी शहरी इलाकों में रहेगी। अभी, लगभग 66% शहरी वर्कफ़ोर्स इनफ़ॉर्मल सेक्टर में शामिल है, जो शहरी अर्थव्यवस्था का एक अहम पिलर है। इस इनफ़ॉर्मल सेक्टर में स्ट्रीट वेंडर्स की भूमिका खास तौर पर खास है। ये लाखों वेंडर्स जो फल, सब्ज़ी, चाय, नाश्ता, कपड़े और रोज़ाना की दूसरी ज़रूरतें देते हैं, न सिर्फ़ करोड़ों नागरिकों की ज़िंदगी आसान बनाते हैं, बल्कि शहरी अर्थव्यवस्था को भी मज़बूत करते हैं। इसके बावजूद, फ़ॉर्मल बैंकिंग और क्रेडिट तक उनकी पहुँच लंबे समय तक सीमित रही। क्रेडिट हिस्ट्री न होने की वजह से, उन्हें अक्सर ज़्यादा ब्याज़ दरों पर इनफ़ॉर्मल लोन लेना पड़ता था, जिससे उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा लोन चुकाने में खर्च हो जाता था।

भारतीय स्ट्रीट वेंडर्स बदलते ग्लोबल हालात और अलग-अलग आर्थिक रुकावटों के बीच भी अपनी हिम्मत और मज़बूती के लिए जाने जाते हैं। PM SWANIDHI ने इस एंटरप्रेन्योरशिप की भावना को नई एनर्जी दी है। यह सिर्फ़ क्रेडिट देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सम्मान, पहचान और नए मौकों का एक मज़बूत ज़रिया बन गया है।

इस स्कीम की सफलता का मुख्य आधार “होल ऑफ़ गवर्नमेंट अप्रोच” रहा है, जिसमें केंद्र, राज्यों, शहरी स्थानीय निकायों और बैंकिंग संस्थानों के मिलकर किए गए प्रयासों ने इसे पूरे देश में अभूतपूर्व तरीके से आगे बढ़ाया है और शानदार नतीजे हासिल किए हैं।

इस स्कीम के तहत, लाखों वेंडर्स के बैंक अकाउंट एक्टिवेट किए गए, उनके फाइनेंशियल व्यवहार को रिकॉर्ड किया जाने लगा और पहली बार, उनके लिए एक फॉर्मल क्रेडिट हिस्ट्री बनाई गई। इससे उन्हें भविष्य में ज़्यादा लोन और फाइनेंशियल सर्विस मिलना आसान हो गया है और वे आज बैंक के सम्मानित ग्राहक और उद्यमी बनकर उभरे हैं।

इस स्कीम का एक और ज़रूरी पहलू डिजिटल एम्पावरमेंट है। UPI और QR-कोड आधारित पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक इंसेंटिव दिए गए हैं। इस पहल ने अब तक 55 लाख वेंडर्स को डिजिटल इकॉनमी से जोड़ा है, उनके लेन-देन को ट्रांसपेरेंट बनाया है और उनकी फाइनेंशियल क्रेडिबिलिटी को मज़बूत किया है। स्कीम का विज़न सिर्फ़ बिज़नेस तक ही सीमित नहीं रहा है। ‘स्वनिधि से समृद्धि’ पहल के ज़रिए, बेनिफिशियरीज़ और उनके परिवारों को भारत सरकार की आठ बड़ी वेलफेयर स्कीम्स से जोड़ा गया है। अब तक इन स्कीम के तहत 50 लाख से ज़्यादा स्ट्रीट वेंडर्स की प्रोफाइलिंग की जा चुकी है और 1.52 करोड़ से ज़्यादा लोगों को फ़ायदे दिए जा चुके हैं। पेंशन, इंश्योरेंस, हेल्थ सिक्योरिटी और सोशल सिक्योरिटी जैसी सुविधाओं तक पहुँच देकर, यह पहल स्ट्रीट वेंडर्स और उनके परिवारों के लिए एक बड़े सोशल सिक्योरिटी सिस्टम का ज़रिया बन गई है। इसके अलावा, FSSAI के साथ मिलकर फ़ूड सेफ्टी और हाइजीन पर ट्रेनिंग भी दी गई है, जिससे खास तौर पर स्ट्रीट फ़ूड वेंडर्स की क्वालिटी, हाइजीन और कस्टमर का भरोसा बढ़ा है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी इस स्कीम का योगदान काफ़ी सराहनीय रहा है। कुल बेनिफिशियरीज़ में से लगभग 46% महिलाएँ हैं। इससे उनकी इनकम, सामाजिक इज़्ज़त और परिवार के फ़ैसलों में हिस्सेदारी बढ़ी है। साल 2023 और 2025 में किए गए इंडिपेंडेंट इम्पैक्ट असेसमेंट ने भी इस स्कीम के दूरगामी असर की पुष्टि की है। लगभग 95% बेनिफिशियरीज़ ने अपनी ज़िंदगी में पहली बार फ़ॉर्मल फ़ाइनेंशियल सिस्टम से लोन लिया है, जो फ़ाइनेंशियल इनक्लूजन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इतना ही नहीं, लगभग 30% बेनिफिशियरी PM SWANIDHI से आगे बढ़कर दूसरे फॉर्मल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से लोन भी ले पाए हैं, जो उनके बढ़ते फाइनेंशियल कॉन्फिडेंस और मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल का सबूत है। इस स्कीम के बेनिफिशियरी की इनकम में सालाना लगभग 20% की एवरेज ग्रोथ दर्ज की गई है। इसके साथ ही, हाउसिंग, न्यूट्रिशन, हेल्थकेयर और बच्चों की एजुकेशन जैसे एरिया में भी सुधार देखा गया है। 2023 और 2025 के बीच UPI बेस्ड ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल लगभग 45% से बढ़कर 83% हो गया है। स्कीम के बड़े पैमाने पर और पॉजिटिव असर को देखते हुए, अगस्त 2025 में, केंद्रीय मंत्रालय ने इसके रीस्ट्रक्चर्ड फॉर्म को मार्च 2030 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। रीस्ट्रक्चर्ड स्कीम के तहत, स्ट्रीट वेंडर्स की क्रेडिट लिमिट बढ़ा दी गई है और स्कीम का दायरा अर्बन लोकल बॉडीज से आगे बढ़ाकर सेंसस टाउन्स/पेरी अर्बन तक कर दिया गया है। इसके साथ ही, कैपेसिटी बिल्डिंग पर खास जोर दिया जा रहा है ताकि स्ट्रीट वेंडर्स बदलती इकोनॉमिक जरूरतों के हिसाब से अपने बिजनेस को और मजबूत कर सकें। SWANIDHI क्रेडिट कार्ड की शुरुआत भी इसी कड़ी में एक अहम कदम है। यह सुविधा स्ट्रीट वेंडर्स को उनकी तुरंत की फाइनेंशियल और पर्सनल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शॉर्ट-टर्म बिना ब्याज का क्रेडिट देती है। हालांकि PM SWANIDHI योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को फाइनेंशियल ताकत दी है, लेकिन आज कई जगहों पर उन्हें शहर की प्लानिंग के स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं माना जाता है। उन्हें प्लान्ड वेंडिंग जगहों की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कोई तय जगह न होने की वजह से उनकी रोजी-रोटी और ग्राहकों तक पहुंच पर असर पड़ता है। इस चुनौती से निपटने के लिए, आने वाले सालों में राज्य सरकारों और शहरी लोकल बॉडीज़ को स्ट्रीट वेंडर्स को शहरी प्लानिंग के फ्रेमवर्क का एक ज़रूरी हिस्सा बनाने की कोशिश करनी चाहिए। इस दिशा में एक छोटी सी पहल – स्ट्रीट फूड हब के ज़रिए, उन्हें सुविधाजनक और ऑर्गनाइज़्ड कमर्शियल जगहें उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे

भारत-दक्षिण अफ्रीका ने एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और दक्षिण अफ्रीका ने भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने पर सहमति व्यक्त की है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल अवसंरचना, उन्नत विनिर्माण, जैव प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित साझेदारी दोनों देशों के संबंधों के अगले चरण की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में उभरकर सामने आई हैं।

यह सहमति केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और दक्षिण अफ्रीका की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार उपमंत्री डॉ. नोमालुंगेलो जीना के बीच नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक के दौरान बनी। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ वैज्ञानिक, नीति निर्माता और अधिकारियों ने भाग लिया।

नवाचार आधारित साझेदारी पर जोर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों को पारंपरिक अनुसंधान सहयोग से आगे बढ़ाकर नवाचार-संचालित साझेदारी में बदलने की आवश्यकता है, जो आर्थिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक प्रभाव पैदा कर सके।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास पूरक क्षमताएं हैं, जिनका उपयोग कर विकासशील देशों के लिए किफायती, समावेशी और विस्तार योग्य तकनीकी समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स, नवाचार एजेंसियों और उद्योग जगत के बीच गहन सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।

एआई, क्वांटम तकनीक और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर फोकस

बैठक के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर-भौतिक प्रणालियां, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और स्टार्टअप आधारित नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों में शामिल है और राष्ट्रीय स्तर पर चल रही विभिन्न तकनीकी पहलों के कारण अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने कहा कि विज्ञान का उद्देश्य केवल शोध तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे ऐसे समाधानों में परिवर्तित किया जाना चाहिए जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाएं, रोजगार सृजित करें और अर्थव्यवस्था को मजबूती दें।

स्वास्थ्य, जैव प्रौद्योगिकी और वैक्सीन अनुसंधान में नए अवसर

दोनों देशों ने जैव प्रौद्योगिकी, जीनोमिक्स, टीका विकास, स्वास्थ्य तकनीकों और महामारी तैयारी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के अनुभव ने मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों और वैज्ञानिक साझेदारियों की आवश्यकता को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन निर्माण, किफायती स्वास्थ्य तकनीक और जैव प्रौद्योगिकी में भारत की विशेषज्ञता दक्षिण अफ्रीका के साथ सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।

उन्नत विनिर्माण और डिजिटल तकनीकों में साझेदारी

बैठक में उन्नत सामग्री, विनिर्माण, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और डिजिटल अवसंरचना को भारत-दक्षिण अफ्रीका संयुक्त समिति के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया। दोनों पक्षों ने वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच संवाद बढ़ाकर इन क्षेत्रों में ठोस परियोजनाएं विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।

दक्षिण अफ्रीका ने नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, स्वास्थ्य विज्ञान, डिजिटल तकनीक, कौशल विकास और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई।

खगोल विज्ञान में सहयोग की समीक्षा

बैठक के दौरान दोनों देशों ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्क्वायर किलोमीटर ऐरे (SKA) परियोजना को 21वीं सदी की सबसे महत्वाकांक्षी वैज्ञानिक पहलों में से एक बताते हुए कहा कि यह वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, तकनीकी नवाचार और मानव संसाधन विकास को बढ़ावा मिलेगा।

ब्रिक्स और वैश्विक दक्षिण की भूमिका

डॉ. जितेंद्र सिंह ने दक्षिण अफ्रीका को अगस्त 2026 में चेन्नई में आयोजित होने वाली ब्रिक्स विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्रिस्तरीय बैठक में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सहयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, जल संसाधन प्रबंधन और सटीक कृषि जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान कर रहा है।

वहीं, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को साइंस फोरम साउथ अफ्रीका-2026 में भाग लेने का निमंत्रण दिया, जो अफ्रीका के प्रमुख वैज्ञानिक संवाद मंचों में से एक माना जाता है।

30 वर्षों से मजबूत वैज्ञानिक साझेदारी

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग की नींव वर्ष 1995 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समझौते से पड़ी थी। तब से दोनों देश खगोल विज्ञान, स्वास्थ्य विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, भूविज्ञान और उन्नत सामग्रियों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।

दोनों देशों ने अब तक लगभग 150 सह-वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं को समर्थन दिया है और भविष्य में इस सहयोग को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई है।

बैठक का समापन इस साझा संकल्प के साथ हुआ कि भारत और दक्षिण अफ्रीका अनुसंधान उत्कृष्टता, प्रौद्योगिकी विकास, स्टार्टअप सहयोग और वैज्ञानिक आदान-प्रदान के माध्यम से एक मजबूत एवं भविष्य उन्मुख नवाचार साझेदारी का निर्माण करेंगे, जो दोनों देशों के विकास के साथ-साथ वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं को भी नई दिशा देगी।

CCI ने दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज द्वारा मैक्वेरी एयरफाइनेंस के अधिग्रहण को दी मंजूरी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने वैश्विक विमान पट्टे क्षेत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण सौदे को मंजूरी प्रदान कर दी है। आयोग ने दुबई स्थित विमान लीजिंग कंपनी दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज (DAE) लिमिटेड द्वारा मैक्वेरी एयरफाइनेंस लिमिटेड के अधिग्रहण को स्वीकृति दे दी है।

यह अधिग्रहण डीएई की सहायक कंपनी DAE Aercap Designated Activity Company के माध्यम से किया जाएगा। प्रस्तावित सौदे के तहत मैक्वेरी एयरफाइनेंस लिमिटेड के मौजूदा शेयरधारकों से कंपनी का अधिग्रहण किया जाएगा।

वैश्विक विमान लीजिंग क्षेत्र में बड़ा कदम

दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज (DAE) दुनिया की प्रमुख विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों में शामिल है। कंपनी 80 से अधिक देशों में एयरलाइंस और विमानन ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है। इसके विमान पोर्टफोलियो में विभिन्न प्रकार के वाणिज्यिक विमान शामिल हैं, जिन्हें विश्वभर की एयरलाइंस को लीज पर दिया जाता है।

वहीं, डबलिन (आयरलैंड) मुख्यालय वाली मैक्वेरी एयरफाइनेंस लिमिटेड भी वैश्विक स्तर पर सक्रिय विमान लीजिंग कंपनी है और 45 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी का विमानन वित्त और विमान लीजिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।

विमानन क्षेत्र में बढ़ेगी वैश्विक उपस्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि इस अधिग्रहण के बाद डीएई की वैश्विक विमान लीजिंग क्षमता और बाजार हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही कंपनी को नए ग्राहकों, व्यापक विमान पोर्टफोलियो और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।

विमान लीजिंग उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह सौदा वैश्विक विमानन वित्त क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण अधिग्रहणों में से एक माना जा रहा है।

विस्तृत आदेश बाद में जारी करेगा आयोग

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कहा है कि प्रस्तावित लेनदेन की समीक्षा के बाद इसे मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत आदेश और विश्लेषणात्मक रिपोर्ट बाद में जारी की जाएगी।

सीसीआई की मंजूरी मिलने के साथ ही इस अधिग्रहण प्रक्रिया को नियामकीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मंजूरी प्राप्त हो गई है, जिससे सौदे को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

कैबिनेट ने बिहार में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड के उन्नयन को मंजूरी दी, लागत ₹3,936 करोड़

दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने बिहार में एनएच-31 और एनएच-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड (143.529 किलोमीटर) को बीओटी (टोल) मोड पर 3936.05 करोड़ रुपये की लागत से 4-लेन मानक में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है।

बिहार में एनएच-31 और एनएच-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड के प्रस्तावित उन्नयन से खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जिलों के शहरी क्षेत्रों में विद्यमान गंभीर भौगोलिक खामियों, तीखे मोड़ों और भीड़भाड़ की समस्या का समाधान होगा। इस परियोजना के अंतर्गत पूर्णिया शहर के लिए 6.729 किलोमीटर लंबा एक विस्तारित ग्रीनफील्ड बाईपास विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से औसत यात्रा गति बढ़ेगी, यात्रा का समय लगभग दो घंटे कम होगा और सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहन परिचालन लागत में सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय आवागमन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना पूरे बिहार में प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स नोड को निर्बाध रूप से जोड़ती है। इसके अतिरिक्त, उन्नत कॉरिडोर 5 पीएम गति-शक्ति आर्थिक केंद्रों (1 टैक्सटाइल क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क, 2 मत्स्य और समुद्री खाद्य पार्क) और 11 लॉजिस्टिक्स केंद्रों (4 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 1 हवाई अड्डा, 4 राष्ट्रीय राजमार्ग, 2 राष्ट्रीय राजमार्ग) से जुड़कर बहु-मोडल एकीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी।

माय भारत ने सीमावर्ती गांवों में युवा सशक्तिकरण के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 शुरू किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामलों के विभाग ने मेरा युवा भारत के माध्यम से विकसित जीवंत ग्राम कार्यक्रम 2026 के पहले चरण का शुभारंभ किया है। यह एक अग्रणी युवा नेतृत्व वाली पहल है जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर भागीदारी को सुदृढ़ करना, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और भारत के सीमावर्ती गांवों में सतत विकास को प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम दो चरणों में कार्यान्वित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कुल 500 ‘एमवाई भारत’ स्वयंसेवकों का चयन किया गया है। इनका चयन एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया, जिसमें 3 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया था। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वयंसेवकों को लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के चिन्हित सीमावर्ती गांवों में दो चरणों में तैनात किया जा रहा है। प्रथम चरण में 250 स्वयंसेवक 43 गांवों में गहन गतिविधियों में भाग ले रहे हैं, जबकि शेष 250 स्वयंसेवक इस महीने के अंत में 50 गांवों में द्वितीय चरण की गतिविधियों में शामिल होंगे।

यह कार्यक्रम युवा नागरिकों को सीमावर्ती गांवों में रहने और स्थानीय समुदायों के साथ सीधे जुड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। गांववासियों, पंचायती राज संस्थाओं, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों के साथ परस्पर बातचीत के माध्यम से, प्रतिभागी भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं, सांस्कृतिक विरासत, विकासात्मक आकांक्षाओं और रणनीतिक महत्व से प्रत्यक्ष रूप से परिचित होंगे।

सात दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम को सीमा जागरूकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामुदायिक जीवन, शासन, सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन, ग्राम विकास योजना, स्वयंसेवा और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयगत क्षेत्रों के इर्द-गिर्द संरचित किया गया है। स्वयंसेवक घरेलू सर्वेक्षण करेंगे, ग्राम सभा की गतिविधियों में भाग लेंगे, स्वच्छता और पर्यावरण अभियानों में योगदान देंगे और गांवों में विकास के अवसरों की पहचान करने में सहायता करेंगे।

यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है और राष्ट्र निर्माण की पहलों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना के अनुरूप है।

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 भारत सरकार की युवा नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार के रूप में सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, भारत के युवाओं और इसके जीवंत सीमावर्ती गांवों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक संबंधों को सुदृढ़ करता है।

IEPFA और सेबी 5 जून को भोपाल में ‘निवेशक शिविर’ का आयोजन करेंगे

दिल्ली / सत्ता संदेश

आईईपीएफए का उद्देश्य इस ‘शिविर’ के माध्यम से निवेशकों को सशक्त बनाना और उनकी शिकायतों के निवारण तथा बिना दावे वाले लाभांश प्रक्रिया को सरल बनाना

दिल्ली / सत्ता संदेश

कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) भोपाल में 5 जून को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक एक दिवसीय ‘निवेशक शिविर’ का आयोजन करेंगे।

‘शिविर’ निवेशकों को बिना दावा किए गए लाभांश और शेयरों से संबंधित मुद्दों को हल करने में सहायता करने के लिए एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं प्रदान करने वाले मंच के रूप में कार्य करेगा। साथ ही, निवेशक सेवाओं और जमीनी स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र तक सीधी पहुंच को सक्षम करेगा।

निवेश शिविर के माध्यम से आईईपीएफए का लक्ष्य निम्नलिखित प्रदान करना है:

  • छह से सात वर्षों से लंबित बिना दावा किए गए लाभांश और शेयरों की रिकवरी के लिए प्रत्यक्ष सहायता
  • मौके पर ही केवाईसी अपडेट और नामांकन संबंधी सेवाएं
  • लंबित आईईपीएफए ​​दावों से संबंधित मुद्दों में तत्काल सहायता और समाधान

निवेशक शिविर मॉडल निवेशकों, कंपनियों और रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के बीच सीधे और मध्यस्थ-मुक्त संपर्क को बढ़ावा देता है। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए कार्यक्रम स्थल पर विशेष सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। बड़ी मात्रा में लाभांश का दावा न किए गए खातों वाली हितधारक कंपनियां निवेशकों से जुड़ने और उनकी चिंताओं को कुशलतापूर्वक दूर करने के लिए सक्रिय रूप से भाग लेंगी।

भोपाल शिविर, आईईपीएफए ​​के राष्ट्रव्यापी निवेशक संपर्क और जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वित्तीय साक्षरता को सुदृढ़ करना, पारदर्शिता बढ़ाना और बिना दावा किए गए निवेशों को वापस पाने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

यह कार्यक्रम वृंदावन गार्डन, होशंगाबाद रोड (एनएच-12), आर्यन विंग्स कॉलोनी, श्री रामेश्वरम, बागमुगलिया, मिसरोद, भोपाल में आयोजित किया जाएगा।

यह पहल पूरे देश में एक सुरक्षित, सुलभ और निवेशक-केंद्रित वित्तीय इको सिस्टम के निर्माण के प्रति आईईपीएफए की प्रतिबद्धता को दोहराती है। आईईपीएफए सतत वित्तीय साक्षरता पहलों और देशव्यापी सहयोगात्मक लोक संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से निवेशकों की शिक्षा, जागरूकता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग 17 लोगों की मौत 38 घायल

दिल्ली / सत्ता संदेश

बुधवार की सुबह दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर दमकल विभाग की गाडियां मौजूद हैं। इस आग की वजह से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 घायल हैं। 

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली फायर सर्विस टीम को मालवीय नगर में लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। जिसके तुरंत बाद दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट के बेसमेंट से ये आग लगनी शुरू हुई। रेस्टोरेंट के बेसमेंट से गंभीर हालत में लोगों को रेस्क्यू किया गया। इस आग की वजह से अब तक 17 लोगों की मौत हो गई है और 38 लोग घायल हैं। घायलों को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

AAP विधायक सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र हौज रानी में एक बहुमंजिला इमारत में सुबह करीब 8:30 बजे भीषण आग लगी। उन्होंने हताहतों की आशंका जताते हुए कहा कि इसमें मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीकी नागरिक फंसे हो सकते हैं।

बताया जा रहा है कि इस समय भी कुछ लोग रेस्टोरेंट के अंदर फंसे हुए हैं जिन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। राजधानी दिल्ली में इस तरह का अग्निकांड कोई पहली बार देखने को नहीं मिला है। इससे पहले भी दिल्ली के कई अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की भीषण आग लग चुकी है।

बता दें कि यह घटना दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में मंगलवार की सुबह एक इमारत ढहने के एक दिन बाद हुई है, जिसमें संदिग्ध एलपीजी सिलिंडर विस्फोट के कारण दस लोग घायल हो गए थे। 

जलालपुर में पेड़ों को काटने पर गांव वालों का विरोध, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

होशियारपुर / सत्ता संदेश

एक तरफ पंजाब सरकार पर्यावरण को बचाने और हरियाली बढ़ाने के लिए लोगों को ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने के लिए बढ़ावा दे रही है, जिससे प्रेरणा लेकर कई गांव की पंचायतों ने बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए हैं। लेकिन दूसरी तरफ गांव जलालपुर में सड़क किनारे लगे पेड़ों को काटने का मामला सामने आया है, जिससे गांववालों में भारी विरोध है।

इस बारें में ग्रमीणों ने 25 मई को टांडा DSP को एक लिखित एप्लीकेशन दी थी, लेकिन अभी तक उस कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके चलते ग्रामीणों में निराशा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ अनजान लोगों ने सड़क किनारे लगे पेड़ों को काट दिया है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अगर पेड़ों की कटाई इसी तरह जारी रही तो पर्यावरण बचाने के लिए की जा रही कोशिशें बेअसर हो जाएंगी।

इस मौके पर गांव के चैयरमैन लखवीर सिंह, पूर्व पंच सुखविंदर सिंह, कुलवंत सिंह कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस प्रशासन, BDPO टांडा, DDPO होशियारपुर और पंजाब के मुख्यमंत्री से मांग की है कि पेड़ काटने वाले दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो गांववाले संघर्ष तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन की होगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में गांववाले मौजूद थे।

आत्महत्या से पहले वीडियो बनाकर युवक ने लगाए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

बटाला के रहने वाले एक युवक द्वारा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब वायरल हो रही है। वीडियो में युवक ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने और संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं।


जानकारी के अनुसार बटाला के रहने वाले जोबनप्रीत ने बीते दिन एक नहर में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आत्महत्या से पहले बनाई गई वीडियो में उसने दावा किया कि उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे लगातार परेशान कर रहे थे और उसकी संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे। वीडियो में युवक ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।


घटना के बाद बटाला पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।


मृतक के पिता ने भी आरोप लगाया कि उनके बेटे को ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि इसी प्रताड़ना से दुखी होकर जोबनप्रीत ने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

कैबिनेट मंत्री ने लुधियाना में नई सब तहसील कॉम्पलेक्स का किया उद्घाटन

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के माल, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने मंगलवार को लुधियाणा (उत्तरी) में नवनिर्मित सब-तहसील कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया। यह सब-तहसील 38 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई है।

पंजाब सरकार ने इस नई सब-तहसील का प्रभार नायब तहसीलदार जगसीर सिंह को सौंपा है। नायब तहसीलदार जगसीर सिंह ने आज माल मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां की मौजूदगी में चार्ज संभाल लिया।

विस्तार से जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के भले के लिए हर एक पैसा खर्च करने के प्रति प्रतिबद्ध है और आज लुधियाणा (उत्तरी) को दिया गया यह तोहफा भी इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि लुधियाणा (उत्तरी) सब-तहसील कॉम्प्लेक्स में सब-रजिस्ट्रार का दफ्तर, रजिस्ट्री रूम, रीडर रूम, फर्द रूम, जनता के बैठने के लिए हॉल, कैंटीन, जनरेटर रूम और बाथरूम बनाए गए हैं ताकि रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज के लिए आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

माल मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन अपने कामकाज के लिए इस सब-तहसील दफ्तर में आएंगे, इसलिए उनकी सुविधा के लिए यह कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी ऐसे जनहित के कार्यों पर ध्यान नहीं दिया। नए कॉम्प्लेक्स और कमरों से स्टाफ को उचित माहौल मिलेगा, जिससे वे बिना किसी खिजल-खुजली के लोगों के कामों को प्राथमिकता देंगे।

लुधियाणा उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी कोशिशों के कारण ही यह सब-तहसील बनी है। उन्होंने कहा कि लुधियाणा उत्तरी हलके के लोगों की लंबे समय से यह मांग थी कि यहां सब-तहसील बने, क्योंकि रजिस्ट्रियां कराने के लिए उन्हें बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। अब इस सब-तहसील के बन जाने से हलके के लोगों को अपने काम कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

लुधियाणा के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि लुधियाणा (उत्तरी) सब-तहसील स्थानीय लोगों की मुख्य मांग को देखते हुए पंजाब सरकार द्वारा बनाई गई है। पहले यहां के लोगों को रजिस्ट्रियां कराने के लिए दूर ट्रांसपोर्ट नगर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी मुश्किल होती थी।

इस सब-तहसील में जरूरी स्टाफ नियुक्त कर दिया गया है। फर्नीचर, पब्लिक एरिया में एयर कंडीशनर, पानी की सुविधा, वेटिंग एरिया और अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ईजी रजिस्ट्री का स्टाफ, कंप्यूटर और कैमरे भी लगा दिए गए हैं। सब-तहसील पूरी तरह तैयार है और आज से ही यहां काम शुरू हो जाएगा।

इस अवसर पर विधायक अशोक पराशर पप्पी, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, लुधियाणा निगम कमिश्नर नीरू कत्याल गुप्ता, माल विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी टी. बैनिथ, एसडीएम (लुधियाणा पूर्वी) जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम (लुधियाणा पश्चिमी) कुलदीप बावा, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, जिला योजना बोर्ड लुधियाणा के चेयरमैन जतिंदर सिंह खंगूरा सहित बड़ी संख्या में पार्षद और क्षेत्रीय निवासी मौजूद रहे।