ब्रेकिंग न्यूज़
डॉ. जितेंद्र सिंह ने दक्षिण कोरिया के गृह एवं सुरक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया गणराज्य के गृह एवं सुरक्षा मंत्री युन होजुंग ने कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात की। डिजिटल शासन, ई-गवर्नेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्रों में भारत तथा दक्षिण कोरिया के बीच संभावित सहयोग पर चर्चा की।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं जो अपने साझा मूल्यों, विरासत और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम दो प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाएं हैं जो एक विशेष रणनीतिक साझेदारी साझा करती हैं और यह ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी दोनों ही है।”


डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने में अतिथि मंत्री के योगदान की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करेगी।


उन्होंने राष्ट्रपति ली जे म्युंग की हालिया यात्रा का भी जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप व्यापार और निवेश, बंदरगाह और समुद्री मामले, डिजिटल और फिनटेक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल आदि सहित प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने सेवा वितरण और पारदर्शिता में सुधार के लिए भारत की पहलों जैसे कि सीपीग्राम, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन प्लेटफार्मों के उपयोग का उल्‍लेख किया। कोरियाई पक्ष ने स्मार्ट शासन, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और आपदा एवं सुरक्षा प्रबंधन में अपने अनुभव साझा किए।


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर हो रही द्विपक्षीय वार्ता का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि कोरिया गणराज्य में योग की लोकप्रियता बढ़ रही है। उन्होंने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को योग समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।


दोनों पक्षों की चर्चाओं में सरकारी सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण, सार्वजनिक प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग, सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण, शासन में नागरिकों की भागीदारी और सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणालियों में सर्वोत्तम विधियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पंचायती राज मंत्रालय ने ‘निर्भय चेतना’ पर तीन दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश


पंचायती राज मंत्रालय ने निर्भया निधि परियोजना के अंतर्गत नई दिल्ली में 17 से 19 जून 2026 तक निर्भय चेतना पर तीन दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण (टीओटी) कार्यक्रम का आयोजन किया । विश्व स्तर पर अपनी तरह के सबसे बड़े अभियान के रूप में मान्यता प्राप्त निर्भय चेतना, महिलाओं से संबंधित मुद्दों, जिनमें महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा शामिल है, के प्रति पुरुषों को संवेदनशील बनाने की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर लैंगिक रूप से संवेदनशील शासन को मजबूत करना है।

इस कार्यक्रम में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा विकसित निर्भय चेतना प्रशिक्षण मॉड्यूल का भी शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य मुख्य प्रशिक्षकों का एक समूह तैयार करना है जो पंचायती राज संस्थाओं के भीतर लैंगिक समानता, महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और नेतृत्व पर पुरुष निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करेंगे। पायलट बैच में छह राज्यों – असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तराखंड – के लगभग 40 मुख्य प्रशिक्षक शामिल थे और यह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विस्तारित होने वाले एक क्रमबद्ध प्रशिक्षण मॉडल की नींव के रूप में कार्य करेगा।


उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्रालय के श्री विवेक भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समान भागीदारी सुनिश्चित किए बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। उन्होंने जमीनी स्तर पर दृष्टिकोण और व्यवहार में सार्थक परिवर्तन लाने में सक्षम सामाजिक और लोकतांत्रिक परिवर्तन की संस्थाओं के रूप में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। निर्भय चेतना के उद्देश्य पर उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और अवसरों को विकास के आवश्यक स्तंभों के रूप में स्थापित करके लैंगिक संवेदनशील नेतृत्व को बढ़ावा देना चाहती है।


इस कार्यक्रम में लैंगिक मुद्दों की गहन समझ विकसित करने, सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देने और लैंगिक रूप से संवेदनशील नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए विशेषज्ञ सत्रों, समूह चर्चाओं, प्रकरण अध्ययन और अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से सहभागी दृष्टिकोण अपनाया गया। प्रमुख विषयों में सकारात्मक पुरुषत्व, सामुदायिक सहभागिता और महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समावेशन को बढ़ावा देने में पंचायतों की भूमिका शामिल थी।

आयुष मंत्रालय ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के राष्ट्रव्यापी आयोजनों में भागीदारी का आह्वान किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

देश 21 जून को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाने की तैयारी कर रहा है, ऐसे में आयुष मंत्रालय ने देश भर के नागरिकों को बड़ी संख्या में भाग लेने और स्वास्थ्य, सद्भाव और भारत की शाश्वत योग परंपरा के इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।


आयुष मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य कार्यक्रम 21 जून को कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर पूरा देश एक साथ मिलकर साझा योग प्रोटोकॉल का पालन करेगा और भारत के योग संदेश को विश्व के साथ साझा करेगा।”
इस वर्ष, संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भारत भर में 100 प्रतिष्ठित स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 समारोहों का आयोजन कर रहा है, जो भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत, ऐतिहासिक स्मारकों और योग की प्राचीन परंपरा के बीच अद्वितीय संबंध को उजागर करता है।


योग को नागरिकों के करीब लाने के उद्देश्य से, दिल्ली भर में प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष आईडीवाई समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। लोग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित निर्धारित स्थानों पर योग सत्रों में भाग ले सकते हैं, जिनमें प्रमुख पार्क, खेल परिसर, धरोहर स्थल और सामुदायिक स्थान शामिल हैं।


आयुष मंत्रालय नागरिकों, संगठनों, संस्थानों और समुदायों से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में शामिल होने, समय पर अपने निकटतम योग केंद्र पर पहुंचने और साथ मिलकर सामान्य योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करने का आह्वान करता है।


नागरिकों को समय से पहले आने, उत्साहपूर्वक भाग लेने और इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जो जन भागीदारी की भावना और स्वास्थ्य, सद्भाव और कल्याण के योग के संदेश को दुनिया तक पहुंचाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केंद्र सरकार ने 16 फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर लगाई रोक

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

जनस्वास्थ्य की रक्षा और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम उठाते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत अधिसूचना जारी कर 16 निश्चित खुराक संयोजनों के निर्माण, बिक्री और मानव उपयोग के लिए वितरण पर रोक लगा दी है।


यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है, जिसमें देश में उपलब्ध फिक्सड डोज़ कॉम्बिनेशन की व्यापक समीक्षा अनिवार्य की गई थी। इन निर्देशों के अनुपालन में, औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड ने विभिन्न एफडीसी की जांच करने और उन एफडीसी की पहचान करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जो तर्कहीन हैं, चिकित्सीय औचित्य का अभाव रखते हैं, या मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।


प्रतिबंधित एफडीएसी विभिन्न चिकित्सीय श्रेणियों से संबंधित हैं, जिनमें कुछ त्वचा संबंधी दवाएं, दर्द निवारक और ऐंठनरोधी दवाएं तथा एंटीबायोटिक-आधारित दवाएं शामिल हैं।


मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई सरकार के उन निरंतर प्रयासों के अनुरूप है जिनके तहत जनता को केवल सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाएं ही उपलब्ध कराई जाती हैं। पहले भी, विस्तृत वैज्ञानिक समीक्षा के बाद कई तर्कहीन एफडीसी पर प्रतिबंध लगाया गया था, जो रोगी सुरक्षा और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
मानव उपयोग के लिए चिन्हित 16 एफडीसी का बिक्री हेतु निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध और आपूर्ति पूरे देश में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित होगी।


सभी राज्य औषधि नियंत्रकों, नियामक प्राधिकरणों और प्रवर्तन एजेंसियों को अधिसूचनाओं का कड़ाई से कार्यान्वयन और अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। निर्माताओं, आयातकों, वितरकों और अन्य हितधारकों को भी कानून के प्रावधानों का अनुपालन करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने की सलाह दी गई है।

श्री अमरनाथ यात्रा के लिए सामग्री की गाड़ियां रवाना

लुधियाना / सत्ता संदेश

हरिओम सेवा मंडल(रजि:) की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी श्री अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग बालटाल-दुमेल, जम्मू कश्मीर में 21वाँ विशाल भंडारा लगाया जा रहा है। इस संदर्भ में हरिओम सेवा मंडल की ओर से सामग्री की गाड़ियां भेजी गई और आने वाले दिनों में अन्य गाड़ियां भी भेजी जाएगी।लुधियाना

इस अवसर पर चेयरमैन के के गाबा, प्रधान कृष्ण लाल बांसल ने बताया कि हरिओम सेवा मंडल (रजि:) को श्री अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने बताया कि इस भंडारे में यात्रियों के लिए भोजन, नहाने के लिए व्यवस्था, शाम के वक्त स्नेक्स, रात के लिए केसर वाला दूध और चाय कॉफी इत्यादि का 24 घंटे प्रबंध किया जाता है। आज बाबा बर्फानी श्री अमरनाथ के लिए कुणाल ग्रोवर (कुणाल डेवलपर) द्वारा गाड़ियों को हरी झंडी दी गई।

संस्था द्वारा श्री अमरनाथ यात्रियों के लिए लगाए जा रहे लंगरों की प्रशंसा करते हुए, हीना सिंगल (E9 फ़ाउंडेशन) ने कहा कि हर साल इतने बड़े स्तर पर आयोजन करना और यात्रियों के लिए 24 घंटे खाने-पीने का प्रबंध करना एक बहुत बड़ी सेवा है। उन्होंने शिव भक्तों से बड़ी गिनती में इस उद्देश्य को अपना समर्थन देने की अपील भी की।

इसी तरह, डॉ. राहुल (जे पी सी),डॉ. ओपी अरोड़ा, मनु अरोड़ा, रमन जगदंबा ने कहा कि हर साल तीर्थ यात्रियों की सेवा करके हरि ओम सेवा मंडल के सदस्य बहुत बड़ा पुण्य कमाते हैं और वह भी भोले बाबा के आगे प्रार्थना करते हैं कि वह इन पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।

इस दौरान वाइस चेयरमैन भूषण सिंगला, सीनियर वाइस प्रधान बंसी लाल, मीडिया इंचार्ज गौरव महेंद्रू, सचिव पुनीत मित्तल, संयुक्त सचिव दीपक गोयल, शिव सिंगला, मिंटू सिंगला, करण गाबा, नरेश सरीन, डॉ सुनील बांका, रजत बांसल, सुशांत बांसल, जिमी गाबा, अनिल चावला, हेमंत सिंगला, संकेत गोयल, केवल शर्मा इत्यादि भी मौजूद रहे।

इस वर्ष की पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा बालटाल-सोनमर्ग और नुनवान-पहलगाम दोनों मार्गों से संचालित होगी। यात्रा का समापन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन होगा।

नाभा में प्रशासन की लापरवाही: खुले सीवर मैनहोल में गिरा मासूम

नाभा / सत्ता संदेश

नाभा: शहर के वार्ड नंबर 18 स्थित मोहल्ला करतारपुरा में प्रशासन की गंभीर लापरवाही उस समय सामने आई जब एक मासूम बच्चा खुले पड़े सीवर मैनहोल में गिर गया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहल्ला करतारपुरा की एक गली में सीवर का मैनहोल लंबे समय से बिना ढक्कन के खुला पड़ा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक बच्चा अचानक संतुलन खो बैठा और खुले गड्ढे में जा गिरा। बच्चे की चीखें सुनते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया।

स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद बच्चे को प्राथमिक सहायता दी गई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था।

लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष

घटना के बाद इलाके के लोगों में नगर परिषद और प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग को कई बार खुले और क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

निवासियों ने कहा कि विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनका कहना है कि शहर में कई स्थानों पर खुले सीवर और टूटे ढक्कन आम लोगों, विशेषकर बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

मोहल्ला करतारपुरा के लोगों ने पंजाब सरकार और स्थानीय नगर परिषद से मांग की है कि शहर के सभी खुले और क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोलों को तुरंत ढक्कनों से बंद किया जाए और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।

फिलहाल इस घटना ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और शहर में बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पंजाब और पंजाबियों पर टिप्पणियां अस्वीकार्य, इतिहास और कुर्बानियों का सम्मान जरूरी: अशोक पराशर पप्पी

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना से विधायक अशोक पराशर पप्पी ने पंजाब और पंजाबियों को लेकर हाल ही में की गई कथित टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि ऐसे बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि पंजाब के गौरवशाली इतिहास और देश के लिए दिए गए बलिदानों का भी अपमान हैं।

एक बयान जारी करते हुए अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि जिन लोगों ने पंजाब और पंजाबियों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें पंजाब के इतिहास, यहां के लोगों की कुर्बानियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की कोई समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए किसी राज्य और उसके नागरिकों के सम्मान को ठेस पहुंचाना बेहद शर्मनाक है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल या नेता पंजाबियों के इतिहास और उनके बलिदानों का सम्मान नहीं करता, तो उसे पंजाब के लोगों से वोट मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पंजाबियों ने हमेशा देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अग्रणी भूमिका निभाई है और यह इतिहास किसी से छिपा नहीं है।

विधायक ने कहा कि पंजाबी हमेशा हर क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं और भविष्य में भी अपनी मेहनत, साहस और समर्पण के दम पर आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबियों के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्द माफ करने योग्य नहीं हैं और बाद में केवल माफी मांग लेने से ऐसे बयानों की गंभीरता कम नहीं हो जाती।

अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि पंजाब गुरुओं, पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है। यहां के लोगों ने अपनी बहादुरी और बलिदानों से इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि पंजाबी न कभी किसी से डरे हैं और न ही किसी के सामने झुके हैं। जिसने भी पंजाब या पंजाबियों को कम आंकने की कोशिश की है, उसे हमेशा करारा जवाब मिला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें झूठे और भ्रामक प्रचार के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन पंजाब के लोग जागरूक हैं और सच तथा झूठ के बीच अंतर करना अच्छी तरह जानते हैं।

पप्पी ने विश्वास जताया कि पंजाब के लोग आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों में लोकतांत्रिक तरीके से ऐसे बयानों और सोच का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब का सम्मान, गौरव और आत्मसम्मान हर हाल में बरकरार रखा जाएगा और किसी भी कीमत पर इसके साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

बाबा बूटा भगत जी के सालाना जोड़ मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

टांडा/उड़मुड़ / सत्ता संदेश

टांडा जिले के शहर दारापुर उड़मुड़ स्थित बाबा बूटा भगत जी के पावन दरबार में आयोजित तीन दिवसीय सालाना जोड़ मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माथा टेका और बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आस्था और श्रद्धा का यह विशाल आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल बाबा बूटा भगत जी का दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालु बाबा बूटा भगत जी को ब्रह्मज्ञानी, महान तपस्वी और लोककल्याणकारी संत के रूप में मानते हैं। उनकी पावन स्मृति में प्रत्येक वर्ष जून माह में भव्य जोड़ मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

मेले के दौरान धार्मिक दीवान, भजन-कीर्तन, सत्संग, लंगर सेवा और विभिन्न सामाजिक एवं सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। पूरे धार्मिक परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने बाबा जी के चरणों में नतमस्तक होकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

बाबा बूटा भगत समाध प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चौधरी कमल सैनी ने बताया कि मेले में देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा जी के प्रति लोगों की अटूट आस्था है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा बूटा भगत जी के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है और बाबा जी की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि हर साल मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

कई दशकों से आयोजित हो रहा यह वार्षिक मेला न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को भी मजबूत करता है। मेले के दौरान पूरा इलाका श्रद्धा, सेवा और भाईचारे के रंग में रंगा नजर आया।

इस अवसर पर मैनेजर प्रभ दयाल सहोता, बलबीर सिंह, बलदेव सिंह, जोगिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, नवदीप सिंह छात्रु, ब्रह्म सैनी, गुर भगत सिंह, मोहन लाल, राजकुमार, अमन धत्त, जसप्रीत सिंह सैनी हरसी पिंड सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

पुलिस ने जब्त वाहनों की सार्वजनिक नीलामी, 19 गाड़ियों की बिक्री से जुटे 1.51 लाख रुपये

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन: तरजिंदर सिंह

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों की सार्वजनिक नीलामी (पब्लिक ऑक्शन) का आयोजन पुलिस लाइन्स, अमृतसर में किया गया। इस नीलामी के माध्यम से लंबे समय से पुलिस के कब्जे में रखे गए केस प्रॉपर्टी वाहनों का नियमानुसार निपटारा किया गया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह ने बताया कि कमिश्नर पुलिस अमृतसर के निर्देशों के तहत यह सार्वजनिक नीलामी आयोजित की गई थी। नीलामी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया।

उन्होंने बताया कि इस ऑक्शन में अमृतसर और गुरदासपुर जिलों से कुल 14 बोलीदाताओं (बिडर्स) ने हिस्सा लिया। नीलामी के दौरान विभिन्न श्रेणियों के कुल 19 वाहनों की बोली लगाई गई और सफल बोलीदाताओं को वाहन आवंटित किए गए।

डीसीपी रविंदर पाल सिंह के अनुसार, नीलामी के माध्यम से कुल 1,51,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यह प्रक्रिया पुलिस रिकॉर्ड में लंबित पड़े जब्त वाहनों के निपटारे और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसी नीलामियां समय-समय पर आयोजित की जाती हैं ताकि केस प्रॉपर्टी के रूप में लंबे समय से रखे गए वाहनों का कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जा सके और पुलिस परिसरों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों की संख्या कम की जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार इस तरह की सार्वजनिक नीलामी आयोजित की जाती रहेगी।

चेयरमैन राजिंदर सिंह बसंत की अध्यक्षता में हुई खत्री अरोड़ा वेलफेयर बोर्ड मीटिंग

पंजाब / सत्ता संदेश

नए नियुक्त डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और स्टेट मेंबर साहिबाना को सम्मानित किया गया

पंजाब खत्री अरोड़ा वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन श्री राजिंदर सिंह बसंत जी की अध्यक्षता में बोर्ड की पहली मीटिंग बचत भवन मिनी सेक्रेटेरिएट में हुई। इस मीटिंग में चेयरमैन श्री राजिंदर सिंह बसंत जी, बोर्ड के मेंबर जिनमें अमृतसर से श्री प्रणव धवन, पटियाला से श्री राजेंद्र मोहन, जालंधर से श्री रिक्की मनोचा और माछीवाड़ा लुधियाना से श्री जसप्रीत सिंह काका शामिल थे, इन सभी को पंजाब सरकार ने शेरपा देकर सम्मानित किया और बोर्ड ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर MLA कुलवंत सिंह सिद्धू, अशोक पराशर पप्पी, मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट/चेयरमैन डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी जतिंदर सिंह खंगूरा, सीनियर वाइस चेयरमैन शरणपाल सिंह मक्कड़, चेयरमैन राजू कनौजिया, चेयरमैन केशव वर्मा, डायरेक्टर रविंदरपाल सिंह पाली और AAP नेता राज कुमार अग्रवाल खास तौर पर मौजूद थे।

चेयरमैन श्री राजिंदर सिंह बसंत जी ने पंजाब सरकार द्वारा नए नियुक्त किए गए पदाधिकारियों को सम्मानित किया, जिनमें स्टेट मेंबर भूपिंदर सिंह टकर, अरुण कुमार मल्होत्रा, गुरचरण सिंह चान, मोहिंदर सिंह प्रूथी, डॉ. गुरप्रीत सिंह बब्बर – डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन बलविंदर कुमार कर्ण, भारत ज्योति, नवनीत सिंह, मनीष बजाज, गगन छाबड़ा, वरिंदर सहदेव, साहिल कपूर, राज कुमार, श्री जैन, संजीव कुमार धवन, हरीश सत्यन, विकास कपूर, तरसेम लाल उप्पल, चिराग थापर – डिस्ट्रिक्ट वाइस चेयरमैन चरणप्रीत सिंह लांबा, मंदीप कुमार सोनी, तरसेम कालरा, दीपक सोनी, कमल कुमार, गुरबख्श सिंह ओबेरॉय, मुनीश सूद, मनोहर लाल अरोड़ा, कुलदीप सिंह, जसपाल सिंह, कुलवंत राय कटारिया, मोहिंदर सिंह शामिल थे।

चेयरमैन श्री राजिंदर सिंह बसंत जी ने अपने भाषण में माननीय मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान जी, श्री मनीष सिसोदिया जी और श्री अरविंद केजरीवाल जी का खास शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें यह अहम ज़िम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि पंजाब में खत्री अरोड़ा कम्युनिटी की संख्या बहुत ज़्यादा है और यह कम्युनिटी राज्य की तरक्की में अहम योगदान दे रही है।

एस. बसंत ने आगे कहा कि वह आने वाले विधानसभा चुनाव में पूरी कम्युनिटी को एक साथ लाकर आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने पूरे पंजाब के डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन और डिस्ट्रिक्ट वाइस चेयरमैन को भी इस काम में शामिल होने का न्योता दिया।