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Amritsar : दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद गरमाया माहौल, कांग्रेस पार्षदों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेस नेता और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दिनेश बस्सी के समर्थन में कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए। वहीं, पुलिस द्वारा पार्षदों को थाने से बाहर निकालने का एक वीडियो भी सामने आया है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिनेश बस्सी को पुलिस ने पूछताछ में सहयोग करने के लिए थाने बुलाया था, लेकिन बाद में उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। इसके बाद कांग्रेस के कुछ पार्षद उनके साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

पार्षद संजीव टांगरी ने पंजाब पुलिस और सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को थाने से धक्का देकर बाहर निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि दिनेश बस्सी को राजनीतिक दबाव के चलते मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। संजीव टांगरी के मुताबिक, दिनेश बस्सी की गलती सिर्फ इतनी है कि वह कांग्रेस की ओर से ईस्ट हलके से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

वहीं, पार्षद रमन रम्मी ने आरोप लगाया कि दिनेश बस्सी को पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। रमन रम्मी के मुताबिक, जब पांच पार्षद उनके साथ थाने पहुंचे तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे और कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

रमन रम्मी ने यह भी आरोप लगाया कि थाने के अंदर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कोई गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस पार्षद थाने में ही गिरफ्तारी देने से पीछे नहीं हटेंगे।

पार्षद सतीश बल्लू ने कहा कि पुलिस के संदेश के बाद दिनेश बस्सी खुद थाने पहुंचे थे और वह पांच पार्षदों के साथ SHO के कमरे में बैठे थे। उनके मुताबिक, SHO को एक फोन आने के बाद स्थिति बदल गई और पुलिस ने उन्हें थाने से जाने के लिए कहा। सतीश बल्लू ने आरोप लगाया कि इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और चुने हुए प्रतिनिधियों को धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया।

कांग्रेस नेता बॉबी पहलवान ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जिस FIR का पुलिस की ओर से जिक्र किया जा रहा है, उसमें दिनेश बस्सी का नाम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दिनेश बस्सी के खिलाफ जबरदस्ती या गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ओर से धक्का-मुक्की या कथित तौर पर गलत कार्रवाई जारी रही तो शहर के बाजार बंद करवाने और सड़कों पर धरना देने का फैसला लिया जा सकता है। मामले को लेकर अमृतसर में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने अमृतसर में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व मंत्री और पूर्व MLA डॉ. राज कुमार वेरका ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और आम लोगों को हो रही आर्थिक मुश्किलों का मुद्दा उठाया।


मीडिया से बात करते हुए डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें चरम पर पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई ने आम लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर डाला है। उन्होंने दावा किया कि घर का बजट बिगड़ गया है और बढ़ते खर्चों से लोग परेशान हैं।


डॉ. वेरका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान रसोई गैस और पेट्रोल की कीमतें कम थीं, तो BJP सरकार की तीखी आलोचना करती थी। उन्होंने कहा कि आज जब ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, तो केंद्र सरकार लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण किसान, युवा और आम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों के मुद्दों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश के लोग बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से तंग आ चुके हैं। डॉ. वेरका ने अपने भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था मजबूत थी और वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद भारत ने स्थिरता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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