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मजबूत मांग से कच्चे तेल के वायदा भाव में उछाल, कीमत 152 रुपये बढ़कर 8,778 रुपये प्रति बैरल

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

मजबूत हाजिर मांग और कारोबारियों द्वारा सौदों के आकार में बढ़ोतरी के चलते मंगलवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई। लगातार बढ़ती मांग के बीच निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से कीमतों में मजबूती देखने को मिली।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून महीने में डिलीवरी वाले कच्चे तेल का अनुबंध 152 रुपये यानी 1.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ Crude Oil Futures (MCX) 8,778 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान कुल 11,942 लॉट के लिए लेनदेन हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में सक्रियता बनी हुई है और निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुसार, हाजिर बाजार में मांग बढ़ने से वायदा बाजार को समर्थन मिला है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और मांग से जुड़े संकेत भी कीमतों पर असर डाल रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

मजबूत मांग के चलते हाल के सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हलचल देखी जा रही है, और आगे भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इसके रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।

24 घंटे के भीतर पलटा फैसला: ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में गनबोट्स ने की जहाजों पर फायरिंग

इंटरनेशनल डेस्क : खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। शुक्रवार को ईरान ने जिस होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ऐलान किया था, उसे 24 घंटे के भीतर ही दोबारा बंद कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखने के जवाब में की गई है।

बाजार में उथल-पुथल और अमेरिकी रुख : शुक्रवार को जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर रास्ता खोलने की पुष्टि की थी, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 10% की गिरावट दर्ज की गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस कदम का स्वागत किया था। लेकिन, जब ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अंतिम समझौते तक अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहेगी, तो ईरान ने अपना फैसला बदल दिया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को ऐलान किया कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया गया है।

युद्ध जैसी स्थिति: गनबोट्स से हमला हालात तब और बिगड़ गए जब शनिवार को ओमान के तट से 20 मील दूर दो व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की गई। जहाज के कप्तानों के अनुसार, यह हमला ईरानी गनबोट्स द्वारा किया गया था। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सख्त लहजे में कहा है कि उनकी नेवी दुश्मनों को करारी हार देने के लिए तैयार है।

22 अप्रैल की समयसीमा और संभावित खतरा: क्षेत्र में लागू युद्धविराम अब केवल तीन दिन में, यानी 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि इस तारीख तक कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है। दूसरी ओर, ईरान ने भी मई 2026 में विकसित अपनी नई मिसाइलों के इस्तेमाल की धमकी दी है।