मजदूर दिवस पर बड़ा फैसला: पंजाब में 13 साल बाद मजदूरों के वेतन में 15% बढ़ोतरी
लुधियाना/सत्ता संदेश
मजदूर दिवस पर पंजाब के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय। सरकारी और गैर सरकारी मज़दूरों के मूल वेतन में 15% बढ़ोतरी। – अजय मित्तल (मेंबर लेबर बोर्ड पंजाब)
1 मई मजदूर दिवस के मौके पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाया। सत्र की शुरुआत शिकागो में मजदूर आंदोलन के दौरान शहीद हुए उन मज़दूरों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई, जिन्होंने मज़दूर वर्ग के अधिकारों के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।
इस स्पेशल सत्र के दौरान लेबर मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंध ने विधानसभा में मज़दूरों की मूल तनख्वाह में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को सभी विधायकों ने एकमत से पास कर दिया, जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक घोषणा करते हुए इस पर मुहर लगा दी।
गौरतलब है कि सरकारी और गैर-सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में यह बढ़ोतरी करीब 13 साल बाद की गई है। मज़दूर वर्ग इस मांग का लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था। पंजाब सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से न सिर्फ मज़दूर वर्ग आर्थिक रूप से मज़बूत होगा, बल्कि उनका जीवन स्तर भी ऊपर उठेगा।
इस मौके पर पंजाब लेबर बोर्ड के मेंबर अजय मित्तल ने पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंध का धन्यवाद करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने हमेशा आम लोगों और मज़दूर वर्ग की भलाई को प्राथमिकता दी है। यह फैसला सिर्फ़ मज़दूरी में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि मज़दूरों के सम्मान और उनकी मेहनत की तारीफ़ का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पंजाब का मज़दूर वर्ग राज्य की तरक्की की रीढ़ है और सरकार द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक फैसले से मज़दूरों में नया आत्मविश्वास पैदा होगा और उम्मीद है कि आने वाले समय में मज़दूरों के हक और भलाई के लिए ऐसे और भी जन-हितैषी फैसले लिए जाएंगे। आज ‘मज़दूर दिवस’ पर पंजाब के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। 13 साल बाद मज़दूरों की मज़दूरी में 15% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी करके उनकी मेहनत की असली कीमत मिल गई है। जहां पिछली सरकारें सिर्फ़ वादे करती थीं, वहीं हमने ज़मीनी हकीकत में मज़दूरों के चेहरों पर मुस्कान लाई है।

