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उमस से बेहाल हुआ पंजाब: मानसून की धीमी रफ्तार से 41.3 डिग्री पहुंचा तामपान, 19 जून के बाद बदलेगा मौसम

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में मानसून की धीमी रफ्तार के कारण एक बार फिर गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन राज्य के आठ जिलों में गर्मी और उमस की स्थिति रहने का अलर्ट जारी किया है। वहीं 20 जुलाई से पंजाब में भारी बारिश होने की संभावना है।

बुधवार को तापमान में 0.4 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे पारा सामान्य से 2.1 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। फरीदकोट में सबसे अधिक 41.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 0.1 डिग्री की वृद्धि हुई है, जो फिलहाल सामान्य के करीब बना हुआ है। 

मौसम विभाग के अनुसार, 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से 20 और 21 जुलाई को पंजाब के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला और मानसा जिलों में गर्मी व उमस का अलर्ट दिया है। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में अलग-अलग जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अमृतसर का अधिकतम पारा 34.6 डिग्री और लुधियाना का 36.4 डिग्री रहा। सबसे कम न्यूनतम पारा अमृतसर में 24.4 डिग्री दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी से बचने शिमला पहुंचे सैलानी, 72 घंटे में 70 हजार वाहन शहर में दाखिल

शिमला / सत्ता संदेश

मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी वजह से शिमला में वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है और शहर के कई हिस्सों में बार-बार जाम की स्थिति बन रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 दिनों में शिमला में कुल 6 लाख 31 हजार वाहन पहुंचे हैं। इनमें से करीब 70 हजार वाहन सिर्फ पिछले 72 घंटों में शहर में दाखिल हुए।

हालांकि पर्यटन सीजन अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है, लेकिन ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला पहले ही पर्यटकों और वाहनों से भर चुकी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि पिछले 24 दिनों में चंडीगढ़-कालका मार्ग से लगभग 3 लाख 70 हजार वाहन शिमला पहुंचे हैं। इसके अलावा किन्नौर, बिलासपुर और कुल्लू मार्ग से भी बड़ी संख्या में पर्यटक वाहनों का आगमन हुआ है।

उन्होंने कहा कि अचानक बढ़े पर्यटक दबाव के कारण शहर की पुरानी पार्किंग समस्या और गंभीर हो गई है। पिछले एक सप्ताह में 1 लाख 54 हजार 450 वाहन शिमला पहुंचे, जबकि केवल पिछले 72 घंटों में करीब 70 हजार वाहनों की एंट्री दर्ज की गई।

यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने शिमला को पांच जोनों में बांटा है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है। ट्रैफिक कंट्रोल में सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है।

जाम कम करने के लिए पुलिस वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रही है। ऊपरी शिमला जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली मार्ग से भेजा जा रहा है ताकि शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव कम किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि जून महीने में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद 31 मई के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

आमतौर पर हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन जून के पहले सप्ताह में चरम पर पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष उत्तर और पश्चिम भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पर्यटन सीजन समय से पहले ही शुरू हो गया है।