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पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कर्मचारियों की हड़ताल जारी, सरकार से वार्ता बेनतीजा रहा

पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कर्मचारियों की सरकार से वार्ता बेनतीजा रही। करीब 2,000 बसें प्रभावित, शुक्रवार को CM आवास और विधानसभा की ओर कूच का ऐलान।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के साथ पंजाब सरकार की बैठक बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। बुधवार को यूनियन के चक्का जाम के कारण करीब 2,000 बसों का संचालन प्रभावित रहा, जिससे पंजाब के भीतर और दूसरे राज्यों में जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यूनियन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास और पंजाब विधानसभा की ओर कूच करने का ऐलान किया है।

यूनियन लंबे समय से आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध पर लाने, अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने, पिछले आंदोलन के दौरान दर्ज पुलिस केस वापस लेने और परिवहन विभाग में नई बसें खरीदने की मांग कर रही है। यूनियन का कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। सरकार और यूनियन के बीच अगली बैठक 29 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

2,000 बसें बंद, यात्रियों को हुई परेशानी

परिवहन विभाग में करीब 2,900 बसें हैं, लेकिन बुधवार को हड़ताल के कारण लगभग 2,000 बसें विभिन्न रूटों पर नहीं चलीं। इसका असर दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा। कई यात्री बस अड्डों पर घंटों बसों का इंतजार करते रहे।

विभाग की कुछ बसें लोकल रूटों पर चलती रहीं, लेकिन वहां भी कई सेवाएं प्रभावित हुईं। बसों का संचालन बाधित होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

29 अक्टूबर को होगी अगली बैठक

यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल के अनुसार, कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा और परिवहन सचिव वरुण रूजम के साथ यूनियन की बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने बताया कि सरकार ने मांगों पर विचार करने के लिए 29 अक्टूबर तक का समय मांगा है और इसी दिन अगली बैठक बुलाई गई है।

गिल ने आरोप लगाया कि सरकार ने 15 अक्टूबर तक मांगों के संबंध में अधिसूचना जारी करने का वादा किया था, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

शुक्रवार को CM आवास और विधानसभा की ओर कूच

यूनियन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास और पंजाब विधानसभा की ओर कूच करने का फैसला लिया है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध के दायरे में लाना, अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करना, पिछले आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लेना और विभाग में नई बसें शामिल करना है।

अब 29 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर नजर रहेगी। यदि सरकार और यूनियन के बीच सहमति नहीं बनती, तो बस सेवाओं को लेकर यात्रियों की परेशानियां आगे भी बनी रह सकती हैं।

Ludhiana : 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी; मंत्रियों और MLA के घेराव की तैयारी

लुधियाना में कर्मचारी संगठनों की बैठक में आंदोलन का बड़ा ऐलान हुआ। 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी, 12-13 सितंबर को मंत्रियों और 19-20 सितंबर को MLA के घरों के घेराव की घोषणा की गई।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। लुधियाना में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की हुई बैठक के दौरान आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर कई बड़े फैसलों की घोषणा की गई। संगठनों ने कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए पत्रों को वापस लेने की मांग करते हुए चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया।

कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी की जाएगी। संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्रों को वापस लेने की मांग को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इन पत्रों को तुरंत वापस लेने की मांग की।

12-13 सितंबर को मंत्रियों के घरों का घेराव

कर्मचारी संगठनों ने घोषणा की कि 12 और 13 सितंबर को पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों का घेराव किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि सरकार तक कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं की आवाज पहुंचाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

इसके बाद 19 और 20 सितंबर को विधायकों (MLA) के घरों का घेराव करने का भी ऐलान किया गया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

21-22 सितंबर को फिर सामूहिक छुट्टी

बैठक में 21 और 22 सितंबर को दोबारा सामूहिक छुट्टी रखने का ऐलान किया गया। कर्मचारी संगठनों ने इसे आंदोलन के अगले चरण के तौर पर बताया है।

30 सितंबर को चंडीगढ़ में होगी ‘कर्मचारी विधानसभा’

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि 30 सितंबर को चंडीगढ़ में कर्मचारी विधानसभा आयोजित की जाएगी। नेताओं के मुताबिक, इस दौरान कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार के खिलाफ आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी।

10 अक्टूबर को संगरूर में बड़ी रैली

कर्मचारी नेताओं ने 10 अक्टूबर को संगरूर में बड़ी रैली करने की भी घोषणा की। उनका दावा है कि इस रैली के जरिए सरकार तक कर्मचारियों की मांगों की आवाज मजबूती से पहुंचाई जाएगी।

‘डिस्कवरी मूवी’ के बहिष्कार का भी ऐलान

बैठक के दौरान कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने ‘डिस्कवरी मूवी’ के बहिष्कार की बात भी कही। हालांकि, इस संबंध में बहिष्कार के कारण और इसके स्वरूप को लेकर संगठनों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्रों को वापस लेने और उनकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, घोषित कार्यक्रमों के जरिए संगठनों ने संकेत दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

नोट: आंदोलन का कार्यक्रम और लगाए गए आरोप कर्मचारी संगठनों के नेताओं द्वारा बताए गए हैं। सरकार या संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।