NSO चंडीगढ़ ने 20वां सांख्यिकी दिवस मनाया, प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता पर डाला प्रकाश
चंडीगढ़/सत्ता संदेश
भारत में अर्थशास्त्र, योजना तथा सांख्यिकी के विकास के क्षेत्र में प्रो. पी.सी. महालनोबिस द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदानों के सम्मान में, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा 29 जून को केंद्रीय सदन, सेक्टर-9, चंडीगढ़ के सम्मेलन कक्ष में “20वाँ सांख्यिकी दिवस” मनाया गया। यह आयोजन सांख्यिकी के जनक स्वर्गीय प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। 20वें सांख्यिकी दिवस का विषय था – “प्रशासनिक आँकड़ों की क्षमता का उपयोग” (Unlocking the Potential of Administrative Data)।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में हरबिंदर सिंह, एडीजी (सेवानिवृत्त), आईएसएस अधिकारी, एनएसओ, डॉ. नरेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, सांख्यिकी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, तथा शीनम जैन, सहायक निदेशक, पीआईबी चंडीगढ़ उपस्थित रहे।
अपने स्वागत भाषण में श्री दीपक मेहरा, उप महानिदेशक, एनएसओ (एफओडी), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने सभी अतिथि वक्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पंजाब विश्वविद्यालय से आए प्रशिक्षुओं का स्वागत किया तथा प्रो. पी.सी. महालनोबिस के जीवन परिचय एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके योगदानों पर प्रकाश डाला।

हरबिंदर सिंह, एडीजी (सेवानिवृत्त), आईएसएस अधिकारी, एनएसओ ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली में प्रो. पी.सी. महालनोबिस के योगदानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने देश की सांख्यिकीय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने कहा कि 20वें सांख्यिकी दिवस का विषय “प्रशासनिक आँकड़ों की क्षमता का उपयोग” लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच जन-जागरूकता उत्पन्न करना तथा उन्हें स्वर्गीय प्रो. पी.सी. महालनोबिस से प्रेरणा लेते हुए सामाजिक-आर्थिक योजना एवं नीति निर्माण में सांख्यिकी की भूमिका को समझने के लिए प्रोत्साहित करना था।
इस कार्यक्रम में सांख्यिकी के क्षेत्र से जुड़े लगभग 80 अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं तथा सर्वेक्षण प्रगणकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथि वक्ताओं, क्षेत्रीय प्रमुख, एनएसओ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षुओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

