ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियों तथा उनका सीमा प्रबंधन व राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पर संगोष्ठी का आयोजन
मोहाली, 17 अप्रैल 2026: 17 अप्रैल को मुख्यालय विशेष महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल की पश्चिमी कमान चंडीगढ़ ने लखनौर (मोहाली) स्थित सिंदूर सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी का केंद्र बिंदु ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा उनका सीमा प्रबंधन व राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव था। चर्चा में वर्तमान चेतावनियों, तस्करी और इनसे लड़ने हेतु सुरक्षा संस्थानों के मध्य दृढ समन्वय पर चर्चा की गयी।
इसमें सीमा सुरक्षा बल, बल मुख्यालय, नई दिल्ली, फील्ड फॉरमेशन, भारतीय सेना पश्चिमी कमान, भारतीय वायु सेना चंडीगढ़, पंजाब पुलिस, आई आई टी रोपड़, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, IISER मोहाली, नैनो साइंस सेंटर मोहाली, C-DAC मोहाली, NIELIT रोपड़ और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ सहित अन्य प्रमुख और विशिष्ठ संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों व विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की।
संगोष्ठी में ड्रोन से होने वाली तस्करी, निगरानी और सीमा पार गतिविधियों से बढ़ते खतरों पर चर्चा की गयी। मुख्यतः, उन्नत ड्रोन पहचान और ड्रोन-रोधी प्रौधागिकयों की तैनाती, फोरेंसिक विश्लेषण क्षमताओं को मजबूत करने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने उभरते तकनीकी खतरों का मुकाबला करने के लिए एक सक्रिय और एकीकृत दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया और नवाचार, खुफिया जानकारी साझा करने और क्षमता निर्माण को परिचालन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सुरक्षा व ड्रोन खतरे के बदले परिदृश्य का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए सभी हितधारकों की सामूहिक प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि के साथ हुआ।

