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UIDAI ने आधार ऐप से ईमेल अपडेट की मुफ्त सुविधा शुरू की
  • भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार ऐप के माध्यम से आधार में ईमेल अपडेट को निःशुल्क सक्षम किया
  • पहले दो दिनों में 25 लाख से अधिक ईमेल अपडेट दर्ज किए गए

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने निवासियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अब लोगों को आधार ऐप के माध्यम से सीधे आधार में अपनी ईमेल आईडी जोड़ने या अपडेट करने की अनुमति दे दी है, जिससे आधार केंद्र जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।

यह सेवा केवल आधार ऐप के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध है, जो 1 जुलाई, 2026 से छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी होगी। इससे निवासियों के लिए अपनी आधार जानकारी को अपडेट रखना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। भौतिक रूप से आने-जाने की आवश्यकता को समाप्त करके, यह पहल डिजिटल इंडिया के अंतर्गत विकसित भारत की दिशा में लोगों के अनुकूल डिजिटल सेवा प्रदान करने के लिए यूआईडीएआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

आधार ऐप पर नई सेवा उपलब्ध होने के दो दिनों के भीतर ही 250,000 से अधिक लोगों ने अपना ईमेल पता अपडेट कर लिया है। ईमेल को आधार से लिंक करने से आधार प्रमाणीकरण अनुरोध निष्पादित होने पर वास्तविक समय में ईमेल सूचनाएं प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

यह पारदर्शिता को बढ़ाता है और आधार संख्या धारकों को किसी भी उद्देश्य के लिए उनके आधार के उपयोग के बारे में सूचित रहने में सक्षम बनाकर सुरक्षा की एक अतिरिक्त सुविधा प्रदान करता है।

जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया नया आधार ऐप लोगों को अपने स्मार्टफ़ोन से ही मोबाइल नंबर अपडेट और पता अपडेट सहित कई सेवाओं का आसानी से लाभ उठाने में सक्षम बना रहा है।

अब तक 40 लाख से अधिक लोगों ने नए आधार ऐप का उपयोग करके अपने मोबाइल नंबर अपडेट किए हैं। वहीं, लगभग 10 लाख लोगों ने इस ऐप का उपयोग करके अपना पता भी अपडेट किया है।

यूआईडीएआई लोगों को आधार में ईमेल आईडी जोड़ने और अपडेट करने की सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। निवासी आधार ऐप डाउनलोड या अपडेट करके ईमेल अपडेट करने की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

नया आधार ऐप एंड्रॉयड और ऐप्पल आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। लोग इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हैं:

एंड्रॉइड: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.gov.uidai.pehchaan&hl=en_IN

आईओएस – https://apps.apple.com/in/app/aadhaar/id6744029871

CSIR-NCL ने अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

सीएसआईआर-राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला, पुणे ने अपने नवनिर्मित, अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया है। इस उन्नत सुविधा का उद्घाटन CSIR-NCL के निदेशक डॉ. आशीष लेले ने मुख्य अतिथि के रूप में CSIR -एकीकृत कौशल के नोडल वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार और एनवेलियर टीम के प्रतिनिधियों के साथ किया। एनवेलियर टीम ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के माध्यम से आधुनिकीकरण परियोजना को प्रायोजित किया था।

CSIR की एकीकृत कौशल पहल (CSIR ISI) के अंतर्गत CSIR-NCL का कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय कौशल प्रणाली तंत्र में विश्व स्तरीय उच्च स्तरीय कौशल प्रदान करना है, ताकि प्रयोगशाला के मुख्य दक्षता क्षेत्र में वर्तमान और उभरती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले कुशल कार्यबल का निर्माण किया जा सके। एसडीपी गतिविधियां एनसीएल के अत्यधिक अनुभवी वैज्ञानिक कर्मचारियों और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से संचालित की जाती हैं।

उन्नत सुविधा को एनसीएल में कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण की सभी पहलों को केंद्रीकृत और बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित, पूर्णतः एकीकृत केंद्र के रूप में संरचित किया गया है। आधुनिक बुनियादी ढांचे में अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिनमें संवादात्‍मक स्मार्ट डिस्प्ले से सुसज्जित अति आधुनिक कक्षाएं, एक डिजिटल पोडियम, एक समर्पित कंप्यूटर कक्षा, एक उन्नत डिजिटल कॉन्फ्रेंस रूम, विश्लेषणात्मक प्रयोगशालाएं और एक केंद्रीकृत कौशल विकास कार्यक्रम कार्यालय शामिल हैं।

निदेशक डॉ. आशीष लेले ने उद्घाटन समारोह में इस बात पर जोर दिया कि उन्नत सुविधाएं विशेष उपकरणों के महत्वपूर्ण व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगी, औद्योगिक दक्षता में सुधार करेंगी और प्रभावशाली नवाचार को बढ़ावा देंगी। मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार ने आधुनिक अवसंरचना की सराहना करते हुए कहा कि यह सीएसआईआर-एकीकृत कौशल पहल के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक कौशल को बढ़ाना और सतत तकनीकी क्षमता का निर्माण करना है।

भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत सिंगापुर पहुंचे, पूर्वी बेड़े की परिचालन तैनाती जारी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि, कवरत्ती और शक्ति पहली जुलाई 2026 को सिंगापुर के चांगी नौसैनिक अड्डे पर पहुंचे।

यह यात्रा भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे सुदृढ़ व घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित करती है। साथ ही, यह दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय नौसेना की जारी परिचालन तैनाती का हिस्सा है, जो भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति व ‘महासागर दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह दौरा ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष 2026’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में भी योगदान देता है।

बंदरगाह पर प्रवास के दौरान भारतीय एवं सिंगापुर की नौसेनाओं के बीच पेशेवर विचार-विमर्श, एक-दूसरे के पोतों का भ्रमण और समुद्री सुरक्षा तथा आपसी हित के विषयों पर चर्चा आयोजित की जाएगी। इन गतिविधियों से दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को परिचालन संबंधी अनुभवों एवं सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा, जिससे आपसी समझ व संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता और सुदृढ़ होगी।

भारत सामूहिक समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने तथा समुद्री साझेदारों के बीच पारस्परिक सहयोग को और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगापुर की यह यात्रा इन्हीं उद्देश्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है और सुरक्षित तथा समावेशी समुद्री वातावरण के साझा दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

भारतीय रेलवे ने बोंडामुंडा रेल फ्लाईओवर के लिए 135 करोड़ की दी मंजूरी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय रेल ने माल ढुलाई क्षमता और परिचालन दक्षता को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, दक्षिण पूर्वी रेल में बोंडामुंडा ‘ए’ केबिन से बोंडामुंडा लिंक ‘बी’ केबिन तक 4.59 किलोमीटर लंबे रेल फ्लाईओवर के निर्माण को 135 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना का उद्देश्य राउरकेला-बोंडामुंडा के महत्वपूर्ण खंड पर भीड़भाड़ को कम करना है, जो एक महत्वपूर्ण औद्योगिक गलियारा है तथा खनन और इस्पात उत्पादन की गतिविधियों के विस्तार के कारण माल ढुलाई यातायात में तेजी से वृद्धि करने की सख्त आवश्यकता है।

एक महत्वपूर्ण औद्योगिक गलियारे पर क्षमता वृद्धि

एसएआईएल के बारसुआ-ताल्डीह-काल्टा खनन परिसर के विस्तार, राउरकेला स्टील प्लांट में बढ़े हुए उत्पादन और इस उच्च-घनत्व नेटवर्क (एचडीएन) मार्ग को दोगुना करने की योजना के कारण राउरकेला-बोंडामुंडा खंड में माल ढुलाई में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है।

रेल यातायात में अपेक्षित वृद्धि को देखते हुए, भारतीय रेल ने नए रेल फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी दे दी है, जो यात्रियों और मालगाड़ियों के बीच क्रॉसिंग संबंधी टकराव को कम करते हुए ट्रेनों की निर्बाध आवाजाही को सुविधाजनक बनाएगा।

बोंडामुंडा यार्ड में भीड़ कम करना और माल ढुलाई दक्षता में सुधार करना

प्रस्तावित फ्लाईओवर भारी मालगाड़ियों को यात्री ट्रेनों से अलग करेगा, जिससे बोंडामुंडा यार्ड में भीड़भाड़ काफी कम हो जाएगी। इस अलगाव से देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक माल ढुलाई गलियारों में से एक पर लाइन की क्षमता, परिचालन दक्षता, ट्रेनों की विश्वसनीयता और समग्र नेटवर्क प्रदर्शन में सुधार होगा।

परियोजना के चालू होने पर, इससे प्रति वर्ष अतिरिक्त 8 मिलियन टन (एमटीपीए) माल ढुलाई यातायात को संभालने में सुविधा होने की उम्मीद है, जिससे खनिजों और औद्योगिक उत्पादों की निकासी मजबूत होगी और माल परिवहन में भविष्य की वृद्धि को समर्थन मिलेगा।

इस परियोजना को भारतीय रेल के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर के तहत चिन्हित किया गया है, जो देश भर में औद्योगिक विकास, माल ढुलाई में तेजी लाने और रसद दक्षता बढ़ाने के लिए रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रीय उद्देश्य को बल देता है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षणों का संचालन


फरीदाबाद / सत्ता संदेश

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), क्षेत्रीय संक्रियाएँ प्रभाग द्वारा जुलाई, 2026 के दौरान राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षणों के अंतर्गत आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस), असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) तथा राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (एनएचआईएस) का संचालन राष्ट्रीय सांख्यिकी क्षेत्रीय कार्यालय, फरीदाबाद के अधिकार क्षेत्र में किया जाएगा।

इन सर्वेक्षणों के अंतर्गत फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल एवं नूंह (मेवात) जनपदों के चयनित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। चयनित क्षेत्रों में गुरुग्राम नगर निगम, फरीदाबाद नगर निगम, कासन, चंदावली, खोरी कलां, मोहम्मदपुर टेर, मलाई, होडल, खैका, अटीतका, रेहना, जेहताना, नूंह (ग्रामीण), झारपुरी, सौंख, पिंगवां, तावडू, नागीना, उतावड़, खेरली दौसा, गढ़ी बिनौदा, खवासपुर, पहलादपुर माजरा बड़रोला, तिलपत तथा पलवल सम्मिलित हैं।

ये सर्वेक्षण रोजगार, असंगठित क्षेत्र के उद्यमों तथा घरेलू आय से संबंधित विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध कराते हैं, जो साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णयों एवं सामाजिक-आर्थिक नियोजन के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय चयनित परिवारों एवं प्रतिष्ठानों से अनुरोध करता है कि वे सर्वेक्षण कार्य में नियुक्त अधिकारियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग प्रदान करें। उत्तरदाताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई समस्त जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय प्रयोजनों के लिए किया जाएगा।

राज्य दूरसंचार आपदा समन्वय समिति ने आपदा तैयारी की समीक्षा की

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राज्य दूरसंचार आपदा समन्वय समिति (STDCC), हरियाणा की अर्धवार्षिक बैठक आज श्री राधा चरण शाक्य, ITS, प्रमुख, हरियाणा LSA के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। बैठक की कार्यवाही का संचालन DDG (प्रौद्योगिकी), अध्यक्ष–STDCC, दूरसंचार विभाग, हरियाणा द्वारा किया गया, जिसमें राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) तथा हरियाणा में कार्यरत सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) सहित प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।

बैठक में आगामी मानसून सत्र, प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य आपात स्थितियों के लिए दूरसंचार नेटवर्क की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही आपदा प्रतिक्रिया एवं पुनर्प्राप्ति कार्यों के दौरान निर्बाध संचार सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री संजय कुमार ने कहा कि विश्वसनीय दूरसंचार सेवाएं आपदा प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रशासन, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल भुगतान तथा जन सुरक्षा की आधारशिला हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान डिजिटल युग में निर्बाध दूरसंचार कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक हो गई है तथा अल्पकालिक सेवा बाधाएं भी नागरिकों एवं आर्थिक गतिविधियों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।

समिति ने यह संतोष व्यक्त किया कि वर्ष 2025 में हरियाणा में आई गंभीर बाढ़ की स्थिति के बावजूद राज्य में दूरसंचार सेवाएं अधिकांशतः बाधित नहीं हुईं। यह उपलब्धि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा किए गए सक्रिय तैयारी उपायों का परिणाम है, जिसमें संवेदनशील दूरसंचार स्थलों के प्लिंथ स्तर को ऊंचा करना, महत्वपूर्ण अवसंरचना को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना, पावर बैकअप व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना तथा सेवा बहाली क्षमताओं में सुधार शामिल हैं। समिति ने राज्य में दूरसंचार अवसंरचना की सुदृढ़ता बढ़ाने हेतु सभी सेवा प्रदाताओं के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

समिति ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) एवं राज्य प्रशासन द्वारा दूरसंचार सेवा प्रदाताओं एवं उनके विक्रेताओं को निर्बाध डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने में दिए गए सक्रिय सहयोग की भी सराहना की, विशेषकर पश्चिम एशिया संकट के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान। यह समय पर उपलब्ध कराई गई सहायता दूरसंचार अवसंरचना के संचालन को बनाए रखने तथा राज्य में संचार सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई।

क्षेत्र में हालिया भूकंपीय गतिविधियों के मद्देनजर समिति ने भूकंप संबंधी परिस्थितियों के लिए तैयारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को महत्वपूर्ण दूरसंचार अवसंरचना का संरचनात्मक सुरक्षा आकलन करने, नेटवर्क में अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था (रेडंडेंसी) बढ़ाने, बैकअप पावर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने तथा आपात स्थितियों में संचार सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु मजबूत बहाली तंत्र विकसित करने की सलाह दी गई।

समिति ने दूरसंचार विभाग के आपदा प्रतिक्रिया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP-2020) के कार्यान्वयन की समीक्षा की तथा नियमित आपदा तैयारी अभ्यास, मॉक ड्रिल, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय एवं सतत क्षमता निर्माण के महत्व को दोहराया। यह भी रेखांकित किया गया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का समय-समय पर परीक्षण संचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

आपात स्थितियों के दौरान इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) के त्वरित सक्रियण की तैयारी की भी विस्तृत समीक्षा की गई। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को ICR सक्रियण में लगने वाले समय को कम करने तथा नियमित परीक्षण करने की सलाह दी गई, ताकि आपातकालीन संचार सेवाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध रह सकें। विशेष रूप से आपदा की स्थिति में आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर 112, तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

समिति को अवगत कराया गया कि कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल (CAP) आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का हरियाणा में सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा यह आम जनता को आपदा चेतावनी संदेश प्रसारित करने हेतु पूर्ण रूप से कार्यरत है। यह प्रणाली आपात स्थितियों के दौरान समय पर चेतावनी प्रदान करने तथा नागरिकों द्वारा शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में राज्य की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करेगी।

बैठक का समापन दूरसंचार विभाग, राज्य सरकार की एजेंसियों, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों एवं दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा हरियाणा में दूरसंचार सुदृढ़ता को मजबूत करने हेतु आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए किया गया। समिति ने नियमित समीक्षा, संयुक्त अभ्यास, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा प्रभावी अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से सभी प्रकार की आपदाओं एवं आपात स्थितियों में निर्बाध दूरसंचार सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु तैयारी को निरंतर बढ़ाने का संकल्प लिया।

लुधियाना में 1700 CCTV कैमरों से मॉनसून की निगरानी, हरजोत बैंस ने लॉन्च किया ‘मॉनसून वॉर रूम’
  • शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित कंट्रोल सेंटर; लोकल गवर्नमेंट मिनिस्टर ने लापरवाही के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की चेतावनी दी
  • बैंस ने कहा कि जल्द ही मॉनसून के लिए एक खास हेल्पलाइन शुरू की जाएगी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

मॉनसून के मौसम में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने और लोगों की परेशानी कम करने के लिए, पंजाब के लोकल गवर्नमेंट मिनिस्टर एस. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि लुधियाना म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने ‘मॉनसून वॉर रूम’ बनाया है। यह एक टेक्नोलॉजी-आधारित कंट्रोल सेंटर है जो 1,700 CCTV कैमरों के ज़रिए शहर पर 24×7 नज़र रखता है।

गुरुवार को सराभा नगर में MC ज़ोन D के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में बनी इस सुविधा का निरीक्षण करते हुए, एस. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वॉर रूम बाढ़ की आशंका वाले चौराहों, निचले इलाकों की कॉलोनियों और संवेदनशील नालों से लाइव HD फुटेज वीडियो वॉल पर दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में जल-जमाव की पहचान कर लेगा और बाढ़ के फैलाव का पता लगाने में मदद करेगा, जिससे टीमों को सही जगहों पर भेजा जा सकेगा और रिस्पॉन्स टाइम घंटों से घटकर मिनटों में आ जाएगा।

रियल-टाइम एनालिटिक्स की समीक्षा के बाद, लोकल गवर्नमेंट मिनिस्टर ने कहा कि जल्द ही मॉनसून के लिए एक खास हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया जाएगा। नागरिक जल-जमाव, बंद नालियों या ओवरफ्लो हो रहे नालों की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं और शिकायत तुरंत वॉर रूम में दर्ज की जाएगी।

हर शिकायत को शहर के मैप पर जियो-टैग किया जाएगा, सबसे पास की फील्ड टीम को सौंपा जाएगा और समाधान होने तक ट्रैक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मकसद समस्याओं को जल्द से जल्द ठीक करना और लोगों को रियल टाइम में की जा रही कार्रवाई दिखाना है।

इसके बाद MC अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में, एस. हरजोत सिंह बैंस ने मॉनसून से जुड़ी नागरिक समस्याओं को रोकने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया। उन्होंने चौबीसों घंटे निगरानी रखने, बुड्ढा दरिया और मुख्य सीवर लाइनों से गाद निकालने, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी मैनहोल को ढकने, सड़क की नालियों (गलीज) की सफाई करने और खराब सड़कों की तुरंत मरम्मत करने के निर्देश दिए। एस. बैंस ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हम कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ‘मिशन क्लीन पंजाब’ एक ऑपरेशनल ऑर्डर है, कोई नारा नहीं।” उन्होंने चेतावनी दी कि गाद निकालने (desilting) या इमरजेंसी रिस्पॉन्स में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस बैठक में मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, MC कमिश्नर ओजस्वी अलंकार, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश प्रशर, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर, जॉइंट कमिश्नर तपन भनोट और असिस्टेंट कमिश्नर जसदेव सेखों शामिल हुए।

MC कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने लोकल गवर्नमेंट मिनिस्टर को कमांड सेंटर की ऑपरेशनल तैयारी के बारे में जानकारी दी और बताया कि सिविक बॉडी की टीमें हाई अलर्ट पर हैं।

ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026 के तहत इंस्पायरिंग सेरेमनी का किया गया आयोजन

लुधिायाना / सत्ता संदेश

  • लुधियाना में ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026 के तहत एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने स्टूडेंट्स से सीधे बातचीत की।
  • एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने क्लास 12 में 95 परसेंट से ज़्यादा मार्क्स लाने वाले स्टूडेंट्स को सम्मानित किया।
  • पंजाब में जल्द ही AI करिकुलम शुरू किया जाएगा – एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत बैंस।
  • एजुकेशन रिफॉर्म्स के लिए स्टूडेंट्स और टीचर्स की राय को प्रायोरिटी दी जा रही है – मनीष सिसोदिया।
  • क्वालिटी एजुकेशन से देश की तरक्की के साथ एक नया रास्ता मिल रहा है।

बुधवार को लुधियाना के गुरु नानक देव भवन में ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026 के तहत एक बड़ा और इंस्पायरिंग सेरेमनी ऑर्गनाइज़ की गई। इस सेरेमनी में पंजाब के एजुकेशन मिनिस्टर श्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर श्री मनीष सिसोदिया खास तौर पर शामिल हुए। इवेंट का मेन मकसद स्टूडेंट्स और टीचर्स से सीधा डायलॉग बनाना और एजुकेशन सिस्टम में हो रहे बदलावों और रिफॉर्म्स पर चर्चा करना था।

इस मौके पर, 12वीं क्लास में 95 परसेंट से ज़्यादा नंबर लाने वाले मेधावी स्टूडेंट्स को खास तौर पर सम्मानित किया गया। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने भाषण में कहा कि ये स्टूडेंट्स न सिर्फ अपने परिवारों का बल्कि पंजाब और देश का भी भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि ये बच्चे भविष्य में IAS, IPS, डॉक्टर, वकील और दूसरे बड़े पदों पर बैठकर देश की सेवा करेंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस इवेंट के दौरान स्टूडेंट्स के साथ खुली बातचीत की गई और उनसे इस बारे में राय ली गई कि एजुकेशन सिस्टम में क्या बदलाव लाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव ने स्टूडेंट्स से सीधे बातचीत की है और एग्जाम सिस्टम, सिलेबस और पढ़ाने के तरीकों पर सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जो भी मुद्दे उठाए हैं, वे बहुत ही सही और समय के हिसाब से हैं।

शिक्षा मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आज के समय में एक बड़ा टॉपिक बन गया है। दुनिया के सभी देश इस टेक्नोलॉजी को तेज़ी से अपना रहे हैं, इसलिए पंजाब को भी समय के साथ चलने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पिछले एक साल से इस पर काम कर रही है और अगले महीने से राज्य के सभी स्कूलों में AI करिकुलम लॉन्च किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब ने स्कूल एजुकेशन के फील्ड में बहुत तरक्की की है और केरल को पीछे छोड़कर इंडिया के एजुकेशन इंडेक्स में टॉप पर पहुंच गया है। यह कामयाबी सभी टीचर्स, स्टूडेंट्स और सरकार की मिली-जुली कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पंजाब एजुकेशन के फील्ड में और भी ऊंचाइयों को छुएगा।

इस मौके पर दिल्ली के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर मनीष सिसोदिया ने कहा कि मौजूदा एजुकेशन सिस्टम में बड़े सुधारों की ज़रूरत है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर बच्चे को अच्छी क्वालिटी की एजुकेशन देना सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की तरक्की उसके एजुकेशन सिस्टम पर निर्भर करती है और इसे मज़बूत करना आज के समय की ज़रूरत है।

मनीष सिसोदिया ने यह भी कहा कि AI आने वाले समय में नौकरी के नए मौके पैदा करेगा लेकिन कुछ ट्रेडिशनल नौकरियों पर भी असर पड़ेगा। इसलिए स्टूडेंट्स को नई टेक्नोलॉजी से तैयार करना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने एग्जामिनेशन सिस्टम को बेहतर बनाने, नकल रोकने और पढ़ाने के नए तरीकों को अपनाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। इस दौरान उन्होंने स्टूडेंट्स और टीचर्स से सीधे बातचीत की और उनके विचार भी सुने।

इस मौके पर एजुकेशन सेक्रेटरी सोनाली गिरी ने भी टीचर्स और स्टूडेंट्स को संबोधित किया और उन्हें समाज के विकास के लिए हमेशा आगे आने का मैसेज दिया। उन्होंने उनसे ड्रग्स, बेरोजगारी और एजुकेशन सिस्टम में कमियों के खिलाफ मिलकर लड़ने की अपील की। ​​उन्होंने स्टूडेंट्स से अपने अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने और मातृभूमि, संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देने का संकल्प भी दिलाया।

यह इवेंट न सिर्फ स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा का सोर्स साबित हुआ बल्कि एजुकेशन सिस्टम में सुधारों के लिए एक नई दिशा भी दी। सरकार का स्टूडेंट्स की राय को महत्व देना और नई टेक्नोलॉजी अपनाना दिखाता है कि पंजाब एजुकेशन के क्षेत्र में एक नया बेंचमार्क सेट करने की ओर बढ़ रहा है। इस मौके पर विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सेकेंडरी सेक्रेटरी सिंह बल, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (रूरल डेवलपमेंट) डॉ. नरिंदर धालीवाल, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (लुधियाना ईस्ट) जसलीन कौर भुल्लर, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर डिंपल मदान, स्टेज सेक्रेटरी नेशनल अवार्डी मास्टर करमजीत सिंह ग्रेवाल के अलावा बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स और टीचर्स मौजूद थे।

MLA संगोवाल की लीडरशिप में बाबा दीप सिंह नगर की पंचायत ने राशन किट बांटे

लुधियाना / सत्ता संदेश

विधायक जीवन सिंह संगोवाल की अगुवाई में बाबा दीप सिंह नगर की पंचायत द्वारा गांव की महिलाओं को राशन किट वितरित किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और गांव के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘माताओं और बेटियों के सत्कार योजना’ की सराहना करते हुए कहा कि योजना के तहत बैंक खातों में राशि आने से उन्हें आर्थिक सहायता मिली है। अपनी खुशी का इजहार करते हुए महिलाओं ने लड्डू बांटे और ढोल की थाप पर नृत्य किया।

विधायक जीवन सिंह संगोवाल ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

इस अवसर पर गांव के सरपंच हरमेश सिंह, पंच सुरिंदर शर्मा, पंच दविंदर सिंह, प्रभजोत सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष, युद्ध अगेंस्ट ड्रग्स), बलवीर सिंह गुरु, मास्टर दविंदर सिंह, जयपाल सिंह, जसविंदर सिंह सिद्धू, चमन लाल, सुखदीप सिंह, आशु तथा यूथ क्लब अध्यक्ष हंदीप शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने “पंजाबी लेखक शिवचरण सिंह गिल की सभी कहानियाँ” लॉन्च कीं।

लुधियाना / सत्ता संदेश

कहानीकार शिवचरण सिंह गिल, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी का ज़्यादातर हिस्सा इंग्लैंड में पढ़ाया, उनकी छह कहानियों की किताबें, जिनके नाम हैं रंग दा पत्ता, खुह दी मिट्टी, मर्दवी औरत, सहन दा भर, खारा खोट, गौ हथया और मिनी कनिया। ये किताबें आज पंजाबी लोक विरासत अकादमी लुधियाना ने प्रो. गुरभजन सिंह गिल, नाटककार डॉ. पाली भूपिंदर सिंह, शिवचरण सिंह गिल के रूमी परिवार के इंदरदीप सिंह गिल और पंजाब स्टेट फ़ूड कमीशन के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा की किताब “शिवचरण सिंह गिल की सभी कहानियाँ” पर आधारित हैं।

1090 पेज की इस बड़े फ़ॉर्मेट वाली किताब के बारे में बात करते हुए, पंजाबी लोक विरासत अकादमी के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने कहा कि लुधियाना ज़िले के रूमी गाँव में जन्मे श्री शिवचरण सिंह गिल पंजाबी की एक काबिल और पहली इमिग्रेंट पीढ़ी हैं। इमिग्रेंट कहानियों का चेहरा ऊंचा है।

उन्होंने माइग्रेंट जीवन की जटिलताओं, कठिनाइयों और संघर्षों और नस्लवाद के खिलाफ संघर्ष को बहुत करीब से देखा और दिखाया है। उनके पात्र काल्पनिक नहीं बल्कि उनके आसपास रहने वाले असली पुरुष और महिलाएं हैं।

उनकी कहानियां माइग्रेंट जीवन की कड़वी सच्चाई को दर्शाती हैं। जिस बारीकी से उन्होंने माइग्रेंट जीवन की तस्वीर पेश की है, वह बहुत कलात्मक और समय के अनुकूल है। प्रो. गिल ने कहा कि अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा देश में बिताकर, शिवचरण सिंह गिल ने अपने रचनात्मक काम की मदद से माइग्रेंट पंजाबी कहानियों का दायरा बढ़ाया है।

हालांकि उन्होंने अलग-अलग समय पर ‘रंग दा पत्ता’, ‘खुह दी मिट्टी’, ‘मर्दवी औरत’, ‘साहन दा भर’, ‘खारा खोट’, ‘गौ हत्या’ आदि कहानी संग्रह प्रकाशित किए हैं, लेकिन शिवचरण सिंह गिल की बेटी सरदारनी शिवदीप कौर ढेसी द्वारा लिखी गई यह किताब प्रवासी पंजाबी साहित्य को एक मूल्यवान उपहार है।

डॉ. पाली भूपिंदर सिंह ने कहा कि शिवचरण सिंह गिल साहिब के परिवार ने बहुत सभी कहानियों को एक खंड में एकत्रित करके सराहनीय कार्य किया है। यह पुस्तक भविष्य के शोध छात्रों के लिए मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ पुस्तकालय में रखा जाएगा। अब पाठक इस बड़े आकार की पुस्तक के माध्यम से शिवचरण सिंह गिल की सभी कहानियों को पढ़ सकेंगे। पंजाब खाद्य आयोग के अध्यक्ष बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि विदेशों में साहित्य सृजन करने वाले लेखक अपनी मातृभूमि के अवैतनिक राजदूत हैं।

इंग्लैंड में रहते हुए, एस शिवचरण सिंह गिल जी ने भी अपने लेखन के माध्यम से यही काम किया है। उन्होंने इस बड़े पुस्तक के प्रकाशन के लिए कैलिबर पब्लिकेशन्स पटियाला के मालिक सुखविंदर सुखी को भी बधाई दी, जिन्होंने इस पुस्तक को डिजाइन करने के लिए कड़ी मेहनत की है और इसे बहुत अच्छे अंदाज में प्रकाशित किया है। शिवचरण सिंह गिल परिवार की ओर से, रूमी के कुलपति एस इंद्रदीप सिंह गिल ने पुस्तक को लोगों के सामने पेश करने के लिए मेहमानों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर, डॉ नरेश कुमार, प्रोफेसर और अध्यक्ष, पंजाबी और डोगरी विभाग, केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला (रामांचल प्रदेश) ने अपने साक्षात्कारों और डॉ पर आधारित पुस्तक “लेखक वेला” की प्रतियां भेंट कीं। लखविदर सिंह जोहल की एडिट की हुई किताब, सुरजीत रामपुरी स्पेशल इश्यू, जो लोथ से पब्लिश हुई लिटरेरी मैगज़ीन कवि लोक का है, गेस्ट्स को दी गई।