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पंजाब निकाय चुनाव के नतीजे आज होगें घोषित, सुबह 8 बजे से शुरु हुई वोटों गिनती

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में शुक्रवार को 8 नगर निगमों बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली के नतीजे घोषित होंगे। इसके साथ ही 75 नगर कौंसिल, 20 नगर पंचायतों के नतीज भी आएंगे। निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली में कांटे की टक्कर थी। 26 मई को इन चुनावों के लिए मतदान हुआ था।

आपको बता दें कि ईवीएम की जगह इस बार बैलेट पेपर से चुनाव कराया गया था। 35 लाख 45 हजार 567 वोटरों में से करीब 64% ने इस मतदान में हिस्सा लिया है। इस बार निकाय चुनाव में कुल 7555 उम्मीदवार मैदान में प्रत्याशी के तौर पर खड़े हुए। इसमें 1613 नगर निगम 5142 नगर कौंसिल और नगर पंचायत के लिए 800 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

मतगणना के लिए 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए

बता दें कि पंजाब में 26 मई को 8 नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों समेत कुल 104 निकायों के लिए वोट डाले गए थे।मतगणना के लिए राज्यभर में 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर सुबह 8 बजे से गिनती शुरू हो गई है। आयोग का अनुमान है कि दोपहर 12 बजे तक अधिकांश निकायों के परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।

राजनीतिक दलों के लिए सत्ता का सेमीफाइनल

ये निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के लिए सत्ता का सेमीफाइनल है। ऐसे में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए ये इलेक्शन काफी अहम है।उधर, विपक्षी दलों ने भी इस बार पूरी ताकत झोंकी. चुनाव प्रचार के दौरान जमकर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से जमकर जुबानी जंग भी देखने को मिली। इस चुनाव में मुकाबला आम आदमी पार्टी की डबल इंजन सरकार की चाह और विपक्ष की घेराबंदी के बीच नजर आया।

रणनीतिकार की भूमिका में नजर आए AAP के नेता

आम आदमी पार्टी के लिए यह चुनाव परफॉर्मेंस टेस्ट से कम नहीं है क्योंकि करीब 7 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव के जरिए आम आदमी पार्टी ये भी देखना चाहती है कि उसके साढ़े चार साल के कार्यकाल के बाद शहरी वोटर्स के बीच पार्टी की पकड़ कितनी मजबूत है। यही वजह है कि पार्टी के कई बड़े चेहरे रणनीतिकार की भूमिका में नजर आए।

पंजाब में 2027 का लक्ष्य तय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बोले- राज्य में खिलेगा कमल

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

Bharatiya Janata Party की पंजाब इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद Keval Singh Dhillon ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब में अपनी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत कर नए राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से काम करेगी।

प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए जाने के तुरंत बाद ढिल्लों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करेगी और आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

76 वर्षीय ढिल्लों ने कहा कि उनका पहला और सबसे बड़ा लक्ष्य पंजाब में भाजपा की सरकार बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य की जनता भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों, युवाओं, व्यापारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर जनाधार बढ़ाने का काम करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब लंबे समय से कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें बेरोजगारी, नशाखोरी, कानून-व्यवस्था और आर्थिक संकट प्रमुख हैं। भाजपा इन मुद्दों का स्थायी समाधान देने के लिए जनता के बीच जाएगी और एक मजबूत राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करेगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, पंजाब में भाजपा के लिए 2027 का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने के बाद भाजपा राज्य में अपने संगठन को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को पार्टी के विस्तार अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

ढिल्लों का राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है और वे पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपने जनाधार को बढ़ाने में सफल होगी।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों का लाभ पार्टी को पंजाब में भी मिलेगा। वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा के इस दावे को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।

पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीतियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा का यह दावा कि 2027 में पंजाब में “कमल खिलेगा”, राज्य की राजनीति में नई बहस और चुनावी चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

वीवीपैट पर्चियों पर समय दर्ज करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को सौंपा फैसला

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

चुनावी पारदर्शिता और मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उच्चतम न्यायालय ने वीवीपैट पर्चियों पर वोट डालने का सटीक समय दर्ज करने की मांग संबंधी याचिका पर निर्णय लेने का अधिकार निर्वाचन आयोग को सौंप दिया है। अदालत ने कहा कि यह एक तकनीकी विषय है, जिस पर फैसला लेने का अधिकार और विशेषज्ञता निर्वाचन आयोग के पास है।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बुधवार को इस जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाया गया मुद्दा चुनावी निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, लेकिन वीवीपैट प्रणाली में तकनीकी बदलाव संभव हैं या नहीं, इसका आकलन निर्वाचन आयोग ही बेहतर तरीके से कर सकता है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि चुनावों में अधिक पारदर्शिता और सत्यापन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वीवीपैट पर्चियों पर मतदान का सटीक समय दर्ज करने की मांग एक तकनीकी प्रकृति का विषय है और यह निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय इस स्तर पर सीधे कोई तकनीकी निर्देश जारी करने के बजाय संबंधित संवैधानिक संस्था को इस विषय पर विचार करने का अवसर देना उचित समझता है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि संबंधित जनहित याचिका निर्वाचन आयोग को भेजी जाए, ताकि आयोग इस पर आवश्यक विचार कर सके और जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेकर उचित निर्णय ले सके।

याचिका में दावा किया गया था कि यदि प्रत्येक वीवीपैट पर्ची पर मतदाता द्वारा वोट डालने का सटीक समय अंकित किया जाए, तो इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही में और अधिक सुधार होगा। याचिकाकर्ता का कहना था कि समय दर्ज होने से मतदान रिकॉर्ड का बेहतर सत्यापन संभव होगा और किसी भी विवाद या जांच की स्थिति में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत होगी।

गौरतलब है कि वीवीपैट यानी ‘वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ी होती है, जिसके माध्यम से मतदाता यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसका वोट सही उम्मीदवार को दर्ज हुआ है। मतदान के बाद कुछ सेकंड के लिए मशीन में एक पर्ची दिखाई देती है, जिसमें उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह प्रदर्शित होता है। यही पर्ची बाद में सत्यापन प्रक्रिया में उपयोग की जाती है।

हाल के वर्षों में चुनावी पारदर्शिता को लेकर वीवीपैट प्रणाली को लेकर कई बहसें और याचिकाएं सामने आती रही हैं। विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर वीवीपैट के उपयोग और उसके सत्यापन को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे निर्वाचन आयोग को भविष्य में तकनीकी सुधारों पर विचार करने का अवसर मिलेगा।

नीलम मीणा बनीं पश्चिम बंगाल की नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश


भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की वरिष्ठ अधिकारी Neelam Meena को पश्चिम बंगाल की नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति सोमवार को की गई।

नीलम मीणा अब इस पद पर Manoj Kumar Agarwal की जगह लेंगी, जिन्हें हाल ही में राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में नीलम मीणा का दायित्व राज्य में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी, मतदाता सूची के अद्यतन और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करना होगा। यह पद राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

Election Commission of India द्वारा की गई इस नियुक्ति को आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी प्रबंधन लगातार सुर्खियों में रहते हैं।

नाभा के वार्ड नंबर 13 से उम्मीदवार ऊषा मगो के समर्थन में किया गया चुनाव प्रचार स्थानीय लोगों के भारी उत्साह और समर्थन के कारण एक बड़े जश्न में बदल गया।

नाभा / सत्ता संदेश

इस चुनाव अभियान के दौरान वार्ड निवासियों ने ढोल की थाप पर भंगड़ा डालकर उम्मीदवार का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी जीत का भरोसा जताया।

चुनाव प्रचार की मुख्य विशेषताएं

जोरदार स्वागत:
ऊषा मगो के वार्ड में पहुंचने पर स्थानीय लोगों और महिलाओं ने फूलों की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।

ढोल-धमाका:
चुनाव प्रचार के दौरान ढोलियों द्वारा बजाए गए ढोल की ताल पर युवाओं और वार्ड वासियों ने खुशी में भंगड़ा डाला।

घर-घर संपर्क:
उम्मीदवार ने अपने साथियों सहित वार्ड के हर घर में जाकर मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया।

महिला शक्ति:
इस चुनाव प्रचार में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जो ऊषा मगो की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

वार्डवासियों के मुख्य मुद्दे और वादे

ऊषा मगो ने चुनाव सभाओं को संबोधित करते हुए वार्ड नंबर 13 के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण वादे किए:

  • वार्ड की गलियों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना।
  • हर घर तक साफ और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति पहुंचाना।
  • रात के समय सुरक्षा के लिए वार्ड के हर कोने में नई स्ट्रीट लाइटें लगवाना।
  • टूटी हुई गलियों और सड़कों का पक्का निर्माण करवाना।

जनता का समर्थन

इस मौके पर मौजूद वार्डवासियों ने कहा कि ऊषा मगो एक मेहनती और लोगों के दुख-सुख में साथ खड़े रहने वाले उम्मीदवार हैं। लोगों ने एकजुट होकर उन्हें भारी मतों से जिताने का संकल्प लिया।

इस जबरदस्त समर्थन को देखकर ऊषा मगो ने सभी वार्डवासियों का धन्यवाद किया और विश्वास दिलाया कि जीत के बाद वे वार्ड की तस्वीर बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी को लगा बड़ा झटका, अपने गढ़ भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी से हारी

नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अपनी पार्टी TMC की करारी शिकस्त के बाद, मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी खुद भी चुनाव हार गई हैं। उन्हें कोलकाता की चर्चित भवानीपुर सीट पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के अंतर से मात दी।

वोटों का अंतर: सुवेंदु अधिकारी को कुल 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को केवल 58,812 वोटों से संतोष करना पड़ा।

गढ़ में सेंध: भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का मजबूत किला माना जाता था, जहाँ से वे पहले भी जीत दर्ज कर चुकी थीं। इस बार चुनावी रुझानों में कांटे की टक्कर के बाद अंतिम राउंड्स में सुवेंदु अधिकारी ने भारी बढ़त बना ली।

मंत्रियों की हार: केवल ममता बनर्जी ही नहीं, बल्कि उनके 9 मंत्रियों को भी इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।

हार के कारण: माना जा रहा है कि बंगाल में सत्ता विरोधी लहर (anti-incumbency), कानून-व्यवस्था की स्थिति, और भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति ने खेल बदल दिया। साथ ही, RSS की पर्दे के पीछे की रणनीति और स्थानीय मुद्दों ने भी भाजपा की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।