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PM Modi Congratulates Lula: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को पीएम मोदी ने दी बधाई, भारत-ब्राजील संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता

पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा को चुनावी जीत पर बधाई दी। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और ग्लोबल साउथ के सहयोग पर जोर दिया गया।

अंतराष्ट्रीय समाचार / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा को दोबारा चुनाव जीतने पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और अधिक समावेशी, समान तथा टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में राष्ट्रपति लूला को अपना मित्र बताते हुए उनकी चुनावी जीत पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने की इच्छा व्यक्त की।

भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी पर जोर

पीएम मोदी के बधाई संदेश में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। भारत और ब्राजील विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की प्राथमिकताओं, आर्थिक सहयोग और टिकाऊ विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में ग्लोबल साउथ की साझा जरूरतों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। ग्लोबल साउथ से आशय मुख्य रूप से उन विकासशील देशों से है, जो आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व और वैश्विक चुनौतियों से जुड़े कई समान मुद्दों पर सहयोग करते हैं।

जीत के बाद राष्ट्रपति लूला ने जताया जनता का आभार

चुनावी जीत के बाद राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने ब्राजील की जनता को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रयास करने वाले युवाओं और मतदान के माध्यम से देश के भविष्य में भागीदारी निभाने वाले नागरिकों के योगदान को सराहा।

लूला ने कहा कि यह जीत उन लोगों की है, जो विश्वास बनाए रखते हैं, संघर्ष करते हैं और अधिक न्यायपूर्ण, स्वतंत्र तथा लोकतांत्रिक ब्राजील के निर्माण के लिए प्रयास करना नहीं छोड़ते।

भारत और ब्राजील के संबंधों के लिए क्या मायने?

भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, कृषि, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और बहुपक्षीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं हैं। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद और रणनीतिक सहयोग से इन क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के संदेश से स्पष्ट है कि भारत ब्राजील के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने और वैश्विक मंचों पर साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग जारी रखने का इच्छुक है।

अमेरिका में जंगलों में आग का खतरा, यमन में हूती हमले और चीन-उत्तर कोरिया के बीच नया पुल

अमेरिका के कैलिफोर्निया में जंगलों में आग का खतरा बढ़ा, सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी पर 24 साल का प्रतिबंध, यमन में हूती हमले और चीन-उत्तर कोरिया के बीच नया पुल शुरू। ब्राजील में मेटा को चुनावी समानता का आदेश।

अमेरिका / सत्ता संदेश

अमेरिका के कैलिफोर्निया में गर्म मौसम और तेज हवाओं के कारण जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर बिजली कंपनियों ने उत्तरी कैलिफोर्निया में करीब 62 हजार और दक्षिणी कैलिफोर्निया में 19 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में रेड फ्लैग चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं के मद्देनजर अधिकारियों ने दमकलकर्मियों और उपकरणों को पहले से तैनात कर दिया है।

सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी पर 24 साल का प्रतिबंध

अंतरराष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी ने सर्बियाई खिलाड़ी स्टेफान मिलिसेविक पर मैच फिक्सिंग के आरोपों में 24 साल का प्रतिबंध लगाया है। उन पर 2022 से 2024 के बीच छह मैच फिक्स करने और छह अन्य मैचों को फिक्स करने की कोशिश का आरोप है। एजेंसी ने उन पर 70 हजार डॉलर का जुर्माना भी लगाया है। प्रतिबंध के चलते वह वर्ष 2050 तक पेशेवर टेनिस नहीं खेल सकेंगे।

यमन में हूती विद्रोहियों के हमले, दो लोगों की मौत

यमन के बंदरगाह शहर अदन में एक महल के पास छह विस्फोट होने की खबर है। एक अधिकारी के मुताबिक, हमलों में दो लोगों की मौत हुई और छह अन्य घायल हुए। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमलों की जिम्मेदारी ली है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

चीन और उत्तर कोरिया के बीच नया पुल शुरू

चीन और उत्तर कोरिया के बीच 12 साल की देरी के बाद नया पुल खोल दिया गया है। करीब तीन किलोमीटर लंबा और चार लेन वाला यह पुल चीन के डांडोंग शहर को उत्तर कोरिया के सिनुइजू से जोड़ता है। उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा। नया पुल पुराने मार्ग पर दबाव कम करने में भी मदद कर सकता है।

ब्राजील में चुनाव से पहले मेटा को अदालत का आदेश

ब्राजील की शीर्ष चुनाव अदालत ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा को राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार करने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने आरोप लगाया था कि मेटा के एल्गोरिदम और एआई सुविधाएं विपक्षी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को फायदा पहुंचा रही हैं। अदालत ने राजनीतिक सामग्री की पहुंच सीमित करने या पोस्ट हटाने जैसे कदमों के जरिए किसी उम्मीदवार के साथ भेदभाव नहीं करने को कहा है। आदेश का उल्लंघन करने पर कंपनी पर प्रतिदिन पांच लाख ब्राजीलियाई रियाल का जुर्माना लगाया जा सकता है।

रूस के कामचटका प्रायद्वीप में शक्तिशाली भूकंप, घरों से बाहर निकले लोग; सुनामी का खतरा नहीं

रूस के कामचटका प्रायद्वीप में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। तेज झटकों से लोग घरों से बाहर निकले। शुरुआती जानकारी में नुकसान की पुष्टि नहीं हुई और सुनामी का अलर्ट जारी नहीं किया गया।

मॉस्को / सत्ता संदेश

रूस के कामचटका प्रायद्वीप में शुक्रवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.9 दर्ज की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया और कई निवासी एहतियात के तौर पर अपने घरों और अपार्टमेंट से बाहर निकल आए।

रूस की विज्ञान अकादमी की भूभौतिकी सेवा की कामचटका शाखा के अनुसार, भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार सुबह 3:35 बजे महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र रूस के ओजर्नोव्स्की से करीब 76 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। इसकी गहराई लगभग 143.2 किलोमीटर दर्ज की गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, भूकंप के दौरान घरों के अंदर झूमर और लाइटें तेजी से हिलने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झटके करीब एक मिनट तक महसूस किए गए। भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। अमेरिकी नेशनल सुनामी वार्निंग सेंटर के अनुसार, इस घटना के बाद सुनामी का खतरा नहीं था।

गौरतलब है कि रूस का कामचटका प्रायद्वीप प्रशांत महासागर के आसपास फैले भूकंपीय क्षेत्र ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। यह क्षेत्र टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं।

एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की मुलाकात, व्यापार से रक्षा तक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों के तहत विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के नेतृत्व के मार्गदर्शन तथा सरकारों और उद्योग जगत के बीच निरंतर संपर्क से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर काम हो रहा है।

बैठक में सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा से यह संकेत मिला कि भारत और कनाडा आपसी संवाद के जरिए अपने संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

व्यापार और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर जोर

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भी भारत के साथ संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा, नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख किया।

आनंद के अनुसार, भारत और कनाडा के संबंधों का महत्व उन साझा उपलब्धियों में है, जिन्हें दोनों देश मिलकर हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच करीबी संपर्क भविष्य की समृद्धि को आकार देने में मदद कर सकता है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं

कनाडा की विदेश मंत्री ने भारत-कनाडा सहयोग को स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण बताया। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की संभावनाएं हैं।

बैठक में हुई चर्चा भारत और कनाडा के बीच संवाद तथा सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में इन चर्चाओं का वास्तविक प्रभाव व्यापार वार्ता और विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली प्रगति से स्पष्ट होगा।

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, 95 लोगों का रेस्क्यू; 5 अब भी लापता

नेपाल / सत्ता संदेश

नेपाल के गोरखा जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन से तबाही। 95 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, पांच लापता। 45 घर पूरी तरह तबाह और पुलों व बिजली परियोजनाओं को नुकसान।

नेपाल में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने गोरखा जिले में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी कई घरों और पुलों को बहा ले गया, जबकि पांच लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कुल 95 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। नेपाली सेना, सुरक्षा बल और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश करने के साथ-साथ राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।

हेलिकॉप्टर की मदद से फंसे लोगों को निकाला

नेपाली सेना के अनुसार, गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। रविवार शाम उंगिलुंग नदी के पास धौलीभीर इलाके में फंसे तीन लोगों को सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया। ये लोग रविवार सुबह अचानक हुए भूस्खलन के बाद वहां फंस गए थे। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से सुरक्षित फिलिम पहुंचाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम तक चार हेलिकॉप्टरों और जमीन पर काम कर रही बचाव टीमों की मदद से 95 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। राहत और बचाव कार्य में 700 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें नेपाली सेना के 171 जवान भी शामिल हैं।

45 घर पूरी तरह तबाह, पुलों और बिजली परियोजनाओं को नुकसान

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन में पांच लोग लापता हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। आपदा ने स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

प्रभावित क्षेत्र में 45 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 27 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दो झूला पुल और दो मोटर वाहन पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। तीन जलविद्युत परियोजनाओं, मवेशियों को रखने के 34 बाड़ों और तीन वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

बचाव अभियान के साथ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का काम भी जारी है। प्रशासन की ओर से जरूरतमंद लोगों तक तंबू, कंबल, गद्दे, स्लीपिंग बैग और रसोई में इस्तेमाल होने वाला सामान पहुंचाया जा रहा है। जिन परिवारों के घर तबाह हो गए हैं या जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया

‘द राइजिंग नेपाल’ की रिपोर्ट के अनुसार, जगत से 17, यारू से 22, थुलोधुंगा से 13, दोभान से तीन, फिलिम से दो, न्याकफेदी से 17, पायु से 12, नामरुंग से तीन, डेंग से तीन और धौली से तीन लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बचाव दल अब भी प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। पहाड़ी भूभाग और लगातार भूस्खलन का खतरा राहत कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रहा है।

नेपाल में बार-बार क्यों आती है ऐसी आपदा?

हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश, खड़ी पहाड़ियां और अस्थिर ढलानें अचानक बाढ़ तथा भूस्खलन का खतरा बढ़ाती हैं। कई बार भूस्खलन से नदियों और नालों का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। इसके कारण पानी अस्थायी रूप से जमा हो सकता है और रुकावट टूटने पर पानी व मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगता है। इसकी चपेट में आने वाली बस्तियों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

नेपाल में इससे पहले भी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। लगातार सामने आ रही ऐसी आपदाएं संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में समय पर चेतावनी, सुरक्षित निकासी और मजबूत राहत-बचाव व्यवस्था की जरूरत को रेखांकित करती हैं।

फिलहाल गोरखा जिले में पांच लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव दल प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में हालात सामान्य करने में जुटे हैं। लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए अभियान लगातार जारी है।

सऊदी अरब में मौत की सजा का सामना कर रहा पंजाब का सुखचैन सिंह, परिवार ने संत सीचेवाल से लगाई गुहार

पंजाब के समराला के गांव माणकी निवासी सुखचैन सिंह को सऊदी अरब में मौत की सजा सुनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवार ने राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल से मदद मांगकर केंद्र और पंजाब सरकार से हस्तक्षेप की अपील की।

समराला के गांव माणकी का रहने वाला है सुखचैन सिंह, इकलौते बेटे की जिंदगी बचाने के लिए घर बेचने को मजबूर परिवार

समराला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : परमिंदर वर्मा

दिनांक : 9 अक्टूबर 2026

पंजाब के समराला के नजदीकी गांव माणकी के रहने वाले सुखचैन सिंह को सऊदी अरब में मौत की सजा सुनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवार के मुताबिक, सऊदी अरब की अदालत ने सुखचैन सिंह को सिर कलम करने की सजा सुनाई है। परिवार का इकलौता बेटा होने के कारण परिजन उसकी जिंदगी बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में परिवार ने राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई है।

परिवार के अनुसार, सुखचैन सिंह बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से सऊदी अरब गया था, जहां वह ड्राइवरी का काम करता था। उसके पिता भी लंबे समय से ड्राइवरी करके परिवार का पालन-पोषण करते रहे हैं। परिजनों का कहना है कि सऊदी अरब में सुखचैन सिंह का एक अन्य युवक के साथ विवाद हो गया था। इस दौरान हुई घटना में एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और अदालत में चले मामले के बाद सुखचैन सिंह समेत दो युवकों को मौत की सजा सुनाए जाने की जानकारी परिवार ने दी है।

इस मामले के बाद सुखचैन सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस इकलौते बेटे से परिवार को भविष्य संवारने की उम्मीद थी, आज उसकी जिंदगी बचाने के लिए परिजन दर-दर भटक रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। बेटे को बचाने की उम्मीद में परिजनों ने अपना घर तक बेचने के लिए लगा दिया है।

परिवार ने राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल को ज्ञापन सौंपकर केंद्र और पंजाब सरकार के माध्यम से सऊदी अरब सरकार के समक्ष मामला उठाने की मांग की है। परिजनों की अपील है कि सुखचैन सिंह की सजा पर रोक लगवाने और उसे राहत दिलाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर हर संभव प्रयास किए जाएं। परिवार ने यह भी मांग की है कि यदि सऊदी अरब सरकार उसे भारत वापस भेजने के लिए तैयार होती है, तो उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करवाई जाए।

परिवार की एक ही गुहार है कि उनके इकलौते बेटे की जान बचाने के लिए सरकारें हस्तक्षेप करें और उसे राहत दिलाने की दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं। अब परिवार की उम्मीदें सरकारों की पहल और जरूरी कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं।

आर्कटिक सर्कल असेंबली 2026 में भारत का बढ़ेगा दखल, कीर्ति वर्धन सिंह करेंगे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

वर्ल्ड डेस्क / रेक्याविक / सत्ता संदेश

भारत आर्कटिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विदेश राज्य मंत्री और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 8 से 10 अक्टूबर 2026 तक आइसलैंड के रेक्याविक में आयोजित होने वाली आर्कटिक सर्कल असेंबली (ACA) 2026 में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

आर्कटिक सर्कल असेंबली में कीर्ति वर्धन सिंह “Melting Poles: Perspectives from India and Singapore” विषय पर आयोजित पूर्ण सत्र में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, भारत की ओर से आयोजित “Arctic and Climate Change: Perspectives from Observer States” सत्र में वह शुरुआती संबोधन भी देंगे।

भारत आर्कटिक क्षेत्र को जलवायु, पर्यावरण, वैज्ञानिक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण मानता है। आर्कटिक में होने वाले जलवायु परिवर्तन का असर वैश्विक मौसम प्रणालियों के साथ-साथ भारत के मानसून पर भी पड़ सकता है। भारत की वर्ष 2022 की आर्कटिक नीति में वैज्ञानिक अनुसंधान, जलवायु एवं पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक एवं मानव विकास, परिवहन एवं कनेक्टिविटी, शासन एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा राष्ट्रीय क्षमता निर्माण को प्रमुख आधार बनाया गया है।

आइसलैंड के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता

रेक्याविक यात्रा के दौरान कीर्ति वर्धन सिंह आइसलैंड के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। इस दौरान आर्कटिक सहयोग, ध्रुवीय अनुसंधान, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।

भारत और आइसलैंड के संबंधों में हाल के वर्षों में आर्थिक और ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ उच्च-स्तरीय राजनयिक संपर्क भी बढ़ा है। जियोथर्मल एनर्जी, मत्स्य पालन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आर्कटिक सर्कल असेंबली में दुनिया भर की भागीदारी

आर्कटिक सर्कल असेंबली आर्कटिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक है। 2026 की असेंबली 8 से 10 अक्टूबर तक रेक्याविक के Harpa Concert Hall and Conference Centre में आयोजित हो रही है। इसमें 70 से अधिक देशों से 2,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

तीन दिवसीय आयोजन में जलवायु परिवर्तन, समुद्री बर्फ और ग्लेशियरों के पिघलने, भू-राजनीति, सुरक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, आर्थिक सहयोग और आर्कटिक के सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

भारत की बढ़ती भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब आर्कटिक क्षेत्र का महत्व जलवायु परिवर्तन, वैज्ञानिक अनुसंधान, वैश्विक समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में लगातार बढ़ रहा है।

पाकिस्तान को IMF से 1.2 अरब डॉलर की नई मदद पर सहमति, महंगाई और आर्थिक चुनौतियां बरकरार

इंटरनेशनल डेस्क / सत्ता संदेश

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को करीब 1.2 अरब डॉलर की नई वित्तीय मदद देने पर शुरुआती सहमति जताई है। इसमें करीब 1 अरब डॉलर मुख्य कर्ज कार्यक्रम के तहत, जबकि करीब 21 करोड़ डॉलर जलवायु परिवर्तन और दीर्घकालिक आर्थिक जोखिमों से निपटने वाले कार्यक्रम के तहत दिए जाएंगे। हालांकि, इस राशि के जारी होने से पहले IMF के कार्यकारी बोर्ड की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी।

दो कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद बनी सहमति

IMF और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है। IMF की टीम का नेतृत्व इवा पेत्रोवा ने किया। यह सहमति पाकिस्तान के दो अलग-अलग आर्थिक कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद बनी है।

कार्यकारी बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इन दोनों कार्यक्रमों के तहत पाकिस्तान को मिलने वाली कुल वित्तीय सहायता करीब 5.7 अरब डॉलर हो जाएगी। IMF के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने में कुछ प्रगति की है।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में दिखे सुधार के संकेत

IMF के मुताबिक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सुधार के कुछ संकेत सामने आए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआती तीन तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि करीब 4 फीसदी रही। हालांकि, महंगी ऊर्जा और आपूर्ति संबंधी परेशानियों के कारण आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार पर असर पड़ा है।

पूरे वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि 3.6 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं, मई में ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद सितंबर में महंगाई दर घटकर करीब 10.3 फीसदी रह गई।

विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 21 अरब डॉलर के करीब

IMF के अनुसार, विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों से आने वाले प्रवासी धन (Remittances) की वजह से देश का चालू खाता लगभग संतुलित बना रहा। सितंबर के अंत तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर करीब 21 अरब डॉलर हो गया।

पाकिस्तान की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग में सुधार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में दोबारा पहुंच को भी IMF ने सकारात्मक संकेत बताया है।

IMF की मदद के बावजूद चुनौतियां कम नहीं

नई वित्तीय मदद पाकिस्तान के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन IMF के मुताबिक देश के सामने अभी भी कई बड़े आर्थिक जोखिम मौजूद हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक स्तर पर कर्ज और वित्तीय परिस्थितियों का कठिन होना तथा व्यापार में रुकावट शामिल हैं।

यानी IMF से मिलने वाली नई रकम पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद कर सकती है, लेकिन इससे देश की सभी आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

महंगाई में मामूली कमी, लेकिन आम लोगों पर बोझ बरकरार

पाकिस्तान में सितंबर के दौरान महंगाई दर घटकर 10.26 फीसदी रही, लेकिन आम लोगों को इसका बड़ा फायदा नहीं मिला। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में कीमतों में महीने-दर-महीने 1.27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

इस दौरान बिजली की कीमतों में करीब 15.28 फीसदी और मोटर ईंधन की कीमतों में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। परिवहन खर्च सालाना आधार पर 27.43 फीसदी बढ़ा, जबकि घर, पानी, बिजली, गैस और ईंधन से संबंधित लागत में 12.39 फीसदी की वृद्धि हुई।

इससे साफ है कि महंगाई दर में कुछ कमी आने के बावजूद बिजली, पेट्रोल और परिवहन जैसी जरूरी सेवाओं की बढ़ती लागत पाकिस्तान के आम लोगों की जेब पर दबाव बनाए हुए है।

India Switzerland Relations: भारत-स्विट्जरलैंड में 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य

भारत और स्विट्जरलैंड ने व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और विज्ञान-तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कई अहम समझौतों और पहलों पर सहमति जताई। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस परिसंघ के अध्यक्ष गाय पार्मेलिन की मौजूदगी में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (MoUs), समझौतों और आशय पत्रों (LoIs) का आदान-प्रदान किया गया। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञान एवं तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और युवाओं की मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में भारत और यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला FTA है। इस समझौते के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और करीब 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य की दिशा में काम किया जाएगा।

व्यापार और निवेश पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों में इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। दोनों देशों ने भारतीय कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए स्विट्जरलैंड में बाजार पहुंच बढ़ाने तथा भारत में बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, इंश्योरेंस, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में स्विस निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं।

दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग की नई संभावनाओं की पहचान की है। इसके अलावा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ेगा सहयोग

भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग में इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी रोप-वे, नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तथा पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे और टनलिंग परियोजनाओं को दोनों देशों के सहयोग के उदाहरण के तौर पर बताया।

भारत ने स्विट्जरलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को देश में बड़े स्तर पर निवेश करने तथा डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और क्षमता निर्माण में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है। परिवहन, मोबिलिटी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोपवे और सुरंग निर्माण जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

विज्ञान, तकनीक और AI में नई साझेदारी

भारत और स्विट्जरलैंड हेल्थ, क्लीन एनर्जी और स्पेस जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। दोनों देशों के वैज्ञानिक समुदायों के बीच दीर्घकालिक सहयोग के लिए नई साझेदारियां विकसित करने पर भी सहमति बनी है।

स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए Indo-Swiss Academia-Industry Training (AIT India) कार्यक्रम के जरिए संयुक्त वर्कशॉप, क्षमता निर्माण, बिजनेस नेटवर्किंग और द्विपक्षीय एक्सचेंज को बढ़ावा देने की योजना है। भारत और स्विट्जरलैंड ने AI के क्षेत्र में भी जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित तकनीकी विकास के लिए सहयोग जारी रखने की बात कही है।

युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट और यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट को दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही और युवाओं के अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समझौते के तहत सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन को बढ़ावा देने, अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और मानव शोषण से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वहीं, पात्र लोगों के लिए मल्टीपल-एंट्री वीजा और छात्रों के लिए नवीकरणीय परमिट जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं।

यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दोनों देशों के युवाओं को दूसरे देश में अस्थायी रोजगार हासिल करने और अपने पेशेवर एवं भाषा कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा। शुरुआत में प्रत्येक देश से सालाना 300 युवाओं के शामिल होने की व्यवस्था होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 500 तक किया जा सकता है।

7 अक्टूबर को होगा प्रॉस्पेरिटी समिट

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 7 अक्टूबर को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति की मौजूदगी में भारत-EFTA बिजनेस लीडर्स के साथ प्रॉस्पेरिटी समिट आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य व्यापार और निवेश साझेदारी को ठोस परिणामों में बदलने के लिए कारोबारी संवाद को आगे बढ़ाना है।

स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। उनकी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य व्यापार, निवेश, वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और कार्यबल मोबिलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को मजबूत करना है।

भारत और स्विट्जरलैंड ने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने तथा वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दोनों पक्षों ने बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच बहुपक्षीय सहयोग और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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स्पेन : आवासीय संकट के बीच PM पेड्रो सांचेज ने समय से पहले चुनाव का किया ऐलान

वर्ल्ड डेस्क / स्पेन / सत्ता संदेश

स्पेन में बढ़ते आवासीय संकट के बीच प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए समय से पहले आम चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। संसद में सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों और आपातकालीन उपायों पर मिली करारी हार के बाद सांचेज ने सोमवार को चुनाव की तारीख का ऐलान किया। स्पेन में अब 29 नवंबर को आम चुनाव होंगे।

प्रधानमंत्री का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश में किफायती आवास की मांग को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय से स्पेन के कई शहरों में महंगे किराए, घरों की बढ़ती कीमतों और बेदखली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

आवासीय संकट को लेकर बढ़ा जनता का गुस्सा

स्पेन में लोगों की सबसे बड़ी मांग किफायती और सुलभ आवास उपलब्ध कराने की है। पिछले महीने मैड्रिड में एक 87 वर्षीय महिला को घर से बेदखल किए जाने की घटना ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया। इस घटना का वीडियो टीवी चैनलों पर प्रसारित होने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और मकानों की कीमतों के बीच आम लोगों के लिए घर खरीदना या किराए पर लेना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। सरकार से आवास संकट के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

संसद में सरकार को मिली बड़ी हार

पेड्रो सांचेज की सरकार को पिछले सप्ताह संसद में उस समय बड़ा झटका लगा, जब दक्षिणपंथी विपक्षी दलों ने सरकार के दो आपातकालीन आदेशों को रोक दिया। इन उपायों में बेदखली पर नियंत्रण और रियल एस्टेट में सट्टेबाजी को कम करने से जुड़े प्रावधान शामिल थे।

संसद में मिली इस हार के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई थीं कि प्रधानमंत्री सांचेज निर्धारित समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। आखिरकार उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए 29 नवंबर को चुनाव कराने की घोषणा कर दी।

2018 से प्रधानमंत्री हैं पेड्रो सांचेज

54 वर्षीय पेड्रो सांचेज वर्ष 2018 से स्पेन के प्रधानमंत्री हैं। लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण वे यूरोप के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। हालांकि, मौजूदा आवासीय संकट और संसद में सरकार की कमजोर स्थिति ने उनके सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।

पीएम सांचेज ने की जनता से समर्थन की अपील

चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से समर्थन की अपील की। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता किफायती घर, सार्वजनिक सेवाएं और सामाजिक अधिकार हैं।

सांचेज ने स्पेन की जनता से एकजुट होने और आगामी चुनाव में उनकी पार्टी को संसद में मजबूत करने की अपील की। अब 29 नवंबर का चुनाव यह तय करेगा कि स्पेन की जनता आवासीय संकट और सरकार की नीतियों के बीच किस राजनीतिक विकल्प पर भरोसा जताती है।