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नशा और गैर-कानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का अमृतसर में पर्दाफाश; 2.1 किलो हेरोइन और सात पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने विदेशी हैंडलर के संपर्क में था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव

बरामद पिस्तौल अपराधियों को आगे सप्लाई की जानी थीं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल में सक्रिय एक व्यक्ति को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान खुश कुमार उर्फ भोलू (26) निवासी गुरवाली गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा स्नैचिंग के मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामद पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लैडिएटर (तुर्की निर्मित), एक 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, एक .30 बोर बेरेटा (इटली निर्मित), एक .30 बोर जिगाना (चीन निर्मित), एक .30 बोर (ऑस्ट्रिया निर्मित), एक .30 बोर (चीन निर्मित) और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी तस्करों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि हेरोइन और हथियारों की अवैध खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही थी, जिन्हें आरोपी आगे अपराधियों तक पहुंचाता था।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी खुश उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सात पिस्तौल भी बरामद किए गए।

सीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पिस्तौल अपराधियों को आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई की जानी थीं। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप आगे पहुंचने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 60 दिनांक 12-05-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस स्टेशन सी-डिवीजन, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।

पेट्रोल बम हमले और फायरिंग के मामले का भंडाफोड़, पुलिस ने 4 आरोपी किये गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर देहाती पुलिस ने सुधार गांव में सरपंच के घर पर पेट्रोल बम फेंकने और फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल मीर ने बताया कि 5 मई की रात करीब 11 बजे गांव सुधार के सरपंच के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इससे पहले सरपंच को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी भरी कॉल्स आ रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुलविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह कौड़ा, आकाशदीप सिंह बाबा और जगतार सिंह को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले एक मीट शॉप पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने पेट्रोल बम और मोटरसाइकिल तैयार की और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यही गिरोह पहले भी उसी गांव में एक अन्य सरपंच के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार कुछ विदेशी हैंडलरों के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है।

इसके साथ ही सोहेल मीर ने नगर काउंसिल चुनावों को लेकर कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करीब 1200 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि चुनाव अमन-शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।

तीन दिन से लापता किशोर का शव नहर किनारे झाड़ियों में मिला, हत्या का संदेह

कुशीनगर (उप्र), 30 मार्च (भाषा) कुशीनगर जिले के हाटा थाना क्षेत्र में तीन दिन से लापता एक किशोर का शव घर से करीब दो किलोमीटर दूर नहर किनारे झाड़ियों से बरामद किया गया। पुलिस ने हत्या का संदेह जताया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, गोपालपुर विरैचा गांव में अपने ननिहाल में रह रहा राजवीर यादव (12) शुक्रवार अपराह्न करीब तीन बजे सामान खरीदने दुकान पर गया था और काफी देर तक वापस न आने पर परिजनों ने उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला।

उसने बताया कि किशोर के लापता होने पर उसी रात करीब आठ बजे उसके मामा आदित्य की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर ली गई और तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

पुलिस ने बताया कि रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर रधिया-देवरिया मार्ग के पास बाजार से लौट रहे कुछ लोगों ने नहर किनारे झाड़ियों में एक शव देखा जिसकी पहचान बाद में राजवीर के रूप में हुई।

पुलिस ने बताया कि उसके गले पर काले निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या का संदेह पैदा हो गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से रामकोला के कतरौल निवासी राजवीर के पिता प्रमोद यादव रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब में हैं। प्रमोद की पत्नी रीना अपने दोनों बेटों के साथ मायके में रहती है।