ब्रेकिंग न्यूज़
मोरनी महिला ब्लॉक संगठन के द्वारा स्वयं सहायता समूह के लिए ‘शाइन’ कार्यक्रम का आयोजन

हरियाणा / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो, हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा मोरनी महिला ब्लॉक संगठन की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए शाइन स्टेंडर्स हेल्प इनफॉर्म एंड नर्चर इंपावर्ड वुमेन कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक मोरनी में किया गया। कार्यक्रम में 45 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं संगठन के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय के मानक संवर्धन अधिकारी आरती चौधरी ने प्रतिभागियों को भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका एवं कार्यों से अवगत कराया तथा गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ता जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आईएसआई मार्क, हॉलमार्किंग, अनिवार्य पंजीकरण योजना तथा घरेलू उत्पादों, पोषण, स्वच्छता, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित विभिन्न भारतीय मानकों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान बीआईएस केयर ऐप का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को बीआईएस प्रमाणित उत्पादों की सत्यता जांचने तथा HUID के माध्यम से हॉलमार्कयुक्त स्वर्ण आभूषणों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने की प्रक्रिया समझाई गई। विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं ने छोटे उद्यमों एवं उपभोक्ता उत्पादों से संबंधित मानकों के बारे में विशेष रुचि दिखाई।

प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि इस जागरूकता कार्यक्रम से उन्हें उपभोक्ता अधिकारों, गुणवत्ता मानकों तथा प्रमाणित उत्पादों की पहचान करने की बेहतर जानकारी प्राप्त हुई, जिससे वे सुरक्षित एवं जागरूक उपभोक्ता के रूप में सही खरीद निर्णय लेने में सक्षम होंगी।

भारत–ब्रिटेन FTA को बढ़ावा, हरियाणा से ब्रिटेन के लिए फास्टनर्स की पहली शिपमेंट रवाना

हरियाणा / सत्ता संदेश

भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को मिली नई उड़ान, यूपीएस ने हरियाणा से फास्टनर्स की पहली शिपमेंट ब्रिटेन के लिए रवाना

भारत–ब्रिटेन के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद हरियाणा से फास्टनर्स की पहली निर्यात शिपमेंट आज यूपीएस से ब्रिटेन के लिए रवाना की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के अधिकारियों एवं यूपीएस के अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में डीजीएफटी की सहायक निदेशक हेमलता हेड़ाऊ, सहायक निदेशक हीरा लाला, अनुभाग प्रमुख योगेंद्र मीणा तथा यूपीएस के निदेशक अमित जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता भारतीय विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे विशेष रूप से एमएसएमई एवं विनिर्माण उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नई संभावनाएँ प्राप्त होंगी तथा भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता और अधिक सशक्त होगी।

उन्होंने कहा कि इस समझौते से हरियाणा सहित पूरे देश के उद्योगों को निर्यात बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। फास्टनर उद्योग के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है, जो ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर यूपीएस के निदेशक अमित जैन ने कहा कि कंपनी के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के बाद हरियाणा से पहली फास्टनर्स निर्यात शिपमेंट उनके संसथान से ब्रिटेन के लिए रवाना की जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता भारतीय उद्योगों के लिए नए व्यापारिक अवसरों के द्वार खोलेगा तथा देश के निर्यात को नई गति प्रदान करेगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर फास्टनर्स की पहली निर्यात शिपमेंट को ब्रिटेन के लिए रवाना किया। उपस्थित सभी अतिथियों ने इस उपलब्धि को भारतीय उद्योग, निर्यात क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। इस अवसर पर राजीव जैन, सन्नी निझावन , बलजीत सिंह, रविंदर , शिमला रानी आदि मौजूद रहे |

मंत्रिमंडल ने ओडिशा और झारखंड के लिए दो मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को दी मंजूरी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति बुधवार को रेल मंत्रालय की लगभग 3,907 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 2 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में निम्नलिखित शामिल हैं। जो पारादीप – हरिदासपुर – दोहरीकरण और राजखरसावा – डांगोअपोसी — चौथी लाइन है।

इस बढ़ी लाइन क्षमता से भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इस बहु-ट्रैकिंग प्रस्ताव से परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।

ओडिशा और झारखंड राज्य के 4 जिलों को शामिल करने वाली इन 2 (दो) परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 145 किलोमीटर की वृद्धि होगी।

प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 1,526 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 14 लाख है।

प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों- ललितगिरि बौद्ध परिसर, श्री बलदेवजेव मंदिर, मेघाहातुबुरु पहाड़ियां आदि के लिए रेल संपर्क में सुधार होगा।

ये प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर, जिप्सम आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रति वर्ष 44 मिलियन टन माल ढुलाई की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। रेल पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन होने के कारण जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक लागत कम करने में सहायक होगी, साथ ही तेल आयात (6 करोड़ लीटर) को कम करेगी और कार्बनडाई ऑक्‍साइड उत्सर्जन (29 करोड़ किलोग्राम) को घटाएगी, जो 1 करोड़ पौधारोपण के बराबर है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने नई दिल्ली में ‘सौश्रुतम 2026’ का उद्घाटन किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को सुश्रुत जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में ‘सौश्रुतम् 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्‍थान के एमआरआई सेक्‍शन का भी उद्घाटन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने शल्‍य चिकित्‍सा के जनक माने जाने वाले आचार्य सुश्रुत की जयंती के शुभ अवसर पर आयुर्वेद से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सदियों पहले आचार्य सुश्रुत ने जब शल्य चिकित्सा पद्धति का सूत्रपात किया था, तब वह अपने समय की एक क्रांति से कम नहीं था।

राष्ट्रपति ने कहा कि आचार्य सुश्रुत अनेक जटिल एवं नवाचारपूर्ण शल्य क्रियाओं के प्रवर्तक के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अपने समय में प्‍लास्‍टिक सर्जरी, मोतियाबिंद सर्जरी, ट्यूमर के उपचार और ईएनटी सर्जरी जैसे अनेक क्षेत्रों में नयी पद्धतियों का प्रवर्तन किया। उनके द्वारा रची गयी सुश्रुत संहिता ने केवल भारतीय उपमहाद्वीप को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को भी एक नई दिशा प्रदान की है।

राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी परंपरा में निहित, मानव-कल्याण के लिए उपयोगी ज्ञान को, बदलते समय के साथ सामंजस्य बिठाते हुए आगे बढ़ाना समाज के लिए हितकर होगा। आयुर्वेद की समग्र जीवन-दृष्टि मानवता के लिए एक वरदान है। हमें यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि यह प्राचीन ज्ञान वर्तमान समय के साथ प्रासंगिक और प्रभावी बना रहे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आयुर्वेद और योग को विश्व पटल पर नई ऊर्जा के साथ प्रतिष्ठित किया है। उन्‍हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि सरकार शल्य चिकित्सा की इस प्राचीन परंपरा को भी वैज्ञानिक कसौटियों के सभी मानकों पर सफल करने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मानकीकृत दस्तावेज़ीकरण, डिजिटल हैल्‍थ एकीकरण, और आधुनिक विज्ञान की अनुसंधान तकनीकों का सम्‍यक् उपयोग करने से इस प्रणाली की व्यापक वैश्विक स्वीकृति को बल मिलेगा।

राष्ट्रपति ने युवा विद्यार्थियों और अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत कर रहे शोधकर्ताओं से कहा कि आयुर्वेद का भविष्य उनके हाथों में है। उन्‍होंने उन सबको सुझाव दिया कि वे जिज्ञासा, सत्यनिष्ठा, और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ व्यावहारिक शोध और अपने क्षेत्र में उच्‍च कोटि के साक्ष्‍य निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जहां-जहां उपयुक्त हो, वहां उन्‍हें नई तकनीकों का उपयोग करने से नहीं हिचकना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि वे आचार्य सुश्रुत के दिखाए हुए मार्ग पर चलते हुए चिकित्सा में नैतिकता और रोगियों के प्रति करुणामय सेवा के अपने संकल्प पर सदैव अडिग रहें।

राष्ट्रपति ने यह विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि ‘सौश्रुतम् 2026’ में होने वाले विचार-विमर्श से नए ज्ञान का सृजन होगा और इससे आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अधिक सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सार्थक आयोजनों से समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में आयुर्वेद के योगदान को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) की ओर से आयोजित त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्‍ठी में भारत और अन्य देशों के जाने-माने सर्जन, शिक्षाविद और शोधकर्ता भाग लेंगे।

नोएडा के मामूरा गांव के पीजी में लगी आग, 2 लोगों की हुई मौत, बचाव अभियान जारी

नोएडा / सत्ता संदेश

यूपी के नोएडा में मंगलवार को एक पीजी में भीषण आग लग गई। फेज-3 थाना इलाके के मामूरा गांव स्थित पीजी में लगी आग की चपेट में दो लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत एक इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में हुए धमाके से हुई थी।

आग तेजी से फैल गई और आसपास खड़े कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। आग लगने के समय भवन के अंदर करीब 50 परिवार मौजूद थे। धुआं और लपटें फैलने से वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और पुलिस का दल मौके पर पहुंचा। 

दमकल कर्मियों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, मृतकों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अग्निशमन विभाग ने कई दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया। 

प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में चिंगारी को आग लगने की वजह माना जा रहा है। पुलिस और अग्निशमन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं तथा मृतकों की पहचान और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
नोएडा के सेक्टर 66 में एक इमारत में आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने के भी निर्देश दिए।

प्रशासन को निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सभी स्तरों पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घायलों के उचित इलाज को सुनिश्चित करने के लिए कहा।

कपूरथला ट्रिपल डेथ केस: मां और दूसरी बेटी की भी मौत, गांव में छाया मातम

कपूरथला / सत्ता संदेश

काला संघिया क्षेत्र के गांव मल्लू कादराबाद में जहरीला पदार्थ पीने का मामला अब ट्रिपल डेथ में बदल गया है। सिविल अस्पताल कपूरथला में 6 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद अमृतसर मेडिकल कॉलेज रेफर की गई 28 वर्षीय संतोष कुमारी और उसकी 8 वर्षीय बेटी अमृता ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना में अब मृतकों की संख्या तीन हो गई है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात संतोष कुमारी और उसकी दोनों बेटियों की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें कपूरथला सिविल अस्पताल लाया गया था। यहां उपचार के दौरान 6 वर्षीय खुशी की मौत हो गई थी, जबकि मां और बड़ी बेटी को गंभीर हालत में अमृतसर रेफर किया गया था, जहां दोनों ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मामले में घटना के कारण को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मृतका के पति का आरोप है कि घरेलू विवाद के चलते महिला ने कथित तौर पर खुद और अपनी दोनों बेटियों को कीटनाशक मिला पानी पिला दिया। वहीं, महिला के मायके पक्ष का कहना है कि खेत में काम करते समय कीटनाशक की खाली बोतल में रखा पानी गलती से पी लेने से यह हादसा हुआ।

परिवार का दो वर्षीय बेटा उस समय घर पर मौजूद होने के कारण सुरक्षित बच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस चौकी काला संघिया के प्रभारी एएसआई अमरजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल मृतका के मायके पक्ष के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने खेत में काम करते समय कीटनाशक की खाली बोतल में रखा पानी स्वयं भी पी लिया और अपनी दोनों बेटियों को भी पिला दिया, जिसके कुछ समय बाद तीनों की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।

India-UK CETA: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता आज से लागू, 99% भारतीय निर्यात पर होगा शून्य शुल्क

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) आज से लागू हो गया है। इसे पिछले कुछ सालों में भारत के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों, श्रमिकों, एमएसएमई, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र को जबरदस्त लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला यह छठा मुक्त व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) और ओमान के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है।

भारत-यूके सीईटीए केवल टैरिफ घटाने वाला समझौता नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, सेवाओं और रोजगार के नए अवसरों का व्यापक ढांचा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, यह भारत के व्यापारिक इतिहास का एक अहम पड़ाव है। इससे टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम होंगी। भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों, उद्योगों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप तथा युवा पेशेवरों को नए अवसर मिलेंगे।

भारत को ये होंगे लाभ
इस करार से भारत के करीब 99 फीसदी निर्यात को ब्रिटिश बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इसके अलावा ब्रिटेन से आने वाले कई उत्पादों पर आयात शुल्क घटाया जाएगा। इससे कीमतों में कमी आएगी। पहली बार ब्रिटेन की कंपनियों को भारत सरकार की करीब 40 हजार उच्च मूल्य वाली निविदाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। परिवहन, हरित ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में कामकाज की गुणवत्ता में सुधार होगा।

क्या है सीईटीए?
सीईटीए के तहत भारत और ब्रिटेन सैकड़ों उत्पादों पर आयात शुल्क कम या समाप्त करेंगे। इसके अलावा डिजिटल व्यापार, सरकारी खरीद, एमएसएमई, निवेश, बौद्धिक संपदा, श्रम, पर्यावरण और सेवा क्षेत्र से जुड़े नियमों को भी सरल बनाया गया है। समझौते में कुल 30 अध्याय शामिल हैं, जिससे इसे भारत का सबसे व्यापक एफटीए माना जा रहा है।

स्कॉच व्हिस्की के दाम घटेंगे
स्कॉच व्हिस्की समेत कई प्रीमियम विदेशी शराबों पर भी आयात शुल्क में कटौती होगी। स्कॉच व्हिस्की पर मौजूदा 150 फीसदी शुल्क पहले चरण में 75 फीसदी और दस वर्षों में घटकर 40 फीसदी रह जाएगा।

संवेदनशील उत्पाद समझौते से बाहर
भारत ने सेब, अखरोट, व्हे, कुछ बीज, सोने की ईंटों व स्मार्टफोन जैसे संवेदनशील उत्पादों पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। वहीं ब्रिटेन ने भी चावल, चीनी व कुछ मांस उत्पादों को समझौते के दायरे से बाहर रखा है।

आईटी कंपनियों के लिए बड़ी राहत
समझौते के साथ लागू हुए डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन के तहत भारत से ब्रिटेन जाने वाले कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं को पांच वर्ष तक ब्रिटेन में सोशल सिक्योरिटी योगदान नहीं देना होगा।

सबसे बड़ा बदलाव ऑटो सेक्टर में
यह पहला मौका है, जब भारत ने किसी एफटीए में ब्रिटेन में बनी पूरी तरह तैयार कारों और ट्रकों पर इतनी बड़ी सीमा शुल्क रियायत दी है। पूरी तरह बनी कारों पर आयात शुल्क 110 फीसदी से चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10 फीसदी किया जाएगा। पेट्रोल और डीजल कारों को शुरुआत से ही रियायत मिलेगी।

इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन कारों को छठे वर्ष से रियायत मिलेगी, ताकि भारतीय ईवी उद्योग को शुरुआती पांच वर्षों तक सुरक्षा मिल सके। पहले 15 वर्षों में रियायती शुल्क पर 3.78 लाख ब्रिटिश यात्री वाहनों के आयात की अनुमति होगी। ट्रकों पर शुल्क 44 फीसदी से घटकर पांचवें वर्ष तक 8.8 फीसदी हो जाएगा।

किन उद्योगों को फायदा?
रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल, फुटवियर, कालीन उद्योग, प्रोसेस्ड फूड, अनाज, फल और सब्जियां, मसाले, मछली और समुद्री उत्पाद, मांस एवं प्रोसेस्ड फूड, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिरेमिक, ग्लास, सीमेंट एवं स्टोन उत्पाद

क्या हो सकता है सस्ता?
सैल्मन मछली, लैम्ब (भेड़ का मांस), मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक्स, कॉस्मेटिक्स, साबुन, परफ्यूम, शेविंग क्रीम, नेल पॉलिश

चार NGO ने मिलकर आंगनवाड़ी केंद्रों को 707 वॉटर कूलर दान किए

लुधियाना / सत्ता संदेश

गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों की सेहत और भलाई के लिए एक अहम पहल करते हुए, चार सामाजिक संगठनों ने मिलकर आंगनवाड़ी केंद्रों को कुल 707 वॉटर कूलर दान किए हैं। इससे जिले भर के बच्चों को सुरक्षित और ठंडा पीने का पानी मिल सकेगा।

इस पहल की अगुवाई ‘डू गुड फाउंडेशन’ (Do Good Foundation) ने की है, जिसने 557 वॉटर कूलर दिए हैं। वहीं, ‘सिटीनीड्स’ (CityNeeds), ‘नर सेवा फाउंडेशन’ (Nar Sewa Foundation) और ‘भारत विकास परिषद विवेकानंद सेवा ट्रस्ट’ (Bharat Vikas Parishad Vivekananda Sewa Trust) में से हर एक ने 50-50 वॉटर कूलर दान किए हैं। यह बच्चों की भलाई और समुदाय के विकास के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है।

इस पहल की एक खास और प्रेरणादायक बात ‘डू गुड फाउंडेशन’ से जुड़े बच्चों की सक्रिय भागीदारी है। फंड जुटाने और समुदाय के साथ जुड़ने के ज़रिए, इन युवा बदलाव लाने वालों (young changemakers) ने वॉटर कूलर खरीदने के लिए संसाधन जुटाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पता चलता है कि दया और सामाजिक ज़िम्मेदारी की शुरुआत कम उम्र में भी हो सकती है।

इन शानदार प्रयासों को देखते हुए, माननीय डिप्टी कमिश्नर की ओर से युवा योगदानकर्ताओं को प्रशंसा पत्र दिया गया। सम्मानित होने वालों में आदित्य पाहवा, राजवीर नंदा, रणवीर वर्मा, माहिरा पृथी, यशस्वी खुराना, अनाहिता अग्रवाल, शिवोम सचदेवा, आरव दादू, रूहान लाकरा, नायरा गुप्ता, आन्या गर्ग, जयवीर सिंह और आलिया गुप्ता शामिल हैं।

इन वॉटर कूलर के लगने से आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले हज़ारों बच्चों को साफ़ और ठंडा पीने का पानी मिल सकेगा, जिससे वे भीषण गर्मी में भी हाइड्रेटेड और स्वस्थ रह सकेंगे।

यह पहल इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे समुदाय के सामूहिक प्रयासों और युवाओं की भागीदारी से लंबे समय तक रहने वाला असर पैदा किया जा सकता है। एक नेक मकसद के लिए साथ मिलकर काम करने से, ये योगदान आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के लिए ज़्यादा स्वस्थ, सुरक्षित और आरामदायक माहौल बनाने में मदद करेंगे।

MLA सिद्धू ने 42.67 लाख रुपये की RMC रोड का उद्घाटन किया

लुधियाना / सत्ता संदेश

आत्म नगर विधानसभा क्षेत्र से MLA कुलवंत सिंह सिद्धू ने 42.67 लाख रुपये की लागत से सड़क बनाने के काम का उद्घाटन किया।

MLA सिद्धू ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत जीत हलवाई चौक से इट्टन वाला चौक तक RMC रोड बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क की हालत काफी समय से खराब थी और गड्ढों और पहाड़ियों की वजह से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था और अक्सर ट्रैफिक जाम रहता था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इलाके का जायजा नहीं लिया लेकिन अब सड़क बनने के बाद ट्रैफिक आसानी से चलेगा।

इस मौके पर MLA सिद्धू के साथ वार्ड इंचार्ज जगदीप सिंह रिंकू, पार्षद जगमीत सिंह नोनी, पार्षद सोहन सिंह गोगा, चेयरमैन रेशम सग्गू, बलविंदर सिंह, सतवंत सिंह मथारू, नीलम लखनपाल, ब्लॉक अध्यक्ष विपन सेठी, जसविंदर सिंह ठुकराल, सुमेश कोचर, अशोक कुमार, गगन मान और दूसरे साथी मौजूद थे।

आतम नगर हलके को विकास के मामले में लीडर बनाने का वादा दोहराते हुए MLA सिद्धू और उनकी टीम ने कहा कि नई सड़क बनाने का काम युद्ध स्तर पर किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हलके की कोई भी सड़क मरम्मत से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांवों और शहरों के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।

सकून ट्रस्ट द्वारा डीसी कार्यालय परिसर में 100 से अधिक पौधों का वितरण, हरियाली का दिया संदेश

लुधियाना / सत्ता संदेश

सकून ट्रस्ट द्वारा डीसी कार्यालय परिसर में 100 से अधिक पौधों का वितरण, हरियाली का दिया संदेश

लुधियाना, 14 जुलाई: पर्यावरण संरक्षण और हरित लुधियाना के उद्देश्य से डॉ. परमिंदर सिंह सिद्धू एवं डॉ. सुरुचि द्वारा संचालित सकून ट्रस्ट ने डीसी कार्यालय परिसर (बचत भवन), लुधियाना में 100 से अधिक पौधों का वितरण किया। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन ने सकून ट्रस्ट की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस प्रकार की जनभागीदारी वाली पहल समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सकून ट्रस्ट समाज सेवा के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता फैलाने का भी सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

इस कार्यक्रम में डॉ. नवजीत, सरदार नछत्तर सिंह, श्रीमती चरणजीत कौर तथा सिद्धू डेंटल हॉस्पिटल के समस्त स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधों के वितरण में सहयोग दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सिद्धू डेंटल हॉस्पिटल की मोबाइल डेंटल वैन रही, जिसका प्रदर्शन भी किया गया। यह मोबाइल डेंटल वैन पंजाब के जरूरतमंद एवं दूर-दराज़ क्षेत्रों के लोगों को निःशुल्क दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रही है। डिप्टी कमिश्नर ने इस अनूठी पहल की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

इस अवसर पर डॉ. परमिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण और अच्छा स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं तथा प्रत्येक लगाया गया पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य उपहार है।

डॉ. सुरुचि ने सभी से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।

कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा स्वच्छ, स्वस्थ और हरित लुधियाना के निर्माण का संकल्प लेकर किया गया।