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CSR के तहत ‘स्वस्थ समाज’ प्रोजेक्ट के तहत TB के मरीज़ों को न्यूट्रिशनल मदद

वर्धमान स्पेशल स्टील्स ने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और रेड क्रॉस के साथ मिलकर सिविल हॉस्पिटल में TB के मरीज़ों को 200 हाई-प्रोटीन डाइट किट बांटी।

लुधियाना / सत्ता संदेश

वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत, आज सिविल हॉस्पिटल, लुधियाना में ट्यूबरकुलोसिस (TB) से पीड़ित ज़रूरतमंद मरीज़ों को “स्वस्थ समाज” प्रोजेक्ट के तहत 200 हाई-प्रोटीन डाइट किट बांटी। यह पहल डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन लुधियाना और रेड क्रॉस सोसाइटी, लुधियाना के साथ मिलकर की गई, जिसका मकसद न्यूट्रिशियस खाना देकर TB के मरीज़ों के इलाज और ठीक होने की प्रक्रिया को मज़बूत करना था।

इस मौके पर, TB से पीड़ित 200 मरीज़ों को हाई-प्रोटीन डाइट किट दी गईं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन लुधियाना की तरफ से, रेड क्रॉस सोसाइटी के सेक्रेटरी, श्री नवनीत जोशी ने इस इंसानी कोशिश के लिए वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड की CSR टीम को धन्यवाद दिया और कहा कि इस तरह की कोशिशें TB के मरीज़ों के न्यूट्रिशन लेवल को बेहतर बनाने और उन्हें बीमारी से लड़ने के लिए ज़रूरी ताकत देने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर लुधियाना की तरफ से कंपनी के मैनेजमेंट और CSR टीम को भी धन्यवाद दिया।

वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड के अमित धवन ने कहा कि कंपनी हेल्थ, एजुकेशन और कम्युनिटी डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स के ज़रिए समाज की भलाई में लगातार योगदान देने के लिए कमिटेड है। उन्होंने कहा कि TB जैसी बीमारी के इलाज में दवाओं के साथ-साथ बैलेंस्ड और न्यूट्रिशियस डाइट भी बहुत ज़रूरी है, जिसे ध्यान में रखते हुए ये डाइट किट दी गई हैं।

बेनिफिशियरी मरीज़ों और उनके परिवार वालों ने इस लगातार मदद के लिए वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और रेड क्रॉस सोसाइटी को धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि ऐसी कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी, जिससे ज़रूरतमंद मरीज़ों को बेहतर न्यूट्रिशन और हेल्थकेयर मिल सकेगी।

Census-2027 के तहत लुधियाना में एक दिन का DCHB ट्रेनिंग प्रोग्राम हुआ

लुधियाना / सत्ता संदेश

Census 2027 के तहत डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक (DCHB) पर एक दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम आज लोकल बचत भवन, लुधियाना में प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर-कम-डिप्टी कमिश्नर लुधियाना श्री हिमांशु जैन की लीडरशिप में हुआ।

यह प्रोग्राम अर्बन चार्जेस (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपल काउंसिल और नगर पंचायत) के चार्ज ऑफिसर और टाउन फील्ड वर्कर को DCHB तैयार करने के प्रोसेस और उससे जुड़े प्रोसीजर से परिचित कराने के लिए किया गया था।

यह ट्रेनिंग डॉ. रुचि गुप्ता, डिप्टी डायरेक्टर, श्री आलोक कुमार, स्टैटिस्टिकल इन्वेस्टिगेटर ग्रेड-II-कम-डिस्ट्रिक्ट सेंसस कोऑर्डिनेटर, लुधियाना और श्री अमनप्रीत सिंह, जूनियर एग्जीक्यूटिव, डायरेक्टरेट ऑफ़ सेंसस ऑपरेशंस, पंजाब ने कंडक्ट की।

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (J)-कम-डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर सिखा भगत ने बताया कि प्रोग्राम के दौरान, पार्टिसिपेंट्स को बताया गया कि भारत अपनी पहली डिजिटल सेंसस कर रहा है और सेंसस-2027 दो फेज़ में होगी। उन्होंने बताया कि लुधियाना जिले में पहला फेज़ (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग वर्क) 13 अप्रैल से 15 मई 2026 तक सफलतापूर्वक पूरा हो गया, जबकि दूसरा फेज़ (पॉपुलेशन सेंसस) भारत सरकार द्वारा नोटिफाई किए गए शेड्यूल के अनुसार किया जाएगा।

ट्रेनीज़ को डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक (DCHB) तैयार करने, शहर और गांव-लेवल डेटा इकट्ठा करने, डायरेक्टरी स्टेटमेंट तैयार करने, रिकॉर्ड्स वेरिफिकेशन और सेंसस गाइडलाइंस का पालन करने के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। उन्हें DCHB तैयार करते समय डिजिटल वर्कफ़्लो, टाइमलाइन और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स के बारे में भी बताया गया।

ट्रेनिंग एक इंटरैक्टिव सेशन के साथ खत्म हुई, जहाँ पार्टिसिपेंट्स के सवालों के जवाब भी दिए गए और उन्हें डायरेक्टरेट ऑफ़ सेंसस ऑपरेशंस, पंजाब द्वारा जारी इंस्ट्रक्शन्स के अनुसार DCHB से जुड़ी सभी एक्टिविटीज़ को समय पर और सही तरीके से पूरा करने की सलाह दी गई।

डिजिटलाइजेशन टारगेट पूरा करने पर DC ने BLOs को किया सम्मानित

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन-2026 को ध्यान में रखते हुए की जा रही अलग-अलग एक्टिविटी के तहत, 25.06.2026 से 24.07.2026 तक BLOs द्वारा किए जा रहे डोर टू डोर सर्वे के दौरान, वोटरों को काउंटिंग फॉर्म बांटे जा रहे हैं और वोटरों द्वारा भरे गए फॉर्म को इकट्ठा करके BLO ऐप में डिजिटाइज किया जा रहा है।

चीफ इलेक्शन ऑफिसर, पंजाब, चंडीगढ़ से मिले निर्देशों के अनुसार, काउंटिंग फॉर्म के 100 प्रतिशत डिजिटलाइजेशन का टारगेट सबसे पहले पूरा करने वाले BLOs को डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, लुधियाना हिमांशु जैन ने प्रशंसा पत्र देकर जिला स्तर पर सम्मानित किया।

इस दौरान विधानसभा हलका 57-खन्ना के बूथ नंबर 43 पर तैनात बीएलओ श्री हरचरण सिंह, बूथ नंबर 191 पर तैनात बीएलओ श्री मोहन सिंह, हलका 58-समराला के बूथ नंबर 107 पर तैनात बीएलओ श्री बेअंत सिंह, बूथ नंबर 109 पर तैनात बीएलओ श्री वीरवरिंदर सिंह, बूथ नंबर 124 पर तैनात बीएलओ श्री अमनप्रीत सिंह, बूथ नंबर 125 पर तैनात बीएलओ श्रीमती कुलवीर कौर, बूथ नंबर 129 पर तैनात बीएलओ श्रीमती मनप्रीत कौर, बूथ नंबर 183 पर तैनात बीएलओ श्री बलजीत सिंह, हलका 59-साहनेवाल के बूथ नंबर 171 पर तैनात बीएलओ श्री जंटा सिंह, हलका 60-लुधियाना ईस्ट के बूथ नंबर 216 पर तैनात बीएलओ बूथ नंबर 68 पर तैनात BLO श्री जसवंत सिंह। बूथ नंबर 94 पर तैनात BLO श्री कुलदीप सिंह। निर्वाचन क्षेत्र 68-दाखा के बूथ नंबर 119 पर तैनात BLO श्री लखवीर सिंह खटरा। हलका 70-जगराऊ के बूथ नंबर 92 पर तैनात BLO श्री गुरदीप सिंह और BLO श्री हरप्रीत सिंह और बूथ नंबर 169 पर तैनात BLO श्री कुलदीप सिंह को डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, लुधियाना ने सर्टिफिकेट दिए और इन जीतने वाले BLO को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026 के भविष्य के टारगेट में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस सर्टिफिकेट वितरण समारोह के दौरान, इलेक्शन तहसीलदार लुधियाना श्री राजन ढल्ल, सभी जीतने वाले BLO और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिस के इलेक्शन स्टाफ मौजूद थे।

श्री गुरु रविदास के डॉक्यूमेंट्री शो में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के मौके पर उनके जीवन, फिलॉसफी और महान शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाने के मकसद से चलाए जा रहे खास डॉक्यूमेंट्री कैंपेन को लोगों का भारी रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस कैंपेन के तहत, ब्लॉक माछीवाड़ा साहिब के गांव गहलेवाल और मुस्काबाद में, जबकि ब्लॉक रायकोट के गांव नथोवाल खुर्द और गांव चक भाईका में कल शाम LED प्रोपेगैंडा वैन के ज़रिए डॉक्यूमेंट्री शो ऑर्गनाइज़ किए गए। इस मौके पर बड़ी संख्या में गांववालों ने हिस्सा लिया और डॉक्यूमेंट्री को बहुत ध्यान से देखा।

डॉक्यूमेंट्री शो के दौरान गांव गेहलेवाल की सरपंच परवीन कौर, गांव मुस्काबाद की सरपंच सरबजीत कौर, गांव नाथोवाल के सरपंच जसविंदर सिंह और गांव चक भाईका के सरपंच गुरप्रीत सिंह के साथ-साथ बड़ी संख्या में पंचायत सदस्य, समाजसेवी, युवा, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। डॉक्यूमेंट्री में श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन संघर्ष, सामाजिक सुधार, समानता, सच्चाई, मेहनत, भाईचारा, इंसानियत और दुनिया भर में एकता के संदेश को अच्छे से दिखाया गया।

गांव वालों ने इस पहल की तारीफ की और कहा कि ऐसी डॉक्यूमेंट्री युवा पीढ़ी को महान संतों और गुरुओं की शिक्षाओं से जोड़ने और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का समानता, भाईचारा और इंसानियत का संदेश आज भी समाज के लिए बहुत काम का है।

पंजाब सरकार की तरफ से चलाया जा रहा यह खास डॉक्यूमेंट्री कैंपेन आने वाले दिनों में लुधियाना जिले के दूसरे गांवों में भी पहुंचेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, ऊंचे आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा ले सकें और समाज में समानता, मेलजोल और इंसानियत की भावना को और मजबूत किया जा सके। डाबी के लिए प्रस्तावित

गौरतलब है कि 15 जुलाई को श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री माछीवाड़ा साहिब ब्लॉक के गांव टोडरपुर में शाम 6:00 बजे, बर्मा गांव में शाम 7:00 बजे, रायकोट ब्लॉक के गांव बोपाराय खुर्द में शाम 6:00 बजे और धुरकोट गांव में शाम 7:00 बजे दिखाई जाएगी।

WCTR 2026 टूलूज़, फ्रांस में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज की शोध उपलब्धि

 चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

स्थान: विश्व परिवहन अनुसंधान सम्मेलन (WCTR 2026), 6–10 जुलाई 2026, टूलूज़, फ्रांस आयोजन: वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रांसपोर्ट रिसर्च सोसाइटी (WCTRS) द्वारा टूलूज़ स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (TSE) एवं टूलूज़ कैपिटोल यूनिवर्सिटी, फ्रांस के सहयोग से।

शोधपत्र: Development of Rural Accessibility Model for Terrain-Sensitive Settlements: A GIS–AHP Framework with Participatory Calibration (पेपर आईडी: A82796AB)

प्रस्तुतकर्ता: डॉ. बी. आदिनारायण, सहायक प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने फ्रांस में टूलूज़ में आयोजित प्रतिष्ठित विश्व परिवहन अनुसंधान सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। डॉ बी आदिनारायण ने पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण बसावटों के लिए विकसित भू-भाग संवेदनशील ग्रामीण पहुंच मॉडल पर अपना शोध प्रस्तुत किया। इस तकनीकी सत्र में लगभग 60 अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, परिवहन विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रस्तुति के दौरान शोध पर व्यापक तकनीकी चर्चा हुई तथा विश्व के अग्रणी परिवहन विषेशज्ञों के साथ सार्थक संवाद स्थापित हुआ।

इस सम्मेलन में लगभग 140 देशों के परिवहन शोधकर्ता, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ एवं व्यावसायिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह सम्मेलन वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान, वैज्ञानिक सहयोग एवं परिवहन अनुसंधान के क्षेत्र में नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

यह सम्मेलन वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रांसपोर्ट रिसर्च सोसाइटी (WCTRS) द्वारा टूलूज़ स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (TSE) तथा टूलूज़ कैपिटोल यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया गया।

इस शोध में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), एनालिटिक हाइरार्की प्रोसेस (AHP), मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग तथा हितधारकों की सहभागिता को एकीकृत कर ग्रामीण पहुंच का एक नवीन मॉडल विकसित किया गया, जो न्यायसंगत एवं सतत आधारभूत संरचना नियोजन में सहायक है। इस मॉडल का उपयोग मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले की 1,176 ग्रामीण बस्तियों तथा लगभग 5.01 लाख की आबादी पर किया गया।

शोध पद्धति में भू-भाग आधारित यात्रा अवरोध मॉडलिंग, डिजिटल एलिवेशन मॉडल (DEM), सड़क नेटवर्क विश्लेषण, कॉस्ट-डिस्टेंस मॉडलिंग, Sentinel-2 उपग्रह चित्र, Random Forest आधारित बस्ती पहचान तथा हितधारकों द्वारा निर्धारित AHP भारांक का उपयोग किया गया।

मुख्य उपलब्धियां

  • पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नवीन GIS–AHP आधारित पहुंच मूल्यांकन मॉडल विकसित किया।
  • मशीन लर्निंग एवं रिमोट सेंसिंग के माध्यम से 89.7% सटीकता के साथ बस्तियों का वर्गीकरण किया।
  • Accessibility Index का मान 0.130 से 0.642 के बीच पाया गया, जिससे लगभग पांच गुना असमानता का पता चला।
  • 57.7% ग्रामीण बस्तियां निम्न या अत्यंत निम्न पहुंच श्रेणी में पाई गईं।
  • जिले की आधे से अधिक आबादी को आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं तक पर्याप्त पहुंच उपलब्ध नहीं है।
  • सबसे कम पहुंच वाली 81% बस्तियां 600 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं।
  • अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि केवल सड़क संपर्क आधारित सूचकांक वास्तविक पहुंच का सही आकलन नहीं करते तथा यात्रा-समय आधारित पहुंच मूल्यांकन अधिक प्रभावी है।

शोध में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर ग्रामीण पहुंच का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला कि पश्चिम गारो हिल्स वैश्विक औसत से नीचे है।

यह शोध संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) विशेष रूप से SDG-9 (उद्योगनवाचार एवं आधारभूत संरचना) तथा SDG-11 (सतत शहर एवं समुदाय) की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

यह मॉडल नीति-निर्माताओं, परिवहन योजनाकारों, सरकारी एजेंसियों एवं विकास संगठनों को कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना निवेश की प्राथमिकता तय करने हेतु वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।

भविष्य में इस शोध को वास्तविक समय GPS डेटा, क्राउडसोर्स्ड गतिशीलता डेटा, डिजिटल कनेक्टिविटी संकेतकों तथा मौसमी पहुंच विश्लेषण के साथ और अधिक उन्नत बनाया जाएगा।

WCTR 2026 में इस शोध की प्रस्तुति ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श एवं नए वैश्विक शोध सहयोग स्थापित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया। यह अध्ययन दर्शाता है कि GIS, मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग तथा सहभागी निर्णय प्रक्रिया का समन्वय दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक समावेशी, टिकाऊ एवं लचीली परिवहन अवसंरचना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विश्व के प्रतिष्ठित परिवहन सम्मेलनों में इस शोध की सफल प्रस्तुति पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा तथा वैश्विक परिवहन चुनौतियों के समाधान हेतु उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।