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LPU ने इनोशवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए ‘नेशनल एग्री-स्टार्टअप स्टेकहोल्डर्स कनेक्ट’ का किया आयोजन

जालंधर / सत्ता संदेश

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की ओर से ‘एग्री-स्टार्टअप स्टेकहोल्डर्स कनेक्ट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने’ की थीम पर आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, बैंकरों, किसानों, स्टार्टअप्स, छात्रों और इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के एग्री-इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ कृषि क्षेत्र में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देना रहा। यह आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE), हैदराबाद, सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एग्रीप्रेन्योरशिप (MANAGE-CIA) और पंजाब एग्रीबिजनेस इनक्यूबेटर, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में टिकाऊ विकास और नए एग्री-एंटरप्रेन्योर्स को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा जगत, रिसर्च संस्थानों, वित्तीय संगठनों और एग्रीबिजनेस से जुड़े संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है।

रिसर्च को सफल बिजनेस में बदलने पर जोर

LPU के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. लोवी राज गुप्ता ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए एग्री-एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने रिसर्च और इनोवेटिव विचारों को व्यावसायिक रूप से सफल उद्यमों में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि कृषि क्षेत्र में उनका लंबे समय तक प्रभाव दिखाई दे।

कार्यक्रम में डॉ. सरवनन राज, निदेशक-एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन और CEO, MANAGE-CIA; डॉ. परविंदर श्योराण, निदेशक, ICAR-ATARI, लुधियाना; डॉ. विकास ऋषि, साइंटिस्ट-G, BRIC-नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट, मोहाली; डॉ. रंजीत सिंह, प्रिंसिपल साइंटिस्ट, ICAR-CIPHET, लुधियाना; डॉ. प्रदीप सागवाल, एसोसिएट साइंटिस्ट, CGIAR-इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर, करनाल और सुश्री पूनम चुम, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, द उन्नति एग्री एलाइड एंड मार्केटिंग मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।

वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में इनोवेशन, नई तकनीकों को अपनाने और सहयोगी पहलों के जरिए मजबूत एवं उद्यम आधारित कृषि इकोसिस्टम तैयार करने पर विचार साझा किए।

18 स्टार्टअप्स ने प्रदर्शनी में दिखाए अपने इनोवेटिव समाधान

कार्यक्रम के दौरान टेक्निकल सेशन, 18 स्टार्टअप उद्यमों की प्रदर्शनी और पिचिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। पिचिंग प्रतियोगिता के जरिए उभरते उद्यमियों को कृषि क्षेत्र से जुड़े अपने इनोवेटिव समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में फसल कटाई के बाद वैल्यू एडिशन, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, मार्केट लिंकेज, संस्थागत क्रेडिट और स्टार्टअप सपोर्ट सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

डॉ. प्रदीप कुमार छुनेजा और डॉ. सपना जरियाल ने कार्यक्रम का संचालन किया। वहीं, मनदीप सिंह सैनी ने LPU इनक्यूबेशन सेंटर में नए उद्यमियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सपोर्ट इकोसिस्टम की जानकारी दी।

किसानों, स्टार्टअप फाउंडर्स, छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। आयोजकों के अनुसार, इस तरह की साझेदारियां कृषि क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देने और देश में एग्रीप्रेन्योर्स की नई पीढ़ी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।