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खालसा कटलेज फटर विमेन में “फ्रॉम ऑयल्स टू अरोमास: द आर्ट ऑफ सोप मेकिंग” विषय पर वर्कशॉप का आयोजन

लुधियाना / सत्ता संदेश

खालसा कॉलेज फॉर विमेन, सिविल लाइन्स, लुधियाना के केमिस्ट्री और होम साइंस विभाग ने स्किल डेवलपमेंट सेल के सहयोग से “फ्रॉम ऑयल्स टू अरोमास: द आर्ट ऑफ सोप मेकिंग” विषय पर प्रैक्टिकल वर्कशॉप का आयोजन किया। यह कार्यशाला 26 अगस्त 2026 को आयोजित हुई और इसका संचालन तजंदीप कौर ने किया।

वर्कशॉप का उद्देश्य छात्रों को रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले साबुन के पीछे की केमिस्ट्री से परिचित करवाना और तेलों व फैट से साबुन तैयार करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव देना था।

छात्रों ने समझी साबुन बनने की वैज्ञानिक प्रक्रिया

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अलग-अलग प्रकार के तेलों, फैट, खुशबुओं और अन्य सामग्रियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों ने सैपोनिफिकेशन यानी साबुन बनने की रासायनिक प्रक्रिया से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी समझा।

वर्कशॉप का मुख्य फोकस ‘कोल्ड प्रोसेस्ड’ साबुन बनाने की तकनीक पर रहा। यह पारंपरिक विधि है, जिसमें तेल और फैट एक क्षार के साथ प्रतिक्रिया करके साबुन और प्राकृतिक रूप से बनने वाली ग्लिसरीन तैयार करते हैं।

छात्रों को बताया गया कि हॉट प्रोसेसिंग के विपरीत कोल्ड प्रोसेस में मुख्य प्रक्रिया के दौरान मिश्रण को जानबूझकर गर्म नहीं किया जाता। इस प्रक्रिया के जरिए प्रतिभागियों को रोजमर्रा की जिंदगी में केमिस्ट्री के व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर मिला।

तेलों के चुनाव से बदलते हैं साबुन के गुण

अलग-अलग स्ट्रीम के छात्रों ने वर्कशॉप में हिस्सा लिया। उन्होंने व्यावहारिक रूप से देखा कि अलग-अलग तेलों का चुनाव और उनका संयोजन तैयार साबुन की कठोरता, झाग, सफाई की क्षमता और अन्य गुणों को प्रभावित करता है।

इसके अलावा खुशबू, रंग और बोटैनिकल सामग्री के इस्तेमाल से साबुन को रचनात्मक और आकर्षक रूप देने के तरीके भी छात्रों ने सीखे।

स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता से जोड़ा प्रशिक्षण

वर्कशॉप के माध्यम से वैज्ञानिक ज्ञान को प्रैक्टिकल स्किल और रचनात्मकता के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां छात्रों को केमिस्ट्री और होम साइंस के व्यावहारिक उपयोग के साथ-साथ भविष्य में संभावित उद्यमिता के अवसरों को समझने में भी मदद करती हैं।

छात्रों ने सामान्य तेलों और अन्य सामग्रियों से खुशबूदार साबुन तैयार करने का प्रत्यक्ष अनुभव हासिल किया। आयोजन के माध्यम से छात्रों को “आओ, सीखो और बनाओ” की अवधारणा के साथ सीखने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रिंसिपल ने आयोजन टीम की सराहना की

खालसा कॉलेज फॉर विमेन की प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत ग्रेवाल ने वर्कशॉप के आयोजन के लिए टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए इस तरह के प्रैक्टिकल और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आयोजकों को प्रोत्साहित किया।