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राष्ट्रीय खेल दिवस 2026: चंडीगढ़ में ‘खेलो इंडिया संवाद’ में युवाओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर चंडीगढ़ के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रव्यापी युवा संवाद कार्यक्रम “खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात पीएम के साथ” का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत (MY Bharat) की ओर से आयोजित इस पहल का उद्देश्य युवाओं को खेल, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के सीधे प्रसारण से हुई। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में देश के खेल इकोसिस्टम में आए बदलाव, युवा नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण और वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के भारत के संकल्प पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद चंडीगढ़ के विभिन्न शैक्षणिक परिसरों में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ स्थानीय युवा संवाद सत्र आयोजित किए गए।

खेल दिग्गजों ने युवाओं से साझा किए अनुभव

RGNIYD क्षेत्रीय केंद्र में प्रसिद्ध वेटलिफ्टर विकास ठाकुर और पैरा-एथलीट राजन ढकल ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने खेल में निरंतरता, मेहनत और संघर्ष के जरिए सफलता हासिल करने के अपने अनुभव साझा किए।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अंजुम मौदगिल ने छात्रों से बातचीत की। उन्होंने वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं में मानसिक अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के महत्व पर चर्चा की।

GGDSD कॉलेज में हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर, पैरा-एथलीट बबनप्रीत कौर और रोइंग चैंपियन भगवान सिंह ने युवाओं से संवाद किया। इस दौरान टीम वर्क, रणनीतिक सोच और दृढ़ संकल्प जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए गए।

वहीं MCM DAV कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय जूडोका मेहक सिंह ने कॉम्बैट स्पोर्ट्स में मानसिक मजबूती और शारीरिक दक्षता के महत्व पर युवाओं को जानकारी दी।

MY Bharat और VBYLD 2027 के लिए जागरूकता अभियान

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को MY Bharat डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने और पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके साथ ही युवाओं को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2027 की क्विज प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

आयोजकों का उद्देश्य युवाओं को खेल गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ की शपथ

कार्यक्रम का समापन चंडीगढ़ के सभी आयोजन स्थलों पर “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। विद्यार्थियों और युवाओं ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा-मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

आयोजकों के अनुसार, खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, स्वस्थ जीवनशैली और टीम भावना को बढ़ावा देने के साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य रहा।

खालसा कटलेज फटर विमेन में “फ्रॉम ऑयल्स टू अरोमास: द आर्ट ऑफ सोप मेकिंग” विषय पर वर्कशॉप का आयोजन

लुधियाना / सत्ता संदेश

खालसा कॉलेज फॉर विमेन, सिविल लाइन्स, लुधियाना के केमिस्ट्री और होम साइंस विभाग ने स्किल डेवलपमेंट सेल के सहयोग से “फ्रॉम ऑयल्स टू अरोमास: द आर्ट ऑफ सोप मेकिंग” विषय पर प्रैक्टिकल वर्कशॉप का आयोजन किया। यह कार्यशाला 26 अगस्त 2026 को आयोजित हुई और इसका संचालन तजंदीप कौर ने किया।

वर्कशॉप का उद्देश्य छात्रों को रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले साबुन के पीछे की केमिस्ट्री से परिचित करवाना और तेलों व फैट से साबुन तैयार करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव देना था।

छात्रों ने समझी साबुन बनने की वैज्ञानिक प्रक्रिया

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अलग-अलग प्रकार के तेलों, फैट, खुशबुओं और अन्य सामग्रियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों ने सैपोनिफिकेशन यानी साबुन बनने की रासायनिक प्रक्रिया से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी समझा।

वर्कशॉप का मुख्य फोकस ‘कोल्ड प्रोसेस्ड’ साबुन बनाने की तकनीक पर रहा। यह पारंपरिक विधि है, जिसमें तेल और फैट एक क्षार के साथ प्रतिक्रिया करके साबुन और प्राकृतिक रूप से बनने वाली ग्लिसरीन तैयार करते हैं।

छात्रों को बताया गया कि हॉट प्रोसेसिंग के विपरीत कोल्ड प्रोसेस में मुख्य प्रक्रिया के दौरान मिश्रण को जानबूझकर गर्म नहीं किया जाता। इस प्रक्रिया के जरिए प्रतिभागियों को रोजमर्रा की जिंदगी में केमिस्ट्री के व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर मिला।

तेलों के चुनाव से बदलते हैं साबुन के गुण

अलग-अलग स्ट्रीम के छात्रों ने वर्कशॉप में हिस्सा लिया। उन्होंने व्यावहारिक रूप से देखा कि अलग-अलग तेलों का चुनाव और उनका संयोजन तैयार साबुन की कठोरता, झाग, सफाई की क्षमता और अन्य गुणों को प्रभावित करता है।

इसके अलावा खुशबू, रंग और बोटैनिकल सामग्री के इस्तेमाल से साबुन को रचनात्मक और आकर्षक रूप देने के तरीके भी छात्रों ने सीखे।

स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता से जोड़ा प्रशिक्षण

वर्कशॉप के माध्यम से वैज्ञानिक ज्ञान को प्रैक्टिकल स्किल और रचनात्मकता के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां छात्रों को केमिस्ट्री और होम साइंस के व्यावहारिक उपयोग के साथ-साथ भविष्य में संभावित उद्यमिता के अवसरों को समझने में भी मदद करती हैं।

छात्रों ने सामान्य तेलों और अन्य सामग्रियों से खुशबूदार साबुन तैयार करने का प्रत्यक्ष अनुभव हासिल किया। आयोजन के माध्यम से छात्रों को “आओ, सीखो और बनाओ” की अवधारणा के साथ सीखने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रिंसिपल ने आयोजन टीम की सराहना की

खालसा कॉलेज फॉर विमेन की प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत ग्रेवाल ने वर्कशॉप के आयोजन के लिए टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए इस तरह के प्रैक्टिकल और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आयोजकों को प्रोत्साहित किया।

Tanda: सरकार के खिलाफ कर्मचारियों और पेशनर्स का प्रदर्शन, AAP दफ्तर तक निकाला मार्च

होशियारपुर / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार के खिलाफ अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों और पेंशनर्स ने टांडा उर्मुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब कर्मचारी और पेंशनर्स के ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर टीचर, PSPCL कर्मचारी, मिनिस्टीरियल स्टाफ, हेल्थ डिपार्टमेंट, आशा वर्कर्स, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी स्थानीय शिमला पहाड़ी पर एकत्र हुए और वहां से आम आदमी पार्टी के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

18 प्रतिशत महंगाई भत्ता रोकने का आरोप

प्रदर्शन में कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। नेताओं ने दावा किया कि कर्मचारियों का 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) रोका गया है, जिससे महंगाई के इस दौर में लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कर्मचारी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को लेकर किए गए वादों और जारी किए गए नोटिफिकेशन के बावजूद कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं की।

खाली पदों पर भर्ती की मांग

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पंजाब के अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों को नियमित भर्ती के जरिए भरने की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए डमी या लाभ वाली योजनाओं के बजाय सरकार को राज्य में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें कहा गया कि विभिन्न विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर नियमित भर्ती की जाए।

शिक्षकों और हेल्थ वर्कर्स की भी मांगें

प्रदर्शन में शिक्षकों ने कंप्यूटर टीचर्स को रेगुलर करने और विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग उठाई। मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स के मानदेय एवं भत्ते बढ़ाने की भी मांग की गई।

शिक्षक नेताओं ने नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षकों को चुनाव, जनगणना, BLO और अन्य सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने के बजाय स्कूलों में पढ़ाने का काम करने दिया जाना चाहिए।

वहीं, मोहल्ला क्लीनिकों में काम कर रहे डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को पूरे ग्रेड के साथ नियमित करने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई गई।

इन नेताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व

प्रदर्शन का नेतृत्व शिक्षक नेता रमेश होशियारपुरी, लेफ्टिनेंट अमर सिंह, गुरदीप सिंह खुनखुन, पेंशनर नेता हरदीप खुदा और सुखदेव जाजा सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने किया।

नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों पर जल्द ठोस फैसला नहीं लिया तो संघर्ष को आगे और तेज किया जाएगा।

डॉ. धर्मवीर गांधी के बयान पर सनातन सेवा समिति का विरोध, लुधियाना पुलिस कमिश्नर से शिकायत

लुधियाना: कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के सनातन धर्म को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। सनातन सेवा समिति मालवा जोन ने उनके बयान पर विरोध जताते हुए लुधियाना पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी है। समिति का आरोप है कि डॉ. धर्मवीर गांधी की टिप्पणियों से हिंदू समाज और सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. धर्मवीर गांधी ने अलग-अलग धार्मिक स्थलों और सरकार की ओर से हिंदुत्व से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर टिप्पणी की है। संगठन ने इन टिप्पणियों को आपत्तिजनक और निंदनीय बताया है।

पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग

सनातन सेवा समिति मालवा जोन के महासचिव वरन मेहता ने इस संबंध में लुधियाना पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।

समिति का कहना है कि सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले की जांच की जानी चाहिए। संगठन ने पुलिस से शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित बयान की जांच कर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है।

संगठन ने जताया कड़ा विरोध

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक मामलों पर सार्वजनिक बयान देते समय सभी को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या धार्मिक आस्था से जुड़ी ऐसी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों।

फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मामले में डॉ. धर्मवीर गांधी का पक्ष सामने आना बाकी है।

जंडियाला गुरु स्ट्रीट फूड मार्केट में हेल्थ डिपार्टमेंट की चेंकिंग, फास्ट फूड के लिए सैंपल

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर: पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत लोगों को सुरक्षित और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से जंडियाला गुरु की स्ट्रीट फूड मार्केट में चेकिंग की गई। इस दौरान अलग-अलग स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानों पर तैयार किए जा रहे फास्ट फूड और अन्य खाने-पीने की चीजों के सैंपल लिए गए।

कई वेंडर्स के पास फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं

DHO अमृतसर डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा तैयार किए जा रहे खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच की जा रही है। चेकिंग के दौरान सामने आया कि कई स्ट्रीट वेंडर्स फूड सेफ्टी नियमों का उचित तरीके से पालन नहीं कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि कई वेंडर्स के पास फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस भी नहीं मिले। विभाग की टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के साथ वेंडर्स को चेतावनी दी कि वे जल्द से जल्द जरूरी फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस हासिल करें तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी

DHO ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग की ओर से स्ट्रीट फूड और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले वेंडर्स की जांच आगे भी जारी रहेगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सैंपल की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से जंक फूड से बचने की अपील

डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने लोगों से बाहर का खाना और जंक फूड कम से कम खाने तथा घर का बना हुआ भोजन प्राथमिकता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिस्थिति में बाहर खाना जरूरी हो, तो खाने की जगह की साफ-सफाई और वहां तैयार किए जा रहे भोजन की स्वच्छता जरूर जांचनी चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखने वाले स्थान से ही खाना खरीदें, ताकि दूषित या अस्वच्छ भोजन से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

जालंधर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का कहर, महिला और बच्ची गंभीर घायल; चालक फरार

जालंधर / सत्ता संदेश

जालंधर: मुस्लिम कॉलोनी इलाके में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी एक महिला और बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे देखते हुए स्कॉर्पियो चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही थाना रामामंडी पुलिस मौके पर पहुंची और स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

सब्जी लेने मार्केट आई थी महिला

पीड़ित महिला के ससुर मोहिंदर सिंह ने बताया कि उनकी बहू सब्जी लेने के लिए मार्केट आई थी। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वहां से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो के पीछे एक फॉर्च्यूनर कार भी आ रही थी और दोनों वाहनों के बीच तेज रफ्तार में पीछा चल रहा था।

इसी दौरान स्कॉर्पियो चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़ी महिला और बच्ची को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं।

लोगों ने अस्पताल पहुंचाया

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल महिला और बच्ची को तुरंत उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। वहीं, घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटती देख स्कॉर्पियो चालक कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

पुलिस ने स्कॉर्पियो कब्जे में ली

थाना रामामंडी के जांच अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से मुस्लिम कॉलोनी में कार की चपेट में आने से महिला के घायल होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्कॉर्पियो को कब्जे में ले लिया।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच के बाद तथ्यों के आधार पर बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमृतसर में IDH मार्केट में दुकान के मालिकाना हक को लेकर हुआ विवाद
  • अमृतसर बस स्टैंड के पास दुकान को लेकर विवाद, दो पार्टियों ने किया मालिकाना हक का दावा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर बस स्टैंड के पास स्थित शहीद भगत सिंह मार्केट, जिसे IDH मार्केट के नाम से भी जाना जाता है, में एक दुकान को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। मामला दुकान के मालिकाना हक, किराएदारी और पार्टनरशिप से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों पक्ष दुकान पर अपना-अपना अधिकार जता रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस चौकी तक पहुंच गया है।

पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर दुकान से संबंधित कागजात और अन्य दस्तावेज पेश करने को कहा है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि “कागजात पेश करें, डॉक्यूमेंट्स के आधार पर फैसला होगा।”

2018 में हुई थी पार्टनरशिप

दुकान पर मालिकाना हक का दावा करने वाले पवन कुमार ने बताया कि उनके पिता बलविंदर कुमार उर्फ बब्बा ने यह दुकान किराए पर ली थी। उनके अनुसार, दुकान की किराएदारी वर्ष 2010 में शुरू हुई थी और 2017 में लीज को रिन्यू कराया गया था।

पवन कुमार के मुताबिक, वर्ष 2018 में दोनों पक्षों के बीच बिजनेस पार्टनरशिप हुई थी और इसके लिए पेपरवर्क भी किया गया था। इस पार्टनरशिप के तहत बैग, अटैची, ट्रॉली बैग और स्कूल बैग आदि का कारोबार किया जाता था।

8 साल के अकाउंट्स और किराए को लेकर सवाल

पवन कुमार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024-25 के दौरान दूसरी पार्टी ने कथित तौर पर नगर निगम के साथ मिलीभगत कर दुकान को अपने नाम पर रजिस्टर कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कारोबार के अकाउंट्स मांगे तो दूसरी पार्टी ने कथित तौर पर किसी तरह के ट्रांजैक्शन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2018 से उन्हें किराया नहीं दिया गया और करीब आठ साल का किराया बकाया है। इसके अलावा पार्टनरशिप से जुड़े अकाउंट्स भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

पवन कुमार ने आरोप लगाया कि मौजूदा विवाद के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने पुलिस से मामले में इंसाफ की मांग की है। उनका कहना है कि इस संबंध में पुलिस कमिश्नर और रामबाग SHO को भी आवेदन दिया गया है।

पवन कुमार के समर्थन में पहुंचे संदीप सिंह जंडियाला

मामले में भगवान वाल्मीकि एकता संघर्ष मोर्चा के चेयरमैन संदीप सिंह जंडियाला भी पवन कुमार के समर्थन में पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पवन कुमार ने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी है और उन्हें लगता है कि परिवार को परेशान किया जा रहा है।

संदीप सिंह के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर दस्तावेज दिखाने को कहा। उनका दावा है कि उन्होंने पुलिस के सामने अपने दस्तावेज पेश किए, जबकि दूसरी पार्टी ने उस समय दस्तावेज पेश नहीं किए। उनके अनुसार, पुलिस ने दूसरे पक्ष को अगले दिन सुबह 10 बजे तक अपने दस्तावेज पेश करने का समय दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच पूरी होने तक दुकानें बंद रखने की बात कही गई है।

दुकानदार ने भी दस्तावेजों के आधार पर फैसले की बात कही

वहीं, मार्केट के दुकानदार राजेश कुमार ने कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक यह बिल्डिंग बलविंदर कुमार उर्फ बब्बा की है और वह खुद किराएदार हैं। उन्होंने बताया कि बलविंदर कुमार की मौत के बाद उनकी पत्नी को किराए पर दुकान दी गई थी।

राजेश कुमार ने कहा कि दुकान के मालिकाना हक का वास्तविक फैसला दस्तावेजों के आधार पर ही किया जा सकता है। जो भी पक्ष मालिकाना हक का दावा कर रहा है, उसे अपने दस्तावेज पेश करने चाहिए।

पुलिस ने दोनों पक्षों से मांगे दस्तावेज

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुकान को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद है। पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच की जाएगी और रिकॉर्ड के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। किराएदारी, लीज, पार्टनरशिप और मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल मामला पुलिस जांच में है। दुकान पर वास्तविक मालिकाना हक किसका है, इसका फैसला दस्तावेजों और संबंधित कानूनी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

Ludhiana : स्वास्थ्य कर्मियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, पंजाब बंद का किया समर्थन
  • आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट के मेडिकल स्टाफ का प्रदर्शन, पंजाब बंद को समर्थन

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट के बैनर तले मेडिकल स्टाफ, एनएचएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को लुधियाना के सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च भी निकाला।

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार के नेता कर्मचारियों के धरनों और प्रदर्शनों में पहुंचकर उनकी मांगों को जायज बताते थे, लेकिन अब सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है और बातचीत के लिए भी तैयार नहीं है।

‘एक रैंक, एक वेतन’ की मांग

स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग ‘एक रैंक, एक वेतन’ लागू करना है। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। प्रदर्शन के दौरान वेतन बढ़ोतरी, छुट्टियों और सेवा शर्तों से संबंधित मांगें भी उठाई गईं।

कर्मचारियों ने कहा कि समान जिम्मेदारियां निभाने वाले कर्मचारियों के बीच वेतन और सेवा शर्तों में अंतर को दूर किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

27 अगस्त के पंजाब बंद को समर्थन

आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट और स्वास्थ्य कर्मियों ने 27 अगस्त को किए जा रहे पंजाब बंद के आह्वान को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे संघर्ष में वे अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ खड़े हैं।

‘हरा पेन’ नहीं चलने का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का कार्यकाल अब ज्यादा लंबा नहीं बचा है, लेकिन कर्मचारियों के हित में अभी तक ‘हरा पेन’ नहीं चला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से कई वादे किए गए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया।

स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और ठोस फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

रजिस्ट्रार ने संभाला वाइस-चांसलर का अतिरिक्त प्रभार!

लुधियाना / सत्ता संदेश

  • डॉ. गोसल को फिर से नियुक्त करने की मांग

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना के वाइस-चांसलर के तौर पर डॉ. सतबीर सिंह गोसल का कार्यकाल 18 अगस्त, 2026 को खत्म हो गया। इससे पहले, 6 जुलाई, 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय में बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट की बैठक हुई थी, जिसमें कुछ सदस्यों ने डॉ. गोसल को दूसरा कार्यकाल देने की सिफारिश की थी। हालांकि, इस मामले पर बोर्ड एकमत नहीं था।

PAU एक्ट और नियमों की धारा 15 के अनुसार, जब बोर्ड वाइस-चांसलर के चयन को लेकर एकमत नहीं होता है, तो इस मामले का फैसला यूनिवर्सिटी के चांसलर, यानी पंजाब के माननीय गवर्नर को करना होता है। हालांकि, खबर है कि यह मामला चांसलर के पास नहीं भेजा गया था।

इसके बाद, PAU के रजिस्ट्रार ने नए वाइस-चांसलर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की और बोर्ड के सदस्यों से राय मांगी। कुछ सदस्यों ने डॉ. गोसल के दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी सिफारिश दोहराते हुए लिखित राय दी, लेकिन आरोप है कि इन विचारों को कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया या उन पर उचित ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद 3 अगस्त, 2026 को इस पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें आवेदन की आखिरी तारीख 26 अगस्त रखी गई थी।

डॉ. गोसल का कार्यकाल खत्म होने के बाद, पता चला है कि रजिस्ट्रार ने धारा 15(5) के तहत 19 अगस्त, 2026 को वाइस-चांसलर का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया, जबकि पंजाब के गवर्नर/चांसलर की ओर से अतिरिक्त प्रभार के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया था।